ICOP जर्नलिस्ट / जनता की आवाज के प्रांतीय अध्यक्ष विशाल शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धर्मनगरी कुरुक्षेत्र इस समय एक गंभीर और जानलेवा पर्यावरण संकट से जूझ रही है। शहर के जोहड़ों (तालाबों) की गंदी, जहरीली और सड़ चुकी मिट्टी को अवैध रूप से ओवरलोडेड 75-टायरी व अन्य भारी वाहनों के जरिए 24 घंटे लगातार शहर के बीच से ले जाया जा रहा है। सड़कों पर गिरने वाली यह जहरीली धूल टायरों के माध्यम से उड़कर सीधे आम जनता के फेफड़ों, मुंह, माथे और घरों तक पहुँच रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। सवाल उठाया गया है कि जब शहर में कोई बड़ा निर्माण कार्य नहीं हो रहा, तो यह अवैध 'मिट्टी का बवंडर' किसके इशारे पर और किसके फायदे के लिए चलाया जा रहा है। इस जहरीली और दूषित मिट्टी के निरंतर उड़ने से कुरुक्षेत्र की जनता और आने वाली पीढ़ी (बच्चों) को फेफड़ों के गंभीर रोग जैसे सिलिकोसिस, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और अस्थमा, साथ ही त्वचा व आंखों के गंभीर संक्रमण और कैंसर जैसी घातक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को प्रशासनिक और पुलिस महकमे की अनदेखी, लापरवाही और कथित मिलीभगत का परिणाम बताते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है। इनमें BNS की धारा 270 (सार्वजनिक मार्ग पर उपेक्षापूर्ण कार्य से संकट), धारा 271/272 (जीवन के लिए संकटपूर्ण बीमारी फैलाने का खतरा), और धारा 292 (सार्वजनिक उपद्रव) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 और मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि अवैध व बिना तिरपाल ढके ओवरलोडेड वाहन बेखौफ घूम रहे हैं, जो ट्रैफिक पुलिस की विफलता दर्शाता है। संस्था ने गृह मंत्रालय से सीधे तौर पर कुरुक्षेत्र और करनाल रीजन में चल रहे इस अवैध मिट्टी परिवहन नेटवर्क की उच्च न्यायालय की निगरानी में या एक स्वतंत्र टास्क फोर्स द्वारा तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उन जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित करने की अपील की गई है जिनकी कथित शह पर यह अवैध कारोबार 24 घंटे फल-फूल रहा है। जनता के मानवाधिकारों, विशेषकर 'स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार' (अनुच्छेद 21) की रक्षा पर जोर देते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आवाज को न्यायालय के दरवाजे तक ले जाया जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'सत्य कड़वा हो सकता है, लेकिन जनता की भलाई के लिए इसे लिखना और दिखाना हमारा कर्तव्य है।'
ICOP जर्नलिस्ट / जनता की आवाज के प्रांतीय अध्यक्ष विशाल शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धर्मनगरी कुरुक्षेत्र इस समय एक गंभीर और जानलेवा पर्यावरण संकट से जूझ रही है। शहर के जोहड़ों (तालाबों) की गंदी, जहरीली और सड़ चुकी मिट्टी को अवैध रूप से ओवरलोडेड 75-टायरी व अन्य भारी वाहनों के जरिए 24 घंटे लगातार शहर के बीच से ले जाया जा रहा है। सड़कों पर गिरने वाली यह जहरीली धूल टायरों के माध्यम से उड़कर सीधे आम जनता के फेफड़ों, मुंह, माथे और घरों तक पहुँच रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। सवाल उठाया गया है कि जब शहर में कोई बड़ा निर्माण कार्य नहीं हो रहा, तो यह अवैध 'मिट्टी का बवंडर' किसके इशारे पर और किसके फायदे के लिए चलाया जा रहा है। इस जहरीली और दूषित मिट्टी के निरंतर उड़ने से कुरुक्षेत्र की जनता और आने वाली पीढ़ी (बच्चों) को फेफड़ों के गंभीर रोग जैसे सिलिकोसिस, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और अस्थमा, साथ ही त्वचा व आंखों के गंभीर संक्रमण और कैंसर जैसी घातक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को प्रशासनिक और पुलिस महकमे की अनदेखी, लापरवाही और कथित मिलीभगत का परिणाम बताते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है।
इनमें BNS की धारा 270 (सार्वजनिक मार्ग पर उपेक्षापूर्ण कार्य से संकट), धारा 271/272 (जीवन के लिए संकटपूर्ण बीमारी फैलाने का खतरा), और धारा 292 (सार्वजनिक उपद्रव) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 और मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि अवैध व बिना तिरपाल ढके ओवरलोडेड वाहन बेखौफ घूम रहे हैं, जो ट्रैफिक पुलिस की विफलता दर्शाता है। संस्था ने गृह मंत्रालय से सीधे तौर पर कुरुक्षेत्र और करनाल रीजन में चल रहे इस अवैध मिट्टी परिवहन नेटवर्क की उच्च न्यायालय की निगरानी में या एक स्वतंत्र टास्क फोर्स द्वारा तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उन जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित करने की अपील की गई है जिनकी कथित शह पर यह अवैध कारोबार 24 घंटे फल-फूल रहा है। जनता के मानवाधिकारों, विशेषकर 'स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार' (अनुच्छेद 21) की रक्षा पर जोर देते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आवाज को न्यायालय के दरवाजे तक ले जाया जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'सत्य कड़वा हो सकता है, लेकिन जनता की भलाई के लिए इसे लिखना और दिखाना हमारा कर्तव्य है।'
