गुरुवार को वल्लभनगर के बाजारों में निर्जला एकादशी के अवसर पर खासी चहल-पहल देखी गई। कबूतर चौक, बस स्टैंड और डांगियों का चौराहा सहित अन्य प्रमुख बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे हर तरफ रौनक छाई रही। श्रद्धालुओं ने पर्व के लिए पूजन सामग्री, फल, शरबत और मिट्टी के घड़ों की जमकर खरीदारी की। इस दौरान आम की मांग सबसे अधिक रही, जिसे बड़ी संख्या में लोग खरीदते हुए दिखे। आचार्य गौतमलाल आमेटा के अनुसार, निर्जला एकादशी को वर्ष की सभी एकादशियों में श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की आराधना करते हुए पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर निर्जल व्रत रखते हैं, और अगले दिन द्वादशी तिथि पर विधि-विधान से व्रत का पारण करते हैं। इस पावन अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। बाजारों में खरीदारों की अच्छी आवाजाही के कारण व्यापारियों में भी खासा उत्साह देखा गया, जिन्होंने बताया कि निर्जला एकादशी की वजह से कारोबार में अच्छी वृद्धि हुई और देर शाम तक बाजारों की रौनक बनी रही।
गुरुवार को वल्लभनगर के बाजारों में निर्जला एकादशी के अवसर पर खासी चहल-पहल देखी गई। कबूतर चौक, बस स्टैंड और डांगियों का चौराहा सहित अन्य प्रमुख बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे हर तरफ रौनक छाई रही। श्रद्धालुओं ने पर्व के लिए पूजन सामग्री, फल, शरबत और मिट्टी के घड़ों की जमकर खरीदारी की। इस दौरान आम की मांग सबसे अधिक रही, जिसे बड़ी संख्या में लोग खरीदते हुए दिखे। आचार्य गौतमलाल आमेटा के अनुसार, निर्जला एकादशी को वर्ष की सभी एकादशियों में श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की आराधना करते हुए पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर निर्जल व्रत रखते हैं, और अगले दिन द्वादशी तिथि पर विधि-विधान से व्रत का पारण करते हैं। इस पावन अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। बाजारों में खरीदारों की अच्छी आवाजाही के कारण व्यापारियों में भी खासा उत्साह देखा गया, जिन्होंने बताया कि निर्जला एकादशी की वजह से कारोबार में अच्छी वृद्धि हुई और देर शाम तक बाजारों की रौनक बनी रही।
- रेलमगरा के ग्राम गोगाथला के युवक दीपक कुमावत का भारतीय थल सेना में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर के रूप में चयन और छह महीने का कठोर सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद गांव लौटने पर ग्रामीणों ने शानदार और ऐतिहासिक स्वागत किया। कुरज चौराहे से डीजे पर देशभक्ति गीतों की धुन के साथ महिला-पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने अग्निवीर दीपक कुमावत का गर्मजोशी से स्वागत किया। चार पहिया वाहनों के काफिले के साथ निकाले गए जुलूस के दौरान क्षेत्रवासियों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। यह जुलूस गांव के प्रमुख मार्गों और चौराहों से होते हुए उनके निवास तक पहुंचा, इस दौरान पूरा गांव “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। इस अवसर पर अग्निवीर दीपक कुमावत ने ग्रामीणों द्वारा दिए गए स्नेह और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश और मातृभूमि की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है, और उन्होंने क्षेत्र के युवाओं एवं युवतियों से भारतीय सेना में भर्ती होकर राष्ट्र सेवा में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए युवाओं को आगे आकर सेना में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासक छोगालाल सालवी, सुरेंद्र कुमावत, नारू लाल कुमावत, उमाशंकर कुमावत, सुनील सालवी, दिनेश कुमावत, दीक्षित पुरबिया, सुरेश बेरवा, रवि टेलर सहित अनेक समाजजन और सैकड़ों ग्रामीण महिला-पुरुष व युवा उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने दीपक कुमावत की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।3
