logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

खूंटी जिले के मुरहू स्थित श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर में हर साल की तरह इस बार भी फादर्स डे बड़े उत्साह के साथ केक काटकर मनाया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग, कविता, निबंध और ग्रीटिंग्स के जरिए ईश्वर की अनमोल कृतियों में से एक 'पिता' के अतुलनीय महत्व को दर्शाया। संस्थान के निदेशक सकलदीप भगत ने अपने संबोधन में एक पिता के तौर पर अपने निजी अनुभव साझा किए और छात्र-छात्राओं को पिता के त्याग तथा उनकी तकलीफों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं, जिनका प्यार, त्याग और मार्गदर्शन बच्चों के जीवन को आकार देता है। वे हर परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहते हैं और बच्चों को न केवल शिक्षा, नैतिक मूल्यों व संस्कृति की महत्ता समझाते हैं, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। भगत ने जोर दिया कि पिता परिवार की रीढ़ होते हैं, जो अपनी तकलीफें कभी जाहिर नहीं करते बल्कि परिवार के हर सदस्य की जरूरतों और परेशानियों का पूरा ध्यान रखते हैं। उन्होंने पिता को प्रत्येक बच्चे के लिए धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप बताते हुए कहा कि वे रात-दिन बच्चों के लिए मेहनत करते हैं और उन्हें वे सभी सुविधाएँ देना चाहते हैं जो उन्हें खुद कभी नहीं मिलीं। कई बार तो छोटी तनख्वाह में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पिता कर्ज में डूब जाते हैं, लेकिन बच्चों के सामने कभी कोई परेशानी नहीं दिखाते। इसीलिए पिता को दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। निदेशक ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि अपने माता-पिता का सम्मान करना और उनका ख्याल रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है, जिसका निर्वहन निष्ठापूर्वक करना चाहिए। इस कार्यक्रम में रचना, श्रेया, अंजलि, विनीता, अभय और आलेख सहित कई छात्र-छात्राओं ने अपने बेहतरीन ग्रीटिंग्स के माध्यम से पिता के महत्व को उजागर किया। श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर, मुरहू के संचालक सकलदीप भगत ने कार्यक्रम का समापन करते हुए पुनः इस बात पर जोर दिया कि 'पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं'।

5 hrs ago
user_Durga Baraik
Durga Baraik
Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
5 hrs ago

खूंटी जिले के मुरहू स्थित श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर में हर साल की तरह इस बार भी फादर्स डे बड़े उत्साह के साथ केक काटकर मनाया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग, कविता, निबंध और ग्रीटिंग्स के जरिए ईश्वर की अनमोल कृतियों में से एक 'पिता' के अतुलनीय महत्व को दर्शाया। संस्थान के निदेशक सकलदीप भगत ने अपने संबोधन में एक पिता के तौर पर अपने निजी अनुभव साझा किए और छात्र-छात्राओं को पिता के त्याग तथा उनकी तकलीफों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं, जिनका प्यार, त्याग और मार्गदर्शन बच्चों के जीवन को आकार देता है। वे हर परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहते हैं और बच्चों को न केवल शिक्षा, नैतिक मूल्यों व संस्कृति की महत्ता समझाते हैं, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। भगत ने जोर दिया कि पिता परिवार की रीढ़ होते हैं, जो अपनी तकलीफें कभी जाहिर नहीं करते बल्कि परिवार के हर सदस्य की जरूरतों और परेशानियों का पूरा ध्यान रखते हैं। उन्होंने पिता को प्रत्येक बच्चे के लिए धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप बताते हुए कहा कि वे रात-दिन बच्चों के लिए मेहनत करते हैं और उन्हें वे सभी सुविधाएँ देना चाहते हैं जो उन्हें खुद कभी नहीं मिलीं। कई बार तो छोटी तनख्वाह में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पिता कर्ज में डूब जाते हैं, लेकिन बच्चों के सामने कभी कोई परेशानी नहीं दिखाते। इसीलिए पिता को दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। निदेशक ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि अपने माता-पिता का सम्मान करना और उनका ख्याल रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है, जिसका निर्वहन निष्ठापूर्वक करना चाहिए। इस कार्यक्रम में रचना, श्रेया, अंजलि, विनीता, अभय और आलेख सहित कई छात्र-छात्राओं ने अपने बेहतरीन ग्रीटिंग्स के माध्यम से पिता के महत्व को उजागर किया। श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर, मुरहू के संचालक सकलदीप भगत ने कार्यक्रम का समापन करते हुए पुनः इस बात पर जोर दिया कि 'पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं'।

