यमुनानगर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। ठगों ने मोबाइल सिम का ऐसा खेल किया कि पीड़ित को जरा भी भनक नहीं लगी और उसके बैंक खाते से 95 लाख रुपये से अधिक की रकम गायब हो गई। यह घटना यमुनानगर निवासी निर्देश जैन के साथ हुई, जिनका एयरटेल मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। आरोप है कि इसी नंबर का नया सिम किसी अन्य व्यक्ति ने निकलवा लिया, और चूंकि मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा था, साइबर ठगों ने इसका फायदा उठाकर लाखों रुपये निकाल लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मोबाइल कंपनियों की सिम जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया। जांच अधिकारी विशाल सैनी ने बताया कि निर्देश जैन के नाम पर चल रहे मोबाइल नंबर का नया सिम किसी दूसरे व्यक्ति को कैसे दिया गया, इसकी जांच के लिए एयरटेल कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। पुलिस को आशंका है कि इस ठगी में और भी आरोपी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी के इस युग में, जहां टेक्नोलॉजिया विकास की दौड़ जारी है, घर या बैंक लॉकर तो क्या, बैंक खाते में रखी रकम भी सुरक्षित नहीं है। यह एक गंभीर चेतावनी है कि यदि आपका मोबाइल सिम अचानक बंद हो जाए, तो तुरंत बैंक, मोबाइल कंपनी और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें, क्योंकि एक छोटा सा सिम बदलाव आपके पूरे खाते को खाली कर सकता है। सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।
यमुनानगर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। ठगों ने मोबाइल सिम का ऐसा खेल किया कि पीड़ित को जरा भी भनक नहीं लगी और उसके बैंक खाते से 95 लाख रुपये से अधिक की रकम गायब हो गई। यह घटना यमुनानगर निवासी निर्देश जैन के साथ हुई, जिनका एयरटेल मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। आरोप है कि इसी नंबर का नया सिम किसी अन्य व्यक्ति ने निकलवा लिया, और चूंकि मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा था, साइबर ठगों ने इसका फायदा उठाकर लाखों रुपये निकाल लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मोबाइल कंपनियों की सिम जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया। जांच अधिकारी विशाल सैनी ने बताया कि निर्देश जैन के नाम पर चल रहे मोबाइल नंबर का नया सिम किसी दूसरे व्यक्ति को कैसे दिया गया, इसकी जांच के लिए एयरटेल कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। पुलिस को आशंका है कि इस ठगी में और भी आरोपी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी के इस युग में, जहां टेक्नोलॉजिया विकास की दौड़ जारी है, घर या बैंक लॉकर तो क्या, बैंक खाते में रखी रकम भी सुरक्षित नहीं है। यह एक गंभीर चेतावनी है कि यदि आपका मोबाइल सिम अचानक बंद हो जाए, तो तुरंत बैंक, मोबाइल कंपनी और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें, क्योंकि एक छोटा सा सिम बदलाव आपके पूरे खाते को खाली कर सकता है। सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।
- सहारनपुर में एक परिवार को रिश्तेदारी के भरोसे पर लाखों रुपये गंवाने पड़े हैं। थाना मंडी क्षेत्र के सराय मर्दान अली निवासी दीन मोहम्मद ने अपने रिश्तेदार पर करीब 82 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, दीन मोहम्मद के पिता की खराब तबीयत के दौरान परिवार ने अपना गोदाम लगभग डेढ़ करोड़ रुपये में बेचा था। इस बिक्री की जानकारी दीन मोहम्मद के चाचा के दामाद को थी, जिसने परिवार का विश्वास जीता और यह कहकर 35 लाख रुपये लिए कि उसका पैसा एक कारोबार में फंसा है और उसे कागजों में दिखाने के लिए इतनी रकम की आवश्यकता है। रिश्तेदारी के चलते परिवार ने यह रकम उसे दे दी। पीड़ित दीन मोहम्मद ने बताया कि इसके बाद आरोपी सलाउद्दीन ने विभिन्न बहानों से लगभग 27 लाख रुपये ऑनलाइन अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। उसने जल्द ही रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी पैसा वापस नहीं किया गया है; दीन मोहम्मद का कहना है कि आरोपी ने केवल लगभग तीन लाख रुपये ही लौटाए हैं। दीन मोहम्मद ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी मां रूखसाना के एचडीएफसी बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जुड़वा ली थी, जिसके बाद इस खाते से भी लगभग 7 लाख रुपये की ऑनलाइन निकासी कर ली गई। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब परिवार बैंक में खाते की जानकारी लेने पहुंचा। पीड़ित के पास आरोपी की व्हाट्सएप चैट भी मौजूद है, जिसमें उसने लगभग 81 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है। दीन मोहम्मद का आरोप है कि जब 15 जून को परिवार ने रुपये वापस करने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। दीन मोहम्मद ने इस मामले में एसएसपी और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, मामले की जांच कराने और अपनी पूरी रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- लिव-इन संबंध का विरोध करने पर एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने माता-पिता और छोटी बहन की हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात में बेटी और उसके प्रेमी ने मिलकर अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।1