- राजसमंद के कांकरोली स्थित राठासेन मंदिर में निर्जला ग्यारस के पावन अवसर पर भव्य नाव मनोरथ का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में, माता जी के स्वरूप को एक नाव में विराजित कर नौका विहार कराया गया, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर कमेटी ने इस अवसर पर परिसर में आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की थी और माता जी का विशेष श्रृंगार किया गया था। शाम से शुरू हुआ दर्शनों का क्रम देर रात तक जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह नाव मनोरथ का आयोजन मंदिर कमेटी द्वारा वर्ष में केवल एक बार किया जाता है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।1
- नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने जनहित में एक खबर प्रसारित की है।1
- झाड़ोल क्षेत्र के मगवास में चोरों की दस्तक हुई है। जानकारी के अनुसार, ये चोर सूने मकानों की रेकी कर रहे हैं।1
- चित्तौड़गढ़ के गांधीनगर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ किया गया है। यह धार्मिक आयोजन एक भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ, जिसमें 101 महिलाओं ने कलश धारण किए।1
- चित्तौड़गढ़ हाईवे के किनारे एक स्थान पर अवैध रूप से ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण किया जा रहा था, जिस पर कार्रवाई करते हुए लगभग 1900 लीटर ज्वलनशील सामग्री जब्त की गई है।1
- गुरुवार को वल्लभनगर के बाजारों में निर्जला एकादशी के अवसर पर खासी चहल-पहल देखी गई। कबूतर चौक, बस स्टैंड और डांगियों का चौराहा सहित अन्य प्रमुख बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे हर तरफ रौनक छाई रही। श्रद्धालुओं ने पर्व के लिए पूजन सामग्री, फल, शरबत और मिट्टी के घड़ों की जमकर खरीदारी की। इस दौरान आम की मांग सबसे अधिक रही, जिसे बड़ी संख्या में लोग खरीदते हुए दिखे। आचार्य गौतमलाल आमेटा के अनुसार, निर्जला एकादशी को वर्ष की सभी एकादशियों में श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की आराधना करते हुए पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर निर्जल व्रत रखते हैं, और अगले दिन द्वादशी तिथि पर विधि-विधान से व्रत का पारण करते हैं। इस पावन अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। बाजारों में खरीदारों की अच्छी आवाजाही के कारण व्यापारियों में भी खासा उत्साह देखा गया, जिन्होंने बताया कि निर्जला एकादशी की वजह से कारोबार में अच्छी वृद्धि हुई और देर शाम तक बाजारों की रौनक बनी रही।1
- राजसमंद जिले की नाथद्वारा निवासी दो होनहार बेटियों ने तैराकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का मान बढ़ाया है। जिला स्तरीय सब जूनियर तैराकी प्रतियोगिता में इन दोनों खिलाड़ियों ने कुल चार स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जिसके बाद उनका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हो गया है। बेटियों की इस सफलता से नाथद्वारा के निवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कांकरोली स्थित मेवाड़ क्लब तरणताल में आयोजित इस प्रतियोगिता में नाथद्वारा की तैराक माद्री आशीष कुमार सिंह ने फ्री स्टाइल स्पर्धा के 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर तीन स्वर्ण पदक जीते। वहीं, पोषित ध्रुव माली ने बैक स्ट्रोक स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता के लिए हुआ है, जहाँ वे आगामी 2 जुलाई से उदयपुर के खेलगांव में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। बताया गया है कि दोनों छात्राएं नियमित रूप से सुबह और शाम लगभग चार घंटे तैराकी का अभ्यास करती हैं। उनकी यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन का परिणाम है, जिसके दम पर उन्होंने जिला स्तर पर सफलता हासिल कर राज्य स्तर तक अपनी जगह बनाई है। उनकी इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने खुशी जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।4
- राजस्थान पत्रिका से जुड़े अर्जुन पालीवाल को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं। इस शुभकामना संदेश में मुरली वाले सांवरिया सेठ और बाबा खाटू श्याम के दर्शन का भी उल्लेख किया गया है, जो एक प्रकार से धार्मिक शुभकामनाएँ और आशीर्वाद प्रदान करने का भाव व्यक्त करता है।4