#पूर्ण_गुरु_से_होगा_मोक्ष True Guru Sant Rampal Ji मनुष्य जीवन अनमोल है इसको आत्महत्या करके नष्ट न करो, मनुष्य जन्म का मूल उद्देश्य जानो। मानुष जन्म पाय कर, जो नहीं रटे हरि नाम। जैसे कुंआ जल बिना, बनवाया क्या काम।। मनुष्य जन्म परमात्मा की भक्ति के लिए मिला है। यदि भक्ति नहीं मिली तो मनुष्य जीवन व्यर्थ चला जायेगा। फिर कुत्ते, गधे, सुअर, शेर इत्यादि 84 लाख योनियों में भटकना पड़ेगा। तत्वदर्शी संत से उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से प्रारब्ध कर्म के पाप अनुसार यदि भाग्य में सजाए मौत हो तो वह पाप कर्म हल्का होकर सामने आएगा। उस साधक को कांटा लगकर मौत की सजा टल जाएगी। बिन सतगुरू पावै नहीं खालक खोज विचार। चौरासी जग जात है, चिन्हत नाहीं सार।। सतगुरू के बिना खालिक (परमात्मा) का विचार यानि यथार्थ ज्ञान नहीं मिलता। जिस कारण से संसार के व्यक्ति चौरासी लाख प्रकार के प्राणियों के शरीरों को प्राप्त करते हैं क्योंकि वे सार नाम, मूल ज्ञान को नहीं पहचानते। अठारा बोध।।“ पूर्ण संत चारों वेदों, छः शास्त्रों, अठारह पुराणों आदि सभी ग्रंथों का पूर्ण जानकार होगा। सभी सद्ग्रन्थों के पूर्ण जानकार पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज हैं जो सतभक्ति देकर मानव को सभी बुराइयों से दूर कर रहे हैं। पवित्र सदग्रन्थों जैसे श्रीमद्भगवद गीता जी, वेद, गुरु ग्रंथ साहेब, बाइबिल, कुरान से कबीर साहेब जी को परमात्मा सिद्ध करने वाले संत रामपाल जी महाराज ही पूर्ण तथा सच्चे गुरु हैं। यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि जो वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा करवाएगा। वह जगत का उपकारक संत सच्चा सतगुरु होगा। इस परमार्थ के कार्य को केवल पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज ही कर रहे हैं। पूर्ण गुरु के लक्षण पूर्ण संत सर्व वेद-शास्त्रों का ज्ञाता होता है। दूसरे वह मन-कर्म-वचन से यानि सच्ची श्रद्धा से केवल एक परमात्मा समर्थ की भक्ति स्वयं करता है तथा अपने अनुयाईयों से करवाता है। तीसरे वह सब अनुयाईयों से समान व्यवहार (बर्ताव) करता है। चौथे उसके द्वारा बताया भक्ति कर्म वेदों में वर्णित विधि के अनुसार होता है। पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लें, अपना कल्याण कराएं। कुरान ज्ञान दाता हजरत मुहम्मद जी को कहता है कि उस अल्लाह की जानकारी किसी बाख़बर इल्मवाले संत से पूछो। वह बाख़बर इल्मवाले संत रामपाल जी महाराज हैं जो अल्लाह की सम्पूर्ण जानकारी रखते हैं। पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लें, अपना कल्याण कराएं। कबीर, सतगुरु शरण में आने से, आई टले बलाय। जै मस्तिक में सूली हो वह कांटे में टल जाय।। सतगुरु अथार्त् तत्वदर्शी संत से उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से प्रारब्ध कर्म के पाप अनुसार यदि भाग्य में सजाए मौत हो तो वह पाप कर्म हल्का होकर सामने आएगा। उस साधक को कांटा लगकर मौत की सजा टल जाएगी।
