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जानिए, कैसे AI वीडियो डिलीट करवाए जा रहे हैं 👇 * AI वीडियो को डिलीट करने का आदेश BJP शासित राज्य सरकारों-बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र- की पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भेजा गया * कुछ AI वीडियो को डिलीट करवाने का आदेश सीधे रील मंत्री अश्विनी वैष्णव के मंत्रालय से आया है * ये वही अश्विनी वैष्णव हैं जो AI समिट के कर्ता-धर्ता हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर AI वीडियो डिलीट करवाने में व्यस्त हैं * इनमें से अधिकांश वीडियो डिलीट और ब्लॉक करने के आदेश IT Act, 2000 की धारा 69(A) और धारा 79(3)(B) का हवाला देते हैं * धारा 69(A) सरकार को कहीं से भी किसी भी content को बिना सुनवाई किए ब्लॉक और डिलीट करने का अधिकार देती है * धारा 79(3)(B) सोशल मीडिया कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को पोस्ट की गई सामग्री के लिए कानूनी दायित्व से मुक्त करती है, यदि वे सरकार के आदेश पर उसे हटा दें ये आदेश भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (2023) और धारा 356(2023) के उल्लंघन का हवाला देते हैं, जो आपराधिक मानहानि, जनता में भय पैदा करना या समूहों के बीच नफरत भड़काने से जुड़े हुए हैं सवाल है- जिन वीडियो को हटाया गया, उनमें कौन सी बात गलत है और किनके बीच वैमनस्य पैदा हो रहा है? : AICC- सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन @SupriyaShrinate जी 📍 दिल्ली

9 hrs ago
user_मधुर यादव (बरिष्ठ पत्रकार)
मधुर यादव (बरिष्ठ पत्रकार)
Lawyer गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

जानिए, कैसे AI वीडियो डिलीट करवाए जा रहे हैं 👇 * AI वीडियो को डिलीट करने का आदेश BJP शासित राज्य सरकारों-बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र- की पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भेजा गया * कुछ AI वीडियो को डिलीट करवाने का आदेश सीधे रील मंत्री अश्विनी वैष्णव के मंत्रालय से आया है * ये वही अश्विनी वैष्णव हैं जो AI समिट के कर्ता-धर्ता हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर AI वीडियो डिलीट करवाने में व्यस्त हैं * इनमें से अधिकांश वीडियो डिलीट और ब्लॉक करने के आदेश IT Act, 2000 की धारा 69(A) और धारा 79(3)(B) का हवाला देते हैं * धारा 69(A) सरकार को कहीं से भी किसी भी content को बिना सुनवाई किए ब्लॉक और डिलीट करने का अधिकार देती है * धारा 79(3)(B) सोशल मीडिया कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को पोस्ट की गई सामग्री के लिए कानूनी दायित्व से मुक्त करती है, यदि वे सरकार के आदेश पर उसे हटा दें ये आदेश भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (2023) और धारा 356(2023) के उल्लंघन का हवाला देते हैं, जो आपराधिक मानहानि, जनता में भय पैदा करना या समूहों के बीच नफरत भड़काने से जुड़े हुए हैं सवाल है- जिन वीडियो को हटाया गया, उनमें कौन सी बात गलत है और किनके बीच वैमनस्य पैदा हो रहा है? : AICC- सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन @SupriyaShrinate जी 📍 दिल्ली

