उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक बताई गई है, जिसका ताजा मामला सुल्तानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक रसूखदार ग्राम प्रधान और उसके भाइयों की दबंगई के आगे स्थानीय पुलिस पूरी तरह से नतमस्तक हो गई है। आरोप है कि दबंगों ने एक असहाय ब्राह्मण परिवार के घर में घुसकर जानलेवा हमला किया और बेटियों से छेड़खानी की, लेकिन पुलिस राजनीतिक रसूख के चलते पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। यह घटना चांदा थाना क्षेत्र के ग्राम फरमापुर (पो० कोइरीपुर) की है, जहाँ पीड़िता पुष्पा शुक्ला पत्नी हेमन्त कुमार शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक को रोते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा है। पुष्पा शुक्ला का आरोप है कि गांव के वर्तमान प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह और उनके भाई सर्वेश सिंह ने उनके परिवार का जीना मुहाल कर रखा है। शिकायत के अनुसार, एक मामूली विवाद के बाद प्रधान के भाई सर्वेश सिंह ने पीड़िता के घर आकर गाली-गलौज की और उनके नाती को जान से मारने की धमकी दी। जब पीड़िता इसकी शिकायत करने थाने पहुँचीं, तो पुलिस ने सुरक्षा देने के बजाय उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद दबंगों ने पीड़िता को फोन पर धमकाया कि वह थाने क्यों गई थी। इसके तुरंत बाद, शाम करीब 5 बजे, आरोपी सर्वेश सिंह और प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह अपने साथ 4-5 अज्ञात गुंडों को लेकर पीड़िता के घर में घुस गए। वहाँ मौजूद लड़की के साथ सरेआम छेड़खानी की गई। जब पीड़िता के दो मासूम नातियों ने अपनी मां की इज्जत बचाने की कोशिश की, तो दबंगों ने उन पर लाठी-डंडों और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें नाती को गंभीर चोटें आई हैं। दबंगों ने पूरे परिवार को उनके ही घर से बाहर खदेड़ दिया है, जिसके बाद परिवार बेघर होकर इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़िता पुष्पा शुक्ला ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि आरोपी सर्वेश सिंह एक शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ थाने में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद, चांदा थाना पुलिस इस अपराधी और दबंग प्रधान (जो 203 में जेल भी जा चुके हैं) के आगे नतमस्तक बनी हुई है। पीड़ित परिवार ने अब सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। यह बड़ा सवाल है कि क्या सुल्तानपुर पुलिस इन दबंगों पर शिकंजा कसेगी या फिर सत्ता और रसूख के दबाव में इस असहाय परिवार को न्याय से वंचित रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक बताई गई है, जिसका ताजा मामला सुल्तानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक रसूखदार ग्राम प्रधान और उसके भाइयों की दबंगई के आगे स्थानीय पुलिस पूरी तरह से नतमस्तक हो गई है। आरोप है कि दबंगों ने एक असहाय ब्राह्मण परिवार के घर में घुसकर जानलेवा हमला किया और बेटियों से छेड़खानी की, लेकिन पुलिस राजनीतिक रसूख के चलते पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। यह घटना चांदा थाना क्षेत्र के ग्राम फरमापुर (पो० कोइरीपुर) की है, जहाँ पीड़िता पुष्पा शुक्ला पत्नी हेमन्त कुमार शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक को रोते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा है। पुष्पा शुक्ला का आरोप है कि गांव के वर्तमान प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह और उनके भाई सर्वेश सिंह ने उनके परिवार का जीना मुहाल कर रखा है। शिकायत के अनुसार, एक मामूली विवाद के बाद प्रधान के भाई सर्वेश सिंह ने पीड़िता के घर आकर गाली-गलौज की और उनके नाती को जान से मारने की धमकी दी। जब पीड़िता इसकी शिकायत करने थाने पहुँचीं, तो पुलिस ने सुरक्षा देने के बजाय उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद दबंगों ने पीड़िता को फोन पर धमकाया कि वह थाने क्यों गई थी। इसके तुरंत बाद, शाम करीब 5 बजे, आरोपी सर्वेश सिंह और प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह अपने साथ 4-5 अज्ञात गुंडों को लेकर पीड़िता के घर में घुस गए। वहाँ मौजूद लड़की के साथ सरेआम छेड़खानी की गई। जब पीड़िता के दो मासूम नातियों ने अपनी मां की इज्जत बचाने की कोशिश की, तो दबंगों ने उन पर लाठी-डंडों और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें नाती को गंभीर चोटें आई हैं। दबंगों ने पूरे परिवार को उनके ही घर से बाहर खदेड़ दिया है, जिसके बाद परिवार बेघर होकर इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़िता पुष्पा शुक्ला ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि आरोपी सर्वेश सिंह एक शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ थाने में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद, चांदा थाना पुलिस इस अपराधी और दबंग प्रधान (जो 203 में जेल भी जा चुके हैं) के आगे नतमस्तक बनी हुई है। पीड़ित परिवार ने अब सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। यह बड़ा सवाल है कि क्या सुल्तानपुर पुलिस इन दबंगों पर शिकंजा कसेगी या फिर सत्ता और रसूख के दबाव में इस असहाय परिवार को न्याय से वंचित रखा जाएगा।
- उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक बताई गई है, जिसका ताजा मामला सुल्तानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक रसूखदार ग्राम प्रधान और उसके भाइयों की दबंगई के आगे स्थानीय पुलिस पूरी तरह से नतमस्तक हो गई है। आरोप है कि दबंगों ने एक असहाय ब्राह्मण परिवार के घर में घुसकर जानलेवा हमला किया और बेटियों से छेड़खानी की, लेकिन पुलिस राजनीतिक रसूख के चलते पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। यह घटना चांदा थाना क्षेत्र के ग्राम फरमापुर (पो० कोइरीपुर) की है, जहाँ पीड़िता पुष्पा शुक्ला पत्नी हेमन्त कुमार शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक को रोते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा है। पुष्पा शुक्ला का आरोप है कि गांव के वर्तमान प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह और उनके भाई सर्वेश सिंह ने उनके परिवार का जीना मुहाल कर रखा है। शिकायत के अनुसार, एक मामूली विवाद के बाद प्रधान के भाई सर्वेश सिंह ने पीड़िता के घर आकर गाली-गलौज की और उनके नाती को जान से मारने की धमकी दी। जब पीड़िता इसकी शिकायत करने थाने पहुँचीं, तो पुलिस ने सुरक्षा देने के बजाय उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद दबंगों ने पीड़िता को फोन पर धमकाया कि वह थाने क्यों गई थी। इसके तुरंत बाद, शाम करीब 5 बजे, आरोपी सर्वेश सिंह और प्रधान हृदयनारायण सिंह उर्फ पप्पू सिंह अपने साथ 4-5 अज्ञात गुंडों को लेकर पीड़िता के घर में घुस गए। वहाँ मौजूद लड़की के साथ सरेआम छेड़खानी की गई। जब पीड़िता के दो मासूम नातियों ने अपनी मां की इज्जत बचाने की कोशिश की, तो दबंगों ने उन पर लाठी-डंडों और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें नाती को गंभीर चोटें आई हैं। दबंगों ने पूरे परिवार को उनके ही घर से बाहर खदेड़ दिया है, जिसके बाद परिवार बेघर होकर इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़िता पुष्पा शुक्ला ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि आरोपी सर्वेश सिंह एक शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ थाने में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद, चांदा थाना पुलिस इस अपराधी और दबंग प्रधान (जो 203 में जेल भी जा चुके हैं) के आगे नतमस्तक बनी हुई है। पीड़ित परिवार ने अब सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। यह बड़ा सवाल है कि क्या सुल्तानपुर पुलिस इन दबंगों पर शिकंजा कसेगी या फिर सत्ता और रसूख के दबाव में इस असहाय परिवार को न्याय से वंचित रखा जाएगा।1
- लम्भुआ विकास खण्ड में योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को तमाम अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रधान सेक्रेटरी ने मिलकर सफलतापूर्वक संपन्न कराया।1
- सुल्तानपुर जिले की लम्भुआ तहसील के बहमरपुर गांव में पुराने रास्ते पर अवरोध उत्पन्न होने से ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर गांव के मोहम्मद शमीम समेत कई ग्रामीणों ने तहसील समाधान दिवस में पहुंचकर प्रशासन को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाकिम के घर के पास से गुजरने वाला यह रास्ता वर्षों से गांव के लोगों के लिए प्रमुख मार्ग रहा है, और उनका दावा है कि यह मार्ग पुराने राजस्व अभिलेखों तथा नक्शों में भी दर्ज है। इस रास्ते के बाधित होने से किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने, पशुओं को लाने-ले जाने और दैनिक कार्यों के लिए आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन को अवगत कराया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी मार्ग का उपयोग करते थे, लेकिन अब उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और श्रम दोनों अतिरिक्त लग रहा है। तहसील समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पुराने रास्ते को यथावत बहाल किया जाए, ताकि गांव के लोगों का आवागमन सुचारु रूप से संचालित हो सके और उन्हें हो रही असुविधा से राहत मिल सके। फिलहाल, प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीण उम्मीद जता रहे हैं कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा और वर्षों पुराना यह मार्ग एक बार फिर से उपयोग के लिए उपलब्ध हो सकेगा।3
- सुलतानपुर के चांदा स्थित बैतीकला टोल प्लाजा पर शनिवार को थाना कोतवाली चांदा पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व उप निरीक्षक मेराज हुसैन ने किया, जिसमें कांस्टेबल सर्वजीत मौर्या और कांस्टेबल प्रेमदीप भी मौजूद रहे। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान मोटरसाइकिल चालकों को हेलमेट पहनने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया। उप निरीक्षक मेराज हुसैन ने वाहन चालकों को समझाया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में सिर में गंभीर चोट लगने से जान-माल का नुकसान होता है, जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने की अपील भी की। अभियान के दौरान बिना हेलमेट, बिना वैध दस्तावेज और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहनों के चालान भी किए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान के तहत पुलिसकर्मियों ने लोगों को सड़क सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं और सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक किया। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाने चाहिए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़े।4
