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राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ तहसील स्थित ग्राम पंचायत सरोना (पोस्ट पटान) में 'सब छोट जोगणिया माता' का मंदिर स्थित है। इस स्थान की विशेष मान्यता है और पूरे भारत में सब छोट जोगणिया माता का ऐसा मंदिर दूसरी किसी भी जगह पर स्थित नहीं है। ग्राम पंचायत सरोना में मौजूद इस मंदिर को सबसे बड़ा धाम बताया गया है। श्रद्धा भाव के साथ सभी लोगों को आमंत्रण देते हुए कहा गया है कि जिसको भी माता जी के दर्शन करने हों, वह सरोना धाम आकर दर्शन कर सकता है।
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राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ तहसील स्थित ग्राम पंचायत सरोना (पोस्ट पटान) में 'सब छोट जोगणिया माता' का मंदिर स्थित है। इस स्थान की विशेष मान्यता है और पूरे भारत में सब छोट जोगणिया माता का ऐसा मंदिर दूसरी किसी भी जगह पर स्थित नहीं है। ग्राम पंचायत सरोना में मौजूद इस मंदिर को सबसे बड़ा धाम बताया गया है। श्रद्धा भाव के साथ सभी लोगों को आमंत्रण देते हुए कहा गया है कि जिसको भी माता जी के दर्शन करने हों, वह सरोना धाम आकर दर्शन कर सकता है।
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- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ तहसील स्थित ग्राम पंचायत सरोना (पोस्ट पटान) में 'सब छोट जोगणिया माता' का मंदिर स्थित है। इस स्थान की विशेष मान्यता है और पूरे भारत में सब छोट जोगणिया माता का ऐसा मंदिर दूसरी किसी भी जगह पर स्थित नहीं है। ग्राम पंचायत सरोना में मौजूद इस मंदिर को सबसे बड़ा धाम बताया गया है। श्रद्धा भाव के साथ सभी लोगों को आमंत्रण देते हुए कहा गया है कि जिसको भी माता जी के दर्शन करने हों, वह सरोना धाम आकर दर्शन कर सकता है।2
- बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में आज बहुत तेज बारिश हुई। तेज बारिश के बाद दिन भर आसमान में बादल छाए रहे, जिसके कारण लोग अपने-अपने घरों में ही रहे।1
- राजस्थान सरकार द्वारा बांटे गए मक्का बीज किट की खराब हालत से किसान बेहद परेशान हैं। सरकारी स्तर पर मिले इन बीज किटों की दयनीय स्थिति इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि किसान किस कदर परेशानी झेलने को मजबूर हैं।1
- झाबुआ जिले के पेटलावद में नीट के पेपर को लेकर आंदोलन किया गया है। नीट परीक्षा के पेपर के विरोध में पेटलावद में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया है।1
- डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा ब्लॉक स्थित सांचिया ग्राम पंचायत में वागड़ विकास संगठन द्वारा सामुदायिक सहभागिता से नजरिया नक्शा तैयार किया गया है। इस पहल में गांव की महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों ने मिलकर क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों, जल स्रोतों, कृषि भूमि, वन क्षेत्र तथा विकास की आवश्यकताओं का मानचित्र बनाया। इस मानचित्रण के दौरान टिकाऊ विकास, जल संरक्षण और ग्राम सभा आधारित योजना निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।1
- जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा जिला महामंत्री ईश्वर लाल लबाना ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के अभ्यर्थी बहुत ही होनहार और होशियार होते हैं, लेकिन विपक्ष ने उनकी आड़ में पत्थरबाज युवाओं को पर्दे के पीछे से लाकर मैदान में उतार दिया है। ईश्वर लाल लबाना ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा के छात्र बेहद होनहार और होशियार हैं, लेकिन विपक्ष ने प्रदर्शन के दौरान इन छात्रों के पीछे पत्थरबाज युवाओं को धकेलने का काम किया है।1
- चौरासी विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही हल्की और तेज बारिश से किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई इस वर्षा के बाद खेतों में धान की रोपाई ने काफी गति पकड़ ली है। जिन किसानों ने पहले से धान की नर्सरी (रोप) तैयार कर रखी थी, उन्होंने अब खेतों में रोपाई का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है। खरीफ सीजन की शुरुआत में बारिश की कमी के कारण किसान काफी चिंतित थे और पर्याप्त पानी न मिलने की वजह से तैयार रोप के बावजूद रोपाई टल रही थी। हालांकि, लगातार हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे किसान पूरे उत्साह के साथ रोपाई में जुट गए हैं। क्षेत्र के गांवों में सुबह से शाम तक खेतों में किसानों और मजदूरों की चहल-पहल दिखाई दे रही है, जहाँ कहीं ट्रैक्टरों से जुताई और पलेवा किया जा रहा है तो कहीं महिलाएं और पुरुष धान की पौध लगा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी बारिश का यह दौर बना रहा तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा और बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को नया जीवन मिला है और किसान अब मानसून की निरंतरता की उम्मीद कर रहे हैं ताकि यह खरीफ सीजन उनके लिए बेहतर साबित हो सके।1
- जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन की आड़ में धार्मिक सद्भावना बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दीन दयाल सिंह चौहान ने आरोप लगाया है कि इस प्रदर्शन की आड़ में लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का काम किया जा रहा है।1