#पूर्ण_गुरु_से_होगा_मोक्ष True Guru Sant Rampal Ji मनुष्य जीवन अनमोल है इसको आत्महत्या करके नष्ट न करो, मनुष्य जन्म का मूल उद्देश्य जानो। मानुष जन्म पाय कर, जो नहीं रटे हरि नाम। जैसे कुंआ जल बिना, बनवाया क्या काम।। मनुष्य जन्म परमात्मा की भक्ति के लिए मिला है। यदि भक्ति नहीं मिली तो मनुष्य जीवन व्यर्थ चला जायेगा। फिर कुत्ते, गधे, सुअर, शेर इत्यादि 84 लाख योनियों में भटकना पड़ेगा। तत्वदर्शी संत से उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से प्रारब्ध कर्म के पाप अनुसार यदि भाग्य में सजाए मौत हो तो वह पाप कर्म हल्का होकर सामने आएगा। उस साधक को कांटा लगकर मौत की सजा टल जाएगी। बिन सतगुरू पावै नहीं खालक खोज विचार। चौरासी जग जात है, चिन्हत नाहीं सार।। सतगुरू के बिना खालिक (परमात्मा) का विचार यानि यथार्थ ज्ञान नहीं मिलता। जिस कारण से संसार के व्यक्ति चौरासी लाख प्रकार के प्राणियों के शरीरों को प्राप्त करते हैं क्योंकि वे सार नाम, मूल ज्ञान को नहीं पहचानते। अठारा बोध।।“ पूर्ण संत चारों वेदों, छः शास्त्रों, अठारह पुराणों आदि सभी ग्रंथों का पूर्ण जानकार होगा। सभी सद्ग्रन्थों के पूर्ण जानकार पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज हैं जो सतभक्ति देकर मानव को सभी बुराइयों से दूर कर रहे हैं। पवित्र सदग्रन्थों जैसे श्रीमद्भगवद गीता जी, वेद, गुरु ग्रंथ साहेब, बाइबिल, कुरान से कबीर साहेब जी को परमात्मा सिद्ध करने वाले संत रामपाल जी महाराज ही पूर्ण तथा सच्चे गुरु हैं। यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि जो वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा करवाएगा। वह जगत का उपकारक संत सच्चा सतगुरु होगा। इस परमार्थ के कार्य को केवल पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज ही कर रहे हैं। पूर्ण गुरु के लक्षण पूर्ण संत सर्व वेद-शास्त्रों का ज्ञाता होता है। दूसरे वह मन-कर्म-वचन से यानि सच्ची श्रद्धा से केवल एक परमात्मा समर्थ की भक्ति स्वयं करता है तथा अपने अनुयाईयों से करवाता है। तीसरे वह सब अनुयाईयों से समान व्यवहार (बर्ताव) करता है। चौथे उसके द्वारा बताया भक्ति कर्म वेदों में वर्णित विधि के अनुसार होता है। पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लें, अपना कल्याण कराएं। कुरान ज्ञान दाता हजरत मुहम्मद जी को कहता है कि उस अल्लाह की जानकारी किसी बाख़बर इल्मवाले संत से पूछो। वह बाख़बर इल्मवाले संत रामपाल जी महाराज हैं जो अल्लाह की सम्पूर्ण जानकारी रखते हैं। पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लें, अपना कल्याण कराएं। कबीर, सतगुरु शरण में आने से, आई टले बलाय। जै मस्तिक में सूली हो वह कांटे में टल जाय।। सतगुरु अथार्त् तत्वदर्शी संत से उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से प्रारब्ध कर्म के पाप अनुसार यदि भाग्य में सजाए मौत हो तो वह पाप कर्म हल्का होकर सामने आएगा। उस साधक को कांटा लगकर मौत की सजा टल जाएगी।
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- तिरंगे के रंग में रंगा सारंगढ़! सड़कों पर उमड़ा देशभक्ति का सैलाब, मंत्री टंकराम वर्मा भी हुए शामिल देशभक्ति के जज्बे से सराबोर सारंगढ़ नगर में आज भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस तिरंगा यात्रा मे मंत्री टंक राम वर्मा के साथ यात्रा में सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी और स्कूली बच्चे शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भारत माता के जयकारे लगाए। तिरंगा यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। उन्होंने तिरंगा लहराते हुए यात्रा का नेतृत्व किया और नगरवासियों के साथ कदम से कदम मिलाकर पूरे नगर का भ्रमण किया। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। स्कूली बच्चों से लेकर आम नागरिकों तक सभी के हाथों में तिरंगा नजर आया। देशभक्ति गीतों और भारत माता के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा। इस दौरान मंत्री टंकराम वर्मा ने लोगों को देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तिरंगा सिर्फ एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की आन-बान और शान का प्रतीक है। हर नागरिक को देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में निकली इस तिरंगा यात्रा में नगर के अलग-अलग वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यात्रा ने पूरे नगर में देशभक्ति का माहौल बना दिया। सारंगढ़ में निकली यह तिरंगा यात्रा लोगों के बीच राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश देने के साथ यादगार बन गई।1
- सम्पूर्ण भारत में सुरक्षा गार्ड सुरक्षा सुपरवाइजर गनमेन की विषेश रूप से भर्तियां निकली हैं योग्य कुशल दक्ष स्वास्थ्य शरीर का होना अनिवार्य है ।1
- रायगढ़ जिले में इनकम टैक्स प्रैक्टिशनर एसोसिएशन की विशेष पहल,निर्धारित दर पर किया कोर्ट फीस टिकट का वितरण।1
- पार्ट 08 ब्रह्माकुमारी पंथ का पर्दाफाश शिव महापुराण का अनसुना रहस्य कौन है सदा सिव रुद्र और महेश्वर सिव लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई ब्रम्हा विष्णु महेश जी के माता पिता कौन हैं जाने इस वीडियो मे सभी धर्मो के धार्मिक सत् ग्रंथो के ऐसे अनसुलझे रहस्य जिसे सभी धर्म के धर्मगुरुओं द्वारा छुपाया गया जिससे जनता अभी तक अनजानऔर बेखबर है जिसे संत रामपाल जी महाराज ने उजागर किया है1
- Janjgir : 33 मामलों में 5 म्यूल खाताधारकों की हुई गिरफ्तारी, 10 करोड़ से अधिक की ठगी का मामला, देशभर के 11 राज्यों में दर्ज हैं सायबर अपराध, सायबर थाना पुलिस ने की बड़ी कार्यवाही। Janjgir : 33 मामलों में 5 म्यूल खाताधारकों की हुई गिरफ्तारी, 10 करोड़ से अधिक की ठगी का मामला, देशभर के 11 राज्यों में दर्ज हैं सायबर अपराध, सायबर थाना पुलिस ने की बड़ी कार्यवाही।1
- छत्तीसगढ़ किसान सभा ने सौंपा ज्ञापन,एमएसपी समेत 6 मांगें उठाईं।1
- धान घोटाले में दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी, धान घोटाले में दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी, पुटीडीह धान खरीदी केंद्र का मामला, सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम पुटीडीह धान उपार्जन केंद्र में करीब 89 लाख 32 हजार रुपये के धान गबन के मामले में डभरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शशिकांत महंत, उम्र 46 वर्ष, निवासी कोटमी और श्याम बाई बरेठ, उम्र 55 वर्ष, निवासी चुराघांठा शामिल हैं। पुलिस जांच में धान उपार्जन केंद्र में 9,426 धान भरे बारदानों की कमी पाई गई। साथ ही, बिना भौतिक रूप से धान पहुंचे ही फर्जी तौल पत्रकों के आधार पर धान खरीदी की एंट्री किए जाने की बात भी सामने आई है। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है और पुलिस की विवेचना लगातार जारी है।1