खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर उपखंड क्षेत्र में एक ऐसे दिव्यांग युवक का मामला सामने आया है, जो सरकारी और प्रशासनिक सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नाला ऊपर मोहल्ला निवासी दिव्यांग युवक रोहिताश मीणा की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले करीब डेढ़ वर्ष से बंद पड़ी है, जिसके कारण वह अपनी मदद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। बीपीएल परिवार से आने वाले रोहिताश मीणा ने बताया कि उन्होंने अपनी बंद पेंशन को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और कार्यालयों के चक्कर भी लगाए, लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है। पेंशन बंद होने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों का निर्वहन करना अत्यंत कठिन हो गया है। पीड़ित ने प्रशासन से अपनी दिव्यांग पेंशन तत्काल प्रभाव से पुनः शुरू करने और पिछले डेढ़ वर्ष की बकाया पेंशन राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने अपना पीपीओ नंबर RJS05740521 भी उपलब्ध कराया है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब सरकार प्रशासनिक शिविरों के माध्यम से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने की बात करती है, तब ऐसे पात्र दिव्यांग लाभार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि रोहिताश मीणा की दिव्यांग पेंशन जल्द से जल्द बहाल हो सके और उन्हें सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ समय पर मिल सके।
खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर उपखंड क्षेत्र में एक ऐसे दिव्यांग युवक का मामला सामने आया है, जो सरकारी और प्रशासनिक सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नाला ऊपर मोहल्ला निवासी दिव्यांग युवक रोहिताश मीणा की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले करीब डेढ़ वर्ष से बंद पड़ी है, जिसके कारण वह अपनी मदद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। बीपीएल परिवार से आने वाले रोहिताश मीणा ने बताया कि उन्होंने अपनी बंद पेंशन को
लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और कार्यालयों के चक्कर भी लगाए, लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है। पेंशन बंद होने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों का निर्वहन करना अत्यंत कठिन हो गया है। पीड़ित ने प्रशासन से अपनी दिव्यांग पेंशन तत्काल प्रभाव से पुनः शुरू करने और पिछले डेढ़ वर्ष की बकाया पेंशन राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने अपना पीपीओ नंबर RJS05740521 भी उपलब्ध कराया है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर
रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब सरकार प्रशासनिक शिविरों के माध्यम से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने की बात करती है, तब ऐसे पात्र दिव्यांग लाभार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि रोहिताश मीणा की दिव्यांग पेंशन जल्द से जल्द बहाल हो सके और उन्हें सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ समय पर मिल सके।
- खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर उपखंड क्षेत्र में एक ऐसे दिव्यांग युवक का मामला सामने आया है, जो सरकारी और प्रशासनिक सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नाला ऊपर मोहल्ला निवासी दिव्यांग युवक रोहिताश मीणा की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले करीब डेढ़ वर्ष से बंद पड़ी है, जिसके कारण वह अपनी मदद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। बीपीएल परिवार से आने वाले रोहिताश मीणा ने बताया कि उन्होंने अपनी बंद पेंशन को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और कार्यालयों के चक्कर भी लगाए, लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है। पेंशन बंद होने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों का निर्वहन करना अत्यंत कठिन हो गया है। पीड़ित ने प्रशासन से अपनी दिव्यांग पेंशन तत्काल प्रभाव से पुनः शुरू करने और पिछले डेढ़ वर्ष की बकाया पेंशन राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने अपना पीपीओ नंबर RJS05740521 भी उपलब्ध कराया है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब सरकार प्रशासनिक शिविरों के माध्यम से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने की बात करती है, तब ऐसे पात्र दिव्यांग लाभार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि रोहिताश मीणा की दिव्यांग पेंशन जल्द से जल्द बहाल हो सके और उन्हें सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ समय पर मिल सके।3
