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रामपुरहाट,पश्चिम बंगाल:पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का निधन, TMC कार्यालय में मिला शव पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का रविवार सुबह रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, उनका शव कार्यालय में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद किए जाने की भी जानकारी दी है। हालांकि, नोट में क्या लिखा है और उनकी मौत के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। आशीष बनर्जी रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके थे। वह तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और पार्टी के भीतर लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में आशीष बनर्जी ने डिप्टी स्पीकर के अलावा शिक्षा एवं कृषि मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा और वह पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में भी सक्रिय रहे। इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को रामपुरहाट सीट पर भाजपा प्रत्याशी ध्रुबा साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव में हार के बाद भी वह स्थानीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस की राजनीति से जुड़े हुए थे। आशीष बनर्जी के निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में TMC कार्यकर्ता और समर्थक पार्टी कार्यालय के बाहर पहुंच गए। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। मौत की परिस्थितियों और सुसाइड नोट की सत्यता से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

3 hrs ago
user_Amit Kumar
Amit Kumar
Local News Reporter नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

रामपुरहाट,पश्चिम बंगाल:पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का निधन, TMC कार्यालय में मिला शव पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का रविवार सुबह रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, उनका शव कार्यालय में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद किए जाने की भी जानकारी दी है। हालांकि, नोट में क्या लिखा है और उनकी मौत के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। आशीष बनर्जी रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके थे। वह तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और पार्टी के भीतर लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में आशीष बनर्जी ने डिप्टी स्पीकर के अलावा शिक्षा एवं कृषि मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा और वह पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में भी सक्रिय रहे। इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को रामपुरहाट सीट पर भाजपा प्रत्याशी ध्रुबा साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव में हार के बाद भी वह स्थानीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस की राजनीति से जुड़े हुए थे। आशीष बनर्जी के निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में TMC कार्यकर्ता और समर्थक पार्टी कार्यालय के बाहर पहुंच गए। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। मौत की परिस्थितियों और सुसाइड नोट की सत्यता से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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  • रामपुरहाट,पश्चिम बंगाल:पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का निधन, TMC कार्यालय में मिला शव पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का रविवार सुबह रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, उनका शव कार्यालय में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद किए जाने की भी जानकारी दी है। हालांकि, नोट में क्या लिखा है और उनकी मौत के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। आशीष बनर्जी रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके थे। वह तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और पार्टी के भीतर लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में आशीष बनर्जी ने डिप्टी स्पीकर के अलावा शिक्षा एवं कृषि मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा और वह पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में भी सक्रिय रहे। इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को रामपुरहाट सीट पर भाजपा प्रत्याशी ध्रुबा साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव में हार के बाद भी वह स्थानीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस की राजनीति से जुड़े हुए थे। आशीष बनर्जी के निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में TMC कार्यकर्ता और समर्थक पार्टी कार्यालय के बाहर पहुंच गए। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। मौत की परिस्थितियों और सुसाइड नोट की सत्यता से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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    रामपुरहाट,पश्चिम बंगाल:पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का निधन, TMC कार्यालय में मिला शव
