महिला किसानों का एनडीडीबी के खिलाफ फूटा गुस्साl डेयरी की जंग, झाँसी बुन्देलखण्ड की हजारों महिला डेयरी किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, जब उन्होंने अपनी ही संस्था ‘बलिनी’ को कमजोर करने की कथित साजिश के विरोध में एनडीडीबी डेयरी सर्विस के चेयरमैन का पुतला दहन किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बाहरी कंपनियों को खड़ा कर उनकी आजीविका पर सीधा हमला किया जा रहा है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड इन दिनों विवादों के केंद्र में है। कंपनी से जुड़ी महिला डेयरी किसानों ने एनडीडीबी डेयरी सर्विस पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और चेयरमैन का पुतला फूंककर अपना आक्रोश जाहिर किया। वर्ष 2019 में स्थापित बलिनी कंपनी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से बुन्देलखण्ड के सात जिलों झाँसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट में कार्यरत है। यह कंपनी करीब 96 हजार महिला सदस्यों से प्रतिदिन लगभग 3 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि एनडीडीबी डेयरी सर्विस, जिसने तकनीकी सहयोग देकर बलिनी की स्थापना में भूमिका निभाई थी, अब उसी संस्था को कमजोर करने की साजिश रच रही है। उनका कहना है कि राजस्थान की पायस कंपनी को बुन्देलखण्ड में लाकर बलिनी के सामने खड़ा किया जा रहा है, जिससे प्रतिस्पर्धा के नाम पर महिला किसानों के हितों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। महिला किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि पायस कंपनी द्वारा क्षेत्र में भ्रम फैलाया जा रहा है और बलिनी के कर्मचारियों व दुग्ध संग्रह केंद्रों को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे किसानों के बीच सहयोग के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा कदम करार दिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और ऐसी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर बलिनी की पहचान और अस्तित्व को सुरक्षित रखने की अपील की। महिला किसानों ने चेतावनी दी कि वे किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं करेंगी और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।
महिला किसानों का एनडीडीबी के खिलाफ फूटा गुस्साl डेयरी की जंग, झाँसी बुन्देलखण्ड की हजारों महिला डेयरी किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा, जब उन्होंने अपनी ही संस्था ‘बलिनी’ को कमजोर करने की कथित साजिश के विरोध में एनडीडीबी डेयरी सर्विस के चेयरमैन का पुतला दहन किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बाहरी कंपनियों को खड़ा कर उनकी आजीविका पर सीधा हमला किया जा रहा है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड इन दिनों विवादों के केंद्र में है। कंपनी से जुड़ी महिला डेयरी किसानों ने एनडीडीबी डेयरी सर्विस पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और चेयरमैन का पुतला फूंककर अपना आक्रोश जाहिर किया। वर्ष 2019 में स्थापित बलिनी कंपनी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से बुन्देलखण्ड के सात जिलों झाँसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट में कार्यरत है। यह कंपनी करीब 96 हजार महिला सदस्यों से प्रतिदिन लगभग 3 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि एनडीडीबी डेयरी सर्विस, जिसने तकनीकी सहयोग देकर बलिनी की स्थापना में भूमिका निभाई थी, अब उसी संस्था को कमजोर करने की साजिश रच रही है। उनका कहना है कि राजस्थान की पायस कंपनी को बुन्देलखण्ड में लाकर बलिनी के सामने खड़ा किया जा रहा है, जिससे प्रतिस्पर्धा के नाम पर महिला किसानों के हितों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। महिला किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि पायस कंपनी द्वारा क्षेत्र में भ्रम फैलाया जा रहा है और बलिनी के कर्मचारियों व दुग्ध संग्रह केंद्रों को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे किसानों के बीच सहयोग के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा कदम करार दिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और ऐसी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर बलिनी की पहचान और अस्तित्व को सुरक्षित रखने की अपील की। महिला किसानों ने चेतावनी दी कि वे किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं करेंगी और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।
- Post by Abhishek Jain1
- झांसी के बीकेडी चौराहा स्थित एक कोचिंग सेंटर के शिक्षक पर छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। छात्राओं का आरोप है कि शिक्षक पढ़ाई के दौरान आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणियां करता है और उन पर गलत विचार अपनाने का दबाव बनाता है। साथ ही, छात्राओं ने शिक्षक पर मोबाइल नंबर मांगने, देर रात बात करने के लिए दबाव बनाने और विरोध करने पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। मामले से छात्राओं और अभिभावकों में भय का माहौल है। पीड़ित छात्राओं ने निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।2