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  • गुरसरांय थाना क्षेत्र में गृह कलह से परेशान विवाहिता ने दी जा*न, पुलिस जांच में जुटी
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    गुरसरांय थाना क्षेत्र में गृह कलह से परेशान विवाहिता ने दी जा*न, पुलिस जांच में जुटी
    user_Som mishra
    Som mishra
    पत्रकार गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • 👍दिनांक 18/02/2026 की रात्रि में थाना रावतपुर पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि छपेड़ा पुलिया के पास दो पक्षों के बीच मारपीट हुई है तथा गोली चलने की सूचना है। उक्त सूचना पर तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुँचा। जाँच में ज्ञात हुआ कि सोनू राठौर नामक व्यक्ति पर अभिषेक विश्वकर्मा द्वारा हमला किया गया है। घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार हेतु हैलट अस्पताल भेजा गया तथा घटना में मुख्य अभियुक्त अभिषेक विश्वकर्मा के घर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया है। प्राथमिक उपचार के उपरांत चिकित्सक द्वारा घायल को फिलहाल खतरे से बाहर बताया गया है। पीड़ित पक्ष से प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। #कानपुर #kanpur #viralvideochallenge #fbreels
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    👍दिनांक 18/02/2026 की रात्रि में थाना रावतपुर पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि छपेड़ा पुलिया के पास दो पक्षों के बीच मारपीट हुई है तथा गोली चलने की सूचना है। उक्त सूचना पर तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुँचा। जाँच में ज्ञात हुआ कि सोनू राठौर नामक व्यक्ति पर अभिषेक विश्वकर्मा द्वारा हमला किया गया है। घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार हेतु हैलट अस्पताल भेजा गया तथा घटना में मुख्य अभियुक्त अभिषेक विश्वकर्मा के घर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया है। प्राथमिक उपचार के उपरांत चिकित्सक द्वारा घायल को फिलहाल खतरे से बाहर बताया गया है। पीड़ित पक्ष से प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
#कानपुर #kanpur #viralvideochallenge #fbreels
    user_निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
    राठ, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by Bhola Raikwar
    3
    Post by Bhola Raikwar
    user_Bhola Raikwar
    Bhola Raikwar
    Construction Worker मऊरानीपुर, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। आरक्षण का मूल उद्देश्य भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है। आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है। भूमि और संपत्ति का प्रश्न स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था। इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है। इतिहास और युद्ध की वास्तविकता भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है। उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर। आगे का रास्ता सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है: शिक्षा तक समान पहुँच आर्थिक अवसरों का विस्तार कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली शिवपाल सिंह एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश
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    भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं।
आरक्षण का मूल उद्देश्य
भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है।
आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है।
भूमि और संपत्ति का प्रश्न
स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था।
इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है।
इतिहास और युद्ध की वास्तविकता
भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है।
उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर।
आगे का रास्ता
सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है:
शिक्षा तक समान पहुँच
आर्थिक अवसरों का विस्तार
कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन
सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान
समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली
शिवपाल सिंह
एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश
    user_SHIVPAL SINGH
    SHIVPAL SINGH
    Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अवगत कराना है कि दिनांक 15.02.2026 को दृश्या गेस्ट हाउस ग्राम न्यामतपुर थाना सिरसाकलार में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग किये जाने के संबन्ध में थाना सिरसाकलार पर मु0अ0सं0 13/26 धारा 25(9)/30 आर्म्स एक्ट बनाम प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन के पंजीकृत कर आरोपी प्रभात रंजन उर्फ रवि उपरोक्त को लाईसेंसी रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जा रही है । *अभियुक्त का नाम पता –* 1. प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन *पुलिस टीम का विवरणः –* 1. थानाध्यक्ष सिरसाकलार मय पुलिस टीम ।
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    अवगत कराना है कि दिनांक 15.02.2026 को दृश्या गेस्ट हाउस ग्राम न्यामतपुर थाना सिरसाकलार में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग किये जाने के संबन्ध में थाना सिरसाकलार पर मु0अ0सं0 13/26 धारा 25(9)/30 आर्म्स एक्ट बनाम प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन के पंजीकृत कर आरोपी प्रभात रंजन उर्फ रवि उपरोक्त को लाईसेंसी रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
*अभियुक्त का नाम पता –* 
1. प्रभात रंजन उर्फ रवि पुत्र स्व0 हरनारायण पाल निवासी ग्राम अमगुवाँ थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन 
*पुलिस टीम का विवरणः –* 
1. थानाध्यक्ष सिरसाकलार मय पुलिस टीम ।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • आज दिनांक 19.02.2026 को पीआरवी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि कॉलर पिंकी देवी नि0 सुशील नगर के मकान में कुछ अज्ञात चोरों नें छत के रास्ते से मकान में प्रवेश कर जेवर व नगदी चोरी कर ली है और परिवारीजन के जागने पर उन्हें कमरे में बन्द कर चले गए हैं | इस सूचना पर प्र0नि0 कोतवाली उरई व अपर पुलिस अधीक्षक जालौन मय पुलिस बल द्वारा मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है । वादिनी की तहरीर के आधार पर कोतवाली उरई में सुसंगत धारओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है । घटना के शीघ्र अनावरण हेतु 03 टीमों का गठन किया गया है । अग्रिम कार्यवाही प्रचलित है । इस सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गयी बाइट ।
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    आज दिनांक 19.02.2026 को पीआरवी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि कॉलर पिंकी देवी नि0 सुशील नगर के मकान में कुछ अज्ञात चोरों नें छत के रास्ते से मकान में प्रवेश कर जेवर व नगदी चोरी कर ली है और परिवारीजन के जागने पर उन्हें कमरे में बन्द कर चले गए हैं | इस सूचना पर प्र0नि0 कोतवाली उरई व अपर पुलिस अधीक्षक जालौन मय पुलिस बल द्वारा मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है । वादिनी की तहरीर के आधार पर कोतवाली उरई में सुसंगत धारओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है ।  घटना के शीघ्र अनावरण हेतु 03 टीमों का गठन किया गया है । अग्रिम कार्यवाही प्रचलित है । इस सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दी गयी बाइट ।
    user_रोहितसोनी पत्रकार
    रोहितसोनी पत्रकार
    Court reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • ग्राम अस्ता के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, तीन युवक गंभीर घायल
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    ग्राम अस्ता के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, तीन युवक गंभीर घायल
    user_Som mishra
    Som mishra
    पत्रकार गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by मधुर यादव (बरिष्ठ पत्रकार)
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    Post by मधुर यादव (बरिष्ठ पत्रकार)
    user_मधुर यादव (बरिष्ठ पत्रकार)
    मधुर यादव (बरिष्ठ पत्रकार)
    Lawyer गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • DJ party
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    DJ party
    user_Bhola Raikwar
    Bhola Raikwar
    Construction Worker मऊरानीपुर, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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