सतना जिले की भरहुत ग्राम पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एक साल से नाली जाम होने और घर के सामने पानी भरने की समस्या के बावजूद, शिकायत का 'फर्जी निराकरण' कर दिया गया है। सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 38772212 के रिकॉर्ड में नाली की सफाई का दावा किया गया है, जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि मौके पर आज भी नाली जाम है और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, लगभग एक वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत को नाली की सफाई और पानी निकासी की समस्या से अवगत कराया गया था। उनका आरोप है कि किसी व्यक्ति द्वारा नाली का निकास रोक दिए जाने के कारण घर के सामने लगातार पानी भरा रहता है, जिससे आवागमन, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया। सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में जांच अधिकारी द्वारा यह उल्लेख किया गया कि ग्रामीणों द्वारा कचरा फेंकने से नाली जाम थी, जिसे साफ करा दिया गया है। साथ ही यह भी लिखा गया कि शिकायतकर्ता नई नाली निर्माण की मांग कर रहे हैं, जो संभव नहीं है, और इसी आधार पर शिकायत को बंद करने की अनुशंसा कर दी गई। हालांकि, शिकायतकर्ता का दावा है कि रिकॉर्ड में सफाई का यह दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। उनका आरोप है कि बिना प्रभावी कार्य किए शिकायत का निराकरण दर्शाकर मामले को बंद कर दिया गया है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल स्वच्छता व्यवस्था बल्कि शिकायत निवारण प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा एक गंभीर विषय होगा। इस मामले में जिला पंचायत सीईओ महोदय से अपेक्षा की गई है कि वे स्वयं संज्ञान लेकर एक स्वतंत्र टीम से मौके का सत्यापन कराएं। यदि जांच में यह पाया जाता है कि बिना कार्य किए शिकायत का निराकरण दर्ज किया गया है, तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार पंचायत पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि शासन की शिकायत निवारण व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे। यह समाचार शिकायतकर्ता के आरोपों एवं उपलब्ध सीएम हेल्पलाइन रिकॉर्ड पर आधारित है, और संबंधित ग्राम पंचायत, सरपंच, सचिव तथा जांच अधिकारी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
सतना जिले की भरहुत ग्राम पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एक साल से नाली जाम होने और घर के सामने पानी भरने की समस्या के बावजूद, शिकायत का 'फर्जी निराकरण' कर दिया गया है। सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 38772212 के रिकॉर्ड में नाली की सफाई का दावा किया गया है, जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि मौके पर आज भी नाली जाम है और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, लगभग एक वर्ष पूर्व ग्राम
पंचायत को नाली की सफाई और पानी निकासी की समस्या से अवगत कराया गया था। उनका आरोप है कि किसी व्यक्ति द्वारा नाली का निकास रोक दिए जाने के कारण घर के सामने लगातार पानी भरा रहता है, जिससे आवागमन, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया। सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में जांच अधिकारी द्वारा यह उल्लेख किया गया कि ग्रामीणों द्वारा कचरा फेंकने से नाली जाम थी, जिसे साफ करा दिया गया है। साथ ही यह भी लिखा गया कि शिकायतकर्ता नई
नाली निर्माण की मांग कर रहे हैं, जो संभव नहीं है, और इसी आधार पर शिकायत को बंद करने की अनुशंसा कर दी गई। हालांकि, शिकायतकर्ता का दावा है कि रिकॉर्ड में सफाई का यह दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। उनका आरोप है कि बिना प्रभावी कार्य किए शिकायत का निराकरण दर्शाकर मामले को बंद कर दिया गया है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल स्वच्छता व्यवस्था बल्कि शिकायत निवारण प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा एक गंभीर विषय होगा। इस मामले में जिला पंचायत सीईओ महोदय से अपेक्षा
की गई है कि वे स्वयं संज्ञान लेकर एक स्वतंत्र टीम से मौके का सत्यापन कराएं। यदि जांच में यह पाया जाता है कि बिना कार्य किए शिकायत का निराकरण दर्ज किया गया है, तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार पंचायत पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि शासन की शिकायत निवारण व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे। यह समाचार शिकायतकर्ता के आरोपों एवं उपलब्ध सीएम हेल्पलाइन रिकॉर्ड पर आधारित है, और संबंधित ग्राम पंचायत, सरपंच, सचिव तथा जांच अधिकारी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- सतना जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े लूट की एक गंभीर वारदात सामने आई है, जहाँ सतना चौराहे पर सब्जी खरीद रहे एक बुजुर्ग किसान की स्कूटी से अज्ञात बदमाश 50 हजार रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गए। पीड़ित किसान ने ये रुपये बैंक से निकाले थे और सब्जी लेने के लिए चौराहे पर रुके थे, तभी पहले से रेकी कर रहे बदमाशों ने मौका देखकर रुपयों पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना ने स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि वारदात के समय घटनास्थल के ठीक सामने मध्य प्रदेश पुलिस की डायल 112 वाहन तैनात थी। हैरानी की बात यह है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद आरोपी आसानी से फरार होने में कामयाब रहे, जिसके कारण डायल 112 की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। इस दिनदहाड़े हुई चोरी के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।2