- उत्तर पश्चिम रेलवे के सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) अशोक माहेश्वरी ने 9 जुलाई गुरुवार को खैरथल रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों, आधुनिक सिग्नल प्रणाली, दोनों प्लेटफॉर्मों की लंबाई, नए फुट ओवरब्रिज, पार्किंग व्यवस्था और यात्रियों के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं का विस्तार से अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान, खैरथल विकास मंच समिति के अध्यक्ष मनोहर लाल परवाना और श्यामलाल शर्मा ने एजीएम को ज्ञापन सौंपकर रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि खैरथल के जिला मुख्यालय बनने के बावजूद कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव यहाँ नहीं होता, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। ज्ञापन में प्रमुख ट्रेनों का खैरथल में ठहराव सुनिश्चित करने, प्लेटफॉर्म संख्या-2 की लंबाई बढ़ाने, दोनों प्लेटफॉर्मों पर टीन शेड का विस्तार करने और उदयपुर के लिए एक नई यात्री ट्रेन चलाने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, पूर्व में दिए गए ज्ञापन का उल्लेख करते हुए उदयपुर–जयपुर इंटरसिटी ट्रेन को दिल्ली तक विस्तारित करने की मांग भी दोहराई गई। इसी क्रम में, संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष और पूर्व प्रधान ओमप्रकाश रोघा ने भी एजीएम से मुलाकात कर प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर बंद किए गए प्रवेश द्वार को पुनः शुरू करने और यात्री सुविधाओं में वृद्धि की मांग रखी। उन्होंने बताया कि प्रवेश मार्ग बंद होने से यात्रियों को प्रतिदिन अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। मीडिया से बातचीत में एजीएम अशोक माहेश्वरी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी कार्य रेलवे के नियमों के अनुरूप और जनहित में होंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। माहेश्वरी ने आमजन से रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की और अवैध पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस निरीक्षण के दौरान सहायक मंडल रेल प्रबंधक गौरव गौड़, वरिष्ठ डीएसटी ललित कुमार, वरिष्ठ डीईएन सतीश कुमार, सीनियर डीओएम अजीत कुमार, सीपीएम पीयूष जोशी, सीनियर डीईजी नितेश कुमार, सहायक जीएसयू पवन कुमार, डीसीएम जगदीश चौधरी, सीएमआई राजकुमार और सीनियर डीसीएम भूपेश यादव सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।1
- उत्तर पश्चिम रेलवे के सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) अशोक माहेश्वरी ने गुरुवार, 9 जुलाई को खैरथल रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन पर जारी विकास कार्यों का जायजा लेने के उद्देश्य से किया गया था। एजीएम ने स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों, आधुनिक सिग्नल प्रणाली, दोनों प्लेटफॉर्मों की लंबाई, नए फुट ओवरब्रिज और पार्किंग व्यवस्था सहित यात्रियों के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं का विस्तार से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान, खैरथल विकास मंच समिति के अध्यक्ष मनोहर लाल परवाना और श्यामलाल शर्मा ने एजीएम को एक ज्ञापन सौंपकर रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग की। उन्होंने बताया कि खैरथल के जिला मुख्यालय बनने के बावजूद भी यहां कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव नहीं होता, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रमुख ट्रेनों के खैरथल में ठहराव, प्लेटफॉर्म संख्या-2 की लंबाई बढ़ाने, दोनों प्लेटफॉर्मों पर टीन शेड का विस्तार करने और उदयपुर के लिए एक नई यात्री ट्रेन चलाने की मांगें शामिल थीं। समिति ने पूर्व में दिए गए ज्ञापन का उल्लेख करते हुए उदयपुर-जयपुर इंटरसिटी ट्रेन को दिल्ली तक विस्तारित करने की मांग को भी दोहराया। इसी बीच, संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष और पूर्व प्रधान ओमप्रकाश रोघा ने भी एजीएम से मुलाकात कर प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर बंद किए गए प्रवेश द्वार को पुनः शुरू करने तथा यात्री सुविधाओं में वृद्धि करने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि प्रवेश मार्ग बंद होने से यात्रियों को प्रतिदिन अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। मीडिया से बातचीत करते हुए, एजीएम अशोक माहेश्वरी ने आश्वासन दिया कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे के नियमों के अनुरूप और जनहित में जो भी कार्य होंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। माहेश्वरी ने आमजन से रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की और अवैध पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस निरीक्षण के दौरान सहायक मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोड़, वरिष्ठ डीएसटी ललित कुमार, वरिष्ठ डीईएन सतीश कुमार, सीनियर डीओएम अजीत कुमार, सीपीएम पीयूष जोशी, सीनियर डीईजी नितेश कुमार, सहायक जीएसयू पवन कुमार, डीसीएम जगदीश चौधरी, सीएमआई राजकुमार, सीनियर डीसीएम भूपेश यादव सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।1
