मैहर के सरलानगर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की तिलौरा माइंस में मंगलवार को ग्रामीणों ने पत्थर परिवहन कर रहे वाहनों को रोककर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी उनकी खरीदी गई भूमि पर खनन कार्य कर रही है, लेकिन प्रभावित परिवारों के सदस्यों को अभी तक रोजगार नहीं दिया गया है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने यह भी बताया कि माइंस में हो रही ब्लास्टिंग से उनके मकानों में दरारें आ रही हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। उनका दावा है कि खनन कार्य के दौरान निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कंपनी के एक कर्मचारी, श्रीनिवास उर्मालिया पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, धमकी दी और अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर अनियमितताओं से लाभ उठाने की कोशिश की। ग्रामीण इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर रोजगार, ब्लास्टिंग से हो रहे नुकसान और अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे एक उग्र और व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की होगी। समाचार लिखे जाने तक, श्रीनिवास उर्मालिया या अल्ट्राटेक सीमेंट प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
मैहर के सरलानगर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की तिलौरा माइंस में मंगलवार को ग्रामीणों ने पत्थर परिवहन कर रहे वाहनों को रोककर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी उनकी खरीदी गई भूमि पर खनन कार्य कर रही है, लेकिन प्रभावित परिवारों के सदस्यों को अभी तक रोजगार नहीं दिया गया है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने यह भी बताया कि माइंस में हो रही ब्लास्टिंग से उनके मकानों में दरारें आ रही हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। उनका दावा है कि खनन कार्य के दौरान निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कंपनी के एक कर्मचारी, श्रीनिवास उर्मालिया पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान उनके
साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, धमकी दी और अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर अनियमितताओं से लाभ उठाने की कोशिश की। ग्रामीण इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर रोजगार, ब्लास्टिंग से हो रहे नुकसान और अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे एक उग्र और व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की होगी। समाचार लिखे जाने तक, श्रीनिवास उर्मालिया या अल्ट्राटेक सीमेंट प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक उपयंत्री का कथित बयान सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच वायरल हुए एक वीडियो में उपयंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "मैं अकेला चोर नहीं, पूरा सिस्टम ही चोर है।" इस टिप्पणी ने विभागीय कार्यों में अनियमितताओं को लेकर जारी बहस को और तेज कर दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद आम लोगों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि जांच केवल संबंधित अधिकारी तक सीमित न रहकर पूरे तंत्र और इसमें शामिल अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका तक विस्तारित होनी चाहिए। वहीं, खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इस वायरल वीडियो के संदर्भ और इसे रिकॉर्ड करने की परिस्थितियों को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि एक सरकारी अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से की गई ऐसी टिप्पणी प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इस मामले में जांच के आदेश देता है, जिससे पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली की सच्चाई सामने आ सके।1
- मैहर में आज दिनांक 10 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार को माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी का अद्भुत प्रातः कालीन श्रृंगार किया गया। इस अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे, जय हो माई की।2
- सतना जिले के मैहर में निलंबित उपयंत्री समेले ने एक अजीबोगरीब दावा किया है। उन्होंने बताया कि वे कार्यस्थल पर मूल्यांकन करने के लिए अपने साथ बंदूक लेकर गए थे, क्योंकि उन्हें वहां भालू का डर था। इस मामले में कलेक्टर द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब देते हुए उपयंत्री ने मीडिया को बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है।1
- शिव सिंह राजपूत दहिया अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र के एक पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं।1
- राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को एक वर्ष की अवधि तक प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दी गई है।1
- मध्यप्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना अंतर्गत टीकर गांव में एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है, जहां सतना जिले के रहने वाले 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव की उसकी ससुराल में बेरहमी से हत्या कर दी गई। विपिन कुमार यादव 27 मार्च को अपनी ससुराल गया था, जिसके बाद से वह लापता था। जांच में सामने आया है कि मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। आरोपियों ने पहले विपिन का गला घोंटा और साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव को एक कुएं में फेंक दिया था। जब कुएं में शव तैरने लगा, तो पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने शव को बाहर निकाला और घर से करीब 300 मीटर दूर एक नाले के पास दफन कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही थी और संदेह के आधार पर जब मृतक की पत्नी के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली गई, तो आरोपी प्रेमी तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित हुई। कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरा खूनी राज उजागर हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आरोपियों की निशानदेही पर नाले के पास खुदाई कर 74 दिन बाद विपिन यादव का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मृतक की पत्नी व उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस अमानवीय घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश और सनसनी व्याप्त है।1