- सुल्तानपुर के लंभुआ तहसील सभागार में जून माह के तीसरे शनिवार को एसडीएम प्रीति जैन के नेतृत्व में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से अवैध अतिक्रमण, नाली की समस्या और जर्जर सड़कों के मुद्दे उठाए। समाधान दिवस में अवैध अतिक्रमण से जुड़े सर्वाधिक मामले सामने आए। घरवासपुर निवासी शाहिद अली ने गांव सभा और चकमार्ग की भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को रुकवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इसी प्रकार, हरिहरपुर निवासी राम मूर्ति चौरसिया ने ग्राम सभा की बंजर भूमि के विवादित गाटा संख्या 35 मि. पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की। बहमरपुर निवासी मो. शमीम ने आबादी की जमीन में रास्ता बंद किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त, बैनी गांव निवासी मंगला प्रसाद ने बरसात में पानी निकासी के लिए नाली बनवाने का अनुरोध किया। कृष्ण कुमार यादव ने नेशनल हाईवे से परसरामपुर तक जर्जर रास्ते की उच्च स्तरीय जांच कराकर उसका निर्माण कराए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। रायपुर निवासी शोभित कुमार ने पिछले सम्पूर्ण समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र पर जांच अधिकारी द्वारा गलत रिपोर्ट लगाए जाने का आरोप लगाते हुए दोबारा जांच की मांग की। वहीं, रामपुर कुर्मीयान निवासी शिव प्रसाद ने माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश का अनुपालन कराए जाने के संबंध में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। एसडीएम प्रीति जैन ने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को सभी प्राप्त प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।1
- सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र में स्थित सेमरीबाजार गायत्री मंदिर पर विश्व योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। मंडल अध्यक्ष रोहित पांडेय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में योग गुरु लल्लन सोनकर ने उपस्थित जनसमूह को योग कराया और इसके विभिन्न स्वास्थ्य लाभों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। योग गुरु ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और स्वस्थ जीवन जीने की एक महत्वपूर्ण कला है। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने भी योग के महत्व पर अपने विचार साझा किए। जगदम्बा प्रसाद सिंह, मंडल अध्यक्ष रोहित पांडेय, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष अखिलेश सिंह, गुलाब अग्रहरि, वृजेश जयसवाल, महामंत्री वृजेश श्रीवास्तव और दीप नरायन दूबे जैसे प्रमुख सहयोगियों व सहभागियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और लोगों को दैनिक जीवन में योग अपनाने का संकल्प दिलाया। सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने योग गुरु के निर्देशों का पालन करते हुए सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन जैसे प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और कपालभाति का अभ्यास किया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि व्यस्त दिनचर्या में से खुद के लिए समय निकालकर योग करना आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। योग शिविर के समापन पर, सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम की सफलता और योग के प्रति जागरूकता का संदेश फैला।1
- बेंगलुरु के कब्बनपेट इलाके में मोबाइल झपटमारी की एक सनसनीखेज वारदात के दौरान एक मजदूर 'फिल्मी हीरो' बनकर सामने आया। स्कूटर पर सवार होकर भाग रहे दो बदमाशों को देखकर मजदूर ने उन पर एक भारी बोरी फेंक दी, जिससे चोरों का संतुलन बिगड़ गया। इस जोरदार झटके के बाद भागने की कोशिश कर रहे 18 वर्षीय संदिग्ध जुनैद को दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, जुनैद पहले से ही दिल की बीमारी से पीड़ित था। वहीं, वारदात के बाद भाग रहे उसके 23 वर्षीय साथी अरबाज़ को पुलिस ने धर दबोचा।1
- सुल्तानपुर जनपद की लंभुआ तहसील में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उपजिलाधिकारी प्रीति जैन और तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी ने बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की जनसमस्याएं सुनीं और उनके तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में समाजवादी पार्टी के नेता एवं इंजीनियर राममूरत चौरसिया, पुत्र पंडोही, निवासी ग्राम हरिहरपुर ने शिकायत दर्ज कराई कि गांव की सुरक्षित भूमि पर करुणाशंकर सिंह द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। इसी तरह, नवनिर्वाचित प्रधान प्रतिनिधि जयप्रकाश यादव (सराय अचल) ने बेला सदर क्षेत्र में सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से छप्पर रखकर किए जा रहे कब्जे की शिकायत की। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए, तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी ने संबंधित विभाग को जांच करने और सुरक्षित भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को हटाने के निर्देश दिए। मीडिया से बात करते हुए, तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी ने जोर दिया कि प्रशासन की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में मिली शिकायतों का संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना चाहिए, और यदि कोई अधिकारी शिकायतों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी भदैंया नीलम गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1