सहारनपुर में एक परिवार को रिश्तेदारी के भरोसे पर लाखों रुपये गंवाने पड़े हैं। थाना मंडी क्षेत्र के सराय मर्दान अली निवासी दीन मोहम्मद ने अपने रिश्तेदार पर करीब 82 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, दीन मोहम्मद के पिता की खराब तबीयत के दौरान परिवार ने अपना गोदाम लगभग डेढ़ करोड़ रुपये में बेचा था। इस बिक्री की जानकारी दीन मोहम्मद के चाचा के दामाद को थी, जिसने परिवार का विश्वास जीता और यह कहकर 35 लाख रुपये लिए कि उसका पैसा एक कारोबार में फंसा है और उसे कागजों में दिखाने के लिए इतनी रकम की आवश्यकता है। रिश्तेदारी के चलते परिवार ने यह रकम उसे दे दी। पीड़ित दीन मोहम्मद ने बताया कि इसके बाद आरोपी सलाउद्दीन ने विभिन्न बहानों से लगभग 27 लाख रुपये ऑनलाइन अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। उसने जल्द ही रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी पैसा वापस नहीं किया गया है; दीन मोहम्मद का कहना है कि आरोपी ने केवल लगभग तीन लाख रुपये ही लौटाए हैं। दीन मोहम्मद ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी मां रूखसाना के एचडीएफसी बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जुड़वा ली थी, जिसके बाद इस खाते से भी लगभग 7 लाख रुपये की ऑनलाइन निकासी कर ली गई। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब परिवार बैंक में खाते की जानकारी लेने पहुंचा। पीड़ित के पास आरोपी की व्हाट्सएप चैट भी मौजूद है, जिसमें उसने लगभग 81 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है। दीन मोहम्मद का आरोप है कि जब 15 जून को परिवार ने रुपये वापस करने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। दीन मोहम्मद ने इस मामले में एसएसपी और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, मामले की जांच कराने और अपनी पूरी रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सहारनपुर में एक परिवार को रिश्तेदारी के भरोसे पर लाखों रुपये गंवाने पड़े हैं। थाना मंडी क्षेत्र के सराय मर्दान अली निवासी दीन मोहम्मद ने अपने रिश्तेदार पर करीब 82 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, दीन मोहम्मद के पिता की खराब तबीयत के दौरान परिवार ने अपना गोदाम लगभग डेढ़ करोड़ रुपये में बेचा था। इस बिक्री की जानकारी दीन मोहम्मद के चाचा के दामाद को थी, जिसने परिवार का विश्वास जीता और यह कहकर 35 लाख रुपये लिए कि उसका पैसा एक कारोबार में फंसा है और उसे कागजों में दिखाने के लिए इतनी रकम की आवश्यकता है। रिश्तेदारी के चलते परिवार ने यह रकम उसे दे दी। पीड़ित दीन मोहम्मद ने बताया कि इसके बाद आरोपी सलाउद्दीन ने विभिन्न बहानों से लगभग 27 लाख रुपये ऑनलाइन अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। उसने जल्द ही रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी पैसा वापस नहीं किया गया है; दीन मोहम्मद का कहना है कि आरोपी ने केवल लगभग तीन लाख रुपये ही लौटाए हैं। दीन मोहम्मद ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी मां रूखसाना के एचडीएफसी बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जुड़वा ली थी, जिसके बाद इस खाते से भी लगभग 7 लाख रुपये की ऑनलाइन निकासी कर ली गई। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब परिवार बैंक में खाते की जानकारी लेने पहुंचा। पीड़ित के पास आरोपी की व्हाट्सएप चैट भी मौजूद है, जिसमें उसने लगभग 81 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है। दीन मोहम्मद का आरोप है कि जब 15 जून को परिवार ने रुपये वापस करने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। दीन मोहम्मद ने इस मामले में एसएसपी और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, मामले की जांच कराने और अपनी पूरी रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
