दतिया जिले में श्रीमान पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह चावला तथा एसडीओपी विनायक शुक्ला के मार्गदर्शन में, बड़ौनी पुलिस ने करीब 11 माह पुराने एक हत्या के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में मृतक के पुत्र नितिन सिंह बुन्देला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला को घटना के खुलासे के मात्र एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। यह मामला 28 जून 2026 को तब शुरू हुआ जब ग्राम छता निवासी फरियादी शिवसिंह (56 वर्ष) ने बड़ौनी थाने में अपने भाई उदयभान सिंह बुन्देला के लगभग 11 माह से लापता होने की सूचना दी। इस पर गुम इंसान क्रमांक 17/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान फरियादी ने अपने भतीजे नितिन सिंह बुन्देला पर संदेह व्यक्त किया। शुरुआती पूछताछ में नितिन ने बताया कि वर्ष 2025 में उसके पिता की मृत्यु ट्रैक्टर के कल्टीवेटर का फाल सिर पर गिरने से हो गई थी। घबराहट में उसने शव को घर में रखे एक बक्से में छिपा दिया था और लगभग छह माह बाद अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला की मदद से शव को कथरी में लपेटकर सामली नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने सामली नदी से मृतक की हड्डियां, कपड़े और कथरी बरामद कर एफएसएल परीक्षण कराया। एफएसएल विशेषज्ञों की रिपोर्ट में कल्टीवेटर के फाल से मृत्यु होना संभव नहीं पाया गया। इसके बाद की गई सघन पूछताछ में आरोपी नितिन ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसके पिता ने उसे ट्रैक्टर की किस्त जमा करने के लिए ₹40,000 दिए थे। जब उसके पिता लगातार पैसों के संबंध में पूछताछ करने लगे, तो अगस्त 2025 में, जब वे घर में खाट पर सो रहे थे, उसने कुल्हाड़ी से सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बक्से में छिपा दिया और परिवार के सदस्यों को बताया कि उसके पिता काम के लिए मुंबई गए हैं। लगभग छह माह बाद उसने अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र को पूरी घटना बताई, जिसके बाद दोनों ने मिलकर शव को सामली नदी में फेंक दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित और वैज्ञानिक तरीके से जांच कर हत्या का पर्दाफाश किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर घटना से संबंधित हड्डियां, खाट, कपड़े तथा अन्य साक्ष्य जब्त किए। प्रकरण में मर्ग क्रमांक 18/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत, उपनिरीक्षक हिमांशु भार्गव, सहायक उपनिरीक्षक मलखान सिंह, प्रधान आरक्षक अनुरोध पावन, सुनील श्रीवास्तव, नंदकिशोर चौबे और आरक्षक अंकित शर्मा, आनंद गमों, मुकुल सागोरिया, हरेन्द्र शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।
दतिया जिले में श्रीमान पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह चावला तथा एसडीओपी विनायक शुक्ला के मार्गदर्शन में, बड़ौनी पुलिस ने करीब 11 माह पुराने एक हत्या के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में मृतक के पुत्र नितिन सिंह बुन्देला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला को घटना के खुलासे के मात्र एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। यह मामला 28 जून 2026 को तब शुरू हुआ जब ग्राम छता निवासी फरियादी शिवसिंह (56 वर्ष) ने बड़ौनी थाने में अपने भाई उदयभान सिंह बुन्देला के लगभग 11 माह से लापता होने की सूचना दी। इस पर गुम इंसान क्रमांक 17/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान फरियादी ने अपने भतीजे नितिन सिंह बुन्देला पर संदेह व्यक्त किया। शुरुआती पूछताछ में नितिन ने बताया कि वर्ष 2025 में उसके पिता की मृत्यु ट्रैक्टर के कल्टीवेटर का फाल सिर पर गिरने से हो गई थी। घबराहट में उसने शव को घर में रखे एक बक्से में छिपा दिया था और लगभग छह माह बाद अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला की मदद से शव को कथरी में लपेटकर सामली नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने सामली नदी से मृतक की हड्डियां, कपड़े और कथरी बरामद कर एफएसएल परीक्षण कराया। एफएसएल विशेषज्ञों की रिपोर्ट में कल्टीवेटर के फाल से मृत्यु होना संभव नहीं पाया गया। इसके बाद की गई सघन पूछताछ में आरोपी नितिन ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसके पिता ने उसे ट्रैक्टर की किस्त जमा करने के लिए ₹40,000 दिए थे। जब उसके पिता लगातार पैसों के संबंध में पूछताछ करने लगे, तो अगस्त 2025 में, जब वे घर में खाट पर सो रहे थे, उसने कुल्हाड़ी से सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बक्से में छिपा दिया और परिवार के सदस्यों को बताया कि उसके पिता काम के लिए मुंबई गए हैं। लगभग छह माह बाद उसने अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र को पूरी घटना बताई, जिसके बाद दोनों ने मिलकर शव को सामली नदी में फेंक दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित और वैज्ञानिक तरीके से जांच कर हत्या का पर्दाफाश किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर घटना से संबंधित हड्डियां, खाट, कपड़े तथा अन्य साक्ष्य जब्त किए। प्रकरण में मर्ग क्रमांक 18/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत, उपनिरीक्षक हिमांशु भार्गव, सहायक उपनिरीक्षक मलखान सिंह, प्रधान आरक्षक अनुरोध पावन, सुनील श्रीवास्तव, नंदकिशोर चौबे और आरक्षक अंकित शर्मा, आनंद गमों, मुकुल सागोरिया, हरेन्द्र शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।
