हड़ताल के चौथे दिन भी नहीं माने आउटसोर्स कर्मचारी, अधिकारियों की समझाइश बेअसर हड़ताल के चौथे दिन भी नहीं माने आउटसोर्स कर्मचारी, अधिकारियों की समझाइश बेअसर एसडीओपी, तहसीलदार, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि और सीएमओ ने की चर्चा, मांगों पर अड़े कर्मचारी; बाजार बंद का किया आह्वान सेवढ़ा। नगर परिषद सेवढ़ा में आउटसोर्स कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चौथे दिन कर्मचारियों को समझाने के लिए एसडीओपी अजय चानना, तहसीलदार राजेंद्र सिंह जाटव, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि आशा गोविंद नागिल तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी महिपाल सिंह यादव मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से चर्चा कर हड़ताल समाप्त करने की अपील की। अधिकारियों ने कर्मचारियों से उनकी समस्याओं और मांगों को लेकर बातचीत की तथा प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बावजूद आउटसोर्स कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मांगों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि आउटसोर्स व्यवस्था के कारण उन्हें लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में श्रम विभाग द्वारा निर्धारित मजदूरी का भुगतान, ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को सीधे नगर निकाय से जोड़ना तथा योग्य एवं पढ़े-लिखे कर्मचारियों को कार्यालयीन कार्यों में 15 प्रतिशत आरक्षण सहित अन्य मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें मेहनत के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है और ठेका व्यवस्था के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं मांगों को लेकर कर्मचारी नगर परिषद परिसर में धरने पर बैठे हैं। बाजार में व्यापारियों से मांगा सहयोग हड़ताल के चौथे दिन आउटसोर्स कर्मचारियों ने आंदोलन को व्यापक समर्थन दिलाने के लिए नगर के बाजार में पहुंचकर व्यापारियों से सहयोग की अपील की। कर्मचारियों ने व्यापारियों से अपनी मांगों और समस्याओं के बारे में जानकारी साझा करते हुए आंदोलन में समर्थन देने का आग्रह किया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में बाजार बंद का भी आह्वान किया है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। अधिकारियों की समझाइश के बाद भी जारी रहा आंदोलन चौथे दिन प्रशासनिक एवं नगर परिषद अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों से बातचीत किए जाने के बावजूद हड़ताल समाप्त नहीं हुई। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे। अब देखना होगा कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच आगामी दिनों में क्या सहमति बनती है और हड़ताल कब समाप्त होती है। फिलहाल आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नगर परिषद की विभिन्न व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ने की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही हैं
हड़ताल के चौथे दिन भी नहीं माने आउटसोर्स कर्मचारी, अधिकारियों की समझाइश बेअसर हड़ताल के चौथे दिन भी नहीं माने आउटसोर्स कर्मचारी, अधिकारियों की समझाइश बेअसर एसडीओपी, तहसीलदार, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि और सीएमओ ने की चर्चा, मांगों पर अड़े कर्मचारी; बाजार बंद का किया आह्वान सेवढ़ा। नगर परिषद सेवढ़ा में आउटसोर्स कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चौथे दिन कर्मचारियों को समझाने के लिए एसडीओपी अजय चानना, तहसीलदार राजेंद्र सिंह जाटव, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि आशा गोविंद नागिल तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी महिपाल सिंह यादव मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से चर्चा कर हड़ताल समाप्त करने की अपील की। अधिकारियों ने कर्मचारियों से उनकी समस्याओं और मांगों को लेकर बातचीत की तथा प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बावजूद आउटसोर्स कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मांगों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि आउटसोर्स व्यवस्था के कारण उन्हें लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में श्रम विभाग द्वारा निर्धारित मजदूरी का भुगतान, ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को सीधे नगर निकाय से जोड़ना तथा योग्य एवं पढ़े-लिखे कर्मचारियों को कार्यालयीन कार्यों में 15 प्रतिशत आरक्षण सहित अन्य मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें मेहनत के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है और ठेका व्यवस्था के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं मांगों को लेकर कर्मचारी नगर परिषद परिसर में धरने पर बैठे हैं। बाजार में व्यापारियों से मांगा सहयोग हड़ताल के चौथे दिन आउटसोर्स कर्मचारियों ने आंदोलन को व्यापक समर्थन दिलाने के लिए नगर के बाजार में पहुंचकर व्यापारियों से सहयोग की अपील की। कर्मचारियों ने व्यापारियों से अपनी मांगों और समस्याओं के बारे में जानकारी साझा करते हुए आंदोलन में समर्थन देने का आग्रह किया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में बाजार बंद का भी आह्वान किया है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। अधिकारियों की समझाइश के बाद भी जारी रहा आंदोलन चौथे दिन प्रशासनिक एवं नगर परिषद अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों से बातचीत किए जाने के बावजूद हड़ताल समाप्त नहीं हुई। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे। अब देखना होगा कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच आगामी दिनों में क्या सहमति बनती है और हड़ताल कब समाप्त होती है। फिलहाल आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नगर परिषद की विभिन्न व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ने की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही हैं
