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एक पोस्ट में झारखंड राज्य की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह दावा किया गया है कि यहाँ विकास का कोई नामोनिशान नहीं है। पोस्ट में तीखे लहजे में कहा गया है कि यह ही झारखंड की 'असली सच्चाई' है, जहाँ विकास पूर्णतः अनुपस्थित प्रतीत होता है।
The जन समाचार
एक पोस्ट में झारखंड राज्य की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह दावा किया गया है कि यहाँ विकास का कोई नामोनिशान नहीं है। पोस्ट में तीखे लहजे में कहा गया है कि यह ही झारखंड की 'असली सच्चाई' है, जहाँ विकास पूर्णतः अनुपस्थित प्रतीत होता है।
More news from Ranchi and nearby areas
- एक संदेश में झारखंड के निवासियों से एक विशेष वीडियो को व्यापक रूप से साझा करने का आग्रह किया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि आप झारखंड से संबंधित हैं, तो इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने में सहयोग करें।1
- रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड में प्रखंड अंजुमन कमेटी और वेलफेयर ट्रस्ट बुढ़मू की एक महत्वपूर्ण बैठक 7 जुलाई 2026 को ट्रस्ट कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रखंड के सभी मेधावी छात्रों को "हाजी हुसैन अंसारी सम्मान" से सम्मानित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता शमीम बड़ेहार ने की, जबकि संचालन सचिव नईम अंसारी द्वारा किया गया। बैठक के दौरान प्रखंड अंजुमन कमेटी का विस्तार भी किया गया और नए पदाधिकारियों की सूची की घोषणा की गई। मजदूर नेता इकबाल हुसैन इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। शमीम बड़ेहार ने अपनी नई टीम को मजबूत कर समाजहित में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।1
- देशभक्ति केवल सीमाओं की सुरक्षा करने वाले सैनिकों द्वारा ही नहीं की जाती, बल्कि यह अपने घर, मुहल्ले और शहर की सफाई से भी प्रकट होती है। गंदगी से देश की रक्षा केवल जागरूक नागरिकों द्वारा ही संभव है, जो इस दूसरे प्रकार की देशभक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जय हिंद, वंदे मातरम्।1
- कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), साहिबगंज ने आज जिला स्तरीय "कृषि तकनीकों के माध्यम से कृषि पर एल नीनो के प्रभाव के प्रबंधन हेतु जागरूकता अभियान सह झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना अंतर्गत किसान पंजीकरण शिविर" का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और संभावित एल नीनो के प्रभावों से कृषि को सुरक्षित करना और किसानों को वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से जोड़ना था। कार्यक्रम में जिले के लगभग 40 कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैज्ञानिकों एवं कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक खेती की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने ऑनलाइन माध्यम से किसानों को संबोधित करते हुए जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच खेतों की मेड़बंदी, जल संरक्षण और मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलें भविष्य की कृषि सुरक्षा का आधार बनेंगी और किसानों से झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पंजीकरण कराने की अपील की। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति डॉ. एस. सी. दुबे ने ऑनलाइन संबोधन में ऊपरी भूमि में दलहन, मक्का एवं सब्जियों की खेती तथा निचली भूमि में 15 जुलाई तक धान की रोपाई सुनिश्चित करने की सलाह दी ताकि मौसम की अनिश्चितताओं के बावजूद बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके। प्रसार शिक्षा निदेशालय, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. डी. के. शाही ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए मिट्टी की नियमित जांच को अत्यंत आवश्यक बताया और किसानों से मृदा स्वास्थ्य के अनुरूप फसल एवं उर्वरक प्रबंधन अपनाने का आग्रह किया। कृषि विज्ञान केंद्र, साहिबगंज की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुप्रिया सिंह ने फसल विविधीकरण को जलवायु परिवर्तन एवं एल नीनो जैसी परिस्थितियों से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय बताते हुए जोखिम कम करने के लिए विविध फसलों के समावेश पर विशेष बल दिया। जिला उद्यान पदाधिकारी श्री अमितेश रंजन ने सब्जी एवं उद्यानिकी फसलों की उन्नत खेती तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की, साथ ही किसानों को कम पानी में अधिक आय देने वाली उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। जिला मूल्यांकन पदाधिकारी श्री अरुण भोक्ता ने मोटे अनाजों की खेती, उनके पोषण एवं आर्थिक महत्व तथा जिले में संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी साझा की और झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत किसानों का पंजीकरण भी कराया। इस आयोजन के दौरान किसानों को वैज्ञानिक खेती, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण, जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों तथा मिलेट मिशन से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें बदलते मौसम के अनुरूप वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने, कृषि को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने तथा "कम पानी – अधिक उत्पादन" की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के अंत में, किसानों ने वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और मिलेट मिशन से जुड़कर कृषि को अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया।1
- रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के सेक्टर 3 मार्केट के पास सूरज नायक की मौत के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। देर रात स्मार्ट सिटी में एक पेड़ पर सूरज नायक का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया था। इस मामले में आरोप है कि सूरज नायक पर फाइनेंस कंपनियों का बहुत अधिक दबाव था। बताया जा रहा है कि फाइनेंस वाले उनके घर आकर गाली-गलौज करते थे, और बजाज फाइनेंस का एक कर्मचारी मैनेजर लगातार उन्हें धमकी दे रहा था, जिसके चलते उनकी मौत हुई।1
- एक पोस्ट में झारखंड राज्य की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह दावा किया गया है कि यहाँ विकास का कोई नामोनिशान नहीं है। पोस्ट में तीखे लहजे में कहा गया है कि यह ही झारखंड की 'असली सच्चाई' है, जहाँ विकास पूर्णतः अनुपस्थित प्रतीत होता है।1
- रांची के दशम फॉल क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा है, जिसमें एक कार में बैठी युवतियां बेहद डरी हुई दिखाई देती हैं और मदद की गुहार लगा रही हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि कुछ युवकों ने उनकी कार का पीछा किया, उनका रास्ता रोका, और फिर वाहन में तोड़फोड़ की। इस घटना ने सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे लोगों में #RoadRage के खिलाफ और #WomenSafety को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, घटना से संबंधित स्कॉर्पियो वाहन को जब्त कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान भी कर ली गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि इस संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वीडियो को घटना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया गया है, जबकि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।1