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मधेपुरा के मुरलीगंज अंतर्गत गोपालपुर नहरपुर के वार्ड नंबर 9 में स्थिति बेहद खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क और क्षेत्र की हालत इतनी दयनीय है कि लोगों को पैदल चलने में भी भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता में काफी आक्रोश है। निवासियों का आरोप है कि यहाँ के मुखिया और सरपंच स्थिति का जायजा लेने के लिए सुध लेने तक नहीं आते हैं। परेशान ग्रामीण अब अपनी राय और विरोध सार्वजनिक मंचों के जरिए साझा कर रहे हैं।

13 hrs ago
user_Rahamat Barkat 1
Rahamat Barkat 1
Mechanic मुरलीगंज, मधेपुरा, बिहार•
13 hrs ago

मधेपुरा के मुरलीगंज अंतर्गत गोपालपुर नहरपुर के वार्ड नंबर 9 में स्थिति बेहद खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क और क्षेत्र की हालत इतनी दयनीय है कि लोगों को पैदल चलने में भी भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता में काफी आक्रोश है। निवासियों का आरोप है कि यहाँ के मुखिया और सरपंच स्थिति का जायजा लेने के लिए सुध लेने तक नहीं आते हैं। परेशान ग्रामीण अब अपनी राय और विरोध सार्वजनिक मंचों के जरिए साझा कर रहे हैं।

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  • मधेपुरा के मुरलीगंज अंतर्गत गोपालपुर नहरपुर के वार्ड नंबर 9 में स्थिति बेहद खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क और क्षेत्र की हालत इतनी दयनीय है कि लोगों को पैदल चलने में भी भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता में काफी आक्रोश है। निवासियों का आरोप है कि यहाँ के मुखिया और सरपंच स्थिति का जायजा लेने के लिए सुध लेने तक नहीं आते हैं। परेशान ग्रामीण अब अपनी राय और विरोध सार्वजनिक मंचों के जरिए साझा कर रहे हैं।
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    मधेपुरा के मुरलीगंज अंतर्गत गोपालपुर नहरपुर के वार्ड नंबर 9 में स्थिति बेहद खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क और क्षेत्र की हालत इतनी दयनीय है कि लोगों को पैदल चलने में भी भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

इस बदहाली को लेकर स्थानीय जनता में काफी आक्रोश है। निवासियों का आरोप है कि यहाँ के मुखिया और सरपंच स्थिति का जायजा लेने के लिए सुध लेने तक नहीं आते हैं। परेशान ग्रामीण अब अपनी राय और विरोध सार्वजनिक मंचों के जरिए साझा कर रहे हैं।
    user_Rahamat Barkat 1
    Rahamat Barkat 1
    Mechanic मुरलीगंज, मधेपुरा, बिहार•
    13 hrs ago
  • मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड में बारिश की कमी और उमस भरी गर्मी के कारण धान की रोपाई का काम बेहद सुस्त पड़ा है। अब तक क्षेत्र के मात्र 29 प्रतिशत खेतों में ही रोपाई हो पाई है, जबकि इस समय तक 50 से 60 प्रतिशत काम पूरा हो जाना चाहिए था। जलस्तर में निरंतर गिरावट के चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे मजबूरन किसानों को मोटर और डीजल पंप सेट का सहारा लेना पड़ रहा है, जो उनके लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। कृषि विभाग के बीएओ दीपक कुमार और कृषि कोर्डिनेटर सुमन सौरभ के अनुसार, प्रखंड में धान रोपाई का लक्ष्य 13,999 हेक्टेयर भूमि है, लेकिन मानसून की बेरुखी ने स्थिति कठिन कर दी है। किसानों की परेशानी तब और बढ़ गई है क्योंकि सरकार ने अभी तक डीजल अनुदान की घोषणा नहीं की है। साथ ही, नहरों में पानी का अभाव है और कृषि फीडर से हर जगह बिजली की आपूर्ति न होने के कारण भी किसान सिंचाई के वैकल्पिक संसाधनों से वंचित हैं। धान उत्पादक किसान अब मानसून के बदले रुख को लेकर आशंकित हैं क्योंकि धान की बेहतर रोपाई के लिए 15 से 20 जुलाई का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस संकट को लेकर राजद अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, प्रो. वेदप्रकाश रिंकू, सीपीआईएम अंचल मंत्री ललन कुमार यादव, किसान नेता जगरनाथ झा, पन्नालाल यादव, भोला यादव, परशुराम तिवारी और जनसुराज पार्टी के नेता राजेश झा सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को पटवन के लिए राशि मुहैया कराई जाए और सरकारी नलकूपों व बिजली कनेक्शन व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।
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    मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड में बारिश की कमी और उमस भरी गर्मी के कारण धान की रोपाई का काम बेहद सुस्त पड़ा है। अब तक क्षेत्र के मात्र 29 प्रतिशत खेतों में ही रोपाई हो पाई है, जबकि इस समय तक 50 से 60 प्रतिशत काम पूरा हो जाना चाहिए था। जलस्तर में निरंतर गिरावट के चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे मजबूरन किसानों को मोटर और डीजल पंप सेट का सहारा लेना पड़ रहा है, जो उनके लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। कृषि विभाग के बीएओ दीपक कुमार और कृषि कोर्डिनेटर सुमन सौरभ के अनुसार, प्रखंड में धान रोपाई का लक्ष्य 13,999 हेक्टेयर भूमि है, लेकिन मानसून की बेरुखी ने स्थिति कठिन कर दी है।

