मांगलियावास के जेठाना गांव ने शुक्रवार को सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की, जहाँ मोहर्रम के मौके पर ताजिया जुलूस बड़ी धूमधाम से निकाला गया। इस जुलूस में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ शिरकत की और कर्बला तक साथ चले। ताजिया कमेटी के लाइसेंसधारी भंवरु खान लोहार के अनुसार, जेठाना में हर साल मोहर्रम पर ऐसा ही भाईचारे का माहौल रहता है, जिसमें गांव के सभी धर्मों के लोग खुशी-खुशी शामिल होते हैं। ताजिए का सफर दो दिन चला, जिसकी शुरुआत गुरुवार रात ईशा की नमाज के बाद मस्जिद से ढोल-बाजे के साथ हुई। यह ताजिया पुरानी कचहरी, आचार्य मोहल्ला, गैनों की पोल और तेजाजी के थान से होते हुए वापस पुरानी कचहरी पहुँचा, जहाँ रात को विश्राम किया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे पुरानी कचहरी से ताजिया फिर से रवाना हुआ और बड़ी रावले, हाजी सत्तार खान मंसूरी के मकान तथा बस स्टैंड से होते हुए आगे बढ़ा। बस स्टैंड पर युवाओं ने पारंपरिक 'हाय दोस्त' खेल का जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं हाजी सत्तार खान मंसूरी के घर के बाहर सभी धर्मों के लोगों को मिल्क रोज पिलाकर एकता का संदेश दिया गया। शाम 5:30 बजे ताजिए को कर्बला ले जाकर सोहराब किया गया और पूरे गांव में 'या हुसैन' की सदाएं गूँज उठीं। इस जुलूस में हाजी जमालुद्दीन मंसूरी, सदर लतीफ खान, सत्तार मिस्त्री, हाजी हुसैन बक्स, रसूल खान, हाजी सफी मोहम्मद, छोटू तेली, जुम्मा लोहार, छोटू लोहार, घीसा जी लोहार, हाजी सत्तार मंसूरी और शहाबुद्दीन लोहार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मांगलियावास थाने के दीवान बाबूलाल मीणा पुलिस जाब्ते के साथ पूरे समय मौजूद रहे और उन्होंने पूरा सहयोग दिया।
मांगलियावास के जेठाना गांव ने शुक्रवार को सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की, जहाँ मोहर्रम के मौके पर ताजिया जुलूस बड़ी धूमधाम से निकाला गया। इस जुलूस में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ शिरकत की और कर्बला तक साथ चले। ताजिया कमेटी के लाइसेंसधारी भंवरु खान लोहार के अनुसार, जेठाना में हर साल मोहर्रम पर ऐसा ही भाईचारे का माहौल रहता है, जिसमें गांव के सभी धर्मों के लोग खुशी-खुशी शामिल होते हैं। ताजिए का सफर दो दिन चला, जिसकी शुरुआत गुरुवार रात ईशा की नमाज के बाद मस्जिद से ढोल-बाजे के साथ हुई। यह ताजिया पुरानी कचहरी, आचार्य मोहल्ला, गैनों की पोल और तेजाजी के थान से होते हुए वापस पुरानी कचहरी पहुँचा, जहाँ रात को विश्राम किया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे पुरानी कचहरी से ताजिया फिर से रवाना हुआ और बड़ी रावले, हाजी सत्तार खान मंसूरी के मकान तथा बस स्टैंड से होते हुए आगे बढ़ा। बस स्टैंड पर युवाओं ने पारंपरिक 'हाय दोस्त' खेल का जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं हाजी सत्तार खान मंसूरी के घर के बाहर सभी धर्मों के लोगों को मिल्क रोज पिलाकर एकता का संदेश दिया गया। शाम 5:30 बजे ताजिए को कर्बला ले जाकर सोहराब किया गया और पूरे गांव में 'या हुसैन' की सदाएं गूँज उठीं। इस जुलूस में हाजी जमालुद्दीन मंसूरी, सदर लतीफ खान, सत्तार मिस्त्री, हाजी हुसैन बक्स, रसूल खान, हाजी सफी मोहम्मद, छोटू तेली, जुम्मा लोहार, छोटू लोहार, घीसा जी लोहार, हाजी सत्तार मंसूरी और शहाबुद्दीन लोहार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मांगलियावास थाने के दीवान बाबूलाल मीणा पुलिस जाब्ते के साथ पूरे समय मौजूद रहे और उन्होंने पूरा सहयोग दिया।
