मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल अंतर्गत ग्वालपाड़ा प्रखंड के झलाड़ी गांव में शुक्रवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस आयोजन के पहले दिन 2100 कलशों के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। यह यात्रा कथा स्थल से शुरू होकर झलाड़ी, गंगौरा और उदा चौक से होते हुए पुनः यज्ञ स्थल पर संपन्न हुई। इस दौरान पूरा मार्ग भजन-कीर्तन, बैंड-बाजे और जयघोष से भक्तिमय बना रहा, जबकि स्थानीय स्तर पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शरबत और नींबू पानी की व्यवस्था की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक एवं संचालक आशुतोष महाराज के शिष्य बिहार-झारखंड प्रभारी स्वामी यादवेंद्रानंद और वाईपीएसएस संयोजक स्वामी सुकर्मानंद के नेतृत्व में पंडित अमरजीत द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सैकड़ों सेवादार तैनात किए गए हैं। आयोजन में बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिनकी सुविधा के लिए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, सीसीटीवी और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आयोजन की सफलता में स्वामी सुकर्मानंद, संजय सिंह और शंकर समेत अन्य सेवादार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कथा के पहले दिन आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुश्री मेरूदेवा भारती ने संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन में नवचेतना जगाने का माध्यम है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को आध्यात्मिकता पर आधारित बताते हुए कहा कि वेद, पुराण और उपनिषद ही जीवन को सही दिशा दिखाते हैं। साध्वी ने श्रीकृष्ण को भक्ति और शक्ति का संगम तथा महादेव को वैराग्य और योग का अधिष्ठाता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समाज में बढ़ रही हिंसा और वैमनस्य का मुख्य कारण कृष्ण तत्व से दूरी है, और यह कथा मानव जीवन में शिव और कृष्ण तत्व को जागृत करने का कार्य करती है। पहले दिन की समाप्ति पर प्रभु की आरती की गई।
मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल अंतर्गत ग्वालपाड़ा प्रखंड के झलाड़ी गांव में शुक्रवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस आयोजन के पहले दिन 2100 कलशों के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। यह यात्रा कथा स्थल से शुरू होकर झलाड़ी, गंगौरा और उदा चौक से होते हुए पुनः यज्ञ स्थल पर संपन्न हुई। इस दौरान पूरा मार्ग भजन-कीर्तन, बैंड-बाजे और जयघोष से भक्तिमय बना रहा,
जबकि स्थानीय स्तर पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शरबत और नींबू पानी की व्यवस्था की गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक एवं संचालक आशुतोष महाराज के शिष्य बिहार-झारखंड प्रभारी स्वामी यादवेंद्रानंद और वाईपीएसएस संयोजक स्वामी सुकर्मानंद के नेतृत्व में पंडित अमरजीत द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सैकड़ों सेवादार तैनात किए गए हैं। आयोजन में बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं,
जिनकी सुविधा के लिए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, सीसीटीवी और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आयोजन की सफलता में स्वामी सुकर्मानंद, संजय सिंह और शंकर समेत अन्य सेवादार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कथा के पहले दिन आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुश्री मेरूदेवा भारती ने संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन में नवचेतना जगाने का माध्यम है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को आध्यात्मिकता पर आधारित बताते हुए कहा कि वेद, पुराण और
उपनिषद ही जीवन को सही दिशा दिखाते हैं। साध्वी ने श्रीकृष्ण को भक्ति और शक्ति का संगम तथा महादेव को वैराग्य और योग का अधिष्ठाता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समाज में बढ़ रही हिंसा और वैमनस्य का मुख्य कारण कृष्ण तत्व से दूरी है, और यह कथा मानव जीवन में शिव और कृष्ण तत्व को जागृत करने का कार्य करती है। पहले दिन की समाप्ति पर प्रभु की आरती की गई।
- मधेपुरा के मुरलीगंज अंतर्गत गोपालपुर नहरपुर के वार्ड नंबर 9 में स्थिति बेहद खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क और क्षेत्र की हालत इतनी दयनीय है कि लोगों को पैदल चलने में भी भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता में काफी आक्रोश है। निवासियों का आरोप है कि यहाँ के मुखिया और सरपंच स्थिति का जायजा लेने के लिए सुध लेने तक नहीं आते हैं। परेशान ग्रामीण अब अपनी राय और विरोध सार्वजनिक मंचों के जरिए साझा कर रहे हैं।1
- बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी परिसर में शराब पीने का गंभीर मामला सामने आया है। चौसा बीआरसी (BRC) भवन के भीतर शराब पीने की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के बाद दो शिक्षकों और एक डेटा ऑपरेटर के शराब पीने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उत्पाद विभाग की सूचना पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया बासा के प्रधान शिक्षक कुंदन कुमार, एनपीएस नरघू टोला के विशिष्ट शिक्षक राधेश्याम पासवान और डेटा ऑपरेटर अरविंद कुमार शामिल हैं। थाने में ब्रेथ एनालाइजर से की गई जांच में इन तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई, जबकि एक अन्य शिक्षक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत इस छापेमारी को अंजाम दिया था। मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने चौसा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि डेटा ऑपरेटर को विभागीय कार्रवाई कर टर्मिनेट करने की बात कही है। निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र कुमारखंड तय किया गया है, जहां उन्हें रोजाना बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इसी के सत्यापन के बाद ही जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीआरसी परिसर में ही शिक्षकों के प्रशिक्षण, बैठकों और शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा होती है। ऐसे गरिमामय सरकारी परिसर में शराब पीने का यह आरोप पूरी शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और सवाल गूंज रहा है कि क्या सरकारी दफ्तर भी शराबबंदी कानून से अछूते हैं?2
- सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में शादी में हुई मारपीट के बाद पीड़ित परिवार गमगीन है। इस घटना के बाद अब परिवार को अपने बेटे और बहू के घर पहुंचने का इंतजार है।1
- 🇨🇮🇨🇮😍👌♥️✅1
- भागलपुर जिले के नवगछिया स्थित मकनपुर चौक पर एक बार फिर बुलडोजर चला है। स्थानीय स्तर पर हुई इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अतिक्रमण हटाने या निर्माण गिराने की प्रक्रिया को देखा जा सकता है।1
- सहरसा से पूर्णिया जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित बैजनाथ पुर चौक वर्षों से एक बड़ी समस्या का केंद्र बना हुआ है। सड़क निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने के कारण स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सड़क मार्ग का निर्माण अधूरा रहने के कारण थोड़ी सी बारिश होते ही यह इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोग लंबे समय से इस जर्जर और अधूरी सड़क से निजात पाने का इंतजार कर रहे हैं।1
- सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत देहद पंचायत के वार्ड संख्या-1 में शुक्रवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक 10 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान दमहा मुशहरी निवासी वीरवल सादा के पुत्र विशाल कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, घटना के समय विशाल घर के समीप खड़ा था, तभी अचानक वह वज्रपात की चपेट में आ गया। तेज झटके के कारण बालक जमीन पर गिर पड़ा और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया समेत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित नगर पंचायत सोनबरसा के वार्ड संख्या 6 में शुक्रवार सुबह 34 वर्षीय रूपेश साह का शव उनके घर के दरवाजे पर संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और मृतक के परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है। पत्नी पूनम देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन पुत्रों को छोड़ गए हैं। परिजनों के अनुसार, रूपेश साह गुरुवार की शाम सलखुआ थाना क्षेत्र के हेरपुर गांव में आयोजित एक भोज में शामिल होने गए थे, जिसके बाद शुक्रवार सुबह उनका शव घर के बाहर पड़ा मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा स्थित सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और परिजनों में शोक का माहौल है।1