- दौसा के कांदोली स्थित एक पेट्रोल पंप पर बुधवार रात करीब 10 बजे एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ कार में सवार बदमाशों ने लगभग 4 हजार रुपये का पेट्रोल भरवाया। भुगतान के समय उन्होंने UPI पेमेंट का बहाना बनाया और पेट्रोल पंप के कर्मचारी को बातों में उलझाकर बिना पैसे दिए ही कार लेकर फरार हो गए। कार के अचानक तेज गति से दौड़ने पर कर्मचारी उसके साथ कई फीट तक घिसटता चला गया।1
- कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बहरोड़ में भ्रामक प्रचार के साथ बेचे जा रहे एनर्जी ड्रिंक की 10,680 बोतलें जब्त की हैं। अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा के अनुसार, यह कार्रवाई मैसर्स गंगा ट्रेडर्स पर छापा मारने के दौरान की गई, जहाँ "एनर्जी ड्रिंक" नाम से 250 ML और 300 ML की बोतलें पाई गईं। इन बोतलों पर "स्टिमुलेट्स माइंड, एनरजाइज बॉडी" लिखा हुआ था, जिसे FSSAI नियमों के अनुसार भ्रामक प्रचार माना गया है। जाँच में यह भी सामने आया कि इस पेय में कैफीन की मात्रा सामान्य से अधिक थी, जो गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। खाद्य दल ने तत्काल सभी बोतलों को सीज कर दिया और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत एक प्रकरण दर्ज किया है। इस मामले की रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भी भेज दी गई है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे भ्रामक उत्पादों की खरीद से बचें और किसी भी तरह की मिलावट की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।1
- कोटपुतली-बहरोड़ जिले के नवरंगपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में विधायक कुलदीप धनकड़ पहुँचे। उन्होंने शिविर के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही सुनिश्चित करवाया, जिससे उन्हें त्वरित सहायता मिल सकी।1
- आज 9 जुलाई 2026, गुरुवार को एक विशेष बुलेटिन में देश-दुनिया की प्रमुख और विश्वसनीय खबरों का संक्षिप्त एवं तथ्यात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। यह बुलेटिन राजनीति, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, अर्थव्यवस्था, मौसम, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्यायपालिका, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मनोरंजन जगत की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करेगा। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि सभी बड़ी अपडेट्स जानने के लिए अंत तक जुड़े रहें, वीडियो पसंद आने पर उसे लाइक करें, अपने विचार कमेंट में साझा करें और ताज़ा समाचारों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की एक संयुक्त कार्रवाई में लगभग 150 किलोग्राम संदिग्ध या संभावित मिलावटी पनीर जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस ने जनस्वास्थ्य संरक्षण और अपराध नियंत्रण के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की। पुलिस को 8 जुलाई 2026 को एक ईको वाहन में संदिग्ध गुणवत्ता का पनीर परिवहन किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस टीम ने वाहन को रुकवाकर उसकी जांच की, जिसमें तीन कोल्ड बॉक्सों से करीब 150 किलोग्राम पनीर बरामद हुआ। पनीर का रंग, गंध और अन्य भौतिक परीक्षण करने पर वह संदिग्ध प्रतीत हुआ। सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा भी मौके पर पहुंचे। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह आईपीएस के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीमराना सुरेश कुमार खींची आरपीएस के निर्देशन और वृत्ताधिकारी नीमराना चारुल गुप्ता आरपीएस के सुपरविजन में थानाधिकारी राजेश कुमार पु.नि. के नेतृत्व में की गई। वाहन चालक/मालिक उबैद पुत्र ईष्या, जो ग्राम मलाई, तहसील हथीन, जिला पलवल हरियाणा का निवासी है, ने बताया कि वह यह पनीर पलवल से खरीदकर बिक्री के लिए लाया था। पुलिस टीम में एएसआई जोगेन्द्र सिंह, हैड कानि. मनीय 98 और चालक कानि. विनोद 1097 थाना नीमराना से शामिल थे। मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, लगभग 150 किलो संदिग्ध पनीर को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबाकर नष्ट कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत पनीर का एक नमूना सीलबंद कर राज्य खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और विश्वसनीय स्रोत का ध्यान रखें, तथा मिलावटी या संदिग्ध खाद्य सामग्री के विक्रय या परिवहन की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या खाद्य सुरक्षा विभाग को दें ताकि समय रहते कार्रवाई कर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।3