- मांगलियावास के जेठाना गांव ने शुक्रवार को सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की, जहाँ मोहर्रम के मौके पर ताजिया जुलूस बड़ी धूमधाम से निकाला गया। इस जुलूस में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ शिरकत की और कर्बला तक साथ चले। ताजिया कमेटी के लाइसेंसधारी भंवरु खान लोहार के अनुसार, जेठाना में हर साल मोहर्रम पर ऐसा ही भाईचारे का माहौल रहता है, जिसमें गांव के सभी धर्मों के लोग खुशी-खुशी शामिल होते हैं। ताजिए का सफर दो दिन चला, जिसकी शुरुआत गुरुवार रात ईशा की नमाज के बाद मस्जिद से ढोल-बाजे के साथ हुई। यह ताजिया पुरानी कचहरी, आचार्य मोहल्ला, गैनों की पोल और तेजाजी के थान से होते हुए वापस पुरानी कचहरी पहुँचा, जहाँ रात को विश्राम किया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे पुरानी कचहरी से ताजिया फिर से रवाना हुआ और बड़ी रावले, हाजी सत्तार खान मंसूरी के मकान तथा बस स्टैंड से होते हुए आगे बढ़ा। बस स्टैंड पर युवाओं ने पारंपरिक 'हाय दोस्त' खेल का जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं हाजी सत्तार खान मंसूरी के घर के बाहर सभी धर्मों के लोगों को मिल्क रोज पिलाकर एकता का संदेश दिया गया। शाम 5:30 बजे ताजिए को कर्बला ले जाकर सोहराब किया गया और पूरे गांव में 'या हुसैन' की सदाएं गूँज उठीं। इस जुलूस में हाजी जमालुद्दीन मंसूरी, सदर लतीफ खान, सत्तार मिस्त्री, हाजी हुसैन बक्स, रसूल खान, हाजी सफी मोहम्मद, छोटू तेली, जुम्मा लोहार, छोटू लोहार, घीसा जी लोहार, हाजी सत्तार मंसूरी और शहाबुद्दीन लोहार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मांगलियावास थाने के दीवान बाबूलाल मीणा पुलिस जाब्ते के साथ पूरे समय मौजूद रहे और उन्होंने पूरा सहयोग दिया।1
- अजमेर जिले के पीसांगन उपखंड क्षेत्र के जेठाना गांव में शुक्रवार को मोहर्रम का ताजिया बड़ी धूमधाम से निकाला गया। इस ताजिए की सवारी के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जैसा कि लाइसेंस धारी जेठाना निवासी भंवरु खान लोहार ने जानकारी दी। उनके अनुसार, हर साल मोहर्रम के मौके पर गांव में सभी समुदायों के लोगों में खुशी का माहौल रहता है और हिंदू-मुस्लिम एक साथ मोहर्रम में शामिल होकर कर्बला तक पहुंचते हैं। ताजिए की शुरुआत गुरुवार को ईशा की नमाज के बाद मस्जिद से ढोल-बाजे के साथ हुई। यह पुरानी कचहरी, आचार्य मोहल्ला, गैनों की पोल और तेजाजी के थन से होते हुए वापस पुरानी कचहरी पहुंचा, जहाँ रात्रि विश्राम किया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे पुरानी कचहरी से मोहर्रम दोबारा रवाना हुआ। यह बड़ी रावले, हाजी सत्तार खान मंसूरी के मकान के सामने और बस स्टैंड से गुजरा, जहाँ 'हाय दोस्त' के खेल का प्रदर्शन किया गया। हाजी सत्तार खान मंसूरी के घर के सामने सभी धर्म प्रेमियों को मिल्क रोज भी पिलाया गया। शाम करीब 5:30 बजे मोहर्रम को कर्बला में ले जाकर सोहराब किया गया। इस अवसर पर हाजी जमालुद्दीन मंसूरी, सदर लतीफ खान, सत्तार मिस्त्री, हाजी हुसैन बक्स, रसूल खान, हाजी सफी मोहम्मद, छोटू तेली, जुम्मा लोहार, छोटू लोहार, घीसा जी लोहार, हाजी सत्तार मंसूरी और शहाबुद्दीन लोहार सहित मुस्लिम समाज की महिलाएं, युवा और बालिकाएं बड़ी संख्या में मौजूद थीं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मांगलियावास पुलिस के दीवान बाबूलाल मीणा अपने पुलिस जाप्ते के साथ मौजूद रहे।4
- ब्यावर शहर के चांग गेट से ताजिए का जुलूस निकाला गया। इस घटना की जानकारी आवाज इंडिया न्यूज़ द्वारा दी गई है, जिसमें बताया गया है कि वे सच्ची खबरें दिखाते रहेंगे। संपादक साबुद्दीन खानभुट्टा मेड़तिया लौहार ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका न्यूज़पेपर 'सत्य आपके सामने' प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं हिंदू हेल्पलाइन के 9वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'सेवा सप्ताह' के तहत आज एक विशेष सेवा कार्य की शुरुआत की गई। भीषण गर्मी को देखते हुए, संगठन के नगर संगठन महामंत्री और पूर्व पार्षद मनीष व्यास ने चांग गेट कुमारानंद सर्कल पर आमजन के लिए शीतल केरी पानी (पन्ना) वितरण का आयोजन किया। यह पहल मनीष व्यास के पूजनीय पिता स्व. श्री राजेन्द्र जी व्यास, जो एक सेवानिवृत्त फूड इंस्पेक्टर थे, की पुण्य स्मृति में की गई। 'मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है' के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में व्यास परिवार और संगठन के कार्यकर्ताओं ने मिलकर राहगीरों की प्यास बुझाई। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर पिता की स्मृति में की गई इस सेवा ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की।1
