मऊ में, उत्तर प्रदेश शिक्षक सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश की अध्यक्षता में स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की इस बैठक में परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने बताया कि टीजीटी परीक्षा 3 और 4 जून 2026 को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी। जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 29,297 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश ने इस परीक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की हिदायत दी ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया कि वे परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुँचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। उन्हें प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षा संचालन और उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन की प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया। साथ ही सीसीटीवी, विद्युत आपूर्ति, अभ्यर्थियों की गहन जाँच और समग्र सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने परीक्षा की गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा, सजगता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आदेश दिया।
मऊ में, उत्तर प्रदेश शिक्षक सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश की अध्यक्षता में स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की इस बैठक में परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने बताया कि टीजीटी
परीक्षा 3 और 4 जून 2026 को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी। जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 29,297 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश ने इस परीक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता और पारदर्शिता के साथ
अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की हिदायत दी ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया कि वे परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुँचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। उन्हें प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षा संचालन और उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन की प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया। साथ ही
सीसीटीवी, विद्युत आपूर्ति, अभ्यर्थियों की गहन जाँच और समग्र सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने परीक्षा की गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा, सजगता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आदेश दिया।
- जिला मऊ में महाराज श्री योगी आदित्यनाथ जी का आगमन हुआ। वे ग्रामीण सैनिक अस्पताल पहुंचे।1
- मऊ क्रांति न्यूज के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है, जिससे अपराधियों में खौफ का माहौल बन गया है। इस खबर को पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी ने प्रस्तुत किया है, जिनका उल्लेख प्रचार मंत्री, उत्तर प्रदेश के रूप में भी किया गया है। मऊ क्रांति न्यूज खुद को जनता की आवाज़ का सफर और सच के साथ खड़ा होने वाला मंच बताता है, जहाँ हर खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है। पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनकी कलम वही सच लिखती है जो जनता की आवाज़ है, और यही उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माफिया चाहे कितना भी मजबूत हो जाए, सच्ची पत्रकारिता की हमेशा जीत होती है। यह मंच अपने दर्शकों को मऊ क्रांति न्यूज के साथ बने रहने का आह्वान करता है, जहाँ वे सच की आवाज़ को जनता के विश्वास के साथ प्रस्तुत करने का दावा करते हैं।1
- जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को जनपद में संचालित तीन महत्वपूर्ण कटानरोधी कार्य परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर छित्तूपुर-भागलपुर तटबंध के किमी 0.825 से किमी 1.140 के मध्य चल रही कटानरोधी परियोजना से हुई। लगभग ₹584.22 लाख लागत की इस परियोजना के तहत हो रहे कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि कटानरोधी कार्य हर हाल में समय से पहले पूरे होने चाहिए, और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके बाद, उन्होंने सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर भागलपुर कस्बे की सुरक्षा के लिए संचालित कटानरोधी कार्य का निरीक्षण किया। लगभग ₹679.09 लाख की लागत से 330 मीटर लंबाई में कराए जा रहे इस कार्य को तेजी से और बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने घाघरा नदी के बाएं तट पर निर्मित तुर्तीपार-चुरिया तटबंध की सुरक्षा हेतु कराए जा रहे पीचिंग और कटानरोधी कार्यों का भी जायजा लिया। लगभग ₹753.19 लाख लागत वाली इस परियोजना के तहत तटबंध के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर जारी कार्यों की समीक्षा करते हुए, उन्हें समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कटानरोधी परियोजनाएं जनहित और नदी तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जिनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार, राहुल चौधरी, विवेक कुमार और सोनू कुमार जूनियर इंजीनियर सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- देवरिया जनपद के बोरडीह ग्राम में 1931 को जन्मे पूर्व विधान परिषद सदस्य, शिक्षाविद और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय पंडित परशुराम मणि त्रिपाठी की आदमकद प्रतिमा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देवरिया के भुजौली तिराहे पर स्थापित की गई है। पूरे प्रदेश में उनकी ख्याति एक योग्य शिक्षाविद के रूप में थी, और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक श्रेष्ठ कार्यकर्ता भी थे। पंडित त्रिपाठी ने 1953 के कश्मीर आंदोलन से लेकर इमरजेंसी और राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे 1992 में भारतीय जनता पार्टी के स्नातक क्षेत्र से प्रथम एमएलसी चुने गए, जहाँ उन्होंने शिक्षक संघ के एक बड़े चेहरे पंचानन राय को हराकर यह सीट जीती थी। उच्च सदन के सदस्य के रूप में, उन्होंने विधान परिषद में प्रभावी भूमिका निभाई तथा समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। वे विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सभापति भी रहे। भाजपा और संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, विनम्रता, शालीनता और समाज सेवा को सदैव सराहा। उन्होंने जीवन के अंतिम क्षण तक पूरी निष्ठा के साथ भाजपा और संघ की रीति-नीति में विश्वास करते हुए अनेक आंदोलनों और कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए यह प्रतिमा स्थापित की। इस प्रतिमा के अनावरण समारोह की खास विशेषता यह रही कि इसमें सभी दलों के नेता, जिनमें जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी, देवी प्रसाद सिंह, मोहन सिंह और एमएलसी श्याम सुंदर दास शामिल थे, सम्मिलित रहे।1
- क्षेत्रीय विधायक मो. जियाउद्दीन रिजवी ने स्व. गुलाब राजभर की 27वीं पुण्यतिथि के अवसर पर लोगों को संबोधित किया। यह संबोधन स्व. गुलाब राजभर की याद में आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा था।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के ताजोपुर में एक नया स्वास्थ्य सेवा केंद्र, ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल, अब उपलब्ध है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर महाराज श्री योगी आदित्यनाथ जी का मऊ जिले में आगमन हुआ है।1
- देवरिया जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र के उदयपुरा गांव में शनिवार को आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 20 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई, जबकि चंद्रभान मुसहर और माला देवी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। यह अभियान जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर चलाया गया था, जिसका नेतृत्व आबकारी निरीक्षक सदर सुधीर कुमार सिंह और थानाध्यक्ष बरियारपुर दीपक सिंह ने किया। आबकारी विभाग के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ बरियारपुर थाने में आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण और तस्करी के खिलाफ उनका अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।1