जालौन। 22 फुटा हनुमान मंदिर पर धार्मिक आयोजन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में हनुमान जी का गुणगान किया। भजन-कीर्तन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और 22 फुटा हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में धार्मिक आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। जालौन। 22 फुटा हनुमान मंदिर पर धार्मिक आयोजन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में हनुमान जी का गुणगान किया। भजन-कीर्तन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और 22 फुटा हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में धार्मिक आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
जालौन। 22 फुटा हनुमान मंदिर पर धार्मिक आयोजन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में हनुमान जी का गुणगान किया। भजन-कीर्तन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और 22 फुटा हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में धार्मिक आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। जालौन। 22 फुटा हनुमान मंदिर पर धार्मिक आयोजन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में हनुमान जी का गुणगान किया। भजन-कीर्तन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और 22 फुटा हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में धार्मिक आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
- लखनऊ - उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पारंपरिक कला से मजबूत हो रही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कलाएं अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पीढ़ियों से चली आ रही हस्तशिल्प, हथकरघा, लोककला और पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिलने से स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश की पहचान देश-विदेश में अपनी विविध लोककलाओं और हस्तशिल्प के लिए रही है। बनारसी वस्त्र, चिकनकारी, जरी-जरदोजी, पीतल शिल्प, कालीन, काष्ठ कला, मिट्टी के उत्पाद और अन्य पारंपरिक कलाएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करती हैं। इन कलाओं से जुड़े कारीगर अपने हुनर के माध्यम से न केवल संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं। पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और कारीगरों को व्यापक बाजार से जोड़ने पर जोर दिए जाने से ग्रामीण एवं छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिल रहा है। डिजिटल माध्यमों और ऑनलाइन बाजार के विस्तार से स्थानीय उत्पादों को प्रदेश के बाहर और देश-विदेश तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब स्थानीय हुनर को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और उचित प्रशिक्षण का सहयोग मिलता है, तो पारंपरिक कला केवल विरासत नहीं रहती, बल्कि आय और रोजगार का प्रभावी माध्यम बन जाती है। यही बदलाव आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आर्थिक अवसरों से जोड़ना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खोल सकता है। इस तरह प्रदेश की कला, संस्कृति और कारीगरों का हुनर ‘विरासत से विकास और हुनर से आत्मनिर्भरता’ की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।1
- राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग इंटर्न छात्रों का कार्य बहिष्कार और हड़ताल दूसरे दिन भी जारी। उरई (जालौन) ➡️ राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग इंटर्न छात्रों का कार्य बहिष्कार और हड़ताल दूसरे दिन भी जारी। ➡️ पोस्टर-बैनर लेकर कॉलेज परिसर में धरने पर बैठे छात्र; मेडिकल प्रशासन के खिलाफ की उग्र नारेबाजी। ➡️ नर्सिंग छात्रों का गंभीर आरोप— "अस्पताल व कॉलेज प्रशासन एमबीबीएस छात्रों को बचाने का कर रहा प्रयास!" ➡️ एमबीबीएस इंटर्न छात्रों पर मारपीट और अभद्रता का आरोप; नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा बुरा असर। ➡️ मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात; आला अधिकारियों की दखल के बाद भी गतिरोध बरकरार।1
- जालौन के हथेरी गांव में अजगर निकलने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने वन विभाग को दी सूचना!! जालौन। ग्राम हथेरी में मंगलवार को अजगर सांप निकलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अजगर दिखाई देने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंचे रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से अजगर को पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के मौसम में सांप और अन्य वन्यजीव भोजन की तलाश में गांव और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं, जिससे लोगों में भय बना हुआ है। रेस्क्यू टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल संबंधित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।1
