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राष्ट्रहित की बात गौ सेवको द्वारा 9 फरवरी को शांति पूर्ण बंद पूर्ण तया सफल रहा
राष्ट्रहित की बात
राष्ट्रहित की बात गौ सेवको द्वारा 9 फरवरी को शांति पूर्ण बंद पूर्ण तया सफल रहा
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- हरनावदाशाहजी. प्रसव के आंकड़ों में अग्रणी हरनावदाशाहजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भले ही हर माह एक सौ के लगभग प्रसव होते हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते इमरजेंसी हालात में रेफर की मजबूरी रहती है ऐसे में प्रसूता एवं नवजात की जान पर बन आती है। करीब डेढ दशक पहले प्राथमिक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत हुआ चिकित्सालय आज भी प्राथमिक स्तर वाले भवन में ही चल रहा है। जबकि स्टाफ के आवास लिए भी भवन की कमी से परेशानी हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के अंतिम छोर पर स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यूं तो पांच चिकित्सक तैनात है इनमें से एक चिकित्सक प्रतिनियुक्ति के नाम पर शुरु से ही यहां नही आए। यूं तो यहां मरीजों के लिहाज से चिकित्सक पर्याप्त है लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की कमी लोगों को बहुत अखरती है। जगह की कमी- अस्पताल में कोविड के समय 20 बेड क्षमता का एक वार्ड नया बना था। इसके अलावा समुचा भवन प्राथमिक चिकित्सालय स्तर का ही चल रहा है। एक्सरे एवं जांच सुविधाएं सीएचसी स्तर की उपलब्ध तो हैं लेकिन फार्मासिस्ट नही है। यहां पर कुछ समय पहले फार्मासिस्ट नियुक्त हुआ था लेकिन वो भी प्रतिनियुक्ति लेकर चले गए जिससे उनका काम नर्सिंग स्टाफ को करना पडता है। नही है स्टाफ क्वार्टर - चिकित्सालय प्रभारी डॉ रविंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में स्टाफ के रहने के लिए क्वाटर्स नही होने से परेशानी हो रही है। मरीज व तीमारदारों के बैठने के लिए पर्याप्त छायादार स्थान नही होने से सीजन की भीड़ में लोगों को खुले में इधर उधर बैठना पडता है। चिकित्सालय में एक दो बडे हॉल और बन जाए तो उससे दवा वितरण समेत अन्य व्यवस्थाएं सुचारू हो सकती है। कंडम हुई एम्बुलेंस - चिकित्सालय में 108 व 102 एम्बुलेंस उपलब्ध रहती है जिनका उपयोग इमरजेंसी सेवा के लिए होता है जबकि तत्कालीन विधायक करण सिंह राठौड़ द्वारा दी गई एम्बुलेंस करीब साल भर से कबाड़ बनकर खडी है। ऐसे में किसी शव आदि को ले जाने की व्यवस्था परिजनों को अपने स्तर पर ही जुटानी पडती है। पांच सौ तक पंहुच जाती है आउटडोर - इन दिनों चिकित्सालय में 250 से 275 की ओपीडी हो जाती है जबकि सीजन में आकंड़ा 500 तक पंहुच जाता है ऐसे में भवन छोटा होने से परेशानी आती है। एक नर्स के भरोसे लेबर रूम - डिलीवरी के हर माह बडी संख्या में केस आने के बावजूद यहां पर एक एएनएम का पद है। जिससे कामकाज में परेशानी आती है। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के रुप में एक और एएनएम की ड्यूटी लगाकर काम चला रहे हैं।10
- कोटा। शहर की एक प्रसिद्ध नमकीन दुकान के उत्पाद में कथित रूप से हड्डी जैसी आपत्तिजनक वस्तु मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आहत अधिवक्ताओं ने पूर्व उपाध्यक्ष अतीश सक्सेना एडवोकेट के नेतृत्व में प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठाई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि संबंधित नमकीन उत्पाद में हड्डी जैसी वस्तु मिलने की शिकायत सामने आई, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। इस मामले को उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़ा बताते हुए वकीलों ने इसे बेहद चिंताजनक बताया। इस संबंध में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपकर कमल नमकीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र और सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आगे भी कानूनी व लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है।1
