लापरवाह अधिकारियों पर फूटा CM रेखा गुप्ता का गुस्सा सत्य निकेतन हादसे के बाद सख्त तेवर, जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संकेत नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हादसे में लोगों की जान जाने के बाद मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि सुरक्षा मानकों से समझौता और जिम्मेदारियों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध रूप से निर्मित चार मंजिल से अधिक वाली इमारतों को सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में भवनों की सुरक्षा और निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार अब भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और सेफ्टी सर्टिफिकेशन को लेकर नई नीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों से साफ है कि प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाह अधिकारियों पर फूटा CM रेखा गुप्ता का गुस्सा सत्य निकेतन हादसे के बाद सख्त तेवर, जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संकेत नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हादसे में लोगों की जान जाने के बाद मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि सुरक्षा मानकों से समझौता और जिम्मेदारियों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध रूप से निर्मित चार मंजिल से अधिक वाली इमारतों को सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में भवनों की सुरक्षा और निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार अब भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और सेफ्टी सर्टिफिकेशन को लेकर नई नीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों से साफ है कि प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
- सूरतगढ़ में रिश्वत लेते डिस्कॉम का सीसी बाबू गिरफ्तार प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना भी नहीं रही रिश्वतखोरी से अछूती, एसीबी ने ₹10 हजार लेते रंगे हाथों दबोचा श्रीगंगानगर/सूरतगढ़। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना में भी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई करते हुए जोधपुर डिस्कॉम के सूरतगढ़ कार्यालय में तैनात सीसी बाबू सुधीर को कथित रूप से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि योजना से जुड़े काम को करवाने की एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और निर्धारित रकम लेते ही आरोपी कर्मचारी को पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। खास बात यह है कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का उद्देश्य आम लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और बिजली खर्च में राहत देना है, लेकिन इसी योजना से जुड़े काम में रिश्वतखोरी का मामला सामने आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। एसीबी की कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। अब जांच में यह सामने आएगा कि रिश्वतखोरी का मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था।1
- सुरसुरा धाम में वीर तेजाजी का मेला चरम पर, आस्था के सैलाब के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था अजमेर जिले के रूपनगढ़ क्षेत्र के सुरसुरा धाम में वीर तेजाजी महाराज का प्रसिद्ध मेला पूरे चरम पर है। दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की कतारें नजर आ रही हैं और ‘वीर तेजाजी महाराज की जय’ के जयकारों से पूरा धाम गूंज रहा है। श्रद्धालु तेजाजी महाराज के दरबार में पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर रहे हैं। ध्वजा चढ़ाने और मत्था टेकने के साथ श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मेले के चलते सुरसुरा धाम और आसपास के क्षेत्र में भक्ति एवं उत्साह का माहौल बना हुआ है। मेले के दौरान किशनगढ़ ग्रामीण सीओ आयुष वशिष्ठ तेजाजी महाराज के स्वरूप में मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने हाथ में सर्प का स्वरूप लेकर पूजा-अर्चना की और तेजाजी महाराज का आशीर्वाद लिया। यह दृश्य श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सीओ आयुष वशिष्ठ एवं रूपनगढ़ थाना प्रभारी रामस्वरूप चौधरी के नेतृत्व में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। रूपनगढ़ थाना पुलिस के साथ पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता भी मेले में तैनात किया गया है। पुलिस जवान मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार गश्त कर रहे हैं। असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं। आस्था के सैलाब के बीच सुरसुरा धाम में जहां तेजाजी महाराज के जयकारे गूंज रहे हैं, वहीं पुलिस का मजबूत पहरा भी नजर आ रहा है।1
- कालाडेरा में निष्पक्ष चुनाव को लेकर पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा के निर्देशन में नगर पालिका चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने को लेकर कालाडेरा थाना पुलिस ने कस्बे में फ्लैग मार्च निकाला। कालाडेरा थाना अधिकारी पूजा पूनिया के नेतृत्व में पुलिस जवानों ने प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल मार्च कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान शांति भंग करने, मतदाताओं को डराने-धमकाने अथवा किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस के फ्लैग मार्च से कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश गया। पुलिस ने निष्पक्ष चुनाव के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने और मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिलाया।1
- दरगाह के गद्दी नशीन खादिम सैयद सरवर चिश्ती का बयान क्या कहा सुने1
- व्हाट्सएप स्टेटस लगाए और पैसे कमाने का मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें Ajmer वार्ड 17 से निर्दलीय उम्मीदवार हितेश्वरी टाक ढोल धमाके के साथ निकाली रैली Dainik News AJMER1
- सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला! बोले—हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट थे, फिर इतनी जल्दबाजी क्यों? सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब न्याय के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्थाएं मौजूद हैं, तो फिर महज 13 घंटे में मस्जिद को गिराने की क्या जरूरत थी? उन्होंने सरकार पर प्रदेश को सांप्रदायिक रास्ते पर ले जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के पास महंगाई, बेरोजगारी और निवेश जैसे मुद्दों का जवाब नहीं है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सहारनपुर मस्जिद प्रकरण पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वीडियो में जानिए अखिलेश यादव ने सरकार पर क्या-क्या आरोप लगाए और इस पूरे मामले पर उनका बड़ा बयान क्या है।1
- माकड़वाली रोड पर गोदाम में बड़ी चोरी! 3 नकाबपोश चोर CCTV में कैद, एक्टिवा-LED टीवी और नकदी लेकर फरार अजमेर के किशनगंज थाना क्षेत्र में माकड़वाली रोड पर स्थित एक गोदाम में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। चोर गोदाम का ताला तोड़कर अंदर घुसे और वहां से एक्टिवा, LED टीवी तथा नकदी लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान 3 नकाबपोश संदिग्ध CCTV कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है। चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस बड़ी चोरी की वारदात से इलाके के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। वीडियो को Like, Share और Channel को Subscribe जरूर करें।1
- लापरवाह अधिकारियों पर फूटा CM रेखा गुप्ता का गुस्सा सत्य निकेतन हादसे के बाद सख्त तेवर, जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संकेत नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हादसे में लोगों की जान जाने के बाद मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि सुरक्षा मानकों से समझौता और जिम्मेदारियों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध रूप से निर्मित चार मंजिल से अधिक वाली इमारतों को सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में भवनों की सुरक्षा और निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार अब भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और सेफ्टी सर्टिफिकेशन को लेकर नई नीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों से साफ है कि प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।1