28 लाख रुपए से बदल गई मुक्तिधामों की सूरत- हरनावदाशाहजी.विभिन्न योजनाओं के तहत हुए जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्यों से कस्बे समेत इससे जुड़े मजरा रतनपुरिया में स्थित मुक्तिधामों की ना केवल सूरत संवर गई बल्कि वहां तक पंहुच की राह भी आसान हुई है। ग्राम विकास अधिकारी देवलाल नागर ने बताया कि ग्राम पंचायत मुख्यालय पर धाकडान श्मशान में 15 वां वित्त आयोग के तहत अलग अलग मद से करीब 22 लाख रुपए की लागत से हुए निर्माण कार्य ने यहां की सूरत ही बदल दी। यहां पर नया रास्ता खुलासा करवाने के बाद खराब रास्ते की समस्या दूर की। चारों तरफ पक्की चारदीवारी के बाद मुक्तिधाम में पक्का चबूतरा बनवाकर टीन शेड करवाया। चबूतरे के ऊपर एवं समूचे परिसर में इंटरलॉकिंग करवाकर कांटो की पीडा से मुक्ति दिलाई। वहीं गेट बनाकर दरवाजा लगवाया ताकि मवेशियों की आमदरफ्त रोक सके। रतनपुरिया में भी सुधरे हालात - ग्राम पंचायत क्षेत्र के मजरा रतनपुरिया में भी मुक्तिधाम स्थल पर नया चबूतरा बनवा कर ऊपर टीन शेड से ग्रामीणों की परेशानी दूर होगी। यहां पर राज्य वित्त आयोग से करीब तीन लाख रुपए की लागत के काम करवाए जिसमें इंटरलॉकिंग भी करवाई। यहां टीनशेड से मिलेगी राहत - फूलबडौद मार्ग स्थित कस्बे के मुख्य मुक्तिधाम में भी ग्राम पंचायत द्वारा करीब 3 लाख रुपए की लागत से पीछे वाले चबूतरे पर टीन शेड लगवाकर छाया की व्यवस्था की गई ताकि अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को बैठने के लिए छाया मिलेगी वहीं यहां पर जीर्ण अवस्था में हो चुके चबूतरों की इंटरलॉकिंग के साथ मरम्मत कराई। इसके अलावा एक कम्पोस्ट किट एवं पानी को बचाने के लिए बाहर की खेळ के समीप सोख्ता गड्ढा भी बनवाया। अब यहां पर रंगरोगन होने के बाद मुक्तिधामों की सूरत दमक उठेगी। यहां पर है प्रस्तावित -इधर अमृतखेडी गांव में भी मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार कार्य प्रस्तावित है लेकिन यहां पर अभी जमीन को लेकर स्पष्ट होना बाकी है। इसी तरह बस स्टैंड के समीप स्थित मुक्तिधाम भी अतिक्रमण की भेंट चढा हुआ है जिस कारण यहां का जीर्णोद्धार का काम नही हो पा रहा।
28 लाख रुपए से बदल गई मुक्तिधामों की सूरत- हरनावदाशाहजी.विभिन्न योजनाओं के तहत हुए जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्यों से कस्बे समेत इससे जुड़े मजरा रतनपुरिया में स्थित मुक्तिधामों की ना केवल सूरत संवर गई बल्कि वहां तक पंहुच की राह भी आसान हुई है। ग्राम विकास अधिकारी देवलाल नागर ने बताया कि ग्राम पंचायत मुख्यालय पर
धाकडान श्मशान में 15 वां वित्त आयोग के तहत अलग अलग मद से करीब 22 लाख रुपए की लागत से हुए निर्माण कार्य ने यहां की सूरत ही बदल दी। यहां पर नया रास्ता खुलासा करवाने के बाद खराब रास्ते की समस्या दूर की। चारों तरफ पक्की चारदीवारी के बाद मुक्तिधाम में पक्का चबूतरा बनवाकर टीन
शेड करवाया। चबूतरे के ऊपर एवं समूचे परिसर में इंटरलॉकिंग करवाकर कांटो की पीडा से मुक्ति दिलाई। वहीं गेट बनाकर दरवाजा लगवाया ताकि मवेशियों की आमदरफ्त रोक सके। रतनपुरिया में भी सुधरे हालात - ग्राम पंचायत क्षेत्र के मजरा रतनपुरिया में भी मुक्तिधाम स्थल पर नया चबूतरा बनवा कर ऊपर टीन शेड से ग्रामीणों की परेशानी
दूर होगी। यहां पर राज्य वित्त आयोग से करीब तीन लाख रुपए की लागत के काम करवाए जिसमें इंटरलॉकिंग भी करवाई। यहां टीनशेड से मिलेगी राहत - फूलबडौद मार्ग स्थित कस्बे के मुख्य मुक्तिधाम में भी ग्राम पंचायत द्वारा करीब 3 लाख रुपए की लागत से पीछे वाले चबूतरे पर टीन शेड लगवाकर छाया की व्यवस्था की
गई ताकि अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को बैठने के लिए छाया मिलेगी वहीं यहां पर जीर्ण अवस्था में हो चुके चबूतरों की इंटरलॉकिंग के साथ मरम्मत कराई। इसके अलावा एक कम्पोस्ट किट एवं पानी को बचाने के लिए बाहर की खेळ के समीप सोख्ता गड्ढा भी बनवाया। अब यहां पर रंगरोगन होने के बाद मुक्तिधामों
की सूरत दमक उठेगी। यहां पर है प्रस्तावित -इधर अमृतखेडी गांव में भी मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार कार्य प्रस्तावित है लेकिन यहां पर अभी जमीन को लेकर स्पष्ट होना बाकी है। इसी तरह बस स्टैंड के समीप स्थित मुक्तिधाम भी अतिक्रमण की भेंट चढा हुआ है जिस कारण यहां का जीर्णोद्धार का काम नही हो पा रहा।
