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राजगीर में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज का दिखेगा रोमांच ब्रेकिंग नालंदा: राजगीर में फिर रचेगा इतिहास, भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज के लिए सजा खेल परिसर,27 अक्टूबर को राजगीर में अंतरराष्ट्रीय रग्बी का रोमांच, CM सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन। महिला और पुरुष टीमें दिखाएंगी दमखम।भारत-न्यूजीलैंड के 100 साल पुराने खेल संबंधों का जश्न
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राजगीर में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज का दिखेगा रोमांच ब्रेकिंग नालंदा: राजगीर में फिर रचेगा इतिहास, भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज के लिए सजा खेल परिसर,27 अक्टूबर को राजगीर में अंतरराष्ट्रीय रग्बी का रोमांच, CM सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन। महिला और पुरुष टीमें दिखाएंगी दमखम।भारत-न्यूजीलैंड के 100 साल पुराने खेल संबंधों का जश्न
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- कलिम खान को AIMIM के नालंदा जिलाध्यक्ष की दोबारा जिम्मेदारी कलिम खान को AIMIM के नालंदा जिलाध्यक्ष की दोबारा जिम्मेदारी नालंदा जिले में AIMIM ने एक बार फिर कलिम खान पर भरोसा जताते हुए उन्हें जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने उनसे संगठन को मजबूत करने और जिले में पार्टी की गतिविधियों को तेज करने की अपेक्षा जताई है। इस अवसर पर कलिम खान ने कहा कि नालंदा जिले में AIMIM के संगठन को मजबूत करने के लिए तेजी से काम किया जाएगा। कार्यकर्ताओं को जोड़ने, संगठन का विस्तार करने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने दोबारा विश्वास जताने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। कलिम खान को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।1
- सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 का दिव्य शंखनाद, बना विश्व रिकॉर्ड! 🐚🪔 25 अक्टूबर 2026 को नासिक के रामकुंड स्थित गोदावरी तट पर 517 शंख वादकों ने लगातार 5 मिनट 30 सेकंड तक सामूहिक शंखनाद कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इस ऐतिहासिक आयोजन ने 2019 में अमेरिका के न्यू जर्सी में 303 लोगों द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ते हुए आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। हर हर गोदावरी! | जय सनातन! 🔱🚩 सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 का दिव्य शंखनाद, बना विश्व रिकॉर्ड! 🐚🪔 25 अक्टूबर 2026 को नासिक के रामकुंड स्थित गोदावरी तट पर 517 शंख वादकों ने लगातार 5 मिनट 30 सेकंड तक सामूहिक शंखनाद कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इस ऐतिहासिक आयोजन ने 2019 में अमेरिका के न्यू जर्सी में 303 लोगों द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ते हुए आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। हर हर गोदावरी! | जय सनातन! 🔱🚩1
- बिहारशरीफ नगर निगम की गाड़ियों पर नंबर प्लेट गायब, नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल! बिहारशरीफ को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा करने वाले नगर निगम के कई वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं होने का मामला सामने आया है। कचरा उठाने वाले टिपर, ट्रैक्टर, पानी के टैंकर और अन्य सरकारी वाहन बिना स्पष्ट रजिस्ट्रेशन नंबर के सड़कों पर दौड़ने का आरोप है। ऐसे में सड़क सुरक्षा, वाहन की पहचान और यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं। 📢 आपकी राय क्या है? क्या सरकारी वाहनों पर भी यातायात नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए? कमेंट करके बताएं। 👍 खबर पसंद आए तो लाइक करें और ऐसी ही स्थानीय खबरों के लिए अपना नालंदा को फॉलो करें। #अपना_नालंदा #बिहारशरीफ #नगरनिगम #नालंदा #स्मार्टसिटी #यातायातनियम #बिहारन्यूज1
- राजगीर में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज का दिखेगा रोमांच ब्रेकिंग नालंदा: राजगीर में फिर रचेगा इतिहास, भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज के लिए सजा खेल परिसर,27 अक्टूबर को राजगीर में अंतरराष्ट्रीय रग्बी का रोमांच, CM सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन। महिला और पुरुष टीमें दिखाएंगी दमखम।भारत-न्यूजीलैंड के 100 साल पुराने खेल संबंधों का जश्न1
- राजगीर में आयोजित इंडिया-न्यूजीलैंड अंडर 20 रग्बी सीरीज को लेकर कौन जीता कौन हारा...जानिये #ख़बरें Tv: राजगीर में आयोजित इंडिया-न्यूजीलैंड अंडर 20 रग्बी सीरीज को लेकर कौन जीता कौन हारा...जानिये1