- ICOP जर्नलिस्ट / जनता की आवाज के प्रांतीय अध्यक्ष विशाल शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धर्मनगरी कुरुक्षेत्र इस समय एक गंभीर और जानलेवा पर्यावरण संकट से जूझ रही है। शहर के जोहड़ों (तालाबों) की गंदी, जहरीली और सड़ चुकी मिट्टी को अवैध रूप से ओवरलोडेड 75-टायरी व अन्य भारी वाहनों के जरिए 24 घंटे लगातार शहर के बीच से ले जाया जा रहा है। सड़कों पर गिरने वाली यह जहरीली धूल टायरों के माध्यम से उड़कर सीधे आम जनता के फेफड़ों, मुंह, माथे और घरों तक पहुँच रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। सवाल उठाया गया है कि जब शहर में कोई बड़ा निर्माण कार्य नहीं हो रहा, तो यह अवैध 'मिट्टी का बवंडर' किसके इशारे पर और किसके फायदे के लिए चलाया जा रहा है। इस जहरीली और दूषित मिट्टी के निरंतर उड़ने से कुरुक्षेत्र की जनता और आने वाली पीढ़ी (बच्चों) को फेफड़ों के गंभीर रोग जैसे सिलिकोसिस, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और अस्थमा, साथ ही त्वचा व आंखों के गंभीर संक्रमण और कैंसर जैसी घातक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को प्रशासनिक और पुलिस महकमे की अनदेखी, लापरवाही और कथित मिलीभगत का परिणाम बताते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है। इनमें BNS की धारा 270 (सार्वजनिक मार्ग पर उपेक्षापूर्ण कार्य से संकट), धारा 271/272 (जीवन के लिए संकटपूर्ण बीमारी फैलाने का खतरा), और धारा 292 (सार्वजनिक उपद्रव) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 और मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि अवैध व बिना तिरपाल ढके ओवरलोडेड वाहन बेखौफ घूम रहे हैं, जो ट्रैफिक पुलिस की विफलता दर्शाता है। संस्था ने गृह मंत्रालय से सीधे तौर पर कुरुक्षेत्र और करनाल रीजन में चल रहे इस अवैध मिट्टी परिवहन नेटवर्क की उच्च न्यायालय की निगरानी में या एक स्वतंत्र टास्क फोर्स द्वारा तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उन जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित करने की अपील की गई है जिनकी कथित शह पर यह अवैध कारोबार 24 घंटे फल-फूल रहा है। जनता के मानवाधिकारों, विशेषकर 'स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार' (अनुच्छेद 21) की रक्षा पर जोर देते हुए, ICOP जर्नलिस्ट ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आवाज को न्यायालय के दरवाजे तक ले जाया जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'सत्य कड़वा हो सकता है, लेकिन जनता की भलाई के लिए इसे लिखना और दिखाना हमारा कर्तव्य है।'2
- देहरादून के इनामुल्लाह बिल्डिंग क्षेत्र में देर रात पुलिस और स्थानीय व्यापारियों के बीच उस समय तीखी नोकझोंक हुई, जब पुलिस कर्मियों ने व्यापारियों को रात 11 बजे के बाद दुकानें और होटल बंद रखने का निर्देश दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस और व्यापारियों के बीच इस मुद्दे पर काफी देर तक बहस होती रही। इसी दौरान वहाँ मौजूद एक युवक ने पूरी बातचीत का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद युवक ने शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर रात 11 बजे के बाद भी खुले होटलों और दुकानों के वीडियो भी रिकॉर्ड किए और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच देर रात के कारोबार, नियमों के पालन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है। हालांकि, इस वायरल वीडियो को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बिड़ौली/झिंझाना के मेरठ-करनाल नेशनल हाईवे स्थित सींगरा के एकता चौराहे पर कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में एक कैंडल मार्च निकाला गया। बुधवार देर शाम हुए इस कैंडल मार्च में कांग्रेस के तीन दर्जन युवा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के मृतक छात्रों और नीट पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यह कैंडल मार्च आमवाली रोड पर लगभग दो सौ मीटर तक निकाला गया था। कांग्रेस के युवा प्रदेश महासचिव अश्वनी शर्मा ने बताया कि यह कैंडल मार्च कांग्रेस आलाकमान के दिशानिर्देश पर लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि फायर ब्रिगेड की एनओसी के बिना इतना बड़ा संस्थान किसकी सह पर संचालित किया जा रहा था, और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसके संरक्षण में छात्रों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। शर्मा