प्रतापगढ़ जिले की नगर पंचायत पट्टी में हुए विकास कार्यों और वित्तीय खर्चों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शिवम सिंह ने, जो वार्ड संख्या 7, कुम्हिया पट्टी के निवासी हैं, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत एक विस्तृत आवेदन प्रस्तुत किया है। इस आवेदन में नगर पंचायत के पिछले तीन वित्तीय वर्षों, यानी 2023-24, 2024-25, और 2025-26 के आय-व्यय तथा विकास कार्यों का पूरा लेखा-जोखा मांगा गया है, जिससे कार्यालय में खलबली मच गई है। एक अनाम नगर पंचायत कर्मचारी के अनुसार, इस आवेदन में शासन, राज्य वित्त आयोग, केंद्रीय वित्त आयोग और अन्य स्रोतों से प्राप्त धनराशि का मदवार विवरण मांगा गया है। इसके साथ ही, स्वीकृत विकास कार्यों की सूची, टेंडर प्रक्रिया, कार्यादेश, भुगतान विवरण, माप पुस्तिकाएं (MB), बिल-वाउचर, ऑडिट रिपोर्ट, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और निर्माण कार्यों के फोटोग्राफ तक उपलब्ध कराने की मांग की गई है। अधिवक्ता ने सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक शौचालय, सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, वाहनों की खरीद, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्तियों तथा उनके भुगतान संबंधी सभी अभिलेख भी मांगे हैं। इसके अतिरिक्त, यदि किसी कार्य में अनियमितता की शिकायतें मिली हों, तो उन शिकायतों, जांचों और उन पर की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। वर्ष 2023-24 से अब तक हुए सभी ऑडिट की रिपोर्ट और उन पर हुई कार्रवाई का विवरण भी आवेदन का हिस्सा है। सूचना अधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये जानकारियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाती हैं, तो नगर पंचायत के विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक निर्णयों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सकेगी। इस कदम को स्थानीय निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें नगर पंचायत प्रशासन पर टिकी हैं कि वह अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप तय समय में सूचनाएं उपलब्ध करा पाता है या नहीं, क्योंकि यदि सूचनाएं सार्वजनिक होती हैं तो नगर पंचायत के विकास कार्यों और खर्चों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।
प्रतापगढ़ जिले की नगर पंचायत पट्टी में हुए विकास कार्यों और वित्तीय खर्चों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शिवम सिंह ने, जो वार्ड संख्या 7, कुम्हिया पट्टी के निवासी हैं, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत एक विस्तृत आवेदन प्रस्तुत किया है। इस आवेदन में नगर पंचायत के पिछले तीन वित्तीय वर्षों, यानी 2023-24, 2024-25, और 2025-26 के आय-व्यय तथा विकास कार्यों का पूरा लेखा-जोखा मांगा गया है, जिससे कार्यालय में खलबली मच गई है। एक अनाम नगर पंचायत कर्मचारी के अनुसार, इस आवेदन में शासन, राज्य वित्त आयोग, केंद्रीय वित्त आयोग और अन्य स्रोतों से प्राप्त धनराशि का मदवार विवरण मांगा गया है। इसके साथ ही, स्वीकृत विकास कार्यों की सूची, टेंडर प्रक्रिया, कार्यादेश, भुगतान विवरण, माप पुस्तिकाएं (MB), बिल-वाउचर, ऑडिट रिपोर्ट, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और निर्माण कार्यों के फोटोग्राफ तक उपलब्ध कराने की मांग की गई है। अधिवक्ता ने सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक शौचालय, सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, वाहनों की खरीद, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्तियों तथा उनके भुगतान संबंधी सभी अभिलेख भी मांगे हैं। इसके अतिरिक्त, यदि किसी कार्य में अनियमितता की शिकायतें मिली हों, तो उन शिकायतों, जांचों और उन पर की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। वर्ष 2023-24 से अब तक हुए सभी ऑडिट की रिपोर्ट और उन पर हुई कार्रवाई का विवरण भी आवेदन का हिस्सा है। सूचना अधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये जानकारियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाती हैं, तो नगर पंचायत के विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक निर्णयों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सकेगी। इस कदम को स्थानीय निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें नगर पंचायत प्रशासन पर टिकी हैं कि वह अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप तय समय में सूचनाएं उपलब्ध करा पाता है या नहीं, क्योंकि यदि सूचनाएं सार्वजनिक होती हैं तो नगर पंचायत के विकास कार्यों और खर्चों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।
- प्रतापगढ़ कोतवाली नगर क्षेत्र के कपूर चौराहे पर स्थित नजूल सरकार की शत्रु संपत्ति, गाटा संख्या- 1016, पर जबरन किए गए कब्जे को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। यह बेशकीमती भूमि सदर तहसील राजस्व गाँव बेल्हाघाट में प्रयागराज-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग-330 पर चौक घण्टाघर से लगभग 150 मीटर उत्तर की ओर रामलीला मैदान से पहले कपूर चौराहे पर स्थित है। आरोप है कि डॉ. सुल्तान हसन और उनके बेटे शेख खलील उर्फ शेखू ने इस शत्रु संपत्ति पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर एक सप्ताह के भीतर टीन शेड का गोदाम बना लिया था। इस अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर एकत्र हुए हैं। इस संपत्ति को राज्य सरकार द्वारा सुरक्षित और संरक्षित किया जाना चाहिए। जनहित में यह भी सुझाया गया है कि कपूर चौराहे पर स्थित मंदिर को इसी शत्रु संपत्ति पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।1
