औरैया जिले की नगर पंचायत अटसू की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक ओर जहां शासन जनता की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दे रहा है, वहीं नगर पंचायत कार्यालय का कामकाज इन दावों पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। इस मामले में सामने आए एक वीडियो में नगर पंचायत अध्यक्ष के कक्ष में कार्यालय समय के दौरान कुछ कर्मचारी कुर्सियां लगाकर आराम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए सवाल किया है कि क्या सरकारी कार्यालय जनसेवा के लिए हैं या फिर उन्हें विश्राम स्थल के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक की गई है, जिससे यह आशंका पैदा हुई है कि शिकायतों का समाधान जमीनी स्तर पर जांच करके किया जा रहा है या मात्र औपचारिकता पूरी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उद्देश्य यह है कि नगर पंचायत की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और शासन-प्रशासन के प्रति आम जनता का विश्वास बना रहे।
औरैया जिले की नगर पंचायत अटसू की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक ओर जहां शासन जनता की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दे रहा है, वहीं नगर पंचायत कार्यालय का कामकाज इन दावों पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। इस मामले में सामने आए एक वीडियो में नगर पंचायत अध्यक्ष के कक्ष में कार्यालय समय के दौरान कुछ कर्मचारी कुर्सियां लगाकर आराम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए सवाल किया है कि क्या सरकारी कार्यालय जनसेवा के लिए हैं या फिर उन्हें विश्राम स्थल के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक की गई है, जिससे यह आशंका पैदा हुई है कि शिकायतों का समाधान जमीनी स्तर पर जांच करके किया जा रहा है या मात्र औपचारिकता पूरी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उद्देश्य यह है कि नगर पंचायत की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और शासन-प्रशासन के प्रति आम जनता का विश्वास बना रहे।
- Available for Sale Brand : Hyundai Verna (डीजल) Model : 2013 Year of Registration : 2013 Price (₹) : 320,000 City / Locality : बाबरपुर औरैया Vehicle Condition : Like new Fuel Type : Diesel Vehicle Type : Car राजा तिवारी कार शेल बाबरपुर औरैया1
- इटावा में लुहन्ना चौराहे से महज 500 मीटर की दूरी पर बसी पवन विहार कॉलोनी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। करीब 1000 से अधिक की आबादी वाली इस कॉलोनी को नगर पालिका में शामिल हुए 20 साल बीत चुके हैं, लेकिन यहां के हालात जस के तस बने हुए हैं। कॉलोनी के लोग सरकारी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर उनमें भारी आक्रोश है। कॉलोनी में गंदगी और अव्यवस्था का अंबार लगा हुआ है। यहां की मुख्य सड़क और गलियां कच्ची होने के कारण थोड़ी सी बारिश में ही कीचड़ और जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे निपटने के लिए लोगों को खुद पंप लगाकर पानी निकालना पड़ता है। इसके अलावा, बिजली के लिए सिर्फ सीमेंट के पोल खड़े किए गए हैं, लेकिन तार और केबल न होने की वजह से रात के समय पूरी कॉलोनी अंधेरे में डूबी रहती है। नालियां जाम पड़ी हैं और गंदा पानी खाली प्लॉटों व घरों में भर रहा है। सफाई व्यवस्था का हाल यह है कि यहां कूड़ा उठाने वाली गाड़ी तक नहीं आती और न ही कोई सरकारी डंपिंग या स्ट्रीट लाइट की सुविधा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार शिकायतें कीं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस नरकीय स्थिति से तंग आकर अमन दुबे, राहुल सिंह, प्रवेश मिश्रा, आकांक्षा मिश्रा, रागिनी दुबे, मंजू देवी, अनिकेत दुबे, मयंक राजपूत, अभिषेक, नीतेश दुबे और दीपक कुमार सहित अन्य कॉलोनीवासियों ने अखबार 'हिन्दुस्तान' के माध्यम से जिला प्रशासन और नगर पालिका से सड़कों, नालियों, बिजली और सफाई की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।4
- नगर पंचायत अट्सू की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहाँ एक ओर आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कर रही है और शासन समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर लगातार जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत कार्यालय की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। कार्यालय समय के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष के कक्ष में कर्मचारी कुर्सियां लगाकर आराम करते नजर आ रहे हैं, जिसका वीडियो भी सामने आया है। इस पर तीखा सवाल खड़ा किया गया है कि क्या सरकारी कार्यालय जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हैं या विश्राम स्थल के रूप में उपयोग करने के लिए? इसके साथ ही जनसुनवाई पोर्टल की शिकायतों के निस्तारण से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी संलग्न है, जिससे यह सवाल और गंभीर हो गया है कि शिकायतों का निस्तारण वास्तव में स्थलीय जांच एवं नियमों के अनुसार हो रहा है या केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर जनहित में माननीय जिलाधिकारी महोदय एवं संबंधित अधिकारीगण से निवेदन किया गया है कि नगर पंचायत अट्सू की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि शासन-प्रशासन की व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या यह नगर पंचायत अट्सू की कार्यप्रणाली पर एक गंभीर सवाल है या फिर नगर अध्यक्ष अट्सू की मेहरबानी है।1