- दतिया जिले के इंदरगढ़ में आयोजित मां शीतला क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में यूनीक अकैडमी इंदरगढ़ की टीम ने शासकीय महाविद्यालय पीजी कॉलेज इंदरगढ़ को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह रोमांचक मैच लीग के आठवें दिन खेला गया, जिसमें अंडर 18 बालक और बालिका दोनों वर्ग शामिल थे। मुकाबले में, शासकीय महाविद्यालय की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। उनकी कप्तान पूजा परिहार ने टीम के लिए 32 रन का योगदान दिया, लेकिन यूनीक अकैडमी इंदरगढ़ की कीर्ति ने एक विकेट लिया और मुस्कान जाटव ने एक ओवर में दो विकेट चटकाए। विकेटकीपर प्रियंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो विकेट स्टंप आउट किए, जिसके चलते शासकीय महाविद्यालय की पूरी टीम 90 रन पर ऑल आउट हो गई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूनीक अकैडमी की टीम ने अपनी दूसरी पारी में कप्तान पूजा पाल और शिवानी प्रजापति की बदौलत 50 रन की महत्वपूर्ण पार्टनरशिप की। हालांकि, सातवें ओवर की पांचवीं गेंद पर सुहानी जाटव ने शिवानी प्रजापति को क्लीन बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद भी, कप्तान पूजा पाल ने अपनी शानदार बल्लेबाजी जारी रखते हुए नौवें ओवर की पहली गेंद पर चौका मारकर अपनी टीम को जीत दिलाई और फाइनल मुकाबला अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट के समापन के पश्चात, शहीद भगत सिंह युवा मंडल के अध्यक्ष गौरव गुर्जर सेरसा ने विजेता यूनीक अकैडमी इंदरगढ़ की टीम को ₹5100 नकद और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं, बालिका वर्ग में उपविजेता रही शासकीय महाविद्यालय इंदरगढ़ की टीम को ₹2100 नकद और ट्रॉफी दी गई। टूर्नामेंट में मैन ऑफ द मैच का खिताब पूजा पाल को मिला, जिसे नगर इंदरगढ़ के पूर्व बीडीसीए प्लेयर राजू इटोरिया और पुलिस आरक्षक राजपाल गुर्जर ने ₹500 नकद और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर परिषद से कीर्ति श्रीवास्तव उपस्थित रहीं, जिन्होंने महिला शक्ति का हौसला बढ़ाया और सभी महिला खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व नगर अध्यक्ष ABVP आशिक गुप्ता, नगर परिषद इंजीनियर नंदकिशोर गोस्वामी और अभिषेक सेन शामिल थे, जिन्हें शहीद भगत सिंह युवा मंडल इंदरगढ़ और महारानी लक्ष्मीबाई महिला मंडल के सदस्यों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस फाइनल मुकाबले में दीपक गुर्जर सेरसा और राधा राजपूत ने अंपायर की भूमिका निभाई, जबकि कृष्णकांत कुशवाहा और मोहित कुशवाह ने स्कोरिंग की। सतीश कुशवाहा, टिंकू जाटव, हेमंत कुशवाह और अमरदीप शर्मा ग्राउंडमैन के रूप में उपस्थित रहे।3
- दतिया जिले में श्रीमान पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह चावला तथा एसडीओपी विनायक शुक्ला के मार्गदर्शन में, बड़ौनी पुलिस ने करीब 11 माह पुराने एक हत्या के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में मृतक के पुत्र नितिन सिंह बुन्देला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला को घटना के खुलासे के मात्र एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। यह मामला 28 जून 2026 को तब शुरू हुआ जब ग्राम छता निवासी फरियादी शिवसिंह (56 वर्ष) ने बड़ौनी थाने में अपने भाई उदयभान सिंह बुन्देला के लगभग 11 माह से लापता होने की सूचना दी। इस पर गुम इंसान क्रमांक 17/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान फरियादी ने अपने भतीजे नितिन सिंह बुन्देला पर संदेह व्यक्त किया। शुरुआती पूछताछ में नितिन ने बताया कि वर्ष 2025 में उसके पिता की मृत्यु ट्रैक्टर के कल्टीवेटर का फाल सिर पर गिरने से हो गई थी। घबराहट में उसने शव को घर में रखे एक बक्से में छिपा दिया था और लगभग छह माह बाद अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला की मदद से शव को कथरी में लपेटकर सामली नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने सामली नदी से मृतक की हड्डियां, कपड़े और कथरी बरामद कर एफएसएल परीक्षण कराया। एफएसएल विशेषज्ञों की रिपोर्ट में कल्टीवेटर के फाल से मृत्यु होना संभव नहीं पाया गया। इसके बाद की गई सघन पूछताछ में आरोपी नितिन ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसके पिता ने उसे ट्रैक्टर की किस्त जमा करने के लिए ₹40,000 दिए थे। जब उसके पिता लगातार पैसों के संबंध में पूछताछ करने लगे, तो अगस्त 2025 में, जब वे घर में खाट पर सो रहे थे, उसने कुल्हाड़ी से सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बक्से में