- हरनावदाशाहजी. शोभायात्रा के साथ गणेशपुरा में शुरू हुए भागवत कथा समारोह में बुधवार को कथावाचन करते हुए हरनावदाशाहजी रामानंद संत आश्रम के महामंडलेश्वर अभिराम दास त्यागी महाराज ने भागवत कथा का महात्म्य बखान किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव सन्मार्ग पर चलते हुए प्रभू स्मरण करते रहना चाहिए। क्योंकि भक्ति मार्ग ही जीव दुःखों से मुक्ति दिलाता है। कथा के दौरान बीच बीच में भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कथा का समापन 17 फरवरी को होगा।4
- Dynamic meditation at Harnavdijagir chhipabarod1
- परीक्षा पूर्व छात्रों को दिया शुभकामना संदेश छीपाबड़ौद - विद्या भारती द्वारा संचालित सुशीला देवी आदर्श विद्या मंदिर छीपाबड़ौद में प्रातः वंदना सभा में दसवीं कक्षा के छात्रों को परीक्षा से पूर्व शुभकामनाएं प्रेषित की गई। दसवीं कक्षा के सभी भैया बहिनों को विद्यालय के आचार्य दीदीयों ने मंगल तिलक लगाकर, लेखनी भेंट कर, मुंह मीठा करवा कर शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य मेघराज नागर ने भैया बहनों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का आग्रह किया, उन्होंने संदेश देते हुए कहा की भय मुक्त होकर हमें परीक्षा कक्ष में जाना चाहिए और प्रश्नों को भली प्रकार से समझ कर उत्तर देना चाहिए। प्रधानाचार्य जोधराज नागर ने भी भैया बहनों को अच्छे परिणाम के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी।3
- पोस्ट आफिस सुविधा ठप, आमजन में बढ़ी नाराजगी2
- पोस्ट ऑफिस सुविधा ठप, लोगों में बढ़ी नाराजगी1
- Post by राष्ट्रहित की बात1
- गुना राशन दुकानों से बांटा जा रहा प्लास्टिक का चावल की खबर के संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी अवधेश पाण्डे द्वारा वस्तु स्थिति से कराया गया अवगत।1
- हरनावदाशाहजी. प्रसव के आंकड़ों में अग्रणी हरनावदाशाहजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भले ही हर माह एक सौ के लगभग प्रसव होते हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते इमरजेंसी हालात में रेफर की मजबूरी रहती है ऐसे में प्रसूता एवं नवजात की जान पर बन आती है। करीब डेढ दशक पहले प्राथमिक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत हुआ चिकित्सालय आज भी प्राथमिक स्तर वाले भवन में ही चल रहा है। जबकि स्टाफ के आवास लिए भी भवन की कमी से परेशानी हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के अंतिम छोर पर स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यूं तो पांच चिकित्सक तैनात है इनमें से एक चिकित्सक प्रतिनियुक्ति के नाम पर शुरु से ही यहां नही आए। यूं तो यहां मरीजों के लिहाज से चिकित्सक पर्याप्त है लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की कमी लोगों को बहुत अखरती है। जगह की कमी- अस्पताल में कोविड के समय 20 बेड क्षमता का एक वार्ड नया बना था। इसके अलावा समुचा भवन प्राथमिक चिकित्सालय स्तर का ही चल रहा है। एक्सरे एवं जांच सुविधाएं सीएचसी स्तर की उपलब्ध तो हैं लेकिन फार्मासिस्ट नही है। यहां पर कुछ समय पहले फार्मासिस्ट नियुक्त हुआ था लेकिन वो भी प्रतिनियुक्ति लेकर चले गए जिससे उनका काम नर्सिंग स्टाफ को करना पडता है। नही है स्टाफ क्वार्टर - चिकित्सालय प्रभारी डॉ रविंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में स्टाफ के रहने के लिए क्वाटर्स नही होने से परेशानी हो रही है। मरीज व तीमारदारों के बैठने के लिए पर्याप्त छायादार स्थान नही होने से सीजन की भीड़ में लोगों को खुले में इधर उधर बैठना पडता है। चिकित्सालय में एक दो बडे हॉल और बन जाए तो उससे दवा वितरण समेत अन्य व्यवस्थाएं सुचारू हो सकती है। कंडम हुई एम्बुलेंस - चिकित्सालय में 108 व 102 एम्बुलेंस उपलब्ध रहती है जिनका उपयोग इमरजेंसी सेवा के लिए होता है जबकि तत्कालीन विधायक करण सिंह राठौड़ द्वारा दी गई एम्बुलेंस करीब साल भर से कबाड़ बनकर खडी है। ऐसे में किसी शव आदि को ले जाने की व्यवस्था परिजनों को अपने स्तर पर ही जुटानी पडती है। पांच सौ तक पंहुच जाती है आउटडोर - इन दिनों चिकित्सालय में 250 से 275 की ओपीडी हो जाती है जबकि सीजन में आकंड़ा 500 तक पंहुच जाता है ऐसे में भवन छोटा होने से परेशानी आती है। एक नर्स के भरोसे लेबर रूम - डिलीवरी के हर माह बडी संख्या में केस आने के बावजूद यहां पर एक एएनएम का पद है। जिससे कामकाज में परेशानी आती है। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के रुप में एक और एएनएम की ड्यूटी लगाकर काम चला रहे हैं।10