*साक्ष्यों के बाद भी पुजारी प्रतिनिधि को बचाने की जद्दोजहद?* मैहर जिले के देवीधाम में सामने आए मुकुट चोरी और चढ़ावा गबन मामले को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले से जुड़ा एक गर्भगृह कर्मचारी सामने आकर खुलकर बयान दे रहा है कि आखिर किस तरह पुजारी प्रतिनिधि सुमित पाण्डेय ने पूरी घटना को अंजाम दिया। कर्मचारी के मुताबिक, पुजारी प्रतिनिधि ने योजनाबद्ध तरीके से देवीधाम समिति की अमानत में खयानत की और लाखों रुपये के चढ़ावे को पार कर दिया। इतना ही नहीं, घटना के बाद जब मामला उजागर होने लगा तो कथित तौर पर चोरी किया गया चढ़ावा वापस लाकर समिति में जमा कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति पर देवीधाम के आभूषण और चढ़ावे की चोरी का आरोप लगा, जिसे नियमों के अनुसार जेल भेजा जाना चाहिए था, उसे अब कथित तौर पर अभयदान देने और फिर से गद्दी पर बैठाने की तैयारी की चर्चा क्यों हो रही है? जनता के बीच भी यही सवाल गूंज रहा है— अगर कोई व्यक्ति चोरी करे, फिर पकड़ा जाए, चोरी का सामान बरामद हो जाए और बाद में वह सामान वापस जमा कर दे, तो क्या वह निर्दोष हो जाता है? क्या उसे दोबारा उसी जिम्मेदारी वाली गद्दी पर बैठा देना न्यायसंगत होगा? सूत्रों की मानें तो हवा का रुख कुछ ऐसा इशारा कर रहा है कि आरोपी को दोबारा गद्दी पर बैठाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह फैसला न सिर्फ कई सवाल खड़े करेगा बल्कि लोगों के मन में यह भी बैठेगा कि आखिर ऐसा कौन है जो पूरे मामले को दबाने की ताकत रखता है। अब जरूरत है कि सामने आए कर्मचारी के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को एक बार फिर गंभीरता से सुना और परखा जाए, ताकि सच सामने आ सके और न्याय भी होता दिखाई दे। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले से जुड़े कई और अहम पहलू भी हैं, जिन्हें समय-समय पर सामने लाया जाएगा। अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा आक्रामक, हेडलाइन-स्टाइल या वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में भी लिखकर दे सकता हूँ, जैसा आमतौर पर आपके पोर्टल “मध्यप्रदेश तक न्यूज़” की खबरों में होता है। *साक्ष्यों के बाद भी पुजारी प्रतिनिधि को बचाने की जद्दोजहद?* मैहर जिले के देवीधाम में सामने आए मुकुट चोरी और चढ़ावा गबन मामले को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले से जुड़ा एक गर्भगृह कर्मचारी सामने आकर खुलकर बयान दे रहा है कि आखिर किस तरह पुजारी प्रतिनिधि सुमित पाण्डेय ने पूरी घटना को अंजाम दिया। कर्मचारी के मुताबिक, पुजारी प्रतिनिधि ने योजनाबद्ध तरीके से देवीधाम समिति की अमानत में खयानत की और लाखों रुपये के चढ़ावे को पार कर दिया। इतना ही नहीं, घटना के बाद जब मामला उजागर होने लगा तो कथित तौर पर चोरी किया गया चढ़ावा वापस लाकर समिति में जमा कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति पर देवीधाम के आभूषण और चढ़ावे की चोरी का आरोप लगा, जिसे नियमों के अनुसार जेल भेजा जाना चाहिए था, उसे अब कथित तौर पर अभयदान देने और फिर से गद्दी पर बैठाने की तैयारी की चर्चा क्यों हो रही है? जनता के बीच भी यही सवाल गूंज रहा है— अगर कोई व्यक्ति चोरी करे, फिर पकड़ा जाए, चोरी का सामान बरामद हो जाए और बाद में वह सामान वापस जमा कर दे, तो क्या वह निर्दोष हो जाता है? क्या उसे दोबारा उसी जिम्मेदारी वाली गद्दी पर बैठा देना न्यायसंगत होगा? सूत्रों की मानें तो हवा का रुख कुछ ऐसा इशारा कर रहा है कि आरोपी को दोबारा गद्दी पर बैठाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह फैसला न सिर्फ कई सवाल खड़े करेगा बल्कि लोगों के मन में यह भी बैठेगा कि आखिर ऐसा कौन है जो पूरे मामले को दबाने की ताकत रखता है। अब जरूरत है कि सामने आए कर्मचारी के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को एक बार फिर गंभीरता से सुना और परखा जाए, ताकि सच सामने आ सके और न्याय भी होता दिखाई दे। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले से जुड़े कई और अहम पहलू भी हैं, जिन्हें समय-समय पर सामने लाया जाएगा। अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा आक्रामक, हेडलाइन-स्टाइल या वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में भी लिखकर दे सकता हूँ, जैसा आमतौर पर आपके पोर्टल “मध्यप्रदेश तक न्यूज़” की खबरों में होता है।