- आज चंडीगढ़ के पंजाब किसान भवन में किसान और सामाजिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता सरदार गुरनाम सिंह चढूनी जी ने की, जिसमें कुल 114 किसान और मजदूर संगठनों ने हिस्सा लिया। इन सभी संगठनों ने एकमत से भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही फ्री ट्रेड डील का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया। बैठक में उपस्थित सभी संगठनों ने मिलकर एक मंच पर इस डील के खिलाफ लड़ने की तैयारी जताई। यह भी तय किया गया कि 1 जुलाई को चंडीगढ़ के किसान भवन में एक और बैठक बुलाई जाएगी। इस आगामी बैठक का उद्देश्य उन संगठनों को भी शामिल करना है जो आज उपस्थित नहीं हो पाए, और सभी को एकजुट करके एक बड़े आंदोलन की घोषणा करना है। आज की मीटिंग में मुख्य रूप से सरदार गुरनाम सिंह चढूनी, सरवन सिंह पन्धेर, बलबीर सिंह राजेवाल, उत्तर प्रदेश से वी एम सिंह, केरल से बीजू, अभिमन्यु कोहाट, तथा यमुना नगर जिले से संजू गुंदियाना जैसे प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, ओडिशा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में शिरकत की।2
- यमुनानगर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। ठगों ने मोबाइल सिम का ऐसा खेल किया कि पीड़ित को जरा भी भनक नहीं लगी और उसके बैंक खाते से 95 लाख रुपये से अधिक की रकम गायब हो गई। यह घटना यमुनानगर निवासी निर्देश जैन के साथ हुई, जिनका एयरटेल मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। आरोप है कि इसी नंबर का नया सिम किसी अन्य व्यक्ति ने निकलवा लिया, और चूंकि मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा था, साइबर ठगों ने इसका फायदा उठाकर लाखों रुपये निकाल लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मोबाइल कंपनियों की सिम जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया। जांच अधिकारी विशाल सैनी ने बताया कि निर्देश जैन के नाम पर चल रहे मोबाइल नंबर का नया सिम किसी दूसरे व्यक्ति को कैसे दिया गया, इसकी जांच के लिए एयरटेल कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। पुलिस को आशंका है कि इस ठगी में और भी आरोपी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी के इस युग में, जहां टेक्नोलॉजिया विकास की दौड़ जारी है, घर या बैंक लॉकर तो क्या, बैंक खाते में रखी रकम भी सुरक्षित नहीं है। यह एक गंभीर चेतावनी है कि यदि आपका मोबाइल सिम अचानक बंद हो जाए, तो तुरंत बैंक, मोबाइल कंपनी और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें, क्योंकि एक छोटा सा सिम बदलाव आपके पूरे खाते को खाली कर सकता है। सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।1
- निहंग संगठनों द्वारा उत्तराखंड आने के आह्वान के बाद प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हिमाचल प्रदेश से लगने वाली सीमाओं पर हाई अलर्ट जारी करते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और पुलिस के जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अराजकता या माहौल बिगाड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तराखंड पुलिस प्रमुख ने दृढ़ता से कहा है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शांति भंग करने वाले तत्वों से पूरी सख्ती के साथ निपटा जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पुलिस ने तीन ऐसे पढ़े-लिखे युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने हथियारों की तस्करी का एक गिरोह बनाया था। ये युवक मेरठ से अवैध हथियार सस्ते दामों पर खरीदकर आसपास के जिलों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। पकड़े गए आरोपियों में से एक ने आईटीआई की है, दूसरा बीए पास कर एसएससी की तैयारी कर रहा है, जबकि तीसरे ने 12वीं पास की है। पूछताछ में इन हथियार तस्करों ने बेखौफ होकर कहा कि जब तक अवैध हथियारों की मांग रहेगी, वे उनकी आपूर्ति करते रहेंगे क्योंकि इससे उन्हें अच्छी खासी कमाई होती है। भोपा थाना पुलिस ने बुधवार रात संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग के दौरान ककराला रजवाहे की पुलिया के पास से स्कूटी सवार मेरठ निवासी तीन युवक रोहित, निखिल और विकास भाटी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से दस अवैध तमंचे, पंद्रह जिंदा कारतूस और एक स्कूटी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, ये आरोपी मेरठ से एक तमंचा ₹5,000 में खरीदकर ₹7,000 में बेचते