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परीक्षा पूर्व छात्रों को दिया शुभकामना संदेश छीपाबड़ौद - विद्या भारती द्वारा संचालित सुशीला देवी आदर्श विद्या मंदिर छीपाबड़ौद में प्रातः वंदना सभा में दसवीं कक्षा के छात्रों को परीक्षा से पूर्व शुभकामनाएं प्रेषित की गई। दसवीं कक्षा के सभी भैया बहिनों को विद्यालय के आचार्य दीदीयों ने मंगल तिलक लगाकर, लेखनी भेंट कर, मुंह मीठा करवा कर शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य मेघराज नागर ने भैया बहनों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का आग्रह किया, उन्होंने संदेश देते हुए कहा की भय मुक्त होकर हमें परीक्षा कक्ष में जाना चाहिए और प्रश्नों को भली प्रकार से समझ कर उत्तर देना चाहिए। प्रधानाचार्य जोधराज नागर ने भी भैया बहनों को अच्छे परिणाम के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी।
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परीक्षा पूर्व छात्रों को दिया शुभकामना संदेश छीपाबड़ौद - विद्या भारती द्वारा संचालित सुशीला देवी आदर्श विद्या मंदिर छीपाबड़ौद में प्रातः वंदना सभा में दसवीं कक्षा के छात्रों को परीक्षा से पूर्व शुभकामनाएं प्रेषित की गई। दसवीं कक्षा के सभी भैया बहिनों को विद्यालय के आचार्य दीदीयों ने मंगल तिलक लगाकर, लेखनी भेंट कर, मुंह मीठा करवा कर शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य मेघराज नागर ने भैया बहनों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का आग्रह किया, उन्होंने संदेश देते हुए कहा की भय मुक्त होकर हमें परीक्षा कक्ष में जाना चाहिए और प्रश्नों को भली प्रकार से समझ कर उत्तर देना चाहिए। प्रधानाचार्य जोधराज नागर ने भी भैया बहनों को अच्छे परिणाम के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी।
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- हरनावदाशाहजी. शोभायात्रा के साथ गणेशपुरा में शुरू हुए भागवत कथा समारोह में बुधवार को कथावाचन करते हुए हरनावदाशाहजी रामानंद संत आश्रम के महामंडलेश्वर अभिराम दास त्यागी महाराज ने भागवत कथा का महात्म्य बखान किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव सन्मार्ग पर चलते हुए प्रभू स्मरण करते रहना चाहिए। क्योंकि भक्ति मार्ग ही जीव दुःखों से मुक्ति दिलाता है। कथा के दौरान बीच बीच में भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कथा का समापन 17 फरवरी को होगा।4
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- हरनावदाशाहजी. प्रसव के आंकड़ों में अग्रणी हरनावदाशाहजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भले ही हर माह एक सौ के लगभग प्रसव होते हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते इमरजेंसी हालात में रेफर की मजबूरी रहती है ऐसे में प्रसूता एवं नवजात की जान पर बन आती है। करीब डेढ दशक पहले प्राथमिक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत हुआ चिकित्सालय आज भी प्राथमिक स्तर वाले भवन में ही चल रहा है। जबकि स्टाफ के आवास लिए भी भवन की कमी से परेशानी हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के अंतिम छोर पर स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यूं तो पांच चिकित्सक तैनात है इनमें से एक चिकित्सक प्रतिनियुक्ति के नाम पर शुरु से ही यहां नही आए। यूं तो यहां मरीजों के लिहाज से चिकित्सक पर्याप्त है लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की कमी लोगों को बहुत अखरती है। जगह की कमी- अस्पताल में कोविड के समय 20 बेड क्षमता का एक वार्ड नया बना था। इसके अलावा समुचा भवन प्राथमिक चिकित्सालय स्तर का ही चल रहा है। एक्सरे एवं जांच सुविधाएं सीएचसी स्तर की उपलब्ध तो हैं लेकिन फार्मासिस्ट नही है। यहां पर कुछ समय पहले फार्मासिस्ट नियुक्त हुआ था लेकिन वो भी प्रतिनियुक्ति लेकर चले गए जिससे उनका काम नर्सिंग स्टाफ को करना पडता है। नही है स्टाफ क्वार्टर - चिकित्सालय प्रभारी डॉ रविंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में स्टाफ के रहने के लिए क्वाटर्स नही होने से परेशानी हो रही है। मरीज व तीमारदारों के बैठने के लिए पर्याप्त छायादार स्थान नही होने से सीजन की भीड़ में लोगों को खुले में इधर उधर बैठना पडता है। चिकित्सालय में एक दो बडे हॉल और बन जाए तो उससे दवा वितरण समेत अन्य व्यवस्थाएं सुचारू हो सकती है। कंडम हुई एम्बुलेंस - चिकित्सालय में 108 व 102 एम्बुलेंस उपलब्ध रहती है जिनका उपयोग इमरजेंसी सेवा के लिए होता है जबकि तत्कालीन विधायक करण सिंह राठौड़ द्वारा दी गई एम्बुलेंस करीब साल भर से कबाड़ बनकर खडी है। ऐसे में किसी शव आदि को ले जाने की व्यवस्था परिजनों को अपने स्तर पर ही जुटानी पडती है। पांच सौ तक पंहुच जाती है आउटडोर - इन दिनों चिकित्सालय में 250 से 275 की ओपीडी हो जाती है जबकि सीजन में आकंड़ा 500 तक पंहुच जाता है ऐसे में भवन छोटा होने से परेशानी आती है। एक नर्स के भरोसे लेबर रूम - डिलीवरी के हर माह बडी संख्या में केस आने के बावजूद यहां पर एक एएनएम का पद है। जिससे कामकाज में परेशानी आती है। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के रुप में एक और एएनएम की ड्यूटी लगाकर काम चला रहे हैं।10