- मैं दतिया से विधायक बन गया हूँ, पर सेंवढ़ा से रिश्ते कायम रहेंगे- घनश्यामसिंह, विधायक मैं दतिया से विधायक बन गया हूँ, पर सेंवढ़ा से रिश्ते कायम रहेंगे- घनश्यामसिंह, विधायक इंदरगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया नव निर्वाचित विधायक घनश्यामसिंह का सम्मान दतिया। मैं दतिया से विधायक बन गया हूं, पर सेंवढ़ा क्षेत्र से रिश्ते कायम रखूंगा। सेंवढ़ा क्षेत्र की समस्याओं को हल करने के लिए मैं विधायक के पावर का इस्तेमाल करूंगा। यह बात दतिया विधानसभा क्षेत्र के नव निर्वाचित विधायक घनश्यामसिंह ने इंदरगढ़ में आयोजित सम्मान समारोह में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित कर कही। उन्होंने कहा कि मेरे चुनाव में सेंवढ़ा क्षेत्र के लगभग सभी गॉवों क्षेत्रों के कार्यकर्ता दतिया पहुंचे तथा मेरा पूरा सहयोग किया इसके लिए मैं आप सभी का बहुत आभारी हूँ। सरकार ने चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद हर तरह का हथ कंडा अपनाया। शासन का भी बहुत दबाव था, हमारे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जी ने चुनाव में बहुत मेहनत की जैसे वह स्वंय चुनाव लड़ रहे हो। उन्होंने मेरी छबि को चुनाव जीतने के लिए जिस तरह से उपयोग करना था किया और परिणाम को जीत में बदलने में सफल हुए। कार्यक्रम के आरंभ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिंह का फूल मालाएं पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर, साफा पहनाकर, तलवार एवं श्रीफल भेंट कर तथा कालीपुरा, इंदरगढ़, थरेट, सेंवढ़ा में तीन स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फलों से तुलादान कर आत्मीय स्वागत किया।1
- "इंदरगढ़ नगर के बस स्टैंड के पास बीच बाजार में अवैध निर्माण: दुकानदार बना रहे पक्की दुकानें, नगर परिषद की अनुमति नहीं, फिर भी काम जारी" बिना नगर परिषद की अनुमति के अपनी-अपनी पक्की दुकानें बना रहे हैं। दिन-दहाड़े निर्माण चल रहा है, "इंदरगढ़ नगर के बस स्टैंड के पास बीच बाजार में अवैध निर्माण: दुकानदार बना रहे पक्की दुकानें, नगर परिषद की अनुमति नहीं, फिर भी काम जारी" बिना नगर परिषद की अनुमति के अपनी-अपनी पक्की दुकानें बना रहे हैं। दिन-दहाड़े निर्माण चल रहा है,1
- विधायक के भतीजों के साथ ढाबे पर मारपीट, कट्टे के बट से सिर पर किया वार भितरवार। हरसी रोड पर सिलाह गांव के समीप स्थित एक ढाबे पर रविवार रात खाना खा रहे दो युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। दोनों युवक मस्तूरा निवासी हैं और सबलगढ़ विधायक सरला रावत के भतीजे बताए जा रहे हैं। घटना रात करीब 9 से 10 बजे के बीच की बताई गई है। मारपीट में मनोज रावत के सिर में चोट आई है। मनोज रावत के अनुसार, वह अपने पारिवारिक भाई के साथ ढाबे पर खाना खा रहे थे। इसी दौरान शिब्बू, सत्येंद्र, विक्की और नीरू वहां पहुंचे और उनका रखा सामान फेंक दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई। आरोप है कि इसके बाद चारों युवकों ने लाठी और कथित अवैध कट्टे के बट से मनोज के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसका सिर फूट गया। मनोज ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपी कथित कट्टे की नोक पर करीब 20 हजार रुपए भी लेकर चले गए। घटना के बाद पीड़ित भितरवार थाने पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस द्वारा घटना की जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस की जांच और कार्रवाई के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- राजस्व मंत्री के क्षेत्र में बदहाली: उफनती नदी में जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग महिला का अंतिम यात्रा, श्मशान घाट पहुँचने पुल तक नहीं* *राजस्व मंत्री के क्षेत्र में बदहाली: उफनती नदी में जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग महिला का अंतिम यात्रा, श्मशान घाट पहुँचने पुल तक नहीं* मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह विधानसभा क्षेत्र इछावर के हालात जमीनी हकीकत की पोल खोल रहे हैं। बीते दिनों ग्राम पंचायत मूडला खुर्द के कचनारिया गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति के निधन के बाद ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए जो सहना पड़ा, वह शासन-प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ाता है। गाँव में श्मशान घाट तक जाने के लिए एक अदद पुल तक नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को उफनती नदी पार कर अपनी जान जोखिम में डालते हुए शव को ले जाना पड़ा। गांव की एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु हो जाने पर अंतिम यात्रा के दौरान कोई रास्ता नहीं बचा था। उफनती नदी के तेज बहाव के बीच ग्रामीणों ने कंधों पर शव उठाकर नदी पार की। इस जानलेवा सफर के दौरान जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, लेकिन मजबूर ग्रामीणों के पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था। *35 सालों का प्रतिनिधित्व, लेकिन मूलभूत सुविधाएं गायब* विडंबना यह है कि इछावर क्षेत्र से करण सिंह वर्मा पिछले 35 से अधिक वर्षों से विधायक हैं और वर्तमान में प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं। इसके बावजूद कचनारिया गाँव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। लंबे समय से श्मशान घाट तक पहुँच मार्ग और पुल के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन नेताओं और प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, मगर धरातल पर स्थितियां जस की तस हैं। बारिश के दिनों में यह समस्या और विकराल हो जाती है। जब कोई दुखद घटना होती है, तो गांववालों को अपनी जिंदगी दांव पर लगानी पड़ती है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट मार्ग पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी को इस तरह जान जोखिम में न डालनी पड़े.1