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का रविवार सुबह रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, उनका शव कार्यालय में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद किए जाने की भी जानकारी दी है। हालांकि, नोट में क्या लिखा है और उनकी मौत के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
आशीष बनर्जी रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके थे। वह तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और पार्टी के भीतर लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में आशीष बनर्जी ने डिप्टी स्पीकर के अलावा शिक्षा एवं कृषि मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा और वह पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में भी सक्रिय रहे।
इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को रामपुरहाट सीट पर भाजपा प्रत्याशी ध्रुबा साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव में हार के बाद भी वह स्थानीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस की राजनीति से जुड़े हुए थे।
आशीष बनर्जी के निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में TMC कार्यकर्ता और समर्थक पार्टी कार्यालय के बाहर पहुंच गए। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। मौत की परिस्थितियों और सुसाइड नोट की सत्यता से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
    user_Amit Kumar
    Amit Kumar
    Local News Reporter नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लकसर में किसान यूनियन तोमर ने हजारों किसानों के साथ निकाली तिरंगा यात्रा किसान यूनियन तोमर ने निकाली तिरंगा यात्रा हजारों कि
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    लकसर में किसान यूनियन तोमर ने हजारों किसानों के साथ निकाली तिरंगा यात्रा
किसान यूनियन तोमर ने निकाली तिरंगा यात्रा हजारों कि
    user_SHYAM RATHI
    SHYAM RATHI
    लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • गंगनहर के तेज बहाव में फंसे व्यक्ति की SDRF ने बचाई जान गंगनहर के तेज बहाव में फंसे व्यक्ति की SDRF ने बचाई जान
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    गंगनहर के तेज बहाव में फंसे व्यक्ति की SDRF ने बचाई जान
गंगनहर के तेज बहाव में फंसे व्यक्ति की SDRF ने बचाई जान
    user_DIGITALभारत
    DIGITALभारत
    Photographer लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • 🇮🇳 गल्लाखेड़ी में मुकंदी सिंह इंटर कॉलेज से निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के नारों से गूंजा गांव 🇮🇳 #स्वतंत्रतादिवस #15अगस्त #तिरंगायात्रा #गल्लाखेड़ी #मुकंदीसिंहइंटरकॉलेज #देशभक्ति #तिरंगा #भारत_माता_की_जय #IndependenceDay #ViralNews 🇮🇳 गल्लाखेड़ी में मुकंदी सिंह इंटर कॉलेज से निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के नारों से गूंजा गांव 🇮🇳 #स्वतंत्रतादिवस #15अगस्त #तिरंगायात्रा #गल्लाखेड़ी #मुकंदीसिंहइंटरकॉलेज #देशभक्ति #तिरंगा #भारत_माता_की_जय #IndependenceDay #ViralNews
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    🇮🇳 गल्लाखेड़ी में मुकंदी सिंह इंटर कॉलेज से निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के नारों से गूंजा गांव 🇮🇳
#स्वतंत्रतादिवस #15अगस्त #तिरंगायात्रा #गल्लाखेड़ी #मुकंदीसिंहइंटरकॉलेज #देशभक्ति #तिरंगा #भारत_माता_की_जय #IndependenceDay #ViralNews
🇮🇳 गल्लाखेड़ी में मुकंदी सिंह इंटर कॉलेज से निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के नारों से गूंजा गांव 🇮🇳
#स्वतंत्रतादिवस #15अगस्त #तिरंगायात्रा #गल्लाखेड़ी #मुकंदीसिंहइंटरकॉलेज #देशभक्ति #तिरंगा #भारत_माता_की_जय #IndependenceDay #ViralNews
    user_पुलिस इंडिया क्राइम न्यूज़
    पुलिस इंडिया क्राइम न्यूज़