- औरैया में जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए एक दिव्यांग छात्रा की समस्या का तुरंत समाधान किया। अजीतमल ब्लॉक के नबले का पूर्वा गांव की रहने वाली छात्रा दीपिका को स्कूल जाने में काफी परेशानी हो रही थी, क्योंकि उसकी पुरानी ट्राई-साइकिल खराब हो गई थी। इस समस्या के कारण उसकी पढ़ाई भी बाधित हो रही थी। छात्रा के पिता जितेंद्र कुमार ने जनसुनवाई में जिलाधिकारी से अपनी बेटी के लिए नई ट्राई-साइकिल की गुहार लगाई। छात्रा की शिक्षा के प्रति लगन को देखते हुए जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। अधिकारियों द्वारा जरूरी परीक्षण के बाद दीपिका को तत्काल नई ट्राई-साइकिल उपलब्ध करा दी गई।1
- औरैया पुलिस ने फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों से ठगी करने वाले शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। असम टॉक्स के लिए आकाश उर्फ अक्की भईया की रिपोर्ट के अनुसार, ये आरोपी भोले-भाले लोगों को सस्ते लोन का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे और उनके मोबाइल का डेटा हैक कर लेते थे। इसके बाद ये आरोपी ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली का खेल शुरू करते थे। पुलिस ने पकड़े गए अपराधियों के पास से अवैध उपकरण और मोबाइल बरामद किए हैं। फिलहाल, पुलिस इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश करने के साथ-साथ मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक अपने ही परिवार की महिलाओं और लड़कियों के नहाते समय उनके अश्लील वीडियो बनाता था। आरोपी इन सभी अश्लील वीडियो को अपने गूगल ड्राइव में सेव करके सुरक्षित रखता था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब गूगल ने संदिग्ध व आपत्तिजनक सामग्री का पता चलने पर इसकी सूचना राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से भारतीय एजेंसियों को दी। इसके बाद पुलिस ने आईपी एड्रेस और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी के मोबाइल फोन को ट्रैक किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस 24-25 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके मोबाइल व गूगल ड्राइव से कथित तौर पर कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बरामद किए हैं।1
- जालौन की एट थाना पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। लूट की इस घटना के बाद से ही जालौन पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में काम कर रही थी। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने उरई स्थित पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक प्रेसवार्ता में इस पूरे मामले का सफल खुलासा किया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के कब्जे से लूटी गई एक मोटरसाइकिल, 4,500 रुपये नगद, वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो कार, एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस लूट की वारदात के संबंध में 10 जुलाई को पीड़ित द्वारा एट थाने में तहरीर दी गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई पूरी की गई है।1
- औरैया जिले की नगर पंचायत अटसू की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक ओर जहां शासन जनता की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दे रहा है, वहीं नगर पंचायत कार्यालय का कामकाज इन दावों पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। इस मामले में सामने आए एक वीडियो में नगर पंचायत अध्यक्ष के कक्ष में कार्यालय समय के दौरान कुछ कर्मचारी कुर्सियां लगाकर आराम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए सवाल किया है कि क्या सरकारी कार्यालय जनसेवा के लिए हैं या फिर उन्हें विश्राम स्थल के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक की गई है, जिससे यह आशंका पैदा हुई है कि शिकायतों का समाधान जमीनी स्तर पर जांच करके किया जा रहा है या मात्र औपचारिकता पूरी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उद्देश्य यह है कि नगर पंचायत की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और शासन-प्रशासन के प्रति आम जनता का विश्वास बना रहे।1