मेडिकल कॉलेज में 4 घंटे तक ब्लड के लिए तड़पता रहा 17 वर्षीय विशाल नहीं मिला खून मेडिकल कॉलेज में चार घंटे तक ब्लड के लिए तड़पता रहा 17 वर्षीय विशाल, नहीं मिला खून कन्नौज। खेलते समय डंडे का एक हिस्सा एक किशोर के पेट में इस कदर घुस गया कि, गंभीर हालत और रक्तस्राव होने के कारण उसको उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज लाया गया। खास बात यह रही कि, गंभीर हालत में कॉलेज पहुंचे किशोर को जहां चार घंटे तक खून नहीं मिल सका,वहीं उसे हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर भी कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक जिले के तालग्राम क्षेत्र के गांव निकवा निवासी 17 वर्षीय विशाल बीती सायं गांव में अपने साथियों के साथ गिल्ली डंडा खेल रहा था। खेलने के दौरान किशोर अचानक जमीन पर फिसल गया। इस दौरान उसके पेट के एक हिस्से में किसी प्रकार डंडा घुस गया। डंडा पेट में इस कदर घुसा था कि, जो शर्ट विशाल पहने था उस शर्ट का एक हिस्सा भी पेट के अंदर चला गया। गनीमत यह रही कि डंडा किसी प्रकार किशोर के शरीर के आर पार नहीं हुआ। गंभीर रूप से घायल विशाल रक्तस्राव होने के कारण मौके पर जमीन पर गिर पड़ा। मामले की जानकारी विशाल के परिजनों और भाई अनिकेत यादव को हुई तो किशोर को उपचार हेतु स्थानीय हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां से डाक्टरों ने उसे तिर्वा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। किशोर की जान बचाने को मेडिकल कॉलेज पहुंचे परिजनों को आखिर निराशा ही हांथ लगी। घायल किशोर के भाई अनिकेत का कहना था कि, कॉलेज में विशाल को इमरजेंसी में एडमिट कराए जाने के बाद भी डाक्टरों ने संबंधित ब्लड ग्रुप (एबी पॉजिटिव) नहीं मिलने से उपचार नहीं शुरू किया। अनिकेत का आगे कहना था कि, मौके पर मौजूद डाक्टरों का कहना था कि, पहले ब्लड की व्यवस्था करो, कॉलेज में ब्लड मौजूद नहीं है, इस कारण उपचार नहीं हो सकता। आखिर ब्लड के अभाव में चार घंटे तक इंतजार के बाद भी जब कॉलेज में जिंदगी मौत से जूझ रहे किशोर को खून नहीं मिला तो उसे कॉलेज के संबंधित चिकित्सकीय स्टॉफ ने हायर हॉस्पिटल कानपुर के लिए रेफर कर दिया। कॉलेज में एक जरूरतमंद किशोर को समय पर ब्लड ना मिल पाने की समस्या ने एक बार फिर कॉलेज की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। मामले में सीएमएस दिलीप सिंह ने बताया कि, कॉलेज की ब्लड बैंक में संबंधित और आवश्यक ब्लड ग्रुप उपलब्ध रहता हैं। इसके अलावा जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध भी करवाया जाता है। किशोर की जरूरत का ब्लड एबी पॉजिटिव एक सामान्य ब्लड ग्रुप है। उनका कहना था कि, हो सकता है कि समय पर संबंधित ब्लड का स्टॉक खत्म हो गया हो। इसके बाद भी मामले की जानकारी होने पर जिला अस्पताल और अन्य संबंधित ब्लड बैंको में पता भी करवाया गया था। सीएमएस का कहना था कि विशाल के परिजनों का आरोप निराधार है, उन्हें मौके पर ब्लड उपलब्ध नहीं हुआ तो उन्होंने कॉलेज स्टॉफ से किशोर को अन्यत्र रेफर करने की बात कही। जिसके बाद संबंधित कॉलेज स्टॉफ ने किशोर को कानपुर के लिए रेफर कर दिया। बता दें कि, फिलहाल घायल विशाल की हालत कानपुर स्थित हॉस्पिटल में उपचार के दौरान गंभीर बनी हुई थी।
मेडिकल कॉलेज में 4 घंटे तक ब्लड के लिए तड़पता रहा 17 वर्षीय विशाल नहीं मिला खून मेडिकल कॉलेज में चार घंटे तक ब्लड के लिए तड़पता रहा 17 वर्षीय विशाल, नहीं मिला खून कन्नौज। खेलते समय डंडे का एक हिस्सा एक किशोर के पेट में इस कदर घुस गया कि, गंभीर हालत और रक्तस्राव होने के कारण उसको उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज लाया गया। खास बात यह रही कि, गंभीर हालत में कॉलेज पहुंचे किशोर को जहां चार घंटे तक खून नहीं मिल सका,वहीं उसे हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर भी कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक जिले के तालग्राम क्षेत्र के गांव निकवा निवासी 17 वर्षीय विशाल बीती सायं गांव में अपने साथियों के साथ गिल्ली डंडा खेल रहा था। खेलने के दौरान किशोर अचानक जमीन पर फिसल गया। इस दौरान उसके पेट के एक हिस्से में किसी प्रकार डंडा घुस गया। डंडा पेट में इस कदर घुसा था कि, जो शर्ट विशाल पहने था उस शर्ट का एक हिस्सा भी पेट के अंदर चला गया। गनीमत यह रही कि डंडा किसी प्रकार किशोर के शरीर के आर पार नहीं हुआ। गंभीर रूप से घायल विशाल रक्तस्राव होने के कारण मौके पर जमीन पर गिर पड़ा। मामले की जानकारी विशाल के परिजनों और भाई अनिकेत यादव को हुई तो किशोर को उपचार हेतु स्थानीय हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां से डाक्टरों ने उसे तिर्वा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। किशोर