    Local News Reporter बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • दो किलोमीटर की सड़क, गिट्टी सिर्फ तीन सौ मीटर! बाकी हिस्से में डामरीकरण की तैयारी, भिलोर में निर्माण कार्य ने खड़े किए बड़े सवाल स्वीकृत धनराशि से लेकर तकनीकी मानक तक सवालों के घेरे में—ग्रामीण बोले, पहले पूरी सड़क की गिट्टी बिछे, फिर हो डामरीकरण; जिम्मेदार विभाग बताए आखिर बाकी सड़क का हिसाब क्या है?* भिलोर/बारा, प्रयागराज। लालापुर से प्रतापपुर मार्ग से भिलोर गांव की ओर जाने वाली करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण को लेकर मौके की स्थिति ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को मीडिया की पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई, उसके मुताबिक करीब दो किलोमीटर की सड़क में आधार तैयार करने के लिए बड़ी गिट्टी का कार्य महज लगभग तीन सौ मीटर के आसपास ही दिखाई दे रहा है, जबकि शेष हिस्से में पूरी सड़क पर एकसमान गिट्टी बिछी नजर नहीं आती। कहीं गड्ढों में थोड़ी-थोड़ी गिट्टी डाली गई है तो कहीं पुरानी डामर की परत को उखाड़कर उसी सतह पर नया डामरीकरण कराने की तैयारी दिखाई दे रही है। यही अंतर अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता से आगे बढ़कर स्वीकृत प्राक्कलन, कार्य की वास्तविक मात्रा और सरकारी धनराशि के इस्तेमाल पर सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि करीब दो किलोमीटर सड़क का निर्माण स्वीकृत है और निर्माण में गिट्टी की निर्धारित परत का प्रावधान है तो फिर गिट्टी का काम केवल लगभग तीन सौ मीटर तक सीमित क्यों दिखाई दे रहा है? बाकी लगभग एक किलोमीटर सात सौ मीटर सड़क के लिए निर्धारित निर्माण प्रक्रिया कहां है? क्या उस हिस्से में पहले से मौजूद सड़क की सतह को ही आधार मानकर सीधे डामरीकरण कराया जाएगा? यदि ऐसा है तो क्या यह तकनीकी रूप से स्वीकृत है? और यदि स्वीकृति में पूरी सड़क को निर्धारित स्तर तक तैयार करने का प्रावधान है तो फिर मौके पर उसका पालन क्यों नहीं दिख रहा? ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार से स्पष्ट रूप से कहा कि पहले पूरी सड़क पर आवश्यक गिट्टी डलवाई जाए और उसके बाद डामरीकरण कराया जाए, लेकिन उनकी आपत्ति के बावजूद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल उस सूचना-पट्ट का भी है, जिससे जनता को यह पता चल सके कि सड़क किस योजना से स्वीकृत हुई, इसकी कुल लागत कितनी है, लंबाई कितनी स्वीकृत है, कार्यदायी संस्था कौन है, ठेकेदार कौन है, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि क्या है तथा इसकी निगरानी किस तकनीकी अधिकारी के जिम्मे है। मौके पर यदि ऐसा बोर्ड नहीं है तो इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क फरवरी महीने में स्वीकृत होने की बात सामने आई थी, लेकिन लगभग छह महीने तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। अब जब काम शुरू हुआ है तो करीब दो किलोमीटर की सड़क में महज लगभग तीन सौ मीटर हिस्से में गिट्टी बिछाने और शेष हिस्से में पुराने आधार पर काम बढ़ाने की स्थिति ने ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ा दी है। ऐसे में अब सवाल केवल ठेकेदार की कार्यशैली का नहीं, बल्कि कार्यदायी संस्था, संबंधित अवर अभियंता, सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता और निगरानी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी का भी है। यदि कार्य की माप पुस्तिका में पूरी सड़क का काम दर्ज होता है तो मौके पर उसकी भौतिक स्थिति से मिलान होना चाहिए। यदि अभी भुगतान नहीं हुआ है तो भुगतान से पहले तकनीकी जांच और माप सत्यापन होना चाहिए, और यदि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो स्वीकृत प्राक्कलन के प्रत्येक मद का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए। इस मामले में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, उप जिलाधिकारी बारा, तहसीलदार बारा, संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और तकनीकी अधिकारियों के स्तर से स्थलीय जांच कराया जाना आवश्यक है। जांच में सड़क की वास्तविक लंबाई, चौड़ाई, गिट्टी की मोटाई, गिट्टी की मात्रा, डामर की मोटाई, प्रयुक्त सामग्री, स्वीकृत लागत, कार्य की माप पुस्तिका और मौके पर हुए निर्माण का मिलान कराया जाए तो स्थिति स्वतः स्पष्ट हो सकती है। यदि दो किलोमीटर की सड़क के लिए पूरा बजट और पूरा निर्माण स्वीकृत है तो लगभग तीन सौ मीटर में ही आधार सामग्री का काम दिखाई देने और बाकी हिस्से में सीधे डामरीकरण की तैयारी का कारण क्या है—इसका जवाब अब ग्रामीण ही नहीं, संबंधित विभाग से भी मांगा जा रहा है। यदि निर्माण नियम और स्वीकृत मानक के अनुसार हो रहा है तो विभाग को दस्तावेजों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, लेकिन यदि स्वीकृत कार्य और जमीन पर हुए कार्य में अंतर पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई भी होनी चाहिए। भिलोर की सड़क अब सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं रह गई है, बल्कि यह सवाल बन गई है कि सरकारी निर्माण में कागज पर दर्ज मात्रा और जमीन पर दिखाई देने वाले काम के बीच आखिर कितना फासला है?
