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राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को एक वर्ष की अवधि तक प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दी गई है।
Sharda Shrivastava
राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को एक वर्ष की अवधि तक प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दी गई है।
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- मैहर के सरलानगर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की तिलौरा माइंस में मंगलवार को ग्रामीणों ने पत्थर परिवहन कर रहे वाहनों को रोककर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी उनकी खरीदी गई भूमि पर खनन कार्य कर रही है, लेकिन प्रभावित परिवारों के सदस्यों को अभी तक रोजगार नहीं दिया गया है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने यह भी बताया कि माइंस में हो रही ब्लास्टिंग से उनके मकानों में दरारें आ रही हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। उनका दावा है कि खनन कार्य के दौरान निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कंपनी के एक कर्मचारी, श्रीनिवास उर्मालिया पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, धमकी दी और अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर अनियमितताओं से लाभ उठाने की कोशिश की। ग्रामीण इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर रोजगार, ब्लास्टिंग से हो रहे नुकसान और अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे एक उग्र और व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की होगी। समाचार लिखे जाने तक, श्रीनिवास उर्मालिया या अल्ट्राटेक सीमेंट प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।2
- सतना में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के महाप्रबंधक उमेश कुमार साहू पर भ्रष्टाचार और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों के बीच, ठेकेदार धीरेंद्र सिंह धीरू ओबरा पिछले चार दिनों से कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने के बावजूद शासन-प्रशासन की चुप्पी से आक्रोशित धीरेंद्र सिंह धीरू ओबरा ने कल सुबह 11 बजे आत्मदाह करने की घोषणा की है। इस पूरे मामले में सिस्टम की उदासीनता ठेकेदारों को मौत के मुंह में धकेल रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले में 24 वर्षीय नर्सिंग छात्रा सेजल लोनिया की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। घटना के 18 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के लिए यह आत्महत्या की गुत्थी सुलझने के बजाय और अधिक पेचीदा होती जा रही है। मृतका के परिजनों ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए एक गहरी साजिश की आशंका जताई है। उनकी बहन ने रोते हुए बताया कि सेजल ने रक्षाबंधन पर घर आने का वादा किया था, लेकिन अगले ही दिन उसकी लाश बिस्तर पर मिलने की खबर आई, जिससे पूरा परिवार सदमे में है और उन्हें आत्महत्या की बात गले नहीं उतर रही है। इस पूरी घटना में एक बड़ा मोड़ तब आया जब सेजल के पास से ऑपरेशन थिएटर (OT) में इस्तेमाल होने वाला एक बेहद खतरनाक इंजेक्शन बरामद हुआ। पुलिस का भी प्राथमिक अनुमान है कि यह मामला ओटी में इस्तेमाल होने वाले हैवी ड्रग या इंजेक्शन से जुड़ा हो सकता है। मृतका की बहन ने सवाल उठाया है कि एक नर्सिंग स्टूडेंट के पास इतना संवेदनशील और खतरनाक इंजेक्शन आखिर कहाँ से और कैसे आया, उसे यह किसने उपलब्ध कराया या इसके पीछे कोई और कहानी है। गौरतलब है कि बीती 20 जून को सेजल लोनिया का शव उसके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में बिस्तर पर मिला था। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन परिजनों के बयानों और 'ओटी इंजेक्शन' की मिस्ट्री ने मामले को पूरी तरह से संदिग्ध बना दिया है। परिजनों का आरोप है कि सेजल किसी बड़ी साजिश का शिकार हुई है। फिलहाल, स्थानीय पुलिस मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है, और पुलिस सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा इंजेक्शन के स्रोत का पता लगने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।1
- शिव सिंह राजपूत दहिया अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र के एक पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं।1
- सतना में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क प्राधिकरण के कार्यकाल को लेकर संविदाकारों ने एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया है। इस दौरान संविदाकारों ने प्राधिकरण के महाप्रबंधक के कथित "काले कारनामों" का पर्दाफाश करने का दावा किया है। संविदाकारों के अनुसार, महाप्रबंधक द्वारा बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी की जा रही है और उन्हें कमीशन देने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कमीशन के लेन-देन का पूरा हिसाब-किताब प्रस्तुत किया, साथ ही एमबी (माप पुस्तिका) में की गई काट-छांट के भी पुख्ता सबूत पेश किए हैं। महाप्रबंधक उमेश साहू के इन कथित भ्रष्ट आचरणों और "काले कारनामों" को संविदाकारों ने जिला प्रशासन के सामने भी उजागर किया है।1
- सतना जिले के नागोद में उपयंत्री सतीश समेले ने प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'यहाँ हर डाल पर उल्लू बैठा है'। सतीश समेले ने दावा किया कि स्वयं उनके द्वारा भी कमीशन लिया जाता है। सतीश समेले ने जिला पंचायत से लेकर जनपद और ग्राम पंचायतों तक कमीशनखोरी के खेल को स्पष्ट रूप से उजागर किया है। उनके इस बयान ने स्थानीय स्तर पर पंचायतों में होने वाले वित्तीय लेन-देन और भ्रष्टाचार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- मध्य प्रदेश में एक उपयंत्री ने सनसनीखेज आरोप लगाकर बवाल खड़ा कर दिया है। इस उपयंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि 'मैं अकेला चोर नहीं, बल्कि पूरा सिस्टम ही चोर है'। उपयंत्री के इस बयान के बाद सतना जिले से लेकर राजधानी भोपाल तक जोरदार हड़कंप मच गया है।1
- महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में भारी बारिश के कारण हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) का पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट बाढ़ की चपेट में आ गया। इस घटना से प्लांट में रखे लगभग 3,000 गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। नदी के तेज बहाव में तैरते इन लाल सिलेंडरों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो कुदरत के कहर को दर्शाते हैं।1
- सतना जिले के अमरपाटन में उपयंत्री सतीश समेले ने भ्रष्टाचार को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'यहाँ हर डाल पर उल्लू बैठा है'। सतीश समेले ने न केवल इस व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि खुद भी कमीशन लेने की बात स्वीकार की है। उन्होंने जिला पंचायत से लेकर जनपद और ग्राम पंचायतों तक कमीशनखोरी के पूरे खेल का पर्दाफाश किया है। सतीश समेले ने स्पष्ट किया है कि इन स्तरों पर किस तरह से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जाता है और कमीशन का तंत्र काम करता है।1