थे। एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाड़िक ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई वाहन चेकिंग के दौरान ये गिरफ्तारियां हुईं और इन तीनों आरोपियों पर सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेजेस की गहनता से जांच की जा रही है तथा इसमें आगे जो भी लोग शामिल होंगे, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। इन आरोपियों का अभी तक कोई आपराधिक इतिहास संज्ञान में नहीं आया है, इनकी उम्र 19 साल और 21 साल है और ये कॉलेज में पढ़ाई भी करते थे। एक अन्य घटनाक्रम में, मुजफ्फरनगर पुलिस की एक मानवीय तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है। पुलिस ने बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए 12 मजदूरों और उनके परिजनों के लिए थाना परिसर में एक दावत का आयोजन कर इंसानियत की मिसाल पेश की। यह घटना दो दिन पहले की है, जब तितावी थाना क्षेत्र की एक दोना-पत्तल फैक्ट्री से इन 12 मजदूरों को बंधन मुक्त कराया गया था। नेपाल, बिहार, उत्तराखंड और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से अपने परिजनों को लेने पहुंचे परिवारों की वर्षों बाद हुई मुलाकात पर कई आंखें नम हो गईं। इस भावुक पल में मुजफ्फरनगर पुलिस ने न सिर्फ कानून का फर्ज निभाया, बल्कि परिवार का दायित्व भी निभाया। थाना परिसर में महिला पुलिसकर्मियों ने स्वयं रसोई संभाली और कचौरी व स्वादिष्ट पकवान बनाए। क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी स्वयं अपने हाथों से मजदूरों और उनके परिजनों को भोजन परोसते दिखे। कई मजदूरों ने बताया कि उन्हें वर्षों बाद इतना सम्मान और अपनापन मिला है। उनके लिए यह भोजन सिर्फ खाना नहीं, बल्कि आजादी, सम्मान और नए जीवन का उत्सव था। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और मुजफ्फरनगर पुलिस का आभार जताते हुए जयकारे लगाए। पुलिस ने उनके रहने, खाने और सुरक्षित घर वापसी तक की पूरी व्यवस्था की है। आलाधिकारियों के अनुसार, भारत सरकार की तरफ से इन सभी बंधन मुक्त कराए गए मजदूरों को तत्काल ₹30,000 दिए जा रहे हैं। केस की विवेचना पूरी होने पर नाबालिग मजदूरों को ₹2 लाख और अन्य मजदूरों को ₹1 लाख मुआवजे की धनराशि दी जाएगी। सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह ने बताया कि 22 तारीख को तितावी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर दिन-रात काम लिया जा रहा है, उन्हें यातनाएं दी जा रही हैं और वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों, जिलाधिकारी, कमिश्नर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सूचित किया। टीमों का गठन कर एसपीआरए और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां 12 लोगों को बंधुआ मजदूर पाया गया। जांच के बाद दो लोगों, शिवा त्यागी और अंकित बालियान के पिता को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अंकित बालियान अभी फरार है जिसकी तलाश में टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील भी की कि किसी अनजान व्यक्ति पर विश्वास न करें और नौकरी से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें ताकि ऐसे बंधक बनने से बच सकें।4
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बिड़ौली/झिंझाना के मेरठ-करनाल नेशनल हाईवे स्थित सींगरा के एकता चौराहे पर कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में एक कैंडल मार्च निकाला गया। बुधवार देर शाम हुए इस कैंडल मार्च में कांग्रेस के तीन दर्जन युवा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के मृतक छात्रों और नीट पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यह कैंडल मार्च आमवाली रोड पर लगभग दो सौ मीटर तक निकाला गया था। कांग्रेस के युवा प्रदेश महासचिव अश्वनी शर्मा ने बताया कि यह कैंडल मार्च कांग्रेस आलाकमान के दिशानिर्देश पर लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि फायर ब्रिगेड की एनओसी के बिना इतना बड़ा संस्थान किसकी सह पर संचालित किया जा रहा था, और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसके संरक्षण में छात्रों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। शर्मा ने नीट पेपर