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    दो किलोमीटर की सड़क, गिट्टी सिर्फ तीन सौ मीटर! बाकी हिस्से में डामरीकरण की तैयारी, भिलोर में निर्माण कार्य ने खड़े किए बड़े सवाल

स्वीकृत धनराशि से लेकर तकनीकी मानक तक सवालों के घेरे में—ग्रामीण बोले, पहले पूरी सड़क की गिट्टी बिछे, फिर हो डामरीकरण; जिम्मेदार विभाग बताए आखिर बाकी सड़क का हिसाब क्या है?*
भिलोर/बारा, प्रयागराज। लालापुर से प्रतापपुर मार्ग से भिलोर गांव की ओर जाने वाली करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण को लेकर मौके की स्थिति ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को मीडिया की पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई, उसके मुताबिक करीब दो किलोमीटर की सड़क में आधार तैयार करने के लिए बड़ी गिट्टी का कार्य महज लगभग तीन सौ मीटर के आसपास ही दिखाई दे रहा है, जबकि शेष हिस्से में पूरी सड़क पर एकसमान गिट्टी बिछी नजर नहीं आती। कहीं गड्ढों में थोड़ी-थोड़ी गिट्टी डाली गई है तो कहीं पुरानी डामर की परत को उखाड़कर उसी सतह पर नया डामरीकरण कराने की तैयारी दिखाई दे रही है। यही अंतर अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता से आगे बढ़कर स्वीकृत प्राक्कलन, कार्य की वास्तविक मात्रा और सरकारी धनराशि के इस्तेमाल पर सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि करीब दो किलोमीटर सड़क का निर्माण स्वीकृत है और निर्माण में गिट्टी की निर्धारित परत का प्रावधान है तो फिर गिट्टी का काम केवल लगभग तीन सौ मीटर तक सीमित क्यों दिखाई दे रहा है? बाकी लगभग एक किलोमीटर सात सौ मीटर सड़क के लिए निर्धारित निर्माण प्रक्रिया कहां है? क्या उस हिस्से में पहले से मौजूद सड़क की सतह को ही आधार मानकर सीधे डामरीकरण कराया जाएगा? यदि ऐसा है तो क्या यह तकनीकी रूप से स्वीकृत है? और यदि स्वीकृति में पूरी सड़क को निर्धारित स्तर तक तैयार करने का प्रावधान है तो फिर मौके पर उसका पालन क्यों नहीं दिख रहा? ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने ठेकेदार से स्पष्ट रूप से कहा कि पहले पूरी सड़क पर आवश्यक गिट्टी डलवाई जाए और उसके बाद डामरीकरण कराया जाए, लेकिन उनकी आपत्ति के बावजूद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल उस सूचना-पट्ट का भी है, जिससे जनता को यह पता चल सके कि सड़क किस योजना से स्वीकृत हुई, इसकी कुल लागत कितनी है, लंबाई कितनी स्वीकृत है, कार्यदायी संस्था कौन है, ठेकेदार कौन है, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि क्या है तथा इसकी निगरानी किस तकनीकी अधिकारी के जिम्मे है। मौके पर यदि ऐसा बोर्ड नहीं है तो इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क फरवरी महीने में स्वीकृत होने की बात सामने आई थी, लेकिन लगभग छह महीने तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। अब जब काम शुरू हुआ है तो करीब दो किलोमीटर की सड़क में महज लगभग तीन सौ मीटर हिस्से में गिट्टी बिछाने और शेष हिस्से में पुराने आधार पर काम बढ़ाने की स्थिति ने ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ा दी है। ऐसे में अब सवाल केवल ठेकेदार की कार्यशैली का नहीं, बल्कि कार्यदायी संस्था, संबंधित अवर अभियंता, सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता और निगरानी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी का भी है। यदि कार्य की माप पुस्तिका में पूरी सड़क का काम दर्ज होता है तो मौके पर उसकी भौतिक स्थिति से मिलान होना चाहिए। यदि अभी भुगतान नहीं हुआ है तो भुगतान से पहले तकनीकी जांच और माप सत्यापन होना चाहिए, और यदि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो स्वीकृत प्राक्कलन के प्रत्येक मद का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए। इस मामले में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, उप जिलाधिकारी बारा, तहसीलदार बारा, संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और तकनीकी अधिकारियों के स्तर से स्थलीय जांच कराया जाना आवश्यक है। जांच में सड़क की वास्तविक लंबाई, चौड़ाई, गिट्टी की मोटाई, गिट्टी की मात्रा, डामर की मोटाई, प्रयुक्त सामग्री, स्वीकृत लागत, कार्य की माप पुस्तिका और मौके पर हुए निर्माण का मिलान कराया जाए तो स्थिति स्वतः स्पष्ट हो सकती है। यदि दो किलोमीटर की सड़क के लिए पूरा बजट और पूरा निर्माण स्वीकृत है तो लगभग तीन सौ मीटर में ही आधार सामग्री का काम दिखाई देने और बाकी हिस्से में सीधे डामरीकरण की तैयारी का कारण क्या है—इसका जवाब अब ग्रामीण ही नहीं, संबंधित विभाग से भी मांगा जा रहा है। यदि निर्माण नियम और स्वीकृत मानक के अनुसार हो रहा है तो विभाग को दस्तावेजों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, लेकिन यदि स्वीकृत कार्य और जमीन पर हुए कार्य में अंतर पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई भी होनी चाहिए। भिलोर की सड़क अब सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं रह गई है, बल्कि यह सवाल बन गई है कि सरकारी निर्माण में कागज पर दर्ज मात्रा और जमीन पर दिखाई देने वाले काम के बीच आखिर कितना फासला है?
