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हर गाँव में सरकारी महकमों के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान रखना गाँव के मुखियों की जिम्मेदारी है* *हर गाँव में सरकारी महकमों के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान रखना गाँव के मुखियों की जिम्मेदारी है* सरकारी अस्पतालों, पशु चिकित्सालयों, आयुर्वेदिक अस्पतालों, ग्राम पंचायतों, पटवार घरों आदि में सरकार को बायोमेट्रिक हाजरी मशीनें लगानी चाहिए सबसे अच्छा सिस्टम पुलिस विभाग में है कांस्टेबल हो या कोई एसपी हो या डिप्टी, कोई भी अधिकारी सरकारी काम के लिए अगर बाहर जाता है तो उसकी रवानगी और आमद दर्ज होती है। ऐसा ही सिस्टम पूरे सरकारी सिस्टम में लागू होना चाहिए, ताकि राजस्थान में सुशासन और पारदर्शिता बनी रहे
Deepak bamaniya
हर गाँव में सरकारी महकमों के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान रखना गाँव के मुखियों की जिम्मेदारी है* *हर गाँव में सरकारी महकमों के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान रखना गाँव के मुखियों की जिम्मेदारी है* सरकारी अस्पतालों, पशु चिकित्सालयों, आयुर्वेदिक अस्पतालों, ग्राम पंचायतों, पटवार घरों आदि में सरकार को बायोमेट्रिक हाजरी मशीनें लगानी चाहिए सबसे अच्छा सिस्टम पुलिस विभाग में है कांस्टेबल हो या कोई एसपी हो या डिप्टी, कोई भी अधिकारी सरकारी काम के लिए अगर बाहर जाता है तो उसकी रवानगी और आमद दर्ज होती है। ऐसा ही सिस्टम पूरे सरकारी सिस्टम में लागू होना चाहिए, ताकि राजस्थान में सुशासन और पारदर्शिता बनी रहे
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- पाली,मनीष राठौड़। संभाग स्तरीय आरोग्य मेला - 2026 जिला प्रशासन एव आयुर्वेद विभाग पाली के रामलीला मैदान में 12 से 15 मार्च तक आरोग्य मेले का आयोजन किया जायेगा। जिसे लेकर मंगलवार को जिला कलक्टर कार्यालय में जिला कलक्टर एल एन मंत्री अतिरिक्त जिला कलक्टर सीलिंग ओम प्रभा, आयुर्वेद उप निदेशक डॉ बजरंग लाल शर्मा एव डॉ शिव कुमार शर्मा के द्वारा चार दिवसीय मेले के पोस्टर का विमोचन किया गया । आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक ने बताया कि मेले में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर विशाल स्वास्थ्य मेला 12 मार्च 2026 से 15 मार्च 2026 तक पाली के रामलीला मैदान में आयोजित किया जा रहा है। इस मेले में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों द्वारा निःशुल्क परामर्श, उपचार और औषधियां प्रदान की जाएंगी। *मेले में सिुविधाएं उपलब्ध होंगी* - निःशुल्क जांच गैर संक्रामक रोगों के लिए स्क्रीनिंग (बी.पी. और शुगर की जांच) - आयुर्वेद पद्धति से प्रकृति परीक्षण प्रदर्शन - औषधि निर्माताओं द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री - औषधीय पादपों और आयुर्वेद विशिष्टता केन्द्रों की प्रदर्शन - विशेषज्ञों द्वारा जटिल और गंभीर रोगों की निःशुल्क चिकित्सा - साईटिका, जोड़ों के दर्द का सफल उपचार - पंचकर्म, अग्निकर्म, विधाकर्म, मर्म चिकित्सा, जल नेति चिकित्सा - होम्योपैथी चिकित्सा - यूनानी चिकित्सा - स्वर्णप्राशन विशेषज्ञों की टीम द्वारा विशेष सौन्दर्य प्रसाधन चिकित्सा *विशेषः* - मेले में 13 से 14 मार्च 2026 दो दिन शाम 7 बजे भव्य संस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। जिसमे राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकार भाग लेंगे। सांस्कृतिक आयोजन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के सौजन्य से किया जाएगा। पोस्टर विमोचन के अवसर पर पूर्व सहायक निदेशक स्कूल शिक्षा, सोहन लाल भाटी, डॉ हरिकिशन वैष्णव एव वरिष्ठ सहायक तेज करण चौधरी इत्यादि उपस्थित थें।2
- *सिक्किम राज्यपाल माथुर ने ओम आश्रम में किये भगवान के दर्शन* रिपोर्टर रामलाल चौहान पाली पाली, 09 मार्च। सिक्किम राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर ने सोमवार को जिले के जाडन स्थित ओम आश्रम जाकर अक्लोकन किया और भगवान शिव के दर्शन कर जलाअभिषेक कर सबकी खुशहाली की कामना की । इस अवसर पर उन्होंने मंदिर को देखा व वहां कलाकृति और नक्काशी को निहारा व संतो से भी मुलाकात कर बातचीत की। इस अवसर पर पूर्व सांसद पुष्प जैन, गिरवर सिंह, संतजन आदि मौजूद रहे।1
- Post by Purshotam Pareek2