More news from झारखंड and nearby areas
  • खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत कच्चाबारी पंचायत के पतराटोली गांव में रविवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक हुए वज्रपात की घटना में एक युवक की जान चली गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया गया कि यह हादसा पतराटोली मैदान में पतराटोली और लोधमा गांव के युवकों के बीच चल रहे क्रिकेट मैच के दौरान हुआ, जब कुछ युवक मैदान किनारे पेड़ के नीचे बैठकर मैच देख रहे थे। अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज गर्जना के साथ बादल कड़कने लगे, तभी जोरदार वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में कई युवक आ गए। वज्रपात से पतराटोली निवासी प्रेम बाखला (22 वर्ष), पिता भवुआ बाखला, गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए, जिन्हें बाद में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, जवाकिम मिंज (24 वर्ष), पिता स्वर्गीय अगुस्टिन मिंज; अंकित बाखला (20 वर्ष), पिता अजित बाखला; और अंकित बाखला (18 वर्ष), पिता विनोद बाखला, भी गंभीर रूप से घायल हुए। इनके अलावा प्रदीप लिंडा, अर्पण गाड़ी, त्योफिल मिंज, आकाश बाखला, सुमित बाखला, शशी बाखला सहित कई अन्य युवकों को हल्का झटका लगा। घटना के बाद ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल युवकों को पारंपरिक तरीके से गोबर के गड्ढे में रखकर प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया, जिसके बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कर्रा पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल जवाकिम मिंज और दोनों अंकित बाखला को बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का सीएचसी कर्रा में उपचार कर उन्हें परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। मृतक प्रेम बाखला के शव को कर्रा थाना पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाना में रखा है, जिसे सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस राहत कार्य में सीएचसी कर्रा के स्वास्थ्यकर्मियों और कर्रा थाना के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
    1
    खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत कच्चाबारी पंचायत के पतराटोली गांव में रविवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक हुए वज्रपात की घटना में एक युवक की जान चली गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया गया कि यह हादसा पतराटोली मैदान में पतराटोली और लोधमा गांव के युवकों के बीच चल रहे क्रिकेट मैच के दौरान हुआ, जब कुछ युवक मैदान किनारे पेड़ के नीचे बैठकर मैच देख रहे थे। अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज गर्जना के साथ बादल कड़कने लगे, तभी जोरदार वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में कई युवक आ गए।

वज्रपात से पतराटोली निवासी प्रेम बाखला (22 वर्ष), पिता भवुआ बाखला, गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए, जिन्हें बाद में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, जवाकिम मिंज (24 वर्ष), पिता स्वर्गीय अगुस्टिन मिंज; अंकित बाखला (20 वर्ष), पिता अजित बाखला; और अंकित बाखला (18 वर्ष), पिता विनोद बाखला, भी गंभीर रूप से घायल हुए। इनके अलावा प्रदीप लिंडा, अर्पण गाड़ी, त्योफिल मिंज, आकाश बाखला, सुमित बाखला, शशी बाखला सहित कई अन्य युवकों को हल्का झटका लगा। घटना के बाद ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल युवकों को पारंपरिक तरीके से गोबर के गड्ढे में रखकर प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया, जिसके बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कर्रा पहुंचाया गया।