- झाँसी। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए वर्षों से किए जा रहे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा किए गए वार्दो की खुली अवहेलना ने आज पूरे क्षेत्र की जनता के आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुँचाई है। "वनवासी राम से रामराजा सरकार" तक बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा द्वारा निकाली गई ऐतिहासिक जन आक्रोश यात्रा को जिस अभूतपूर्व जनसमर्थन, प्रेम और आक्रोश का सैलाब मिला, उसने यह साफ़ कर दिया है कि अब बुदेलखंड की जनता अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है। यह यात्रा केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आत्मा की पुकार थी एक ऐसी पुकार जिसे अब अनसुना करना संभव नहीं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि क्षेत्र के 9 सांसद, जिन पर बुंदेलखंड की आवाज संसद तक पहुँचाने की जिम्मेदारी थी एवं 55 विधायक या तो मौन हैं या अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। यह मौन अब विश्वासघात के रूप में देखा जा रहा है। इसी विश्वासघात और वादा खिलाफी के विरोध में अब एक ऐतिहासिक और जनप्रतिनिधियों को धिक्कारने वाला कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। अखंड बुंदेलखंड के 9 सांसदों क्रमशः सागर, दमोह-पन्ना, छत्तरपुर-खजुराहो, टीकमगढ़-निवाड़ी, दतिया-भिड, झांसी-ललितपुर, जालौन गरौठा, हमीरपुर-महोबा, बांदा-चित्रकूट निर्वाचन क्षेत्र में व 55 विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में" जनप्रतिनिधि धिक्कार यात्रा" का हर निर्वाचन क्षेत्र में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रस्तावित हैं, जहां अपने खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, सांसदों एवं विधायको को भेजा जाएगा। साथ ही दो ब्लॉकों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा, अधिवक्ताओं, किसानों, व्यापारियों से सहयोग वार्ता की जाएगी व न्यूतनम एक हजार उन बुंदेली योद्धाओं को जो राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कोई साधारण विरोध नहीं, बल्कि उन टूटे हुए सपनों, कुचले हुए अधिकारों और उपेक्षित अस्मिता की आखिरी चेतावनी है। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा पुनः वादा खिलाफी के विरोध में राम कौ कॉल (कसम) चढ़ाकर, लोगो की कलाई पर राम बंधन बांधने व गंगाजली उठवाकर मौन धारण किए हुए जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध लोगों को तैयार करने के लिए बड़ी टीम तैयार कर रहा है जो आगामी चुनावों में गूंगों को हरा कर बोलने वालों को जिताने का कार्य करेंगे। खून से लिखा हर शब्द यह बताएगा कि बुंदेलखंड की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, अपना अधिकार चाहती है। यह संदेश स्पष्ट है यदि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज नहीं उठाएंगे, तो जनता उन्हें सत्ता से हटाने में भी संकोच नहीं करेगी क्योंकि जो बुंदेलखंड का नहीं वो किसी काम का नहीं।2
- Post by Bablu Ramaiya1
- थाना लहचूरा क्षेत्र में अज्ञात महिला का शव बरामद। सक्षम अधिकारीगण व फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। संपूर्ण प्रकरण के संबंध में SPRA झाँसी की बाइट1
- मऊरानीपुर स्टेशन पर दिखी इंसानियत! पुलिसकर्मी ने जीता लोगों का दिल झांसी में मानवता की मिसाल—पुलिसकर्मी बना सहारा, सिस्टम पर उठे सवाल इंसानियत जिंदा है! झांसी स्टेशन पर पुलिसकर्मी की पहल ने दिल छू लिया झांसी के मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर इंसानियत की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। जहां एक ओर एक पुलिसकर्मी की संवेदनशीलता की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर रेलवे की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं Rashid pathan 63941312211
- Post by Abhishek Jain1
- झाँसी। जनपद के मोंठ थाना क्षेत्र मेँ परगहना बंबा के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार सवार युवक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, लुधियाई निवासी ध्रुव चतुर्वेदी (27) पुत्र स्व. जयपाल अपनी कार से मोंठ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उसकी कार आगे चल रही गेहूं से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कार सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एम्बुलेंस से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झांसी के मेडिकल कॉलेज भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही मोंठ एसडीएम अवनीश तिवारी भी सीएचसी पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी लेकर उन्हें सांत्वना दी। प्रत्यक्षदर्शी भूरे यादव निवासी सेमरी ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर आगे चल रही थी, तभी पीछे से आ रही कार ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। बताया गया कि मृतक के पिता की दो वर्ष पहले बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी है। परिवार में दो भाई हैं, जिनमें छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। युवक की असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। बाईट : भूरे यादव / प्रत्यक्षदर्शी2
- झांसी में धार्मिक स्थलों पर अब चोरों के हौसले बुलंद हैं। शनिवार सुबह रक्सा थाना क्षेत्र के सुप्रसिद्ध बड़ी माता मंदिर में एक अज्ञात चोर ने दिनदहाड़े चोरी की वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। पूरी घटना सुबह करीब 11:48 बजे की है, जब मुख्य पुजारी बलराम दास विश्राम कर रहे थे। शातिर चोर ने मंदिर परिसर में घुसकर पहले दान पेटी का ताला तोड़ा और फिर दो बार में करीब दो से तीन हजार रुपये की नकदी समेट कर फरार हो गया।1