ने नीट पेपर लीक से क्षुब्ध छात्रों की आत्महत्या के मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना अभी पुरानी नहीं हुई है और भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल है, इसलिए शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। जिला उपाध्यक्ष नासिर चौधरी ने देश में बेरोजगारी की दर में भारी उछाल और चरमराई अर्थव्यवस्था का मुद्दा उठाया। वहीं, एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष पीयूष शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में सरकारी संस्थानों का निजीकरण किया जा रहा है और कहा कि जिन युवाओं को 'कॉकरोच' कहकर संबोधित किया गया, वही बदलाव लाने का काम करेंगे। जिला प्रवक्ता जुबैर चौधरी ने सरकार को ब्रिटिश शासन के पदचिन्हों पर चलने वाला बताया, जबकि विशाल तोमर ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सर्विस में तेजी लाने की मांग करते हुए बताया कि लगभग सत्तर प्रतिशत सड़क दुर्घटना में घायल लोग एंबुलेंस के समय से न पहुंचने के कारण जान गंवा देते हैं। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अश्वनी शर्मा, जिला उपाध्यक्ष युवा नासिर चौधरी, जिला प्रवक्ता जुबैर चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष एनएसयूआई पीयूष शर्मा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सचिन चौधरी, विशाल तोमर, संदीप भाटी, जिला सचिव रिजवान मंसूरी, त्रसेम नंदल, पूर्व प्रधान विकास तोमर, वीशू शर्मा, अंशुल कौशिक, अश्वनी कौशिक, राकेश बालियान, आसिफ सलमानी, खालिद मिर्जा, आजाद मंसूरी, शाहिद मिर्जा, वशीम मिर्जा, रामानंद और मंगल कोहली सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। अश्वनी शर्मा के अनुसार, वर्तमान सरकार में बेरोजगारी चरम पर है और युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं है।4
- करनाल जिले में एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई है। यह घटना दो मोटरसाइकिलों के बीच हुई, जिनमें आमने-सामने की टक्कर हो गई।1
- सहारनपुर की कुतुबशेर थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया एक अवैध चाकू भी बरामद किया है। यह मामला 23 जून को ढोलीखाल निवासी सारिक द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर से जुड़ा है। सारिक ने आरोप लगाया था कि सोहराब पुत्र शाहिद, दानिश तोता और जूबी पत्नी सोहराब ने उनके भाई दानिश उर्फ पोंचा और चचेरे भाई अलीशान पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। घायलों की मेडिकल रिपोर्ट के बाद, मुकदमे में आयुध अधिनियम समेत अन्य धाराएं बढ़ाई गईं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन भी किया गया था। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सोहराब को कमेला कॉलोनी स्थित उसके घर से धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि विवाद के बाद उसने चाकू से हमला किया था और वारदात में इस्तेमाल हथियार को दबनी कब्रिस्तान में एक सीमेंट की बेंच के नीचे छिपा दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वह चाकू भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोहराब के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया।1
- एक हादसे के दौरान कुछ टीवी चैनलों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घटनास्थल का दौरा और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई दिखाई गई, लेकिन सोशल मीडिया और जमीनी वीडियो ने एक अलग ही तस्वीर पेश की। इन वीडियो में लोग आग और धुएं से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूदते साफ दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि राहत और बचाव दल समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और मौके पर बुनियादी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी कमी थी। इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि यदि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी, तो लोगों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग क्यों लगानी पड़ी? वहीं, स्थानीय लोगों और घटना में बचे हुए पीड़ितों के बयान भी प्रशासनिक दावों से बिल्कुल अलग हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे समय में मीडिया की भूमिका सिर्फ सरकारी दावों को दिखाने की नहीं, बल्कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जवाबदेही पर सवाल उठाने की होनी चाहिए। पीड़ितों और उनके परिजनों को इस मामले में स्पष्ट जवाब चाहिए, केवल प्रचार नहीं।1
- अंबाला में एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहाँ गलत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार हाइड्रा (क्रेन) ने सामने से आ रहे एक टेंपो ट्रैवलर को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भयावह थी कि टेंपो ट्रैवलर का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।1