- कमल नमकीन पर कानूनी संग्राम तेज: नोटिस के बाद घबराए व्यापारी? धर्म भ्रष्ट होने का आरोप, ADM को सौंपा ज्ञापन कोटा में कमल नमकीन विवाद अब खुली कानूनी जंग में बदलता नजर आ रहा है। एडवोकेट आतीश सक्सेना और सीमा वैष्णव सहित कई अधिवक्ताओं के नेतृत्व में ADM सिटी को जोरदार तरीके से ज्ञापन सौंपा गया और कंपनी मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई गई। अधिवक्ता सीमा वैष्णव ने साफ शब्दों में कहा कि जैसे ही उनकी ओर से कमल नमकीन को लीगल नोटिस भेजा गया, उसके बाद व्यापारी वर्ग में हड़कंप मच गया और बचाव में ज्ञापन सौंपे जाने लगे। सीमा वैष्णव ने आरोप लगाया कि नमकीन के पैकेट में हड्डी मिलना न सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था पर भी सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि वह क्षत्रिय ब्राह्मण समाज से हैं और इस घटना से उनका धर्म भ्रष्ट हुआ है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनका 7 साल का बच्चा है, यदि हड्डी उसके गले में फंस जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? साथ ही उन्होंने ब्लैकमेलिंग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जो सच्चाई उजागर करने के लिए काफी है। शहर में इस मामले को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है और अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।1
- कोटा ग्रामीण: ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग में शराब चोरी का आरोपी गिरफ्तार, कार जब्त कोटा ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब चोरी के मामले में आरोपी अनीष (27) निवासी बंबूलियाकलां, जिला बारां को गिरफ्तार किया है। थाना कैथून में दर्ज प्रकरण संख्या 514/2025 धारा 303(2) बीएनएस में तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर सूचना के आधार पर यह सफलता मिली। आरोपी ने 8 लेन हाईवे पर एक्सीडेंट के बाद खड़ी पिकअप से 8 पेटी शराब और डीजल चोरी किया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त शिफ्ट कार RJ20 CC 2377 भी जब्त कर ली है। कार्रवाई एसपी सुजीत शंकर के निर्देशन में की गई। #kota #कैथून #कोटाग्रामीण_पुलिस #राजस्थानपुलिस1
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- हरनावदाशाहजी.विभिन्न योजनाओं के तहत हुए जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्यों से कस्बे समेत इससे जुड़े मजरा रतनपुरिया में स्थित मुक्तिधामों की ना केवल सूरत संवर गई बल्कि वहां तक पंहुच की राह भी आसान हुई है। ग्राम विकास अधिकारी देवलाल नागर ने बताया कि ग्राम पंचायत मुख्यालय पर धाकडान श्मशान में 15 वां वित्त आयोग के तहत अलग अलग मद से करीब 22 लाख रुपए की लागत से हुए निर्माण कार्य ने यहां की सूरत ही बदल दी। यहां पर नया रास्ता खुलासा करवाने के बाद खराब रास्ते की समस्या दूर की। चारों तरफ पक्की चारदीवारी के बाद मुक्तिधाम में पक्का चबूतरा बनवाकर टीन शेड करवाया। चबूतरे के ऊपर एवं समूचे परिसर में इंटरलॉकिंग करवाकर कांटो की पीडा से मुक्ति दिलाई। वहीं गेट बनाकर दरवाजा लगवाया ताकि मवेशियों की आमदरफ्त रोक सके। रतनपुरिया में भी सुधरे हालात - ग्राम पंचायत क्षेत्र के मजरा रतनपुरिया में भी मुक्तिधाम स्थल पर नया चबूतरा बनवा कर ऊपर टीन शेड से ग्रामीणों की परेशानी दूर होगी। यहां पर राज्य वित्त आयोग से करीब तीन लाख रुपए की लागत के काम करवाए जिसमें इंटरलॉकिंग भी करवाई। यहां टीनशेड से मिलेगी राहत - फूलबडौद मार्ग स्थित कस्बे के मुख्य मुक्तिधाम में भी ग्राम पंचायत द्वारा करीब 3 लाख रुपए की लागत से पीछे वाले चबूतरे पर टीन शेड लगवाकर छाया की व्यवस्था की गई ताकि अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को बैठने के लिए छाया मिलेगी वहीं यहां पर जीर्ण अवस्था में हो चुके चबूतरों की इंटरलॉकिंग के साथ मरम्मत कराई। इसके अलावा एक कम्पोस्ट किट एवं पानी को बचाने के लिए बाहर की खेळ के समीप सोख्ता गड्ढा भी बनवाया। अब यहां पर रंगरोगन होने के बाद मुक्तिधामों की सूरत दमक उठेगी। यहां पर है प्रस्तावित -इधर अमृतखेडी गांव में भी मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार कार्य प्रस्तावित है लेकिन यहां पर अभी जमीन को लेकर स्पष्ट होना बाकी है। इसी तरह बस स्टैंड के समीप स्थित मुक्तिधाम भी अतिक्रमण की भेंट चढा हुआ है जिस कारण यहां का जीर्णोद्धार का काम नही हो पा रहा।6