छिपा दिया और परिवार के सदस्यों को बताया कि उसके पिता काम के लिए मुंबई गए हैं। लगभग छह माह बाद उसने अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र को पूरी घटना बताई, जिसके बाद दोनों ने मिलकर शव को सामली नदी में फेंक दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित और वैज्ञानिक तरीके से जांच कर हत्या का पर्दाफाश किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर घटना से संबंधित हड्डियां, खाट, कपड़े तथा अन्य साक्ष्य जब्त किए। प्रकरण में मर्ग क्रमांक 18/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत, उपनिरीक्षक हिमांशु भार्गव, सहायक उपनिरीक्षक मलखान सिंह, प्रधान आरक्षक अनुरोध पावन, सुनील श्रीवास्तव, नंदकिशोर चौबे और आरक्षक अंकित शर्मा, आनंद गमों, मुकुल सागोरिया, हरेन्द्र शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।1
- बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह अल्प प्रवास पर दतिया पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पीतांबरा पीठ मंदिर में मां पीतांबरा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान वानखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया और प्रदेश तथा देश की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। मंदिर दर्शन के पश्चात महेंद्र सिंह सर्किट हाउस पहुंचे, जहां भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्हें शाल, श्रीफल और पुष्पमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रम के बाद प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह दतिया से ग्वालियर के लिए रवाना हो गए।1
- दतिया पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 11 माह पुराने एक अंधे कत्ल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 11 महीने से अनसुलझे इस मामले की गुत्थी को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।1
- थाना बड़ौनी पुलिस ने करीब 11 माह पुराने एक अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसमें मृतक के पुत्र और उसके ताऊ को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, बेटे ने ट्रैक्टर की किस्त के लिए मिले ₹40 हजार खर्च कर दिए थे। पिता द्वारा बार-बार पैसों की मांग किए जाने से नाराज होकर उसने कुल्हाड़ी से उनकी हत्या कर दी और शव को ताऊ की मदद से सामली नदी में फेंक दिया। पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में थाना बड़ौनी पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से इस मामले की जांच की। ग्राम छता निवासी शिवसिंह ने 28 जून 2026 को अपने भाई उदयभान सिंह बुन्देला के लगभग 11 माह से लापता होने की सूचना दी थी, जिसके बाद गुम इंसान दर्ज कर जांच शुरू हुई। जांच के दौरान मृतक के पुत्र नितिन सिंह बुन्देला पर संदेह गहराया। शुरुआती पूछताछ में नितिन ने बताया कि वर्ष 2025 में ट्रैक्टर के कल्टीवेटर के फाल से पिता की मौत हो गई थी और घबराहट में उसने शव को बक्से में छिपाकर बाद में ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला की मदद से सामली नदी में फेंक दिया। पुलिस ने सामली नदी से हड्डियां, कपड़े और कथरी बरामद कर एफएसएल जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट में कल्टीवेटर के फाल से मौत की संभावना को खारिज कर दिया गया। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर नितिन ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपी नितिन ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने ट्रैक्टर की किस्त जमा करने के लिए उसे ₹40 हजार दिए थे। यह रकम खर्च हो जाने पर जब पिता बार-बार पैसों के बारे में पूछने लगे, तो अगस्त 2025 में उसने सोते समय कुल्हाड़ी से सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बक्से में छिपाकर रखा और परिजनों को बताता रहा कि पिता काम के सिलसिले में मुंबई गए हैं। करीब छह माह बाद उसने पूरी घटना अपने ताऊ को बताई, जिसके बाद दोनों ने मिलकर शव को सामली नदी में फेंक दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हड्डियां, खाट, कपड़े सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- सोशल मीडिया पर रेत से ओवरलोड एक ट्रैक्टर-ट्रॉली का हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ट्रैक्टर का चालक उसे आगे से हवा में उठाकर सिर्फ पिछले दो पहियों पर दौड़ाता नजर आ रहा है, जो बेहद खतरनाक स्टंट है। यह स्टंट न केवल चालक की जान के लिए जोखिम भरा है, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता था। वायरल वीडियो डबरा के हरिपुर के पास का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर चालक रेत भरकर ला रहा था और सड़क पर चढ़ने से पहले ही ट्रैक्टर ने यह स्थिति ले ली थी। जरा सा भी संतुलन बिगड़ने पर एक बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों ने ऐसे खतरनाक स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सड़क सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों पर रोक लगाई जा सके।1