- यमुनानगर में नगर निगम की टीम ने प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। इस दौरान छह दुकानदारों के पास से प्रतिबंधित पॉलिथीन बरामद की गई, जिसके बाद उनके चालान काटे गए और कुल 32 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। स्थानीय रिपोर्ट में इस कार्रवाई पर कटाक्ष किया गया है कि फैक्ट्रियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा, लेकिन दुकानदार इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। यह छापेमारी जिला प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और निगम की संयुक्त टीम द्वारा जगाधरी वर्कशॉप रोड और शादीपुर रोड पर की गई, जहाँ पाँच दुकानदारों के पास से प्रतिबंधित पॉलिथीन मिली। निगम अधिकारियों ने सभी दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोबारा उनके पास प्रतिबंधित पॉलिथीन पाई जाती है, तो उनकी कमाई बंद हो जाएगी। इसका सीधा अर्थ है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने पर चालान के साथ-साथ उनका सामान भी निगम के गोदाम में जब्त कर लिया जाएगा। बता दें कि जुलाई 2020 से सिंगल यूज प्लास्टिक, जैसे पॉलीथिन, प्लास्टिक के चम्मच, डोने, गिलास और आइसक्रीम की स्टिक सहित कुल 19 प्लास्टिक आइटम के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध है। निगम की टीम ऐसे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो इन प्रतिबंधित वस्तुओं को बेचता हुआ पाया जाता है। निगम की टीम ने यह भी साफ किया है कि यह कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी और आमजन से अपील की है कि वे सुधर जाएं, अन्यथा अगली बार फिर से कार्रवाई के लिए तैयार रहें। निगम की टीम ने अपने अभियान का नारा दिया है, "हम कोई वक्त नहीं है हमदम, जब करोगे पॉलीथिन यूज चले आयेंगे।"1
- मुंबई की एक लोकल ट्रेन में हुए हत्याकांड के आरोपी को अब सलाखों के पीछे कर दिया गया है।1
- आज चंडीगढ़ के पंजाब किसान भवन में किसान और सामाजिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता सरदार गुरनाम सिंह चढूनी जी ने की, जिसमें कुल 114 किसान और मजदूर संगठनों ने हिस्सा लिया। इन सभी संगठनों ने एकमत से भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही फ्री ट्रेड डील का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया। बैठक में उपस्थित सभी संगठनों ने मिलकर एक मंच पर इस डील के खिलाफ लड़ने की तैयारी जताई। यह भी तय किया गया कि 1 जुलाई को चंडीगढ़ के किसान भवन में एक और बैठक बुलाई जाएगी। इस आगामी बैठक का उद्देश्य उन संगठनों को भी शामिल करना है जो आज उपस्थित नहीं हो पाए, और सभी को एकजुट करके एक बड़े आंदोलन की घोषणा करना है। आज की मीटिंग में मुख्य रूप से सरदार गुरनाम सिंह चढूनी, सरवन सिंह पन्धेर, बलबीर सिंह राजेवाल, उत्तर प्रदेश से वी एम सिंह, केरल से बीजू, अभिमन्यु कोहाट, तथा यमुना नगर जिले से संजू गुंदियाना जैसे प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, ओडिशा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में शिरकत की।2
- हरियाणा विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड के चेयरमैन जसमेर सिंह बंजारा आज रादौर पहुंचे। उन्होंने यहाँ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। बातचीत के दौरान डेहा समाज और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।1
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संवेदनशील नेतृत्व का एक और अनुपम उदाहरण सामने आया है। स्वयं मुख्यमंत्री ने अपनी गाड़ी से उतरकर दो घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने में सहायता की। इस घटना को मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की एक अनूठी तस्वीर के रूप में प्रस्तुत किया गया है।1
- यमुनानगर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। ठगों ने मोबाइल सिम का ऐसा खेल किया कि पीड़ित को जरा भी भनक नहीं लगी और उसके बैंक खाते से 95 लाख रुपये से अधिक की रकम गायब हो गई। यह घटना यमुनानगर निवासी निर्देश जैन के साथ हुई, जिनका एयरटेल मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। आरोप है कि इसी नंबर का नया सिम किसी अन्य व्यक्ति ने निकलवा लिया, और चूंकि मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा था, साइबर ठगों ने इसका फायदा उठाकर लाखों रुपये निकाल लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मोबाइल कंपनियों की सिम जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया। जांच अधिकारी विशाल सैनी ने बताया कि निर्देश जैन के नाम पर चल रहे मोबाइल नंबर का नया सिम किसी दूसरे व्यक्ति को कैसे दिया गया, इसकी जांच के लिए एयरटेल कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। पुलिस को आशंका है कि इस ठगी में और भी आरोपी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी के इस युग में, जहां टेक्नोलॉजिया विकास की दौड़ जारी है, घर या बैंक लॉकर तो क्या, बैंक खाते में रखी रकम भी सुरक्षित नहीं है। यह एक गंभीर चेतावनी है कि यदि आपका मोबाइल सिम अचानक बंद हो जाए, तो तुरंत बैंक, मोबाइल कंपनी और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें, क्योंकि एक छोटा सा सिम बदलाव आपके पूरे खाते को खाली कर सकता है। सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।1
- अंबाला में एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहाँ गलत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार हाइड्रा (क्रेन) ने सामने से आ रहे एक टेंपो ट्रैवलर को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भयावह थी कि टेंपो ट्रैवलर का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।1