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बिहार के समस्तीपुर जिले के मथुरापुर घाट से जारी एक वीडियो में क्षेत्र में भीषण गर्मी की स्थिति पर प्रकाश डाला गया है। बताया गया है कि तेज धूप और गर्म हवाओं का प्रकोप इतना अधिक है कि इससे जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। इस अत्यधिक गर्मी के कारण लोगों को अपने रोजगार से जुड़े किसी भी कार्य को करने में, साथ ही घरों के रोजमर्रा के कामों को निपटाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
Ajay kumar
बिहार के समस्तीपुर जिले के मथुरापुर घाट से जारी एक वीडियो में क्षेत्र में भीषण गर्मी की स्थिति पर प्रकाश डाला गया है। बताया गया है कि तेज धूप और गर्म हवाओं का प्रकोप इतना अधिक है कि इससे जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। इस अत्यधिक गर्मी के कारण लोगों को अपने रोजगार से जुड़े किसी भी कार्य को करने में, साथ ही घरों के रोजमर्रा के कामों को निपटाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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- समस्तीपुर में केयर हॉस्पिटल द्वारा एक महत्वपूर्ण मुफ्त स्वास्थ्य जांच कैंप का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कैंप के दौरान कुल 150 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के उपरांत, सभी मरीजों को मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गईं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हुआ।1
- मोहर्रम के त्यौहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मुसरीघरारी थाना में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर स्थित डूबाहा पंचायत के डूबाहा मस्जिद रोड पर हमेशा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि कोई भी नेता इस सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं देना चाहता। इस स्थिति के पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि यह कमी खुद डूबाहा के मोहल्ले में है, जिसके चलते जनप्रतिनिधि इसकी उपेक्षा कर रहे हैं।1
- बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है। अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई? गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।1
- दरभंगा के निवासियों के लिए विदेश जाकर रोज़गार पाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। इस अवसर के तहत दुबई सहित कई अन्य स्थानों के लिए आकर्षक वेतन वाले जॉब्स उपलब्ध हैं। इच्छुक उम्मीदवार इन अवसरों के बारे में अधिक जानकारी दरभंगा टेस्ट एंड ट्रेनिंग सेंटर से प्राप्त कर सकते हैं।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड में शुक्रवार शाम आई भीषण आंधी ने भारी तबाही मचाई है, जिससे सैकड़ों घर, दफ्तर और दर्जनों बिजली के खंभे बर्बाद हो गए हैं। इस तूफान के कहर से गरीब और अमीर, दोनों तरह के परिवारों के सैकड़ों आशियाने बिखरकर चकनाचूर हो गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन बाधित हो गया है। मोहनपुर प्रखंड के जलालपुर, दशहरा, जौनापुर सहित कई अन्य इलाके इस बर्बादी की चपेट में हैं। दशहरा पंचायत के वार्ड संख्या 5 स्थित डीह दशहरा गांव के सन्नी कुमार के घर का पूरा 'एलेस्टर' आंधी में उड़ गया, जिससे उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ा है। जौनापुर निवासी बाबा ईंट निर्माता अनंत कुमार सिंह के दफ्तर और घर को भी आंधी ने पूरी तरह से 'पोस्टमार्टम' कर दिया; श्री सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी तबाही कभी नहीं देखी। जलालपुर पंचायत के वार्ड संख्या 14 में भी दर्जनों बिजली के खंभे, तार, पेड़ और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है और लोग अपने घरों में प्रवेश करने को लेकर भी सोचने पर मजबूर हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में ऐसा ही भयावह मंजर है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। आवागमन ठप्प होने, घरों के उजड़ने और बिजली बाधित होने के कारण पीने के पानी तक की समस्या खड़ी हो गई है। लोग अभी भी डरे और सहमे हुए हैं कि अपने छोटे बच्चों को लेकर आखिर कहां जाएं। इस भारी तबाही के बाद भी सरकार की ओर से न तो कोई सुध लेने आया है और न ही कोई मदद पहुंची है, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस 'उजड़े हुए चमन' को वापस पटरी पर कैसे लाया जाएगा।1
- समस्तीपुर के ताजपुर क्षेत्र में, 20 जून 2026 को ऐपवा और भाकपा माले के नेतृत्व में फतेहपुर पंचायत भवन पर एक प्रतिरोध मार्च निकालकर सभा का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन महिला थाना कांड संख्या 61/26 से जुड़े फतेहपुर नाबालिग दुष्कर्म मामले के आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से 'सरकारी दल से जुड़े रसूखदार आरोपी' की अविलंब गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए, भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म जैसी गंभीर घटना के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। भाकपा माले प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने आरोपी को बचाने की 'साजिश बंद करने' की मांग की, वहीं प्रभात रंजन गुप्ता ने पीड़ित के परिवार को डराने, धमकाने और 'मैनेज कराने' में लगे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान भाकपा माले और ऐपवा के कई सदस्य, जिनमें सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, मनोज कुमार सिंह, सूर्यदेव प्रसाद सिंह, लाला प्रसाद सिंह, सोनिया देवी, सुलेखा कुमारी, धनवंती देवी, जागेश्वरी देवी, विमला देवी, उषा देवी, और सामाजिक कार्यकर्ता बलराम सिंह कुशवाहा व सूरज कुमार शामिल थे, बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ उपस्थित थे। वक्ताओं ने फतेहपुर और आसपास के ग्रामीणों से 22 जून को ताजपुर कर्बला पोखर से निकलने वाले जुलूस तथा ताजपुर थाना घेराव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होकर उसे सफल बनाने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए जनदबाव बनाना आवश्यक है। प्रतिरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नाबालिग दुष्कर्म कांड के आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़िता के परिवार की सुरक्षा की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी भी की।1
- समस्तीपुर जिले के पूसारोड गुमती पर एक दर्दनाक हादसे में एक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना में मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।1
- सिंघिया प्रखंड क्षेत्र के बासुआ ग्राम में एक पैरामेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण की मांग की गई है। वार्ड पार्षद अभिमन्यु कुमार सिंह उर्फ कन्हैया सिंह ने सीधी बातचीत के दौरान इस मांग को प्रमुखता से उठाया है।1