रियान बड़ी में दासावास चौराहे से ठाकुर जी महाराज के मंदिर तक लगभग 200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इस वजह से आमजन, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब हालत, जिसमें बारिश के दौरान जगह-जगह कीचड़ और गड्ढे बन जाते हैं, के कारण इस मार्ग पर आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण में बाधा बन रहे पटवार भवन के एक हिस्से को काफी समय पहले ही गिरा दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से किया जा रहा है, जिससे मात्र 200 मीटर की सड़क को पूरा करने में अत्यधिक समय लग रहा है और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे गुजरते हैं, जिन्हें विद्यालय तक पहुँचने के लिए कीचड़ से होकर जाना पड़ता है। इससे उनके जूते और स्कूल ड्रेस खराब हो रहे हैं, साथ ही फिसलकर दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है। अभिभावकों ने विभाग से सड़क निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की है। सड़क के दोनों ओर स्थित दुकानदार भी निर्माण कार्य की धीमी गति से परेशान हैं। उनका कहना है कि अधूरी सड़क और कीचड़ के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे उनके व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी ने भी इस पर चिंता व्यक्त की है कि पटवार भवन की बाधा हटने के बाद भी कार्य तय समय में पूरा नहीं हुआ। उन्होंने संबंधित विभाग से कार्य में तेजी लाने और सड़क निर्माण शीघ्र पूरा करने की मांग की है, ताकि आमजन, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
रियान बड़ी में दासावास चौराहे से ठाकुर जी महाराज के मंदिर तक लगभग 200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इस वजह से आमजन, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब हालत, जिसमें बारिश के दौरान जगह-जगह कीचड़ और गड्ढे बन जाते हैं, के कारण इस मार्ग पर आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण में बाधा बन रहे पटवार भवन के एक हिस्से को काफी समय पहले ही गिरा दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से किया जा रहा है, जिससे मात्र 200 मीटर की सड़क को पूरा करने में अत्यधिक समय लग रहा है और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे गुजरते हैं, जिन्हें विद्यालय तक पहुँचने के लिए कीचड़ से होकर जाना पड़ता है। इससे उनके जूते और स्कूल ड्रेस खराब हो रहे हैं, साथ ही फिसलकर दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है। अभिभावकों ने विभाग से सड़क निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की है। सड़क के दोनों ओर स्थित दुकानदार भी निर्माण कार्य की धीमी गति से परेशान हैं। उनका कहना है कि अधूरी सड़क और कीचड़ के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे उनके व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी ने भी इस पर चिंता व्यक्त की है कि पटवार भवन की बाधा हटने के बाद भी कार्य तय समय में पूरा नहीं हुआ। उन्होंने संबंधित विभाग से कार्य में तेजी लाने और सड़क निर्माण शीघ्र पूरा करने की मांग की है, ताकि आमजन, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
- रियाँ बड़ी में लूणी नदी किनारे लुगिया के पास स्थित पेयजल ट्यूबवेलों तक जाने वाली विद्युत लाइन पिछले 14 माह से टूटी पड़ी है। मई 2023 में लूणी नदी में आए तेज बहाव के कारण यह लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके चलते क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटना के बाद से संबंधित विभाग ने इसकी मरम्मत नहीं कराई है। लंबे समय तक लाइन बंद रहने का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने सात से अधिक विद्युत पोलों से तार और उन पर लगा लोहे का सामान चोरी कर लिया है, जिससे सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। इसी क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन से संचालित होने वाले दो महत्वपूर्ण पेयजल ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। इसके परिणामस्वरूप नगर पालिका रियाँ बड़ी की पेयजल व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है और शहर के कई मोहल्लों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी सुनील माली ने बताया कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन विद्युत लाइन अभी भी टूटी हुई है और 14 महीनों में मरम्मत न होने से इस वर्ष भी सुधार की उम्मीद कम है। उन्होंने विद्युत विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग और प्रशासन से क्षतिग्रस्त लाइन की शीघ्र मरम्मत कराने, चोरी हुए तार व अन्य सामग्री की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा दोनों ट्यूबवेलों का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के मौसम में पेयजल संकट और गहरा सकता है।1