- कोंच,पंचमुखी हनुमान मंदिर में गूंजे भजनों के सुर, एसडीएम-सीओ रहे मौजूद जालौन के कोंच नगर में बुढ़वा मंगल के अवसर पर उरई रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में मंगलवार की देर रात भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। रात करीब 9:30 बजे शुरू हुआ कार्यक्रम मध्यरात्रि एक बजे तक चला। भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और देर रात तक भक्तिमय वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से हुआ। इसके बाद कलाकारों ने गणेश वंदना की प्रस्तुति दी। राजीव दुबे म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। भजन संध्या के दौरान कलाकारों ने भगवान हनुमान से जुड़े भजनों के साथ शिव तांडव की प्रस्तुति भी दी। इसके अलावा भगवान गणेश की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई। धार्मिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। देर रात तक लोग भजनों और धार्मिक प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एसडीएम अभिनव कुमार और सीओ परमेश्वर प्रसाद ने किया। दोनों अधिकारियों ने भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आयोजन में मौजूद श्रद्धालुओं को बुढ़वा मंगल की शुभकामनाएं दीं। आयोजन को सफल बनाने में कुलदीप दुबे, संदीप दुबे, साकेत शांडिल्य, अमन सक्सेना, राजा तिवारी, अजय तिवारी, सोनू, अंश समेत अन्य लोगों का सहयोग रहा। भजन संध्या के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रही। बुढ़वा मंगल पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने देर रात तक भक्ति संगीत का आनंद लिया।1
- औरैया सरैया व देवरपुर की जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर RLD प्रतिनिधिमंडल ने SDM से की मुलाकात औरैया। जनपद में जर्जर सड़कों और आमजन की गंभीर समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय लोकदल औरैया के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष सागर शुक्ला एडवोकेट के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी औरैया से मुलाकात कर लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने सरैया मार्ग की अत्यंत खराब स्थिति, गहरे गड्ढों तथा मार्ग पर संभावित अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। शव को घर ले जाने के अंतिम सफर में भी सड़क ने नहीं दिया साथ, प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में सामने आई एक अत्यंत हृदयविदारक घटना से उपजिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया। फफूंद निवासी श्री योगेश तिवारी जी के भाई का कानपुर कार्डियोलॉजी में निधन हो गया था। परिवार पहले ही अपने प्रियजन को खोने के गहरे दुख में था। परिजन कानपुर से शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए घर लौट रहे थे। लेकिन सरैया के पास सड़क के गहरे गड्ढे में शव वाहन फंस गया। परिजनों और आसपास के लोगों ने वाहन को निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन खराब सड़क के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ सका। परिस्थिति ऐसी बनी कि परिवार को अपने मृत परिजन को घर तक ले जाने के लिए फफूंद से लोडर मंगवाना पड़ा और शव को दूसरे वाहन में स्थानांतरित करना पड़ा। यह दृश्य केवल सड़क की बदहाली नहीं, बल्कि उस परिवार की पीड़ा को दर्शाता है, जिसे अपने प्रियजन की मृत्यु के दुख के बीच अंतिम यात्रा में भी सड़क की बदहाल व्यवस्था का सामना करना पड़ा। RLD जिलाध्यक्ष सागर शुक्ला एडवोकेट ने कहा कि यदि किसी शव वाहन को भी सड़क के गड्ढों के कारण रास्ते में रुकना पड़े और परिवार को शव दूसरे वाहन में स्थानांतरित करना पड़े, तो यह स्थिति निश्चित रूप से गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस, स्कूली छात्राओं, व्यापारियों, अधिवक्ताओं और आम राहगीरों को भी इस मार्ग की बदहाली के कारण लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सड़क की तत्काल मरम्मत जनहित में अत्यंत आवश्यक है। देवरपुर की सड़क की समस्या भी उठाई, प्रतिनिधिमंडल ने देवरपुर गांव की पूर्ण रूप से खराब सड़क की समस्या भी उपजिलाधिकारी महोदय के समक्ष रखी। दोनों स्थानों पर स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कराने तथा मार्ग पर जहां भी सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण पाया जाए, वहां नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उपजिलाधिकारी महोदय ने प्रकरण का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। राष्ट्रीय लोकदल ने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग द्वारा शीघ्र स्थलीय कार्रवाई कर सरैया एवं देवरपुर क्षेत्र के लोगों को राहत प्रदान की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में जिला महामंत्री एडवोकेट गोपाल दास सर्राफ, वरिष्ठ अधिवक्ता एड गोपाल स्वरूप गांधी, एड मुकेश सविता, एड मनीष गौतम, जिला सचिव जुनैद खान, एड दुर्गेश तिवारी, प्राशू पाठक, मनीष कुमार, जिला महासचिव कासिम खान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- औरैया जिले में दो दिवसीय राज्य स्तरीय दंगल का शानदार शुरुआत औरैया जिले में दो दिवसीय राज्य स्तरीय दंगल का शानदार आगाज़, पहले दिन जावेद गनी विजयी औरैया के अजीतमल तहसील स्थित ग्राम बिरुहूँनी के शिव मंदिर परिसर में महादेव दंगल कमेटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय दंगल का पहले दिन शानदार आगाज़ हुआ। पहले दिन अखाड़े में कुश्ती प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दंगल में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से चालीस से अधिक पहलवान पहुंचे। भूरा क्योंतरा, बेगू शेरपुर, कोसेंद्र कानपुर, काला बाराबंकी, कोमल हरियाणा और आलम पंजाब जैसे नामी पहलवानों ने अपने दांव-पेंच से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। पहले दिन दो बड़े मुकाबले खास आकर्षण रहे। सबसे बड़ी कुश्ती गोरखपुर के आशीष पहलवान और जम्मू-कश्मीर के जावेद गनी के बीच हुई, जिसमें जावेद गनी विजयी रहे और इक्यासी हजार रुपये का इनाम जीता। दूसरी बड़ी कुश्ती कानपुर के अवनायक और उत्तराखंड के साबिर अली के बीच हुई, जिसमें अवनायक विजयी रहे। कमेटी की ओर से उन्हें होंडा बाइक और इक्यावन हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया गया। यह आयोजन स्वर्गीय लालजीत पहलवान राजापुर-दीघार की स्मृति में कराया जा रहा है। दंगल का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख रजनीश पांडेय ने किया। इस अवसर पर ऋतुराज दुबे, लव तिवारी, पूर्व अध्यक्ष अटसू स्वदेश प्रकाश पोरवाल सहित कमेटी के संरक्षक चंद्रहास पांडेय, अध्यक्ष पवन ठाकुर और प्रधान अवनीश पाल आदि मौजूद रहे।1