गंभीर रूप से घायल जवाकिम मिंज और दोनों अंकित बाखला को बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का सीएचसी कर्रा में उपचार कर उन्हें परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। मृतक प्रेम बाखला के शव को कर्रा थाना पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाना में रखा है, जिसे सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस राहत कार्य में सीएचसी कर्रा के स्वास्थ्यकर्मियों और कर्रा थाना के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
    user_Durga Baraik
    Durga Baraik
    Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
    3 hrs ago
  • रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शहीद अजय भगत के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर वीर सपूत को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा माहौल 'शहीद अजय भगत अमर रहें' और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। एक अत्यंत भावुक क्षण में, रक्षा राज्य मंत्री ने देश के इस वीर सपूत को जन्म देने वाली माता को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने माता के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश इन वीर परिवारों के बलिदान का हमेशा ऋणी रहेगा। शहीद के सम्मान में आज, 22 जून 2026 को क्षेत्र में एक विशाल 'तिरंगा यात्रा' भी निकाली गई। इस यात्रा में सैकड़ों स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सुरक्षा बल के जवानों ने हाथों में तिरंगा थामकर देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर हिस्सा लिया। एनएसजी कमांडो शहीद अजय भगत, जिनका जन्म 10 दिसंबर 1993 को हुआ था और जिन्होंने 9 नवंबर 2023 को हरियाणा के गुरुग्राम में कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति प्राप्त की थी, उनकी याद में निकली इस तिरंगा यात्रा ने क्षेत्र के युवाओं में देशभक्ति का नया जोश भर दिया है।
    3
    रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शहीद अजय भगत के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर वीर सपूत को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा माहौल 'शहीद अजय भगत अमर रहें' और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा।

एक अत्यंत भावुक क्षण में, रक्षा राज्य मंत्री ने देश के इस वीर सपूत को जन्म देने वाली माता को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने माता के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश इन वीर परिवारों के बलिदान का हमेशा ऋणी रहेगा।

शहीद के सम्मान में आज, 22 जून 2026 को क्षेत्र में एक विशाल 'तिरंगा यात्रा' भी निकाली गई। इस यात्रा में सैकड़ों स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सुरक्षा बल के जवानों ने हाथों में तिरंगा थामकर देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर हिस्सा लिया। एनएसजी कमांडो शहीद अजय भगत, जिनका जन्म 10 दिसंबर 1993 को हुआ था और जिन्होंने 9 नवंबर 2023 को हरियाणा के गुरुग्राम में कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति प्राप्त की थी, उनकी याद में निकली इस तिरंगा यात्रा ने क्षेत्र के युवाओं में देशभक्ति का नया जोश भर दिया है।
    user_Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Insurance Agent लापुंग, रांची, झारखंड•
    17 min ago
  • नीट परीक्षा देने के लिए एक परिक्षार्थी और उसके पिता मात्र दो मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे, जिसके बाद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्रा और उसके पिता गेट के बाहर दहाड़ मारकर रो रहे हैं, वहीं पिता हाथ जोड़कर बेटी को परीक्षा दिलवाने की गुहार लगाते दिख रहे हैं, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। इस वायरल वीडियो को देखने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सख्त नियम-कानून केवल परीक्षाओं के लिए ही बनाए जाते हैं, या फिर नियमित पढ़ाई और देर से आने वाले शिक्षकों के लिए भी ऐसे ही कठोर प्रावधान लागू होते हैं।
    1
    नीट परीक्षा देने के लिए एक परिक्षार्थी और उसके पिता मात्र दो मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे, जिसके बाद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्रा और उसके पिता गेट के बाहर दहाड़ मारकर रो रहे हैं, वहीं पिता हाथ जोड़कर बेटी को परीक्षा दिलवाने की गुहार लगाते दिख रहे हैं, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी।