- प्रतापगढ़ जिले की नगर पंचायत पट्टी में हुए विकास कार्यों और वित्तीय खर्चों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शिवम सिंह ने, जो वार्ड संख्या 7, कुम्हिया पट्टी के निवासी हैं, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत एक विस्तृत आवेदन प्रस्तुत किया है। इस आवेदन में नगर पंचायत के पिछले तीन वित्तीय वर्षों, यानी 2023-24, 2024-25, और 2025-26 के आय-व्यय तथा विकास कार्यों का पूरा लेखा-जोखा मांगा गया है, जिससे कार्यालय में खलबली मच गई है। एक अनाम नगर पंचायत कर्मचारी के अनुसार, इस आवेदन में शासन, राज्य वित्त आयोग, केंद्रीय वित्त आयोग और अन्य स्रोतों से प्राप्त धनराशि का मदवार विवरण मांगा गया है। इसके साथ ही, स्वीकृत विकास कार्यों की सूची, टेंडर प्रक्रिया, कार्यादेश, भुगतान विवरण, माप पुस्तिकाएं (MB), बिल-वाउचर, ऑडिट रिपोर्ट, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और निर्माण कार्यों के फोटोग्राफ तक उपलब्ध कराने की मांग की गई है। अधिवक्ता ने सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक शौचालय, सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, वाहनों की खरीद, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्तियों तथा उनके भुगतान संबंधी सभी अभिलेख भी मांगे हैं। इसके अतिरिक्त, यदि किसी कार्य में अनियमितता की शिकायतें मिली हों, तो उन शिकायतों, जांचों और उन पर की गई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। वर्ष 2023-24 से अब तक हुए सभी ऑडिट की रिपोर्ट और उन पर हुई कार्रवाई का विवरण भी आवेदन का हिस्सा है। सूचना अधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये जानकारियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाती हैं, तो नगर पंचायत के विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक निर्णयों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सकेगी। इस कदम को स्थानीय निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें नगर पंचायत प्रशासन पर टिकी हैं कि वह अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप तय समय में सूचनाएं उपलब्ध करा पाता है या नहीं, क्योंकि यदि सूचनाएं सार्वजनिक होती हैं तो नगर पंचायत के विकास कार्यों और खर्चों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।1
- प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना परिसर में आगामी ताजिया पर्व को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, ताजिया कमेटी के सदस्य और संभ्रांत लोग शामिल हुए, जहाँ पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान, थानाध्यक्ष राकेश चौरसिया ने सभी उपस्थित लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महत्वपूर्ण निर्णयों में यह तय किया गया कि ताजिया की लंबाई और चौड़ाई पिछले वर्ष के समान ही रहेगी, तथा जुलूस में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। त्योहार से संबंधित अन्य समस्याओं और उनके संभावित समाधानों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अंत में, प्रशासन ने सभी से आपसी सौहार्द बनाए रखने और शांतिपूर्ण माहौल में ताजिया पर्व मनाने की अपील की।1
- आज 18 जून 2026 को सुबह करीब सवा 8 बजे सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ थाना क्षेत्र के पिलखिनी गांव में पुलिस को एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और शव को कब्जे में लिया। शव की पहचान विनय कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह के पुत्र और प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अरैला गांव के निवासी थे। उनकी उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि विनय कुमार सिंह पिछले दो दिनों से घर पर संपर्क में नहीं थे। शव पर कुछ बाहरी चोटें भी दिख रही हैं। पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्यवाही की जा रही है और फील्ड यूनिट भी मौके पर पहुंच गई है। क्षेत्राधिकारी लम्भुआ रितिक कपूर के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।1
- प्रतापगढ़ के बाबा विश्वम्भर नाथ धाम में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोती सिंह ने जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का जायजा भी लिया।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भीषण गर्मी से राहत पाने और इंद्रदेव को प्रसन्न कर बरसात के लिए एक अनोखा अनुष्ठान किया गया। इस अनुष्ठान के तहत, गंगा नदी के बीच में राग 'मेघ' का वादन किया गया।1
- गुरुवार दोपहर करीब 1.30 बजे प्रतापगढ़ जिले में एक तेज रफ्तार अपाचे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे आम के पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में दो चचेरे भाई, मोहम्मद रशीद (22) और अब्दुल कलाम (23), गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को नाजुक हालत में स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज रेफर किया गया है। कंधई थाना क्षेत्र के गोलाही (अमहरा) गांव निवासी मोहम्मद रशीद और अब्दुल कलाम उडैयाडीह बाजार से अपने घर लौट रहे थे। दिलीपपुर थाना क्षेत्र के सरखेलपुर गांव के पास पहुंचते ही उनकी तेज रफ्तार बाइक अचानक बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई। टक्कर की आवाज इतनी जबरदस्त थी कि आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना परिजनों और चौकी प्रभारी बेलखरनाथ धाम देवेंद्र पाठक को दी। मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों को एसआरएन मेडिकल कॉलेज प्रयागराज रेफर कर दिया। दिलीपपुर पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1