किसानों की परेशानी तब और बढ़ गई है क्योंकि सरकार ने अभी तक डीजल अनुदान की घोषणा नहीं की है। साथ ही, नहरों में पानी का अभाव है और कृषि फीडर से हर जगह बिजली की आपूर्ति न होने के कारण भी किसान सिंचाई के वैकल्पिक संसाधनों से वंचित हैं। धान उत्पादक किसान अब मानसून के बदले रुख को लेकर आशंकित हैं क्योंकि धान की बेहतर रोपाई के लिए 15 से 20 जुलाई का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

इस संकट को लेकर राजद अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, प्रो. वेदप्रकाश रिंकू, सीपीआईएम अंचल मंत्री ललन कुमार यादव, किसान नेता जगरनाथ झा, पन्नालाल यादव, भोला यादव, परशुराम तिवारी और जनसुराज पार्टी के नेता राजेश झा सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को पटवन के लिए राशि मुहैया कराई जाए और सरकारी नलकूपों व बिजली कनेक्शन व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।
    user_Ashish Thakur
    Ashish Thakur
    कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    14 hrs ago
  • मधेपुरा के सिंहेश्वर बाजार का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को साझा करते हुए दर्शकों से पूछा गया है कि क्या आप लोगों को पता है कि यह वीडियो कहाँ का है, और इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि यह वीडियो सिंहेश्वर बाजार का ही है।
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    मधेपुरा के सिंहेश्वर बाजार का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को साझा करते हुए दर्शकों से पूछा गया है कि क्या आप लोगों को पता है कि यह वीडियो कहाँ का है, और इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि यह वीडियो सिंहेश्वर बाजार का ही है।
    user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    Graphic designer त्रिवेणीगंज, सुपौल, बिहार•
    1 hr ago
  • बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी परिसर में शराब पीने का गंभीर मामला सामने आया है। चौसा बीआरसी (BRC) भवन के भीतर शराब पीने की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के बाद दो शिक्षकों और एक डेटा ऑपरेटर के शराब पीने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उत्पाद विभाग की सूचना पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया बासा के प्रधान शिक्षक कुंदन कुमार, एनपीएस नरघू टोला के विशिष्ट शिक्षक राधेश्याम पासवान और डेटा ऑपरेटर अरविंद कुमार शामिल हैं। थाने में ब्रेथ एनालाइजर से की गई जांच में इन तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई, जबकि एक अन्य शिक्षक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत इस छापेमारी को अंजाम दिया था। मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने चौसा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि डेटा ऑपरेटर को विभागीय कार्रवाई कर टर्मिनेट करने की बात कही है। निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र कुमारखंड तय किया गया है, जहां उन्हें रोजाना बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इसी के सत्यापन के बाद ही जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीआरसी परिसर में ही शिक्षकों के प्रशिक्षण, बैठकों और शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा होती है। ऐसे गरिमामय सरकारी परिसर में शराब पीने का यह आरोप पूरी शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और सवाल गूंज रहा है कि क्या सरकारी दफ्तर भी शराबबंदी कानून से अछूते हैं?
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    बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी परिसर में शराब पीने का गंभीर मामला सामने आया है। चौसा बीआरसी (BRC) भवन के भीतर शराब पीने की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के बाद दो शिक्षकों और एक डेटा ऑपरेटर के शराब पीने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

उत्पाद विभाग की सूचना पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया बासा के प्रधान शिक्षक कुंदन कुमार, एनपीएस नरघू टोला के विशिष्ट शिक्षक राधेश्याम पासवान और डेटा ऑपरेटर अरविंद कुमार शामिल हैं। थाने में ब्रेथ एनालाइजर से की गई जांच में इन तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई, जबकि एक अन्य शिक्षक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत इस छापेमारी को अंजाम दिया था।

मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने चौसा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि डेटा ऑपरेटर को विभागीय कार्रवाई कर टर्मिनेट करने की बात कही है। निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र कुमारखंड तय किया गया है, जहां उन्हें रोजाना बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इसी के सत्यापन के बाद ही जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी।

यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीआरसी परिसर में ही शिक्षकों के प्रशिक्षण, बैठकों और शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा होती है। ऐसे गरिमामय सरकारी परिसर में शराब पीने का यह आरोप पूरी शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और सवाल गूंज रहा है कि क्या सरकारी दफ्तर भी शराबबंदी कानून से अछूते हैं?
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    3 hrs ago
  • Post by Pappu Sarma
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    Post by Pappu Sarma
    user_Pappu Sarma
    Pappu Sarma
    भरगामा, अररिया, बिहार•
    4 hrs ago
  • सहरसा के सौर बाजार अंचल कार्यालय में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया आरओ मशीन पिछले दो महीनों से बंद पड़ा है। इसके कारण अंचल और प्रखंड कर्मियों समेत यहाँ आने वाले अन्य लोगों को पीने के शुद्ध पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय परिसर में आने वाले लोगों का कहना है कि यहाँ पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ता है। अंचल कार्यालय में पहली बार शुद्ध पानी की व्यवस्था के लिए आरओ मशीन लगाई गई थी, लेकिन चालू न होने की वजह से यह सिर्फ लोगों को मुंह चिढ़ा रही है। अब देखना यह होगा कि इस संबंध में खबर चलने के बाद अंचल प्रशासन द्वारा क्या पहल की जाती है।
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    सहरसा के सौर बाजार अंचल कार्यालय में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया आरओ मशीन पिछले दो महीनों से बंद पड़ा है। इसके कारण अंचल और प्रखंड कर्मियों समेत यहाँ आने वाले अन्य लोगों को पीने के शुद्ध पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कार्यालय परिसर में आने वाले लोगों का कहना है कि यहाँ पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ता है। अंचल कार्यालय में पहली बार शुद्ध पानी की व्यवस्था के लिए आरओ मशीन लगाई गई थी, लेकिन चालू न होने की वजह से यह सिर्फ लोगों को मुंह चिढ़ा रही है। अब देखना यह होगा कि इस संबंध में खबर चलने के बाद अंचल प्रशासन द्वारा क्या पहल की जाती है।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    22 min ago
  • बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में भारी बारिश के कारण स्थानीय लोगों को खाना बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है और इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है ताकि यह जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।
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    बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में भारी बारिश के कारण स्थानीय लोगों को खाना बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है और इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है ताकि यह जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।
    user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    Graphic designer त्रिवेणीगंज, सुपौल, बिहार•
    15 hrs ago
  • साल 2026 में जेमिनी एआई सबसे लोकप्रिय एआई इमेज जेनरेटर में से एक बनकर उभरा है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता का मुख्य कारण विस्तृत प्रॉम्प्ट्स के जरिए बेहद यथार्थवादी तस्वीरें बनाने की इसकी क्षमता है। जेमिनी एआई अब सिनेमाई कपल पोर्ट्रेट, लक्जरी फैशन फोटोग्राफी, ट्रैवल फोटो और एस्थेटिक लाइफस्टाइल जैसी छवियों को डीएसएलआर (DSLR) क्वालिटी के साथ तैयार करने में सक्षम है। ये तस्वीरें इतनी सटीक होती हैं कि इन्हें असली फोटोग्राफ से अलग कर पाना लगभग असंभव है।
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    साल 2026 में जेमिनी एआई सबसे लोकप्रिय एआई इमेज जेनरेटर में से एक बनकर उभरा है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता का मुख्य कारण विस्तृत प्रॉम्प्ट्स के जरिए बेहद यथार्थवादी तस्वीरें बनाने की इसकी क्षमता है।

जेमिनी एआई अब सिनेमाई कपल पोर्ट्रेट, लक्जरी फैशन फोटोग्राफी, ट्रैवल फोटो और एस्थेटिक लाइफस्टाइल जैसी छवियों को डीएसएलआर (DSLR) क्वालिटी के साथ तैयार करने में सक्षम है। ये तस्वीरें इतनी सटीक होती हैं कि इन्हें असली फोटोग्राफ से अलग कर पाना लगभग असंभव है।
    user_Yadav news
    Yadav news
    Farmer बनमनखी, पूर्णिया, बिहार•
    14 hrs ago
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