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक उपयंत्री का कथित बयान सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच वायरल हुए एक वीडियो में उपयंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "मैं अकेला चोर नहीं, पूरा सिस्टम ही चोर है।" इस टिप्पणी ने विभागीय कार्यों में अनियमितताओं को लेकर जारी बहस को और तेज कर दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद आम लोगों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि जांच केवल संबंधित अधिकारी तक सीमित न रहकर पूरे तंत्र और इसमें शामिल अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका तक विस्तारित होनी चाहिए। वहीं, खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इस वायरल वीडियो के संदर्भ और इसे रिकॉर्ड करने की परिस्थितियों को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि एक सरकारी अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से की गई ऐसी टिप्पणी प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इस मामले में जांच के आदेश देता है, जिससे पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली की सच्चाई सामने आ सके।1
- मैहर में आज दिनांक 10 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार को माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी का अद्भुत प्रातः कालीन श्रृंगार किया गया। इस अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे, जय हो माई की।2
- सतना जिले के मैहर में निलंबित उपयंत्री समेले ने एक अजीबोगरीब दावा किया है। उन्होंने बताया कि वे कार्यस्थल पर मूल्यांकन करने के लिए अपने साथ बंदूक लेकर गए थे, क्योंकि उन्हें वहां भालू का डर था। इस मामले में कलेक्टर द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब देते हुए उपयंत्री ने मीडिया को बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है।1
- खातेगांव में इंदौर–बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल टैक्स के पास बड़ी संख्या में किसानों और विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर चक्काजाम कर दिया। 'जय जवान, जय किसान' और 'हम अपना अधिकार मांगते हैं, किसी से भीख नहीं' जैसे नारों के साथ किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में सड़क जाम कर दी, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के देवास जिला प्रभारी कैलाश पटेल सातागांव ने बताया कि किसानों की मुख्य मांग मूंग की संपूर्ण खरीदी सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त, बाजारों में बिक रहे नकली खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं पर तत्काल प्रतिबंध लगाने तथा सहकारी समितियों में किसानों को खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। स्थिति की सूचना मिलने पर एसडीएम प्रवीण प्रजापति और खातेगांव थाना प्रभारी विजय सिंह लोधी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखकर आठ दिनों के भीतर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद किसान सड़क से हट गए और यातायात सुचारु रूप से बहाल हो गया।4
- राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को एक वर्ष की अवधि तक प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दी गई है।1
- मध्यप्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना अंतर्गत टीकर गांव में एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है, जहां सतना जिले के रहने वाले 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव की उसकी ससुराल में बेरहमी से हत्या कर दी गई। विपिन कुमार यादव 27 मार्च को अपनी ससुराल गया था, जिसके बाद से वह लापता था। जांच में सामने आया है कि मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। आरोपियों ने पहले विपिन का गला घोंटा और साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव को एक कुएं में फेंक दिया था। जब कुएं में शव तैरने लगा, तो पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने शव को बाहर निकाला और घर से करीब 300 मीटर दूर एक नाले के पास दफन कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही थी और संदेह के आधार पर जब मृतक की पत्नी के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली गई, तो आरोपी प्रेमी तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित हुई। कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरा खूनी राज उजागर हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आरोपियों की निशानदेही पर नाले के पास खुदाई कर 74 दिन बाद विपिन यादव का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मृतक की पत्नी व उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस अमानवीय घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश और सनसनी व्याप्त है।1