- शुक्रवार को रियां बड़ी कस्बे में मोहर्रम पर्व के अवसर पर भव्य ताजिया सवारी निकाली गई, जिसने हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच असाधारण सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ताजिया की सवारियां निकलीं, जिसमें युवा डीजे की धुन पर नाचते-झूमते नजर आए और तलवारबाजी सहित अन्य पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया गया। इस जुलूस में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह ताजिया जुलूस कस्बे की विभिन्न गलियों से होते हुए बड़ी मस्जिद पहुंचा, और फिर वहां से सामूहिक रूप से ईदगाह की ओर रवाना हुआ। ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मोहर्रम के मौके पर विशेष नमाज़ अदा की, जिसमें अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी गई। इस दौरान सांप्रदायिक सौहार्द का एक मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जब जुलूस मार्ग में हिंदू समाज के लोगों ने विभिन्न स्थानों पर फूलों की वर्षा कर उसका स्वागत किया और एक-दूसरे को भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। मोहर्रम पर्व के मद्देनजर, सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। डेगाना डिप्टी अजीत पाल के निर्देशन में पादुकला थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा और डेगाना थाना अधिकारी हरीश कुमार के नेतृत्व में दोनों थानों का पुलिस जाप्ता और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा ने पूरे जुलूस मार्ग पर लगातार गश्त की और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिसकर्मी ताजिया सवारी के साथ पूरे समय मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढबाना ने भी मौके पर पहुंचकर शांति व्यवस्था और अन्य इंतजामों का निरीक्षण किया।1
- अजमेर जिले में एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बबलु पुत्र राजू, जाति भील, उम्र 26 साल, निवासी मकरेडा, पुलिस थाना मांगलियावास, जिला अजमेर को आज, 26 जून 2026 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई अजमेर जिले में महिला अत्याचार जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाला के निर्देशन में चलाई जा रही मुहिम का हिस्सा है। इस मामले में डॉ. लालचन्द कायल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण अजमेर, और शमशेर खान, पुलिस उप अधीक्षक, कार्यवाहक वृत्ताधिकारी, वृत्त ग्रामीण अजमेर, के निकटतम सुपरविजन में पुलिस थाना पीसांगन की थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। घटना का विवरण देते हुए बताया गया है कि 14 मई 2026 को थाना पीसांगन में एक परिवादी ने अपनी नाबालिग पुत्री को बहला फुसला कर भगा ले जाने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके आधार पर मुकदमा नंबर 86/2026 धारा 137(2), 127(2) बीएनएस व 84 जेजे एक्ट में दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। गठित टीम द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर और घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। मुखबिर की सूचना पर नाबालिग पीड़िता और मुख्य आरोपी को दस्तयाब किया गया। पीड़िता के बयान और अनुसंधान के आधार पर प्रकरण में धारा 127(3), 64(2)(एम) बीएनएस व 3/4.5(एल)/6,5 जे(2)/6 पॉक्सो एक्ट भी जोड़े गए। आरोपी बबलु के विरुद्ध जुर्म प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।1
- ब्यावर में शाम 4:30 बजे हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना और ठंडा हो गया, और लोग इस मस्ती का आनंद लेते दिखे। इस मौके पर, 'बना ए राजू काठात बनाजी' ने लोगों से पूछा कि क्या उन्होंने भी 4:30 बजे वाली बारिश देखी है। खासकर, ब्यावर के निवासियों से 'मेह बरसी' लिखने को कहा गया है, जबकि अन्य शहरों के लोगों को अपने यहां के मौसम की जानकारी देने को कहा गया है। यह भी बताया गया है कि सबसे बढ़िया कमेंट करने वाले को अगली वीडियो में शाउटआउट दिया जाएगा। राजू काठात को संबोधित करते हुए यह भी पूछा गया है कि क्या वे बारिश में भीग रहे हैं या चाय पी रहे हैं।1