- तालाब में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत, किनारे बसे परिवारों को सता रहा हादसे का डर जालौन। तहसील क्षेत्र के हथना गांव में उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब गांव के तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया। तालाब के किनारे कई परिवार रहते हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के आसपास परिवारों की आवाजाही रहती है और बच्चे भी अक्सर आसपास खेलते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द ठोस कदम उठाकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान आशीष पांचाल का कहना है कि तालाब को खाली कराने के संबंध में अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं वन विभाग के रेंजर कोमल सिंह के मुताबिक तालाब काफी बड़ा है और पानी खाली होने के बाद ही मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सकेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए कब तक ठोस कदम उठाता है और तालाब में मौजूद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कराया जाता है तालाब में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत, किनारे बसे परिवारों को सता रहा हादसे का डर जालौन। तहसील क्षेत्र के हथना गांव में उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब गांव के तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया। तालाब के किनारे कई परिवार रहते हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के आसपास परिवारों की आवाजाही रहती है और बच्चे भी अक्सर आसपास खेलते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द ठोस कदम उठाकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान आशीष पांचाल का कहना है कि तालाब को खाली कराने के संबंध में अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं वन विभाग के रेंजर कोमल सिंह के मुताबिक तालाब काफी बड़ा है और पानी खाली होने के बाद ही मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सकेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए कब तक ठोस कदम उठाता है और तालाब में मौजूद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कराया जाता है1
- झींझक कस्बे में छत से गिरकर युवक की मौत, शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम झींझक कस्बे में छत से गिरकर युवक की मौत, शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे के अब्दुल कलाम नगर मोहल्ले में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में छत से गिरकर 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक रात में लघुशंका के लिए उठा था। इसी दौरान आंगन में जाल न होने के कारण वह छत से नीचे जा गिरा। गंभीर हालत में परिजन उसे उपचार के लिए कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बुधवार दोपहर करीब दो बजे शव घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। अब्दुल कलाम नगर निवासी राजेश (30) पुत्र स्व. महावीर पुताई का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मृतक के भाई साजन ने बताया कि मंगलवार रात राजेश घर की छत पर सो रहा था। देर रात वह लघुशंका के लिए उठा। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे आंगन में जा गिरा। हादसे में राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए कानपुर लेकर जा रहे थे। रास्ते में उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। बुधवार दोपहर करीब दो बजे शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी आशा देवी, मां कलावती और दोनों बेटियां सेजल (11) व काजल (5) शव से लिपटकर रोने लगीं। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। राजेश की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर का कमाने वाला सदस्य चले जाने से पत्नी और मासूम बेटियों के सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट भी खड़ा हो गया है। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल बना हुआ है।1
- खबर कानपुर देहात पत्रकार इकबाल अहमद पिता पर पुत्र को पत्थर से कुचलकर हत्या करने का आरोप, इलाज के दौरान 25 वर्षीय युवक की मौत खबर कानपुर देहात पत्रकार इकबाल अहमद पिता पर पुत्र को पत्थर से कुचलकर हत्या करने का आरोप, इलाज के दौरान 25 वर्षीय युवक की मौत सिकंदरा, कानपुर देहात। सिकंदरा थाना क्षेत्र की रसधान चौकी अंतर्गत चितवाखेड़ा गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक पिता पर अपने ही 25 वर्षीय पुत्र पर पत्थर से हमला करने का आरोप लगा है। गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान अभिषेक कुशवाहा (25) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, घटना के समय अभिषेक घर पर सो रहा था। मृतक की बहन ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसके पिता रामजीवन कुशवाहा ने पत्थर से अभिषेक पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन आनन-फानन में घायल अभिषेक को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस घटना के कारणों और आरोपी की भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि तहरीर और जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है।3