- राजस्थान के रियांबड़ी क्षेत्र में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। भेरूंदा जीएसएस की फॉल्ट रिपेयर टीम (एफआरटी) में कार्यरत 38 वर्षीय ठेका कर्मचारी सदीक की बिजली लाइन पर फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिजनों ने विभागीय कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया। मृतक के बड़े भाई जवरदीन पुत्र अब्दुल्ला खां निवासी बिखरनिया खुर्द (थाना पादूकलां) ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि सदीक सौदा एंड कंपनी, गुड़गांव के माध्यम से ठेका कर्मचारी के रूप में काम करता था। यह घटना 4 जुलाई की शाम करीब 6 बजे हुई, जब सदीक बनवाड़ा फीडर से जुड़े शहबाज सिपाहियों की ढाणी स्थित डीपी का फॉल्ट ठीक करने पहुंचा था। आरोप है कि हाईटेंशन लाइन का शटडाउन लेने के बाद जब वह खंभे पर चढ़कर काम कर रहा था, तभी अचानक लाइन में करंट प्रवाहित हो गया। करंट लगने से सदीक नीचे गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथी कर्मचारी उसे तत्काल थांवला के राजकीय अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि शटडाउन दिए जाने के बावजूद, विभागीय कर्मचारियों ने लापरवाही से लाइन दोबारा चालू कर दी, जिसके चलते सदीक की जान चली गई। उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। धरने की सूचना मिलने पर विभाग के अधिकारी और रियांबड़ी तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार को सहायता राशि देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। थांवला थानाधिकारी अशोक कुमार झाझडिया ने भी पुलिस रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- मौजूदा हालात को देखते हुए अब ऐसा प्रतीत होता है कि किसी भी चीज का शेष रहना मुमकिन नहीं है, यहाँ तक कि थर्मस में चाय की एक बूंद भी बाकी नहीं बचेगी।1
- ब्यावर के शाहपुरा मोहल्ला स्थित सनातन स्कूल मार्ग पर राठी जी की हवेली के पास, आर्यन न्यूज एजेंसी के नवीन प्रतिष्ठान श्री गणेशम ज्वेलर्स के शोरूम का 05 जुलाई 2026 रविवार को भव्य उद्घाटन किया गया। यह शुभारंभ ब्यावर के ज्योतिषाचार्य दिलीप नाहटा के कर कमलों द्वारा शुभ वेला में फीता काटकर संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि एस्ट्रोलॉजर एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ दिलीप नाहटा ने विश्व की पहली हस्तरेखा लैब का आविष्कार किया है। यह हस्तरेखा लैब इंसानों पर की जा रही भूत, वर्तमान और भविष्य की सटीक भविष्यवाणियों के कारण भारत के हजारों लोगों का दिल जीत चुकी है। उन्हें ब्यावर और अजमेर के जिला कलेक्टरों के साथ-साथ देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों से भी सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। नाहटा पिछले कुछ वर्षों में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों, शनि देव मंदिर, ज्वेलरी शोरूमों, अधिवक्ता के ऑफिस और अनेक संस्थाओं का भव्य उद्घाटन कर चुके हैं। इस उद्घाटन कार्यक्रम में विशेष रूप से ज्योतिषी आचार्य एस भारद्वाज दिल्ली भी उपस्थित रहे, जो हर शनिवार को कनक सागर पर निशुल्क जन्मपत्रिका देखकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वप्निल अग्रवाल, मेहुल अग्रवाल, हिमांशु अग्रवाल, आदित्य अग्रवाल, मतिकान्त अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, भगवती देवी अग्रवाल, अंजना देवी अग्रवाल, भावना अग्रवाल, रेणु अग्रवाल, अपेक्षा अग्रवाल, नीरज गर्ग, सुमन गर्ग, ऋषि गर्ग, पंकज गर्ग, वीनू गर्ग, संदीप गोयल, अभिषेक गोयल, एडवोकेट माधव गोपाल गर्ग, मुकेश मौर्य, प्रमोद जैन, राजू भाई ओस्तवाल, सुभाष ओस्तवाल, राहुल ओस्तवाल, दिनेश ओस्तवाल, सिद्धार्थ कर्णावट, हर्षित ओस्तवाल, हेमेंद्र सोनी, विमल चौहान, विजय मेहरानीया, बबलू अग्रवाल, नितिन शर्मा, कैलाश फुलवारी, नोरत सोलंकी, सुरेश कुमावत, ललित चौहान, फिल्म निर्देशक सुनीत कुमावत, ऋषि खालसा, प्रमोद शर्मा, किशन लाल माली, अनिल जांगिड़, रवि खंडेलवाल, पंकज माहेश्वरी, तिलोक रांका, सीमा रांका, नमिता नाहटा और दिव्यांश नाहटा सहित हजारों की संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित हुए। शोरूम के मालिक मतिकान्त अग्रवाल ने सभी आगंतुक मेहमानों का हार्दिक आभार प्रकट किया। अंत में, दिलीप नाहटा ने उन्हें मिलती जा रही इन सभी उपलब्धियों को अपने ईस्ट गुरु जैन आचार्य 1008 श्री हस्ती मल जी महाराज साहब के चरण कमलों में एवं निमाज गांव स्थित उनके समाधि स्थल पर समर्पित किया।4
- अजमेर की सुंदर विहार कॉलोनी, माखुपुरा स्थित एयरटेल कंपनी के एक टावर में चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब नेटवर्क धीमा होने की शिकायतें मिलने पर टेक्नीशियन मौके पर पहुंचे और पाया कि टावर से कई महत्वपूर्ण उपकरण चोरी हो चुके थे। टेक्नीशियन की शिकायत के आधार पर आदर्श नगर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और अब आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है और चोरी में शामिल आरोपियों की तलाश जारी है।1
