गैस हादसे के बाद मृतकों के घर मिला एक और लीकेज संदिग्ध सिलेंडर, बाहर खुले में रखा गया रायपुर (ब्यावर) । कानेचा उदावतान में मां और दो मासूम बेटियों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट, गैस एजेंसी को दी सूचना । रेलडा ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम कानेचा उदावतान में हुए दर्दनाक गैस हादसे के बाद सोमवार को उसी घर में एलपीजी गैस से भरा एक और सिलेंडर मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जांच के दौरान सिलेंडर में भी गैस रिसाव होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर उसे घर से बाहर निकालकर खुले स्थान पर रखा गया। मामले की सूचना प्रशासन एवं संबंधित गैस एजेंसी को दे दी गई। गौरतलब है कि रविवार 10 मई को दोपहर बाद दुकान में बनी रसोई में चाय बनाने के दौरान जैसे ही गैस चालू किया गया, उसी समय अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में मनीषा तथा उसकी दो मासूम बेटियां नविया (8 वर्ष) और पल्लवी (5 वर्ष) गंभीर रूप से झुलस गई थीं। तीनों की दर्दनाक मौत हो गई।
गैस हादसे के बाद मृतकों के घर मिला एक और लीकेज संदिग्ध सिलेंडर, बाहर खुले में रखा गया रायपुर (ब्यावर) । कानेचा उदावतान में मां और दो मासूम बेटियों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट, गैस एजेंसी को दी सूचना । रेलडा ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम कानेचा उदावतान में हुए दर्दनाक गैस हादसे के बाद सोमवार को उसी घर में एलपीजी गैस से भरा एक और सिलेंडर मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जांच के दौरान सिलेंडर में भी गैस रिसाव होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर उसे घर से बाहर निकालकर खुले स्थान पर रखा गया। मामले की सूचना प्रशासन एवं संबंधित गैस एजेंसी को दे दी गई। गौरतलब है कि रविवार 10 मई को दोपहर बाद दुकान में बनी रसोई में चाय बनाने के दौरान जैसे ही गैस चालू किया गया, उसी समय अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में मनीषा तथा उसकी दो मासूम बेटियां नविया (8 वर्ष) और पल्लवी (5 वर्ष) गंभीर रूप से झुलस गई थीं। तीनों की दर्दनाक मौत हो गई।
- जयपुर में परशुराम सेना की बैठक में SC/ST एक्ट और आरक्षण कानूनों पर गंभीर चर्चा हुई। संगठन ने ब्राह्मण समाज के बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले इन कानूनों को खत्म करने के लिए सरकार को चेतावनी देने का फैसला किया। इसके साथ ही, हर ब्राह्मण घर से एक 'परशुराम सैनिक' तैयार करने का भी संकल्प लिया गया।1
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत ब्यावर जिले में विविध आयोजन संपन्न नीलकंठ महादेव मंदिर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण सेंदड़ा (ब्यावर) शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर, 11 मई। कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग राजस्थान के निर्देशानुसार सोमनाथ मंदिर पर प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष एवं मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रव्यापी “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के तहत ब्यावर जिले में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम नीलकंठ महादेव मंदिर, ब्यावर में आयोजित हुआ, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ से संबोधन एवं मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने सपत्नी भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और आत्मगौरव का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों के बावजूद यह मंदिर पुनः उसी गौरव के साथ खड़ा हुआ, जो हमारी आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक विरासत की अमर पहचान है। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में सोमनाथ मंदिर के इतिहास एवं गौरव पर आधारित ऐनिमेटेड फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा व्याख्यान का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, विकास अधिकारी श्री बलराम मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।4
- अजमेर के पीसांगन में ₹35 लाख की चोरी सुलझाने वाली पुलिस टीम का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। इस साहसिक कार्य के लिए पुलिसकर्मियों का अभिनंदन कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।1
- मदर्स डे के अवसर पर महावीर इंटरनेशनल परिवार ने रायपुर के राजकीय अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्हें पोषण आहार और बेबी किट वितरित कर मातृत्व का सम्मान किया गया, साथ ही पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान पर भी चर्चा हुई और भविष्य में ऐसे जनसेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया गया।1