    user_Mukesh Rportar
    Mukesh Rportar
    Local News Reporter बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • आज हम 78वां स्वतंत्रता दिवस — देशभर में तिरंगा, लहरा रहा है लेकिन इन छात्र छात्राओं को बरसात के दिनों में बहुत तकलीफ होती है पुल न होने के कारण ( पहाड़ा नदी ) गांव चकउदयचन्द पोस्ट बढ़ापुर नगीना बिजनौर उत्तर प्रदेश pin 246724
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    आज हम 78वां स्वतंत्रता दिवस — देशभर में तिरंगा, लहरा रहा है लेकिन इन छात्र छात्राओं को बरसात के दिनों में बहुत तकलीफ होती है पुल न होने के कारण 

( पहाड़ा नदी ) गांव चकउदयचन्द पोस्ट बढ़ापुर नगीना बिजनौर उत्तर प्रदेश pin 246724
    user_Shahzad Malik
    Shahzad Malik
    बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • खुशहालपुर में 15 अगस्त का जश्न: प्रधानाध्यापिका श्रीमती अनुपम के नेतृत्व में बच्चों ने दिखाया देशभक्ति का जज्बा अफजलगढ़ बिजनौर ग्राम खुशहालपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय खुशहालपुर, वि.क्षे. अफजलगढ़, जनपद-बिजनौर में 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े धूमधाम और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती अनुपम ने किया। विद्यालय के "अध्यापक योग्यता चार्ट" के अनुसार श्रीमती अनुपम प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से शुरू हुआ कार्यक्रम सुबह विद्यालय परिसर को तिरंगे गुब्बारों, झालरों और फूलों से सजाया गया था। प्रधानाध्यापिका *श्रीमती अनुपम* की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान सभी शिक्षिकाओं, बच्चों और ग्रामीणों ने खड़े होकर राष्ट्रगान गाया। परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। ध्वजारोहण के बाद श्रीमती अनुपम ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि "आजादी के लिए हमारे शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। हमें पढ़-लिखकर देश का नाम रोशन करना है और समाज में अच्छे नागरिक बनना है।" निकाली गई भव्य तिरंगा रैली कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा निकाली गई तिरंगा रैली रही। हाथों में तिरंगा लिए, सिर पर तिरंगी पट्टी बांधे छात्र-छात्राएं "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" के नारे लगाते हुए खुशहालपुर की मुख्य सड़क से गुजरे। रैली में विद्यालय की शिक्षिकाएं भी शामिल थीं। ट्रैक्टर पर लगे लाउडस्पीकर से देशभक्ति गीत बज रहे थे। रास्ते में ग्रामीणों ने बच्चों का स्वागत किया और उन पर फूल बरसाए। *सांस्कृतिक कार्यक्रम और शपथ* रैली के बाद विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। बच्चों ने देशभक्ति गीत, कविता और नाटक प्रस्तुत किए। "सारे जहां से अच्छा", "ऐ मेरे वतन के लोगों" जैसे गीतों पर बच्चों की प्रस्तुति देखकर सभी भावुक हो गए। अंत में सभी को देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों को मिठाई और प्रसाद वितरित किया गया। विद्यालय में दिखी खास तैयारी स्वतंत्रता दिवस को लेकर विद्यालय में खास तैयारियां की गई थीं। कक्षाओं की दीवारों पर शैक्षिक चार्ट और तिरंगे रंग के गुब्बारे लगाए गए थे। विद्यालय में साफ-सफाई और अनुशासन भी देखने लायक था। इस अवसर पर विद्यालय की अन्य शिक्षिकाएं और स्टाफ भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने विद्यालय द्वारा किए गए आयोजन की सराहना की और कहा कि *श्रीमती अनुपम* के नेतृत्व में विद्यालय निरंतर प्रगति कर रहा है।