- ब्यावर के सदर थाना क्षेत्र में वीर हिन्दू आर्मी ने एक बार फिर अपनी मानवता और सामाजिक दायित्व का परिचय देते हुए, एक अज्ञात मृतक का सनातन धर्म की परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न कराया। यह सेवा कार्य सदर थाना पुलिस के विशेष अनुरोध पर किया गया। पुलिस को दिनांक 1 जुलाई 2026 को खरवा स्थित जोगनिया होटल के समीप लगभग 40 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। यह शव कई दिन पुराना होने के कारण भीषण गर्मी से क्षत-विक्षत हो चुका था और उस पर कीड़े पड़ चुके थे। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद ज्ञात हुआ कि मृतक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और खरवा, लामाना, राणीसागर तथा पीपलाज क्षेत्रों में घूमता रहता था। पुलिस प्रशासन ने शव को राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया और मृतक की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया तथा समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रयास किए। जब तमाम प्रयासों के बावजूद मृतक की पहचान नहीं हो सकी, तब प्रशासन ने वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही वीर हिन्दू आर्मी की टीम अस्पताल पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और पोस्टमार्टम के बाद, मृतक के पार्थिव शरीर को ब्यावर स्थित हिन्दू सेवा मंडल द्वारा संचालित मुक्तिधाम ले जाया गया, जहाँ सत्य सनातन धर्म की परंपराओं और विधि-विधान के अनुरूप उसका अंतिम संस्कार सम्पन्न हुआ। इस सेवा कार्य में वीर हिन्दू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा, बंटी रल, पंकज राणा, चंद्रप्रकाश जैन सहित कई कार्यकर्ताओं ने अपना सहयोग प्रदान किया। वीर हिन्दू आर्मी विगत 25 वर्षों से अज्ञात, लावारिस और असहाय लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार सहित विभिन्न मानव सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय है। संस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस संसार में जिस व्यक्ति का कोई अपना नहीं होता, उसकी अंतिम यात्रा भी पूर्ण सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ सम्पन्न हो।4
- अजमेर दरगाह थाना पुलिस ने एक सक्रिय मोबाइल चोरी गैंग का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के कुल 17 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दरगाह क्षेत्र के भीड़भाड़ वाले इलाकों में आने वाले जायरीन और अन्य लोगों की जेब काटकर मोबाइल चोरी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल आपस में बांटकर सस्ते दामों में बेच दिए जाते थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया है कि वे नशे की लत पूरी करने के लिए ही इन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। फिलहाल, पुलिस चोरी के मोबाइल खरीदने वाले लोगों और इस पूरे नेटवर्क की तलाश में सक्रिय रूप से जुटी हुई है।1
- रियान बड़ी में दासावास चौराहे से ठाकुर जी महाराज के मंदिर तक लगभग 200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इस वजह से आमजन, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब हालत, जिसमें बारिश के दौरान जगह-जगह कीचड़ और गड्ढे बन जाते हैं, के कारण इस मार्ग पर आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण में बाधा बन रहे पटवार भवन के एक हिस्से को काफी समय पहले ही गिरा दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से किया जा रहा है, जिससे मात्र 200 मीटर की सड़क को पूरा करने में अत्यधिक समय लग रहा है और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे गुजरते हैं, जिन्हें विद्यालय तक पहुँचने के लिए कीचड़ से होकर जाना पड़ता है। इससे उनके जूते और स्कूल ड्रेस खराब हो रहे हैं, साथ ही फिसलकर दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है। अभिभावकों ने विभाग से सड़क निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की है। सड़क के दोनों ओर स्थित दुकानदार भी निर्माण कार्य की धीमी गति से परेशान हैं। उनका कहना है कि अधूरी सड़क और कीचड़ के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे उनके व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी ने भी इस पर चिंता व्यक्त की है कि पटवार भवन की बाधा हटने के बाद भी कार्य तय समय में पूरा नहीं हुआ। उन्होंने संबंधित विभाग से कार्य में तेजी लाने और सड़क निर्माण शीघ्र पूरा करने की मांग की है, ताकि आमजन, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को राहत मिल सके।1