*साक्ष्यों के बाद भी पुजारी प्रतिनिधि को बचाने की जद्दोजहद?* मैहर जिले के देवीधाम में सामने आए मुकुट चोरी और चढ़ावा गबन मामले को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले से जुड़ा एक गर्भगृह कर्मचारी सामने आकर खुलकर बयान दे रहा है कि आखिर किस तरह पुजारी प्रतिनिधि सुमित पाण्डेय ने पूरी घटना को अंजाम दिया। कर्मचारी के मुताबिक, पुजारी प्रतिनिधि ने योजनाबद्ध तरीके से देवीधाम समिति की अमानत में खयानत की और लाखों रुपये के चढ़ावे को पार कर दिया। इतना ही नहीं, घटना के बाद जब मामला उजागर होने लगा तो कथित तौर पर चोरी किया गया चढ़ावा वापस लाकर समिति में जमा कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति पर देवीधाम के आभूषण और चढ़ावे की चोरी का आरोप लगा, जिसे नियमों के अनुसार जेल भेजा जाना चाहिए था, उसे अब कथित तौर पर अभयदान देने और फिर से गद्दी पर बैठाने की तैयारी की चर्चा क्यों हो रही है? जनता के बीच भी यही सवाल गूंज रहा है— अगर कोई व्यक्ति चोरी करे, फिर पकड़ा जाए, चोरी का सामान बरामद हो जाए और बाद में वह सामान वापस जमा कर दे, तो क्या वह निर्दोष हो जाता है? क्या उसे दोबारा उसी जिम्मेदारी वाली गद्दी पर बैठा देना न्यायसंगत होगा? सूत्रों की मानें तो हवा का रुख कुछ ऐसा इशारा कर रहा है कि आरोपी को दोबारा गद्दी पर बैठाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह फैसला न सिर्फ कई सवाल खड़े करेगा बल्कि लोगों के मन में यह भी बैठेगा कि आखिर ऐसा कौन है जो पूरे मामले को दबाने की ताकत रखता है। अब जरूरत है कि सामने आए कर्मचारी के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को एक बार फिर गंभीरता से सुना और परखा जाए, ताकि सच सामने आ सके और न्याय भी होता दिखाई दे। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले से जुड़े कई और अहम पहलू भी हैं, जिन्हें समय-समय पर सामने लाया जाएगा। अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा आक्रामक, हेडलाइन-स्टाइल या वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में भी लिखकर दे सकता हूँ, जैसा आमतौर पर आपके पोर्टल “मध्यप्रदेश तक न्यूज़” की खबरों में होता है। *साक्ष्यों के बाद भी पुजारी प्रतिनिधि को बचाने की जद्दोजहद?* मैहर जिले के देवीधाम में सामने आए मुकुट चोरी और चढ़ावा गबन मामले को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले से जुड़ा एक गर्भगृह कर्मचारी सामने आकर खुलकर बयान दे रहा है कि आखिर किस तरह पुजारी प्रतिनिधि सुमित पाण्डेय ने पूरी घटना को अंजाम दिया। कर्मचारी के मुताबिक, पुजारी प्रतिनिधि ने योजनाबद्ध तरीके से देवीधाम समिति की अमानत में खयानत की और लाखों रुपये के चढ़ावे को पार कर दिया। इतना ही नहीं, घटना के बाद जब मामला उजागर होने लगा तो कथित तौर पर चोरी किया गया चढ़ावा वापस लाकर समिति में जमा कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति पर देवीधाम के आभूषण और चढ़ावे की चोरी का आरोप लगा, जिसे नियमों के अनुसार जेल भेजा जाना चाहिए था, उसे अब कथित तौर पर अभयदान देने और फिर से गद्दी पर बैठाने की तैयारी की चर्चा क्यों हो रही है? जनता के बीच भी यही सवाल गूंज रहा है— अगर कोई व्यक्ति चोरी करे, फिर पकड़ा जाए, चोरी का सामान बरामद हो जाए और बाद में वह सामान वापस जमा कर दे, तो क्या वह निर्दोष हो जाता है? क्या उसे दोबारा उसी जिम्मेदारी वाली गद्दी पर बैठा देना न्यायसंगत होगा? सूत्रों की मानें तो हवा का रुख कुछ ऐसा इशारा कर रहा है कि आरोपी को दोबारा गद्दी पर बैठाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह फैसला न सिर्फ कई सवाल खड़े करेगा बल्कि लोगों के मन में यह भी बैठेगा कि आखिर ऐसा कौन है जो पूरे मामले को दबाने की ताकत रखता है। अब जरूरत है कि सामने आए कर्मचारी के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को एक बार फिर गंभीरता से सुना और परखा जाए, ताकि सच सामने आ सके और न्याय भी होता दिखाई दे। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले से जुड़े कई और अहम पहलू भी हैं, जिन्हें समय-समय पर सामने लाया जाएगा। अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा आक्रामक, हेडलाइन-स्टाइल या वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में भी लिखकर दे सकता हूँ, जैसा आमतौर पर आपके पोर्टल “मध्यप्रदेश तक न्यूज़” की खबरों में होता है।
- *उचेहरा से मैहर माँ शारदा मंदिर के लिए निकाली जा रही 351फिट की चुनर यात्रा, भक्ति भाव से भरे भक्त मां शारदा के जय कारा के4