की जान बचाने को मेडिकल कॉलेज पहुंचे परिजनों को आखिर निराशा ही हांथ लगी। घायल किशोर के भाई अनिकेत का कहना था कि, कॉलेज में विशाल को इमरजेंसी में एडमिट कराए जाने के बाद भी डाक्टरों ने संबंधित ब्लड ग्रुप (एबी पॉजिटिव) नहीं मिलने से उपचार नहीं शुरू किया। अनिकेत का आगे कहना था कि, मौके पर मौजूद डाक्टरों का कहना था कि, पहले ब्लड की व्यवस्था करो, कॉलेज में ब्लड मौजूद नहीं है, इस कारण उपचार नहीं हो सकता। आखिर ब्लड के अभाव में चार घंटे तक इंतजार के बाद भी जब कॉलेज में जिंदगी मौत से जूझ रहे किशोर को खून नहीं मिला तो उसे कॉलेज के संबंधित चिकित्सकीय स्टॉफ ने हायर हॉस्पिटल कानपुर के लिए रेफर कर दिया। कॉलेज में एक जरूरतमंद किशोर को समय पर ब्लड ना मिल पाने की समस्या ने एक बार फिर कॉलेज की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। मामले में सीएमएस दिलीप सिंह ने बताया कि, कॉलेज की ब्लड बैंक में संबंधित और आवश्यक ब्लड ग्रुप उपलब्ध रहता हैं। इसके अलावा जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध भी करवाया जाता है। किशोर की जरूरत का ब्लड एबी पॉजिटिव एक सामान्य ब्लड ग्रुप है। उनका कहना था कि, हो सकता है कि समय पर संबंधित ब्लड का स्टॉक खत्म हो गया हो। इसके बाद भी मामले की जानकारी होने पर जिला अस्पताल और अन्य संबंधित ब्लड बैंको में पता भी करवाया गया था। सीएमएस का कहना था कि विशाल के परिजनों का आरोप निराधार है, उन्हें मौके पर ब्लड उपलब्ध नहीं हुआ तो उन्होंने कॉलेज स्टॉफ से किशोर को अन्यत्र रेफर करने की बात कही। जिसके बाद संबंधित कॉलेज स्टॉफ ने किशोर को कानपुर के लिए रेफर कर दिया। बता दें कि, फिलहाल घायल विशाल की हालत कानपुर स्थित हॉस्पिटल में उपचार के दौरान गंभीर बनी हुई थी।
- कन्नौज में मौलाना जर्जीस के कथित विवादित बयान को लेकर हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। फूलमती देवी मंदिर चौराहे पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौलाना का पुतला फूंककर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की। कन्नौज में मौलाना जर्जीस के कथित विवादित बयान को लेकर हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। फूलमती देवी मंदिर चौराहे पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौलाना का पुतला फूंककर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की। कन्नौज के फूलमती देवी मंदिर चौराहे पर विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौलाना जर्जीस के कथित विवादित बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मौलाना का पुतला दहन किया। प्रदर्शन में शामिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व नगर अध्यक्ष छोटू यादव ने आरोप लगाया कि मौलाना ने सनातन धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी भी सवाल खड़े करती है। धीरज कुशवाहा ने कहा कि यदि मौलाना धार्मिक ग्रंथों का सही अध्ययन करते तो किसी भी धर्म के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है। श्याम जी मिश्रा ने कहा कि मौलाना द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित बयान से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने सरकार से मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।1
- फर्रूखाबाद में पवित्र कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का साफ संदेश है—श्रद्धालुओं की सुविधा में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी गंगा घाटों पर पर्याप्त संख्या में गोताखोरों की तैनाती की गई है। साथ ही, नावों की क्षमता पहले से निर्धारित करने के आदेश दिए गए हैं ताकि हादसों को रोका जा सके। मीट की दुकानें बंद: कांवड़ मार्ग और प्रमुख मंदिरों के आसपास की सभी मीट-मांस की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। सड़क एवं सफाई: श्रृंगीरामपुर संपर्क मार्ग सहित अन्य रास्तों के गड्ढे भरने, सफाई कराने और रास्ते में रुकावट बन रहीं पेड़ों की झाड़ियों की छटाई के निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमण पर प्रहार: यातायात को बाधित करने वाले अतिक्रमण को चिन्हित कर तत्काल हटाने की कार्रवाई जारी है। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों और प्रमुख मार्गों पर महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र रखने के लिए संवेदनशील घाटों पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे केवल निर्धारित मानक (डेसिबल) में ही बजाया जा सकेगा। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फर्रूखाबाद प्रशासन का पूरा प्रयास है कि शिव भक्तों को यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा न हो। अब देखने वाली बात होगी कि धरातल पर इन व्यवस्थाओं का कितना असर दिखता है। बाइट अंकुर लाठर (dm) बाइट आरती सिंह (sp) फर्रूखाबाद में पवित्र कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का साफ संदेश है—श्रद्धालुओं की सुविधा में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी गंगा घाटों पर पर्याप्त संख्या में गोताखोरों की तैनाती की गई है। साथ ही, नावों की क्षमता पहले से निर्धारित करने के आदेश दिए गए हैं ताकि हादसों को रोका जा सके। मीट की दुकानें बंद: कांवड़ मार्ग और प्रमुख मंदिरों के आसपास की सभी मीट-मांस की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। सड़क एवं सफाई: श्रृंगीरामपुर संपर्क मार्ग सहित अन्य रास्तों के गड्ढे भरने, सफाई कराने और रास्ते में रुकावट बन रहीं पेड़ों की झाड़ियों की छटाई के निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमण पर प्रहार: यातायात को बाधित करने वाले अतिक्रमण को चिन्हित कर तत्काल हटाने की कार्रवाई जारी है। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों और प्रमुख मार्गों पर महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र रखने के लिए संवेदनशील घाटों पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे केवल निर्धारित मानक (डेसिबल) में ही बजाया जा सकेगा। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फर्रूखाबाद प्रशासन का पूरा प्रयास है कि शिव भक्तों को यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा न हो। अब देखने वाली बात होगी कि धरातल पर इन व्यवस्थाओं का कितना असर दिखता है। बाइट अंकुर लाठर (dm) बाइट आरती सिंह (sp)2
- शाहाबाद के अल्लाहपुर तिराहे पर शराब की दुकानों और आसपास के कैंटीनों का पुलिस निरीक्षण भी बना है चर्चा का विषय शाहाबाद के अल्लाहपुर तिराहे पर शराब की दुकानों और आसपास के कैंटीनों का पुलिस निरीक्षण अब चर्चा का विषय बन गया है। निरीक्षण के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और इस संबंध में खबरें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। वीडियो में पुलिस कर्मी शराब की दुकानों और कैंटीनों पर पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं। एक स्थान पर पुलिसकर्मी एक बाइक का फोटो लेते भी नजर आते हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इस निरीक्षण के बाद आखिर कार्रवाई क्या हुई? स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस ने कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र केवल साफ-सफाई रखने और कूड़ा कूड़ेदान में डालने की हिदायत दी। वहीं, लंबे समय से उठ रही कथित अवैध कैंटीनों, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और हाईवे पर अव्यवस्थित पार्किंग जैसी शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर भी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि निरीक्षण के दौरान कितने वाहनों के चालान किए गए, क्या कोई विधिक कार्रवाई हुई, या किसी प्रकार की रिपोर्ट तैयार की गई। साथ ही, इस संबंध में हरदोई पुलिस के आधिकारिक X हैंडल अथवा पत्रकार पुलिस ग्रुप में भी समाचार लिखे जाने तक कोई विस्तृत सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई थी। अब सवाल यही है कि —क्या प्रकाशित खबरों के संज्ञान में यह निरीक्षण केवल औपचारिकता था, या काबड़ यात्रियों की व्यवस्था से संबंधित या इसके बाद प्रभावी कार्रवाई भी होगी? इसका जवाब अब पुलिस और आबकारी विभाग की अगली कार्रवाई ही दे सकेगी। इस सम्बन्ध में प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार राय से पूँछा लेकिन उन्होंने कार्यवाही के बारे में कुछ बताने की बजाय बता दिया कि क्षेत्र में हैं, बाद में बताएंगे।4
- श्रावण मास के पावन शनिवार को हरदोई जनपद के सुन्नी ग्राम स्थित मां महिषासुर मर्दिनी धाम में भगवान भोलेनाथ के दिव्य श्रृंगार एवं दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, भस्म एवं पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं विश्व कल्याण की कामना करते हुए भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रावण मास के चलते धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।3
- संडीला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हत्या के मामले में 02 अभियुक्त गिरफ्तार, 03 बाल अपचारी पुलिस अभिरक्षा में 02 बाँस के डण्डे, अवैध शस्त्र व मृतक के 02 मोबाइल फोन बरामद अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम की बाइट1
- Saturday Site Inspection | Trailer Mounted Concrete Pump Machine Trial | 1200 CUM Concrete Pouring Preparation1