लीक से क्षुब्ध छात्रों की आत्महत्या के मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना अभी पुरानी नहीं हुई है और भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल है, इसलिए शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। जिला उपाध्यक्ष नासिर चौधरी ने देश में बेरोजगारी की दर में भारी उछाल और चरमराई अर्थव्यवस्था का मुद्दा उठाया। वहीं, एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष पीयूष शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में सरकारी संस्थानों का निजीकरण किया जा रहा है और कहा कि जिन युवाओं को 'कॉकरोच' कहकर संबोधित किया गया, वही बदलाव लाने का काम करेंगे। जिला प्रवक्ता जुबैर चौधरी ने सरकार को ब्रिटिश शासन के पदचिन्हों पर चलने वाला बताया, जबकि विशाल तोमर ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सर्विस में तेजी लाने की मांग करते हुए बताया कि लगभग सत्तर प्रतिशत सड़क दुर्घटना में घायल लोग एंबुलेंस के समय से न पहुंचने के कारण जान गंवा देते हैं। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अश्वनी शर्मा, जिला उपाध्यक्ष युवा नासिर चौधरी, जिला प्रवक्ता जुबैर चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष एनएसयूआई पीयूष शर्मा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सचिन चौधरी, विशाल तोमर, संदीप भाटी, जिला सचिव रिजवान मंसूरी, त्रसेम नंदल, पूर्व प्रधान विकास तोमर, वीशू शर्मा, अंशुल कौशिक, अश्वनी कौशिक, राकेश बालियान, आसिफ सलमानी, खालिद मिर्जा, आजाद मंसूरी, शाहिद मिर्जा, वशीम मिर्जा, रामानंद और मंगल कोहली सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। अश्वनी शर्मा के अनुसार, वर्तमान सरकार में बेरोजगारी चरम पर है और युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं है।4
- उत्तराखंड सरकार मानसून के मद्देनज़र पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को मानसून आने से पहले ही आवश्यक तैयारियां पूरी करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से सिंचाई, लोक निर्माण, विद्युत और पेयजल विभागों को इस दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात करने की तैयारी भी की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को रिस्पांस टाइम को न्यूनतम रखने के लिए भी निर्देशित किया है, ताकि आपातकालीन स्थितियों में समय पर और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दी जा सके।1
- मुजफ्फरनगर जनपद में अपराध और अवैध शस्त्र तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान `#ऑपरेशन_अवैध_तमंचा` के तहत भोपा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अवैध शस्त्रों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से कुल 10 अवैध तमंचे और 15 जिंदा कारतूस .315 बोर बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त कर क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही, यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद हथियार कहां से लाए गए थे और किन लोगों को इनकी सप्लाई की जानी थी। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- मुजफ्फरनगर के भोपा थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से 10 अवैध तमंचे और 15 जिंदा कारतूस (.315 बोर) बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री में सक्रिय थे। मामले में आगे की जांच और पूछताछ जारी है, और मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।1
- मुजफ्फरनगर में कचहरी गेट पर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जहाँ छपार थाना क्षेत्र के एक गाँव की रहने वाली एक महिला और उसके परिजनों के साथ कथित तौर पर ससुराल पक्ष के लोगों ने मारपीट की। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष किसी कानूनी कार्यवाही के संबंध में कचहरी पहुँचे थे। वहाँ दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई और फिर मारपीट शुरू हो गई। इस घटना से कचहरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की माँग की है, जिसके बाद पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।2