इस वायरल वीडियो को देखने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सख्त नियम-कानून केवल परीक्षाओं के लिए ही बनाए जाते हैं, या फिर नियमित पढ़ाई और देर से आने वाले शिक्षकों के लिए भी ऐसे ही कठोर प्रावधान लागू होते हैं।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • झारखंड के गुमला जिले के सिसई में स्थित लक बेल्डिंग शॉप में लोहे के सामान पर भारी छूट दी जा रही है। इस विशेष ऑफर के तहत, एक दरवाज़ा केवल ₹5000 में मिल रहा है।
    1
    झारखंड के गुमला जिले के सिसई में स्थित लक बेल्डिंग शॉप में लोहे के सामान पर भारी छूट दी जा रही है। इस विशेष ऑफर के तहत, एक दरवाज़ा केवल ₹5000 में मिल रहा है।
    user_A E vlog
    A E vlog
    Pharmacist सिसई, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • रांची के विभिन्न क्षेत्रों में मोहर्रम के पवित्र महीने की पांचवीं के अवसर पर, परंपरा और अकीदत के साथ निशान खड़ा करने की रस्म निभाई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया और इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। निशान खड़ा करने के इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक माहौल देखने को मिला, जहाँ लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन और इंसानियत का संदेश दिया। इस पवित्र अवसर पर नौजवानों, बुजुर्गों और बच्चों सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मोहर्रम की परंपराओं को पूरी श्रद्धा के साथ निभाया। मौजूद लोगों ने बताया कि मोहर्रम केवल गम और याद का महीना नहीं है, बल्कि यह सत्य, न्याय, त्याग और मानवता के लिए संघर्ष का भी प्रतीक है। हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी आज भी पूरी दुनिया को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देती है। पांचवीं के दिन निशान खड़ा किए जाने का यह मनमोहक दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। पूरे क्षेत्र में अकीदत, अनुशासन और सौहार्द का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जिससे हर कोई प्रभावित हुआ।
    1
    रांची के विभिन्न क्षेत्रों में मोहर्रम के पवित्र महीने की पांचवीं के अवसर पर, परंपरा और अकीदत के साथ निशान खड़ा करने की रस्म निभाई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया और इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

निशान खड़ा करने के इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक माहौल देखने को मिला, जहाँ लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन और इंसानियत का संदेश दिया। इस पवित्र अवसर पर नौजवानों, बुजुर्गों और बच्चों सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मोहर्रम की परंपराओं को पूरी श्रद्धा के साथ निभाया।

मौजूद लोगों ने बताया कि मोहर्रम केवल गम और याद का महीना नहीं है, बल्कि यह सत्य, न्याय, त्याग और मानवता के लिए संघर्ष का भी प्रतीक है। हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी आज भी पूरी दुनिया को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देती है।

पांचवीं के दिन निशान खड़ा किए जाने का यह मनमोहक दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। पूरे क्षेत्र में अकीदत, अनुशासन और सौहार्द का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जिससे हर कोई प्रभावित हुआ।
    user_Naya Bharat Tv 24
    Naya Bharat Tv 24
    Court reporter कांके, रांची, झारखंड•
    10 hrs ago
  • गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर कुदरा में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव रवींद्रनाथ अधिकारी, प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा, समाजसेवी संजय वर्मा और योगगुरु गजराज महतो ने संयुक्त रूप से माँ भारती, माँ सरस्वती व ओम् के चित्रों पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय के 162 विद्यार्थियों समेत भैया-बहनें, आचार्य-आचार्या और समिति के सदस्यों ने योगाभ्यास किया, जिसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति व योग जैसी अमूल्य धरोहर से जोड़कर एक स्वस्थ व संस्कारयुक्त समाज का निर्माण करना था, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। योगगुरु गजराज महतो के सानिध्य में विद्यालय परिसर में छात्रों ने विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्यवर्धक योग क्रियाएँ अत्यंत उत्साह के साथ कीं। प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा के नेतृत्व में विद्या भारती द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न आसनों का क्रमबद्ध तरीके से अभ्यास किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा ने योग को प्राचीन ऋषिमुनियों की अनमोल देन बताया, जो शरीर, मन तथा आत्मा को एक सूत्र में बांधता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि योग को प्रतिदिन की दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए, तो एक व्यसनमुक्त, स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि योग के जनक महर्षि पतंजलि की योग क्रिया को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संयुक्त राष्ट्रसभा में पूरे विश्व को अपनाने के लिए प्रमुखता से अपनी बात रखी, जिसके बाद 21 जून 2015 से पूरे विश्व ने योग को अपनाया और तभी से प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है। योगगुरु गजराज महतो ने योग के वैज्ञानिक और स्वास्थ्यवर्धक लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि नियमित योग से मानसिक तनाव दूर होता है और उच्च रक्तचाप व मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। इस खास दिन पर, विद्यालय परिसर में एलोविरा, गिलोय, सहजन जैसे कई औषधीय पौधे भी लगाए गए। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ और सभी भैया-बहनों के बीच चना-गुड़ का वितरण किया गया, जिससे निरोगी जीवन जीने का संदेश दिया गया।
    4
    गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर कुदरा में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव रवींद्रनाथ अधिकारी, प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा, समाजसेवी संजय वर्मा और योगगुरु गजराज महतो ने संयुक्त रूप से माँ भारती, माँ सरस्वती व ओम् के चित्रों पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय के 162 विद्यार्थियों समेत भैया-बहनें, आचार्य-आचार्या और समिति के सदस्यों ने योगाभ्यास किया, जिसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति व योग जैसी अमूल्य धरोहर से जोड़कर एक स्वस्थ व संस्कारयुक्त समाज का निर्माण करना था, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।