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    खुशहालपुर में 15 अगस्त का जश्न: प्रधानाध्यापिका श्रीमती अनुपम के नेतृत्व में बच्चों ने दिखाया देशभक्ति का जज्बा
अफजलगढ़ बिजनौर 
ग्राम खुशहालपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय खुशहालपुर, वि.क्षे. अफजलगढ़, जनपद-बिजनौर  
में 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े धूमधाम और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती अनुपम ने किया।
विद्यालय के "अध्यापक योग्यता चार्ट" के अनुसार श्रीमती अनुपम प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं।
ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से शुरू हुआ कार्यक्रम
सुबह विद्यालय परिसर को तिरंगे गुब्बारों, झालरों और फूलों से सजाया गया था। प्रधानाध्यापिका *श्रीमती अनुपम* की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान सभी शिक्षिकाओं, बच्चों और ग्रामीणों ने खड़े होकर राष्ट्रगान गाया। परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
ध्वजारोहण के बाद श्रीमती अनुपम ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि "आजादी के लिए हमारे शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। हमें पढ़-लिखकर देश का नाम रोशन करना है और समाज में अच्छे नागरिक बनना है।"
निकाली गई भव्य तिरंगा रैली
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा निकाली गई तिरंगा रैली रही। हाथों में तिरंगा लिए, सिर पर तिरंगी पट्टी बांधे छात्र-छात्राएं "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" के नारे लगाते हुए खुशहालपुर की मुख्य सड़क से गुजरे। 
रैली में विद्यालय की शिक्षिकाएं भी शामिल थीं। ट्रैक्टर पर लगे लाउडस्पीकर से देशभक्ति गीत बज रहे थे। रास्ते में ग्रामीणों ने बच्चों का स्वागत किया और उन पर फूल बरसाए।
*सांस्कृतिक कार्यक्रम और शपथ*
रैली के बाद विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। बच्चों ने देशभक्ति गीत, कविता और नाटक प्रस्तुत किए। "सारे जहां से अच्छा", "ऐ मेरे वतन के लोगों" जैसे गीतों पर बच्चों की प्रस्तुति देखकर सभी भावुक हो गए।
अंत में सभी को देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों को मिठाई और प्रसाद वितरित किया गया।
विद्यालय में दिखी खास तैयारी
स्वतंत्रता दिवस को लेकर विद्यालय में खास तैयारियां की गई थीं। कक्षाओं की दीवारों पर शैक्षिक चार्ट और तिरंगे रंग के गुब्बारे लगाए गए थे। विद्यालय में साफ-सफाई और अनुशासन भी देखने लायक था।
इस अवसर पर विद्यालय की अन्य शिक्षिकाएं और स्टाफ भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने विद्यालय द्वारा किए गए आयोजन की सराहना की और कहा कि *श्रीमती अनुपम* के नेतृत्व में विद्यालय निरंतर प्रगति कर रहा है।
    user_Rohit kumar
    Rohit kumar
    Voice of people धामपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत! ओम चेरिटैबल नर्सिंग होम से ले जाते समय हुई मौत किरतपुर के ओम चैरिटेबल नर्सिंग होम में उपचार के बाद घर ले जाते समय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग।
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    संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत!
ओम चेरिटैबल नर्सिंग होम से ले जाते समय हुई मौत 
किरतपुर के ओम चैरिटेबल नर्सिंग होम में उपचार के बाद घर ले जाते समय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग।
    user_Mukesh Rportar
    Mukesh Rportar
    Local News Reporter बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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