- रियां बड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित होने वाली पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस संबंध में रविवार शाम सकल हिंदू समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक चारभुजा मंदिर परिसर में आयोजित की गई। यह परिक्रमा 31 मई से शुरू होगी। रियां बड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित होने वाली पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस संबंध में रविवार शाम सकल हिंदू समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक चारभुजा मंदिर परिसर में आयोजित की गई। यह परिक्रमा 31 मई से शुरू होगी। बैठक में आगामी नगर परिक्रमा की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। विभिन्न व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। आयोजकों का उद्देश्य परिक्रमा को भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है। आयोजकों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में निकलने वाली यह परिक्रमा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और परंपरा का एक प्रमुख आयोजन है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस वर्ष व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक के दौरान परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं जैसे छाया, शुद्ध पेयजल, भोजन, चिकित्सा सहायता और रात्रि विश्राम के पुख्ता इंतजाम करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, मार्ग की साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने का आश्वासन दिया। सकल हिंदू समाज के सदस्यों ने परिक्रमा को धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के साथ संपन्न कराने का संकल्प लिया। बैठक में बजरंगगढ़ सेवा समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद राठी, श्याम सुंदर रुणवाल, एडवोकेट रामकिशोर तिवाड़ी, विनोद कुमार गौड़, जुगल किशोर मणिहार, देवी सिंह बडगूजर, राजेश पाराशर, मिठ्ठू लाल सोनी, कैलाश नागर और बबलू पाराशर सहित कई धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर इस नगर परिक्रमा को सफल बनाने की अपील की। आयोजन को लेकर शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।1
- बस किराया में ₹1 कम होने पर छात्र के साथ मारपीट के मामले में आरोपी को को गिरफ्तार भादरा में एक बस कनेक्टर में ₹1 किराया कम होने पर 16 वर्ष से छात्र रजत शर्मा के साथ मारपीट के मामले में, पुलिस ने बस परिचालक को किया गिरफ्तार मारपीट करने वाले छात्र का चल रहा है निजी अस्पताल में इलाज।1
- चुनौतियों के बीच चमका ब्यावर, पीएम कुसुम योजना में प्रदेश में बनाई पहचान पथरीली जमीन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद 315 किसानों तक पहुंचे सोलर पंप, किसानों को मिली बिजली निर्भरता से राहत रायपुर (ब्यावर) ब्यावर । कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और पथरीली भूमि जैसी चुनौतियों के बावजूद ब्यावर जिले ने पीएम कुसुम सोलर पंप योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले ने प्रदेश स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष जिलों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सरकार द्वारा निर्धारित 500 सोलर पंप सेट के लक्ष्य के मुकाबले उद्यान विभाग अब तक 315 किसानों को योजना से लाभान्वित कर चुका है। विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में 262 किसानों को योजना का लाभ मिला, जबकि वर्ष 2024-25 से लंबित 53 प्रकरणों को भी इस वर्ष पूर्ण किया गया। सोलर पंप स्थापित होने से किसानों को दिन में सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलने लगी है, जिससे रात में बिजली आने का इंतजार और सिंचाई की परेशानी काफी हद तक समाप्त हो गई है। भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद बेहतर उपलब्धि ब्यावर जिले का अधिकांश क्षेत्र पहाड़ी एवं पथरीला होने के कारण कृषि कार्यों में तकनीकी कठिनाइयां बनी रहती हैं। योजना के तहत न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर कृषि भूमि की अनिवार्यता भी छोटे जोत वाले किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होती है। इसके बावजूद जवाजा, रायपुर और मसूदा क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों तक योजना पहुंचाना विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। किसानों को मिल रहा आर्थिक सहारा योजना के अंतर्गत 3 एचपी, 5 एचपी, 7.5 एचपी और 10 एचपी क्षमता के सोलर पंप सेट पर किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को अतिरिक्त 45 हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। योजना के लिए जरूरी पात्रता उद्यान विभाग की उप निदेशक आरती यादव ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान के नाम पूर्व में कृषि बिजली कनेक्शन नहीं होना चाहिए तथा कम से कम 0.4 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है। इसके साथ ही खेत में फार्म पॉन्ड या जल हौज जैसी जल भंडारण व्यवस्था होना भी अनिवार्य है। किसान समूह में आवेदन कर भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि नए जिले और विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विभाग लगातार अधिकतम किसानों तक योजना पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप ब्यावर ने प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय रैंक हासिल की1
- बिहार में एक शादी में दुल्हन के पिता ने 100 की जगह 200 बाराती लाने से नाराज़ होकर उनके खाने में जमालगोटा मिला दिया। खाना खाते ही बारातियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग पानी की बोतलें लेकर खेतों की ओर भागने लगे। इस अनोखी घटना ने शादी का माहौल पूरी तरह बदल दिया और बाराती अगली बार किसी शादी में न जाने की कसमें खा रहे हैं।1
- राजस्थान के ब्यावर में गैस सिलेंडर लीकेज से बड़ा हादसा हुआ। इस दर्दनाक घटना में एक मां और उसकी दो मासूम बेटियों की जिंदा जलने से मौत हो गई।1