हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत डांटो कला के चरवा अहरा में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे गहरीकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का विधिवत शिलान्यास किए बिना ही कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिससे योजना की पारदर्शिता एवं वैधता पर गहरा संदेह उत्पन्न हो रहा है और उनमें आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, कार्यस्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है, जिसके कारण योजना की स्वीकृत राशि, प्राक्कलन, कार्य अवधि, संवेदक का नाम एवं तकनीकी स्वीकृति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां आम जनता को उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है तथा सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि संबंधित संवेदक एवं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी करते हुए यह कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जा रहा है, तो योजना से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, उपायुक्त एवं लघु सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में कार्यस्थल पर तत्काल योजना सूचना बोर्ड लगाया जाना, शिलान्यास, प्रशासनिक स्वीकृति एवं प्राक्कलन की जानकारी सार्वजनिक की जाना, कार्य की गुणवत्ता एवं प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाना, अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संवेदक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाना तथा जांच पूरी होने तक कार्य पर रोक लगाने पर विचार किया जाना शामिल है।
हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत डांटो कला के चरवा अहरा में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे गहरीकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का विधिवत शिलान्यास किए बिना ही कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिससे योजना की पारदर्शिता एवं वैधता पर गहरा संदेह उत्पन्न हो रहा है और उनमें आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, कार्यस्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है, जिसके कारण योजना की स्वीकृत राशि, प्राक्कलन, कार्य अवधि, संवेदक का नाम एवं तकनीकी स्वीकृति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां आम जनता को उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है तथा सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि संबंधित संवेदक एवं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी करते हुए यह कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जा रहा है, तो योजना से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, उपायुक्त एवं लघु सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में कार्यस्थल पर तत्काल योजना सूचना बोर्ड लगाया जाना, शिलान्यास, प्रशासनिक स्वीकृति एवं प्राक्कलन की जानकारी सार्वजनिक की जाना, कार्य की गुणवत्ता एवं प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाना, अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संवेदक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाना तथा जांच पूरी होने तक कार्य पर रोक लगाने पर विचार किया जाना शामिल है।
- देश में गौ रक्षा से जुड़े एक मामले में न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, चौदह गौ रक्षकों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है। वहीं, दूसरी ओर गौ तस्करों को मात्र दस दिनों के भीतर ज़मानत मिल गई, जिस पर 'वाह सरकार' कहकर तंज़ कसा गया है। यह स्थिति न्याय के कथित दोहरे मापदंड पर गहरा आक्रोश और प्रश्नचिह्न लगाती है।1
- रौशन सर जेल से बाहर आ गए हैं। जेल से बाहर आते ही उन्होंने खान पर जमकर गुस्सा जाहिर किया। इस घटनाक्रम के बीच, SK JHA SIR ने स्पष्ट रूप से कहा है कि खान को परिवार से पैर पकड़कर माफी मांगनी चाहिए।1
- भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर एक महंत भगवान की मूर्ति के साथ नंगे पांव समाहरणालय पहुंचे। उन्होंने इस संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई। प्रशासन ने महंत को भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का पक्का भरोसा दिया है।1
- 'टाइगर जयराम' को 'रील बाज नेता' कहे जाने पर बेबी महतो भड़क उठीं। उन्होंने इस टिप्पणी के बाद जयराम महतो के बारे में अपनी बात रखी।1
- झारखंड के रामगढ़ जिला का आम वैश्विक तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी धूम मचा रहा है, जिससे इलाके को एक खास पहचान मिल रही है।1
- पलामू के नौडीहा बाजार स्थित थाना नंबर 192 पर दादागिरी और गुंडागर्दी का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि घर में कोई अभिभावक न होने पर भी पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और बदतमीज़ी की, साथ ही छीना-झपटी भी की। यह पूरी घटना एक वीडियो में साफ तौर पर देखी जा सकती है। इस मामले को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आम जनता ऐसी स्थिति में मदद के लिए किसके पास जाए। यह भी कहा गया कि जब कोई जमीन विवादित होती है, तब भी उसके नियम होते हैं; लेकिन यहाँ न कोई लड़ाई-झगड़ा हो रहा था और न ही कोई पूर्व नोटिस दिया गया था, फिर भी थाना घर पर क्यों गया।1
- राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा ‘हम भारत की महिलाएँ’ नामक एक प्रेरणादायी पुस्तक प्रकाशित की गई है, जो भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महिला सदस्यों को एक आदरांजलि है। यह पुस्तक उन महिलाओं के विचारों, संघर्षों और महत्वपूर्ण योगदान को उजागर करती है, जिन्होंने समानता, न्याय और स्वतंत्रता जैसे संवैधानिक मूल्यों को एक मजबूत आधार प्रदान किया। यह प्रकाशन केवल इतिहास का एक दस्तावेज मात्र नहीं है, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है। पुस्तक विशेष रूप से महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उनकी अपरिहार्य भूमिका को रेखांकित करती है।1
- राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के ओबरिया रोड स्थित एक बंद फ्लैट में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। चोरों ने फ्लैट में ताला बंद देखकर इसे निशाना बनाया और लाखों रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना में चोर ₹1.5 लाख कैश के साथ जेवरात भी लेकर फरार हो गए हैं। जिस समय यह चोरी हुई, फ्लैट का परिवार पिठौरिया गया हुआ था। चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत वारदात स्थल पर पहुँची और मामले की जाँच में जुट गई है।1
- रांची स्थित लाइट हाउस परिसर में कांग्रेस नेता संजीत यादव पर अवैध बैठक करने का आरोप लगा है। इस बैठक के दौरान, संजीत यादव ने लाइट हाउस सोसाइटी के सेक्रेटरी और अध्यक्ष को बांधकर रखने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उन्होंने परिसर के निवासियों को सोसाइटी का मेंटेनेंस नहीं देने का निर्देश भी दिया।1