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डीग जिले के गांव कठैरा चौथ मैं पगड़ी राशन में शामिल हुई और गांव मधुबन की जन समस्या सुनी और उनकी जल्द ही निराकरण करने का आश्वासन दिया महिला जिला अध्यक्ष श्वेता यादव डीग
Rajesh Kumar
डीग जिले के गांव कठैरा चौथ मैं पगड़ी राशन में शामिल हुई और गांव मधुबन की जन समस्या सुनी और उनकी जल्द ही निराकरण करने का आश्वासन दिया महिला जिला अध्यक्ष श्वेता यादव डीग
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- भिवाड़ी में सिलेंडर ब्लास्ट से कोहराम, एक ही परिवार के सात लोग झुलसे, हालत गंभीर भिवाड़ी के फेज थर्ड थाना क्षेत्र के साथलका गांव की बिल्लू कॉलोनी में गुरुवार सुबह हुए गैस सिलेंडर विस्फोट ने हड़कंप मचा दिया। एक मकान में हुए अचानक धमाके से एक ही परिवार के सात सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में राम सिंह, ममता सहित पांच बच्चे शामिल हैं। सभी को तुरंत भिवाड़ी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत देखते हुए अलवर रेफर कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब घर में खाना बनाने की तैयारी चल रही थी। अचानक हुए जोरदार धमाके से मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव को हादसे की वजह माना जा रहा है।1
- Post by डीग लाइव पत्रकार1
- डीग, 29 अप्रैल। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए जिले में संचालित ग्राम रथ अभियान निरंतर सफलता की नई कहानियाँ सामने ला रहा है। जब यह विकास रथ ग्राम पंचायत बहज पहुँचा, तो वहाँ सुशासन और धरातलीय विकास की प्रेरणादायक तस्वीर उभरकर सामने आई। गाँव के निवासी दिलीप बहज ने सड़क निर्माण से उनके जीवन और क्षेत्र में आए एक बड़े बदलाव की सफलता की कहानी साझा की। कच्चे रास्ते से होती थी भारी परेशानी ग्राम रथ के मंच और अधिकारियों के समक्ष अपना अनुभव साझा करते हुए दिलीप ने बताया कि उनके गाँव बहज से बरौली के लिए जाने वाला मुख्य रास्ता पहले पूरी तरह से कच्चा था। यह मार्ग इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग का हिस्सा है। कच्चे रास्ते के कारण न केवल गाँव वालों को अपने दैनिक आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, बल्कि 84 कोस की परिक्रमा लगाने वाले हजारों तीर्थयात्रियों को भी असुविधा होती थी। दिलीप ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि अब सार्वजनिक निर्माण विभाग और वर्तमान सरकार के प्रयासों से इस कच्चे रास्ते का शानदार निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। सड़क के पक्का और सुदृढ़ हो जाने से अब यहाँ की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है। इस नवनिर्मित सड़क का लाभ गिनाते हुए उन्होंने कहा कि इस मार्ग के बनने से अब 84 कोस की परिक्रमा करने वाले सभी तीर्थयात्रियों, राहगीरों और सभी गाँव वालों को आने-जाने का भरपूर सुख और सुविधा मिली है। पहले जहाँ सफर कष्टदायक था, वहीं अब यह सुगम और सुरक्षित हो गया है। ग्राम बहज के निवासियों की वर्षों पुरानी इस मांग को पूरा करने के लिए दिलीप ने यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी की सरकार और सार्वजनिक निर्माण विभाग का विशेष रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया। सड़कें विकास की जीवन रेखा होती हैं, और ग्राम बहज की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब सरकार की नीतियां सही दिशा में कार्य करती हैं, तो वे आमजन और तीर्थयात्रियों के सफर को किस प्रकार सुखद और सुगम बना देती हैं। ग्राम रथ अभियान ऐसे ही सकारात्मक बदलावों को जनता के सामने लाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है।2
- मित्रों अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है तो लाइक करें शेयर करें और हमें Follow 🎉 करना न भूले। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान नदबई भरतपुर से लाइव अपडेट।1
- कठूमर- नगरपालिका क्षेत्र के मानखेड़ा गांव में करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण कार्य एक बार फिर मंगलवार को शुरू हो गया। नगरपालिका प्रशासन ने पोखर के पास चिन्हित स्थान पर दो जेसीबी मशीनों की मदद से भूमि समतलीकरण और निर्माण पूर्व तैयारियां शुरू कराईं। कार्य शुरू होते ही आसपास के खेत मालिकों और ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित डंपिंग यार्ड प्राकृतिक पोखर के निकट बनाया जा रहा है, जो गांव के लोगों व पशु-पक्षियों के लिए प्रमुख जल स्रोत है। ग्रामीणों का कहना है कि पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी कर किए जा रहे इस निर्माण से क्षेत्र में गंदगी, दुर्गंध और संक्रमण फैलने की आशंका है। इससे तालाब के जल स्रोत के प्रदूषित होने और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चिंता जताई गई है। उल्लेखनीय है कि एफएसटीपी प्लांट शुरू से ही विवादों में रहा है। प्रारंभ में यह परियोजना कठूमर में प्रस्तावित थी, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते इसे मानखेड़ा स्थानांतरित किया गया। 16 जनवरी को खसरा नंबर 535 पर निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जो छह-सात दिन बाद ग्रामीणों के विरोध के चलते रोक दिया गया था। अब नगरपालिका प्रशासन ने स्थान बदलते हुए खसरा नंबर 537 पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कराया है। प्रशासन द्वारा पैमाइश कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है और समतलीकरण के साथ तारबंदी की प्रक्रिया भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्लांट क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सीवरेज अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। इस मौके पर अधिशासी अधिकारी विक्रांत शर्मा, बृजमोहन पंडा, सफाई निरीक्षक कपिल मीणा, विक्रम सिंह, कीर्ति सेन, प्रशांत बेनीवाल, मनोज शर्मा, राजेंद्र कुमार और जीतू शर्मा सहित नगरपालिका कर्मी मौजूद रहे और कार्य की निगरानी की। वहीं, ग्रामीणों के विरोध के चलते एक बार फिर मामले में विवाद गहराने के संकेत मिल रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस परियोजना को सुचारु रूप से आगे बढ़ा पाता है या विरोध के चलते फिर बाधा उत्पन्न होती है।1
- गुरुवार को बल्देव नगर पंचायत के बीजेपी की नारी सम्मान रैली का किया गया आयोजन सैकडो महिलाओं के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने लिया भाग विधायक प्रतिनिधि ने लिया भाग1
- Post by News 931
- Post by Rajesh Kumar1