- कोटा। वन एवं वन्य जीव संरक्षण पखवाड़ा के तहत् मगंलवार को राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड मंडल प्रशिक्षण केंद्र, आलनिया में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्काउट गाइड के जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल, सीओ गाइड प्रीति कुमारी एवं लीडर ट्रेनर गोपाल कृष्ण मिश्रा ने वन एवं वन्य जीवों के महत्व पर प्रकाश डाला। जायसवाल ने कहा कि वन केवल लकड़ी या हरियाली का स्रोत नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन की सांस हैं। वनों के बिना न तो वर्षा संभव है और न ही जीवन। उन्होंने स्काउट गाइड से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधरोपण करें और उन्हें परिवार के सदस्य की तरह संरक्षित करें। प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में वनों और वन्य जीवों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना अधूरी है। प्रीति कुमारी ने संबोधित करते हुए स्काउट-गाइड सदस्यों से पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वन्य जीव प्रकृति के अभिन्न अंग हैं और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि आज वन्य जीव सुरक्षित रहेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियां प्रकृति का वास्तविक स्वरूप देख पाएंगी। स्काउट एवं गाइड आंदोलन का मूल उद्देश्य सेवा, अनुशासन और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है। ट्रेनर गोपाल कृष्ण मिश्रा ने वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और वन्य जीवों के प्राकृतिक आवासों के नष्ट होने से गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे में स्काउट-गाइड जैसे संगठनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने बच्चों को दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े छोटे-छोटे संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा वन एवं वन्य जीव संरक्षण विषय पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही बच्चों ने हाथों में बैनर एवं तख्तियां लेकर नारों के माध्यम से आमजन को वन एवं वन्य जीव संरक्षण का संदेश दिया। नारों के माध्यम से पर्यावरण बचाने, पेड़ लगाने और वन्य जीवों की रक्षा करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्यामसुंदर गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर सुखदेव गुर्जर, अंतिमा महावर, लखन प्रजापति, मनराज गुर्जर, मीनाक्षी महावर, हेमलता वर्मा, नीलम पारेता, लक्ष्मी वर्मा, तमन्ना गुर्जर, पायल सेन, राकेश कसेरा, चेतन शर्मा, राजाराम गुर्जर, भारती महावर, संजना पंकज, सूरज, निखिल, ओम प्रकाश यादव सहित अनेक स्काउट-गाइड , रोवर रेंजर एवं प्रशिक्षक दल के सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।1
- कोटा में रिश्तों पर वार जायदाद के झगड़े में युवक ने चाचा को मारा चाकू, घटना कैमरे में कैद कोटा के मकबरा थाना इलाके में पुश्तैनी संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इंदिरा मार्केट में मंगलवार शाम एक युवक ने अपने ही चाचा पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में घायल पंकज शर्मा को गंभीर हालत में एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी गौरव दुकान पर पहुंचा और कहासुनी के बाद पेट, पीठ व जांघ पर वार कर मौके से फरार हो गया। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।1