योगगुरु गजराज महतो के सानिध्य में विद्यालय परिसर में छात्रों ने विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्यवर्धक योग क्रियाएँ अत्यंत उत्साह के साथ कीं। प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा के नेतृत्व में विद्या भारती द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न आसनों का क्रमबद्ध तरीके से अभ्यास किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा ने योग को प्राचीन ऋषिमुनियों की अनमोल देन बताया, जो शरीर, मन तथा आत्मा को एक सूत्र में बांधता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि योग को प्रतिदिन की दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए, तो एक व्यसनमुक्त, स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि योग के जनक महर्षि पतंजलि की योग क्रिया को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संयुक्त राष्ट्रसभा में पूरे विश्व को अपनाने के लिए प्रमुखता से अपनी बात रखी, जिसके बाद 21 जून 2015 से पूरे विश्व ने योग को अपनाया और तभी से प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है।

योगगुरु गजराज महतो ने योग के वैज्ञानिक और स्वास्थ्यवर्धक लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि नियमित योग से मानसिक तनाव दूर होता है और उच्च रक्तचाप व मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। इस खास दिन पर, विद्यालय परिसर में एलोविरा, गिलोय, सहजन जैसे कई औषधीय पौधे भी लगाए गए। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ और सभी भैया-बहनों के बीच चना-गुड़ का वितरण किया गया, जिससे निरोगी जीवन जीने का संदेश दिया गया।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • खूंटी जिले के मुरहू स्थित श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर में हर साल की तरह इस बार भी फादर्स डे बड़े उत्साह के साथ केक काटकर मनाया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग, कविता, निबंध और ग्रीटिंग्स के जरिए ईश्वर की अनमोल कृतियों में से एक 'पिता' के अतुलनीय महत्व को दर्शाया। संस्थान के निदेशक सकलदीप भगत ने अपने संबोधन में एक पिता के तौर पर अपने निजी अनुभव साझा किए और छात्र-छात्राओं को पिता के त्याग तथा उनकी तकलीफों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं, जिनका प्यार, त्याग और मार्गदर्शन बच्चों के जीवन को आकार देता है। वे हर परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहते हैं और बच्चों को न केवल शिक्षा, नैतिक मूल्यों व संस्कृति की महत्ता समझाते हैं, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। भगत ने जोर दिया कि पिता परिवार की रीढ़ होते हैं, जो अपनी तकलीफें कभी जाहिर नहीं करते बल्कि परिवार के हर सदस्य की जरूरतों और परेशानियों का पूरा ध्यान रखते हैं। उन्होंने पिता को प्रत्येक बच्चे के लिए धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप बताते हुए कहा कि वे रात-दिन बच्चों के लिए मेहनत करते हैं और उन्हें वे सभी सुविधाएँ देना चाहते हैं जो उन्हें खुद कभी नहीं मिलीं। कई बार तो छोटी तनख्वाह में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पिता कर्ज में डूब जाते हैं, लेकिन बच्चों के सामने कभी कोई परेशानी नहीं दिखाते। इसीलिए पिता को दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। निदेशक ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि अपने माता-पिता का सम्मान करना और उनका ख्याल रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है, जिसका निर्वहन निष्ठापूर्वक करना चाहिए। इस कार्यक्रम में रचना, श्रेया, अंजलि, विनीता, अभय और आलेख सहित कई छात्र-छात्राओं ने अपने बेहतरीन ग्रीटिंग्स के माध्यम से पिता के महत्व को उजागर किया। श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर, मुरहू के संचालक सकलदीप भगत ने कार्यक्रम का समापन करते हुए पुनः इस बात पर जोर दिया कि 'पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं'।
    1
    खूंटी जिले के मुरहू स्थित श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर में हर साल की तरह इस बार भी फादर्स डे बड़े उत्साह के साथ केक काटकर मनाया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग, कविता, निबंध और ग्रीटिंग्स के जरिए ईश्वर की अनमोल कृतियों में से एक 'पिता' के अतुलनीय महत्व को दर्शाया।