- पीआईबी चंडीगढ़ द्वारा पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर में काजरी और आफरी का किया दौरा किसानों की आय दोगुनी करने में काजरी निभा रहा है महत्वपूर्ण भूमिका : श्री तंवर, निदेशक काजरी मोटे अनाज से बिस्कुट एवं कुरकुरे बनाने का काजरी प्रदान करता है प्रशिक्षण वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए आफरी की महत्वपूर्ण भूमिका : श्री त्रिपाठी, निदेशक आफरी (पीआईबी), चंडीगढ़ द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल 8 से 14 मार्च के दौरान राजस्थान के दौरे पर है। इस दौरान आज 9 मार्च को प्रतिनिधिमंडल ने काजरी और आफरी का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) से अपने दौरे की शुरुआत की। इस अवसर पर काजरी के निदेशक डॉ. सुरेशपाल सिंह तंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि काजरी थार मरुस्थल एवं लेह जैसे ठंडे रेगिस्तानी क्षेत्रों में कृषि के विकास के लिए कार्य कर रहा है। संस्थान ने टिब्बा स्थिरीकरण, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, जल प्रबंधन, फलोद्यानिकी, पशुपालन आदि क्षेत्रों में शोध कार्य कर अनेक तकनीकियाँ विकसित की हैं और इन तकनीकों को गांवों और ढाणियों तक पहुँचाया है, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ा और हरियाली का विस्तार हुआ है। कम पानी, कम लागत और कम खर्च में पनपने वाली खरीफ एवं रबी की विभिन्न फसलों की किस्में विकसित की गई हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली का एक मॉडल विकसित किया गया है, जिसमें अनाज, फल, चारा, पेड़, औषधीय पौधे आदि के माध्यम से किसान को वर्ष भर आय प्राप्त होती रहती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में काजरी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मोटे अनाज की ख्याति को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए काजरी मिलेट्स से विभिन्न उत्पाद जैसे बाजरा बिस्किट, कुरकुरे और चॉकलेट सहित अन्य उत्पाद तैयार कर रहा है। इसके साथ ही संस्थान की प्रयोगशाला में विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्यमियों को अपने स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ कौशल विकास के माध्यम से उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि काजरी के कृषि वैज्ञानिक एआई आधारित खेती, स्मार्ट जल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर भी कार्य कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य फसल उत्पादन बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करना है। उन्होंने संस्थान की शोध उपलब्धियों और गतिविधियों के बारे में बताते हुए वैकल्पिक चारा मॉडल, उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन, फसल वाटिका, पोषण तथा पशु आहार से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान के एटिक केंद्र के माध्यम से किसानों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण पेड़-पौधे, बीज आदि उपलब्ध कराए जाते हैं। काजरी के प्रधान वैज्ञानिक श्री पी. आर. मेघवाल ने शुष्क क्षेत्र की बागवानी फसलों जैसे बेर, आंवला, अनार और खजूर की खेती के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि काजरी द्वारा विकसित नवीन तकनीकों के माध्यम से विभिन्न फसलों की उन्नत पैदावार हो रही है। इसके माध्यम से किसानों को अपनी कृषि आय बढ़ाने में सहायता मिल रही है और किसान काजरी से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, जिससे स्वरोजगार के साथ-साथ उद्यमियों का कौशल विकास भी हो रहा है। काजरी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र पुनिया ने सौर ऊर्जा के विभिन्न संयंत्रों तथा एग्रो-वोल्टाइक प्रणाली के बारे में जानकारी दी, जिसके माध्यम से एक ही भूमि से बिजली, पानी और फसल उत्पादन संभव हो रहा है। वैज्ञानिक डॉ. राजशेखर ने बाजरा एवं अन्य मोटे अनाज से बिस्कुट और कुरकुरे बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) का भी दौरा किया। इस अवसर पर आफरी के निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आफरी वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए विभिन्न कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में भी वनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और लोग इसके लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए भी आफरी कई महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। उन्होंने बताया कि आफरी विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों के माध्यम से नई तकनीकों का उपयोग कर वन संरक्षण और विकास के कार्यों को आगे बढ़ा रहा है। मृदा संरक्षण के तहत आफरी द्वारा राजस्थान, गुजरात एवं दादरा और नगर हवेली क्षेत्र के लिए जारी किए गए वन मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बारे में भी जानकारी दी गई। आफरी द्वारा विस्तार कार्यक्रमों के तहत किसानों, आमजन और विद्यालयों में पर्यावरण जागरूकता के लिए प्रकृति, विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा वृक्ष उत्पादक मेले जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न