- *मैहर अज्ञात चोरों ने दलित परिवार के घर में लगाई आग, पूरी गृहस्थी जलकर खाक* मैहर, मध्यप्रदेश मैहर नगर के पुरानी बस्ती, उत्तर दरवाजा (वार्ड नंबर 09) में बीती रात मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रहने वाले रामचरण (शंखू चौधरी) पिता लोलला चौधरी के सूने घर को अज्ञात चोरों ने न केवल अपना निशाना बनाया, बल्कि चोरी के बाद घर में आग लगा दी। इस भीषण अग्निकांड में पीड़ित परिवार की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई है *घटना का विवरण* बताया जा रहा है कि चोरों ने देर रात घर में प्रवेश किया और कीमती सामान समेटने के बाद साक्ष्य मिटाने या अन्य किसी दुर्भावना से घर को आग के हवाले कर दिया। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते रामचरण (शंखू चौधरी)का आशियाना मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। इस घटना के बाद से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है *परिवार के पास न छत बची, न अन्न* पीड़ित दलित परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। आगजनी में घर के कपड़े, बर्तन और संजोई हुई पूरी गृहस्थी के साथ-साथ खाने के लिए रखा अन्न (अनाज) भी जल गया है। परिवार के पास अब न तो सिर छिपाने के लिए छत बची है और न ही दो वक्त की रोटी का इंतजाम है *प्रशासन से मदद की गुहार* घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस मंडल अध्यक्ष रमेश प्रजापति मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। पीड़ित परिवार ने मैहर जिला प्रशासन से हाथ जोड़कर भावुक अपील की है कि उन्हें तत्काल रहने और खाने की व्यवस्था मुहैया कराई जाए सरकार द्वारा आपदा और आगजनी के मामलों में दी जाने वाली सहायता राशि अविलंब प्रदान की जाए। दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस गरीब परिवार की सुध लेनी चाहिए ताकि इन्हें इस भीषण संकट से उबारा जा सके1
- *लालता चौक पर नशे की हालत में मिली अज्ञात महिला, घंटों से सड़क किनारे पड़ी रही* सतना लालता चौक स्थित बांके बिहारी वाली गली में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक अज्ञात महिला को बेसुध अवस्था में सड़क किनारे पड़ा देखा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला संभवतः नशे की हालत में है और पिछले कई घंटों से वहीं पड़ी हुई है।1
- मैहर। एक्सिस बैंक के सामने बैंक कर्मचारियों की बाइक ले उड़े चोर पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी पर हुआ कैद, बैंक कर्मचारी किसी कारणवश जब बाहर निकाला तो वह देखा कि मेरी बाइक मौके पर मौजूद नहीं है, फुटेज के आधार पर मैहर थाने पर शिकायत दर्ज कर बाइक की तलाश की जा रही है।2
- सतना। सर्किट हाउस चौराहे पर बीच सड़क में खराब हुई बस, यात्रियों ने धक्कामार कर किनारे की बस।1
- मध्य प्रदेश सरकार वृद्धो को भूली :- जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह परिहार सतना भारतीय जन मोर्चा पार्टी के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह परिहार का कहना है कि मोहन सरकार वृद्धो को भूल गई है। वृद्धा पेंशन 7 माह से वृद्धो को नहीं मिल रही है जिससे गरीब , निराश्रित खाने के लिए भी दिक्कतें हो रही है। जिनका कोई नहीं है उसका आसरा यह वृद्धा पेंशन ही है लेकिन सरकार 7 माह से उनको पेंशन ना देना वृद्धो के साथ घोर अन्याय कर रही है। भाजपा की मोहन सरकार लगातार कर्ज पर कर्ज ले रही है और कर्ज लेने के बाद भी वृद्धो को पेंशन नहीं दे पा रही है । भाजपा की मोहन सरकार मध्य प्रदेश की वृद्धौ के साथ जो घोर अन्याय कर रही है। उसका मैं भर्षक विरोध कर रहा हूं और मैं भाजपा की मोहन सरकार को चेता रहा हूं कि गरीब वृद्धो के साथ इस तरह का घोर अन्याय न करें । उनको हर महीने समय से उनका पैसा दिया जाए । मोहन सरकार वृद्धौ माताजी को उस पैसे की सख्त जरूरत है उसको पैसा नहीं दे रही है । यह घोर अन्याय बर्दाश्त करने लायक नहीं है भारतीय जन मोर्चा पार्टी इस तरह के घोर अन्याय का विरोध करते हुए जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह परिहार मध्य प्रदेश की मोहन सरकार से यह मांग कर रही है तत्काल वृद्धो का मिलने वाली पेंशन को उनके खाते में डलवाया जाए।1
- Post by Maihar operator Opretor2
- *उचेहरा से मैहर माँ शारदा मंदिर के लिए निकाली जा रही 351फिट की चुनर यात्रा, भक्ति भाव से भरे भक्त मां शारदा के जय कारा के1