संस्थान के निदेशक सकलदीप भगत ने अपने संबोधन में एक पिता के तौर पर अपने निजी अनुभव साझा किए और छात्र-छात्राओं को पिता के त्याग तथा उनकी तकलीफों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं, जिनका प्यार, त्याग और मार्गदर्शन बच्चों के जीवन को आकार देता है। वे हर परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहते हैं और बच्चों को न केवल शिक्षा, नैतिक मूल्यों व संस्कृति की महत्ता समझाते हैं, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। भगत ने जोर दिया कि पिता परिवार की रीढ़ होते हैं, जो अपनी तकलीफें कभी जाहिर नहीं करते बल्कि परिवार के हर सदस्य की जरूरतों और परेशानियों का पूरा ध्यान रखते हैं। उन्होंने पिता को प्रत्येक बच्चे के लिए धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप बताते हुए कहा कि वे रात-दिन बच्चों के लिए मेहनत करते हैं और उन्हें वे सभी सुविधाएँ देना चाहते हैं जो उन्हें खुद कभी नहीं मिलीं। कई बार तो छोटी तनख्वाह में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पिता कर्ज में डूब जाते हैं, लेकिन बच्चों के सामने कभी कोई परेशानी नहीं दिखाते। इसीलिए पिता को दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।

निदेशक ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि अपने माता-पिता का सम्मान करना और उनका ख्याल रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है, जिसका निर्वहन निष्ठापूर्वक करना चाहिए। इस कार्यक्रम में रचना, श्रेया, अंजलि, विनीता, अभय और आलेख सहित कई छात्र-छात्राओं ने अपने बेहतरीन ग्रीटिंग्स के माध्यम से पिता के महत्व को उजागर किया। श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर, मुरहू के संचालक सकलदीप भगत ने कार्यक्रम का समापन करते हुए पुनः इस बात पर जोर दिया कि 'पिता परिवार की मजबूत नींव होते हैं'।
    user_Durga Baraik
    Durga Baraik
    Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
    5 hrs ago
  • इतिहास का एक काला अध्याय, 'द होलोकॉस्ट', एक ऐसे आदमी की सनक का परिणाम था जिसने पूरी दुनिया को रुला दिया। इस ऐतिहासिक त्रासदी ने विश्व भर में गहरा दुख और मातम फैलाया, जो मानवता पर पड़े काले धब्बे के रूप में दर्ज है।
    1
    इतिहास का एक काला अध्याय, 'द होलोकॉस्ट', एक ऐसे आदमी की सनक का परिणाम था जिसने पूरी दुनिया को रुला दिया। इस ऐतिहासिक त्रासदी ने विश्व भर में गहरा दुख और मातम फैलाया, जो मानवता पर पड़े काले धब्बे के रूप में दर्ज है।
    user_Badal Prasad
    Badal Prasad
    नामकुम, रांची, झारखंड•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.