राज्यों में वृक्षारोपण कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। आफरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक ‘जी’ डॉ. तरुण कांत ने पीआईबी के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आफरी द्वारा वृक्ष सुधार कार्यक्रम के तहत उत्तम गुणवत्ता के शीशम क्लोन विकसित किए गए हैं। उन्होंने खेजड़ी वृक्ष की मृत्यता पर आफरी द्वारा किए गए अनुसंधान एवं उसके समाधान के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही अवक्रमित पहाड़ियों के पुनर्वास, लवणीय भूमि के पुनर्वास और टिब्बा स्थिरीकरण के क्षेत्र में आफरी द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया। भारतीय वन सेवा के अधिकारी श्री रमेश विश्नोई ने मंच संचालन करते हुए विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। पत्रकार दल ने काजरी और आफरी के विभिन्न शोध क्षेत्रों का भ्रमण किया तथा वैज्ञानिकों से कृषि तकनीकों और नवाचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अंत में मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री आशीष वर्मा और श्री अहमद खान ने संस्थानों के निदेशक एवं समस्त स्टाफ का धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- Post by Govind Singj1
- एक व्यक्ति द्वारा पंडित जी से ग्रहों को लेकर पूछा जाता है और पंडित जी द्वारा ग्रह को लेकर ऐसा खुलासा किया जाता है कि आप भी एक बार सुनकर दंग रह जाएंगे1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली,मनीष राठौड़ । शहर के मंडिया रोड स्थित सरगरा समाज भवन में परंपरागत हर्षोल्लास के साथ गैर नृत्य का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में समाज के युवाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल की थाप पर सामूहिक गैर नृत्य कर अपनी समृद्ध लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष मनोहर लाल गहलोत ने की। इस अवसर पर समाज के प्रबुद्धजनों और वरिष्ठ सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से मांगीलाल माठ, घीसू लाल, बाबूलाल खाटक, कानाराम, जेठाराम, शंकरलाल, शिवलाल,एडवोकेट प्रताप चौहान, सुखाराम मनिहारी, कैलाश, बद्रीराम, सुरेन्द्र, श्रवण माठ, मालाराम, दिलीप, रमेश माठ, बंशीलाल, भीमाराम और देवाराम सहित कई समाज बंधु उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान अध्यक्ष मनोहर लाल गहलोत ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारे की भावना सुदृढ़ होती है। सभी समाज बंधुओं ने मिलकर गैर का आयोजन रखा, जिसमें अनुशासन और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने समाज के विकास और एकजुटता का संकल्प लिया।1
- मृतक के आरोपियों पर कानूनी कार्यवाही करने की मांग को लेकर खटीक समाज विकास सेवा समिति के अध्यक्ष रतन चंदेल के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन,,,, पाली,,, खटीक समाज विकास सेवा समिति के जिला अध्यद रतन चन्देल के नेतृत्व में पाली के नर्सिंग कर्मी कैलाश नागौरा एवं दिल्ली में हुवे तरूण खटीक के हत्यारो को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर श्री मति रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार के नाम पाली जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रतन चंदेल ने बतायां की समस्त खटीक समाज के समाजबंधुओ की और से आपसे आग्रह है कि 04 मार्च को हिन्दु धर्म के बडे होली पर्व एक छोटी सी 7 वर्ष की बच्ची के हाथो से गुब्बारा नीचे गिरने पर विशेष समुदाय की एक महिला पर कलर लग जाने से माहौल गरम हो गया ओर तरूण खटीक के परिवार घरवालो ने माफी मांगी उसके बाद भी उक्त समुदाय के करीब 30-40 लौगो के द्वारा षडयंत्र रचकर आस पास के घर के मुख्य दरवाजो को बाहर से बंद करके पर तरूण खटीक के घर में घुसकर विशेष समुदाय के लौगो के द्वारा तरूण खटीक के घर में अनाधिकृत घुसकर लाठी डण्डो से तरूण खटीक को पीट पीटकर जान ले ली जिससे हमारा खटीक समाज काफी गुस्से में है तरूण खटीक के पीछे उसके वृद्ध माता पिता है जिसका सहारा तरूण खटीक था। हमारे समाज द्वारा मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार से मांग करती है कि तरूण खटीक के हत्यारो को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर दोषियो को फांसी की सजा दिलावें व तरूण खटीक के परिवार को उचिच से उचित सहायता प्रदान करावें साथ ही जोधपुर में सरकारी अस्पताल में नर्सिंग कर्मी कैलाश नागौरा पर अन्य नर्सिंग महिला कर्मी द्वारा मानसिक दबाव डालने पर कैलाश ने आत्महत्या कर ली थी, लेकिन घटना के लिप्त आरोपी अभी भी पुलिस की गिरपत से बाहर है। ज्ञापन के जरिए दोनों की घटना में लिप्त आरोपियों को कानूनी सजा दिलाने की मांग रखी। पाली से रामलाल चौहान की रिपोर्ट,,,2