रेलमगरा क्षेत्र के सकरावास गांव में अग्निवीर भेरूलाल कुमावत के प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर गांव लौटने पर ग्रामीणों और परिजनों ने उनका भव्य स्वागत किया। जवान के गांव पहुंचने पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने भेरूलाल कुमावत को माल्यार्पण कर और उपरना ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इसके बाद डीजे की धुन पर पूरे गांव में एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और परिवारजन शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर भारतीय सेना के जवान का अभिनंदन किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि भेरूलाल कुमावत ने भारतीय सेना में सेवा के लिए प्रशिक्षण पूर्ण कर गांव और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है, जिससे गांव के युवाओं को भी देश सेवा के लिए प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान पूरे गांव में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा, और ग्रामीणों ने जवान के उज्ज्वल भविष्य तथा सफल सैन्य सेवा के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
रेलमगरा क्षेत्र के सकरावास गांव में अग्निवीर भेरूलाल कुमावत के प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर गांव लौटने पर ग्रामीणों और परिजनों ने उनका भव्य स्वागत किया। जवान के गांव पहुंचने पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने भेरूलाल कुमावत को माल्यार्पण कर और उपरना ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इसके बाद डीजे की धुन पर पूरे गांव में एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और परिवारजन शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने
पुष्पवर्षा कर भारतीय सेना के जवान का अभिनंदन किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि भेरूलाल कुमावत ने भारतीय सेना में सेवा के लिए प्रशिक्षण पूर्ण कर गांव और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है, जिससे गांव के युवाओं को भी देश सेवा के लिए प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान पूरे गांव में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा, और ग्रामीणों ने जवान के उज्ज्वल भविष्य तथा सफल सैन्य सेवा के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
- राजसमंद के कांकरोली स्थित राठासेन मंदिर में निर्जला ग्यारस के पावन अवसर पर भव्य नाव मनोरथ का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में, माता जी के स्वरूप को एक नाव में विराजित कर नौका विहार कराया गया, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर कमेटी ने इस अवसर पर परिसर में आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की थी और माता जी का विशेष श्रृंगार किया गया था। शाम से शुरू हुआ दर्शनों का क्रम देर रात तक जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह नाव मनोरथ का आयोजन मंदिर कमेटी द्वारा वर्ष में केवल एक बार किया जाता है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।1
- राजस्थान पत्रिका से जुड़े अर्जुन पालीवाल को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं। इस शुभकामना संदेश में मुरली वाले सांवरिया सेठ और बाबा खाटू श्याम के दर्शन का भी उल्लेख किया गया है, जो एक प्रकार से धार्मिक शुभकामनाएँ और आशीर्वाद प्रदान करने का भाव व्यक्त करता है।4
- आगामी मानसून सत्र के दौरान उदयपुर संभाग में बाढ़ और जलभराव जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) पूरी तरह से तैयार हो गया है। राज्य आपदा प्रतिसाद बल, राजस्थान के कमान्डेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देश पर गुरुवार को एसडीआरएफ डी कम्पनी उदयपुर की सात रेस्क्यू टीमों को अत्याधुनिक आपदा राहत उपकरणों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। ये टीमें कोटड़ा, सलूम्बर, डूंगरपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में तैनात की जाएँगी। इसके अतिरिक्त, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए दो रेस्क्यू टीमें देबारी, उदयपुर में कंपनी मुख्यालय रिजर्व और कमान्डेंट रिजर्व में तैनात रखी गई हैं।1
- चित्तौड़गढ़ के गांधीनगर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ किया गया है। यह धार्मिक आयोजन एक भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ, जिसमें 101 महिलाओं ने कलश धारण किए।1
- चित्तौड़गढ़ हाईवे के किनारे एक स्थान पर अवैध रूप से ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण किया जा रहा था, जिस पर कार्रवाई करते हुए लगभग 1900 लीटर ज्वलनशील सामग्री जब्त की गई है।1
- कुछ लोग शादी के जोड़े में भोले बनकर मीठी बातों से दूसरों का मन मोह लेते हैं, लेकिन वे सच छिपाकर रिश्तों की नींव कमज़ोर कर देते हैं। ऐसे लोग अपने स्वार्थ के लिए विश्वास को ठुकरा देते हैं, नकली रूप धारण कर सपनों में रंग भरते हैं, पर अवसर मिलते ही अपना असली रंग दिखा जाते हैं। यह बताया गया है कि रिश्ते प्रेम और विश्वास से बनते हैं; छल और कपट करने वाले अंततः एक दिन उजागर हो ही जाते हैं।1
- राजसमंद जिले की नाथद्वारा निवासी दो होनहार बेटियों ने तैराकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का मान बढ़ाया है। जिला स्तरीय सब जूनियर तैराकी प्रतियोगिता में इन दोनों खिलाड़ियों ने कुल चार स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जिसके बाद उनका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हो गया है। बेटियों की इस सफलता से नाथद्वारा के निवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कांकरोली स्थित मेवाड़ क्लब तरणताल में आयोजित इस प्रतियोगिता में नाथद्वारा की तैराक माद्री आशीष कुमार सिंह ने फ्री स्टाइल स्पर्धा के 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर तीन स्वर्ण पदक जीते। वहीं, पोषित ध्रुव माली ने बैक स्ट्रोक स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता के लिए हुआ है, जहाँ वे आगामी 2 जुलाई से उदयपुर के खेलगांव में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। बताया गया है कि दोनों छात्राएं नियमित रूप से सुबह और शाम लगभग चार घंटे तैराकी का अभ्यास करती हैं। उनकी यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन का परिणाम है, जिसके दम पर उन्होंने जिला स्तर पर सफलता हासिल कर राज्य स्तर तक अपनी जगह बनाई है। उनकी इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने खुशी जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।4
- गुरुवार को वल्लभनगर के बाजारों में निर्जला एकादशी के अवसर पर खासी चहल-पहल देखी गई। कबूतर चौक, बस स्टैंड और डांगियों का चौराहा सहित अन्य प्रमुख बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे हर तरफ रौनक छाई रही। श्रद्धालुओं ने पर्व के लिए पूजन सामग्री, फल, शरबत और मिट्टी के घड़ों की जमकर खरीदारी की। इस दौरान आम की मांग सबसे अधिक रही, जिसे बड़ी संख्या में लोग खरीदते हुए दिखे। आचार्य गौतमलाल आमेटा के अनुसार, निर्जला एकादशी को वर्ष की सभी एकादशियों में श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की आराधना करते हुए पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर निर्जल व्रत रखते हैं, और अगले दिन द्वादशी तिथि पर विधि-विधान से व्रत का पारण करते हैं। इस पावन अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। बाजारों में खरीदारों की अच्छी आवाजाही के कारण व्यापारियों में भी खासा उत्साह देखा गया, जिन्होंने बताया कि निर्जला एकादशी की वजह से कारोबार में अच्छी वृद्धि हुई और देर शाम तक बाजारों की रौनक बनी रही।1
- चित्तौड़गढ़ में अंतर्राष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के अवसर पर एक जागरूकता रैली निकाली गई। इसी क्रम में, पैगम्बर साहब की शान में की गई कथित टिप्पणी के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।1