महिला आरक्षण बिल को कैबिनेट ने दी मंजूरी, 2029 लोकसभा चुनाव से लागू होगा कैबिनेट ने महिला आरक्षण बिल में संशोधन को हरी झंडी दे दी है. सरकार 16 से 18 अप्रैल के बीच अधिनियम में बदलाव के लिए नया बिल लाएगी, जिससे 2029 के चुनावों में महिलाओं को आरक्षण मिलना तय हो जाएगा. केंद्र सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार को महिला आरक्षण बिलों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. सूत्रों का कहना है कि ये बिल 2029 में लागू हो सके, इसके लिए सरकार बिल में संशोधन करेगी, जिसके इसके लिए सरकार संसद का विशेष सत्र बुला सकती हैं. सरकार ने विपक्षी दलों से समर्थन भी मांगा गया है, ताकि संविधान संशोधन आसानी से पारित हो सके. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 2011 की जनगणना को आधार बनाकर 2029 के लोकसभा चुनाव में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती है. यदि ये विस्तार होता है तो महिला आरक्षण 33 प्रतिशत के तहत कुल 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. ये कदम भारतीय संसदीय इतिहास में महिलाओं की भागीदारी को दोगुना से अधिक कर देगा. सूत्रों ने दावा किया कि सरकार ने इस संशोधन को पारित कराने के लिए 16 से 18 अप्रैल का समय तय किया है. इस दौरान 'नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम' में उन कानूनी बाधाओं को दूर किया जाएगा जो पहले आरक्षण के कार्यान्वयन में आ रही थीं. नई जनगणना और परिसीमन के इंतजार के बजाय 2011 के आंकड़ों का इस्तेमाल करना एक बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है.
महिला आरक्षण बिल को कैबिनेट ने दी मंजूरी, 2029 लोकसभा चुनाव से लागू होगा कैबिनेट ने महिला आरक्षण बिल में संशोधन को हरी झंडी दे दी है. सरकार 16 से 18 अप्रैल के बीच अधिनियम में बदलाव के लिए नया बिल लाएगी, जिससे 2029 के चुनावों में महिलाओं को आरक्षण मिलना तय हो जाएगा. केंद्र सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार को महिला आरक्षण बिलों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. सूत्रों का कहना है कि ये बिल 2029 में लागू हो सके, इसके लिए सरकार बिल में संशोधन करेगी, जिसके इसके लिए सरकार संसद का विशेष सत्र बुला सकती हैं. सरकार ने विपक्षी दलों से समर्थन भी मांगा गया है, ताकि संविधान संशोधन आसानी से पारित हो सके. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 2011 की जनगणना को आधार बनाकर 2029 के लोकसभा चुनाव में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती है. यदि ये विस्तार होता है तो महिला आरक्षण 33 प्रतिशत के तहत कुल 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. ये कदम भारतीय संसदीय इतिहास में महिलाओं की भागीदारी को दोगुना से अधिक कर देगा. सूत्रों ने दावा किया कि सरकार ने इस संशोधन को पारित कराने के लिए 16 से 18 अप्रैल का समय तय किया है. इस दौरान 'नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम' में उन कानूनी बाधाओं को दूर किया जाएगा जो पहले आरक्षण के कार्यान्वयन में आ रही थीं. नई जनगणना और परिसीमन के इंतजार के बजाय 2011 के आंकड़ों का इस्तेमाल करना एक बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है.
- Post by Bharatiya Jan KRANTI SENA1
- Post by Harshikesh Raj1
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- अमेरिका अपनी पूरी ताकत से भी होर्मुज को बंद नहीं करवा पाया,पाक का झंडा बुलंद?-ग्रुप कैप्टन प्रेमवीर1
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- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Harshikesh Raj1