- बख्तियारपुर में खुला प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, अब किफायती दवाओं के लिए मिलेगी स्थानीय सुविधा। बख्तियारपुर वासियों के लिए स्वास्थ्य से जुड़ी एक अच्छी खबर! बख्तियारपुर के नए बाईपास पर राघोपुर स्थित एक्सिस बैंक के सामने खुला है प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र। यहां ब्लड प्रेशर, शुगर, थायराइड और हृदय संबंधी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता और कीमत की जानकारी ली जा सकती है। दवाओं का स्टॉक उपलब्धता के अनुसार रहेगा। अगर आप नियमित दवाएं लेते हैं, तो डॉक्टर की पर्ची लेकर केंद्र पर पहुंचें। ध्यान रहे, डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न बदलें। ऐसी ही काम की खबरों के लिए जुड़े रहें ख़बर जंक्शन लाइव के साथ!1
- *बाढ़ के मनकौरा में दुर्गापूजा के दौरान बवाल! लौंडा नाच में मारपीट, प्रदेश अध्यक्ष अशोक चंद्रवंशी की गाड़ी पर पथराव** बिहार के बाढ़ स्थित मनकौरा गांव में दुर्गापूजा के दौरान लौंडा नाच में मनपसंद गाना बजाने को लेकर शुरू हुई बहस मारपीट में बदल गई। इस दौरान गांव के लोगों के बीच जमकर विवाद हुआ। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष अशोक चंद्रवंशी की गाड़ी पर भी पथराव किए जाने की खबर है। 📢 **आखिर गाने की पसंद को लेकर विवाद इतना कैसे बढ़ गया?**1
- कॉफ्फेड की पहल से जलकुंभी बनेगी मछुआरों की आर्थिक समृद्धि का आधार: हरि सहनी कॉफ्फेड की पहल से जलकुंभी बनेगी मछुआरों की आर्थिक समृद्धि का आधार: हरि सहनी नालंदा के परवलपुर में जलकुंभी हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह संपन्न: ऋषिकेश कश्यप ’’जलाशयों की समस्या बनी जलकुंभी से बैग, टोकरी, चटाई एवं सजावटी सामान बनाने का प्रशिक्षण देकर मछुआरा परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल।’’ नालंदा, 24 अक्टूबर 2026। बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ (कॉफ्फेड) के तत्वावधान में शनिवार को नालंदा जिले के परवलपुर प्रखंड अंतर्गत हरप्रसाद बिगहा में परवलपुर प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति में जलकुंभी हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय श्री हरि सहनी, सदस्य, बिहार विधान परिषद एवं पूर्व मंत्री, बिहार सरकार ने किया। कॉफ्फेड के महत्वाकांक्षी ’’वेस्ट टू वेल्थ (अपशिष्ट से संपदा)’’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस पहल का उद्देश्य जलाशयों में तेजी से फैलने वाली जलकुंभी का उपयोग हस्तशिल्प निर्माण में कर मछुआरा समुदाय, विशेषकर महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं प्रशिक्षक के रूप में ’’ ऋषिकेश कश्यप, प्रबंध निदेशक, कॉफ्फेड’’ तथा अरूण सहनी, निदेशक, कॉफ्फेड’’ और ’’राजकुमार केवट, मंत्री, परवलपुर प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति’’ एवं प्रशिक्षण के लिए ’’नीलमहब मोण्डल, बीना हाजरा एवं नंदीता बागड़ी’’ ने प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम का प्रमुख विषय जलकुंभी से हस्तशिल्प उत्पाद निर्माण एवं उसके माध्यम से आजीविका के नए अवसर विकसित करना रहा। जलकुंभी एक तेजी से फैलने वाला जलीय पौधा है, जो तालाबों, पोखरों, झीलों एवं अन्य जलाशयों की सतह को ढक लेता है। इसके अत्यधिक फैलाव से सूर्य का प्रकाश पानी के भीतर नहीं पहुँच पाता तथा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होता है। इससे मत्स्य पालन, नौका संचालन और जलाशयों के प्रबंधन में कठिनाइयाँ उत्पन्न होती है। ऋषिकेश कश्यप ने कहा कि जलकुंभी के पत्ते से मवेशियों के लिए चारा, जड़ों से खाद एवं रेशेदार डंठलों को सुखाकर एवं प्रसंस्कृत करके बैग, टोकरी, चटाई, टेबल मैट, सजावटी सामान और अन्य उपयोगी हस्तशिल्प उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए कॉफ्फेड ने जलकुंभी हस्तशिल्प प्रशिक्षण की पहल की है। कॉफ्फेड के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण निःशुल्क दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जलकुंभी जैसे प्राकृतिक संसाधन का उपयोग करके मछुआरा परिवारों को कौशल विकास से जोड़ना है। हस्तशिल्प निर्माण में जलकुंभी का चयन, डंठलों की सफाई, सुखाने, छँटाई, बुनाई तथा उत्पादों की फिनिशिंग जैसे महत्वपूर्ण चरणों का प्रशिक्षण आगामी 15 दिनों में दिया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को इन तकनीकों में दक्ष बनाकर भविष्य में स्वरोजगार एवं लघु उद्यम स्थापित करने योग्य बनाने का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम के माध्यम से नालंदा जिले के हजारों मछुआरों तक रोजगार की संभावनाएँ विकसित होने की उम्मीद व्यक्त की गई है। आगे उन्होने कहा कि कॉफ्फेड की इस पहल से मछुआरा परिवारों की महिलाओं एवं ग्रामीण युवाओं को पारंपरिक मत्स्य पालन के अतिरिक्त आय अर्जित करने का एक नया माध्यम मिलेगा। प्राकृतिक रेशों से तैयार हस्तशिल्प उत्पादों के निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर कच्चा माल उपलब्ध होने की संभावना भी इस गतिविधि को विशेष बनाती है। वहीं, जलाशयों से अतिरिक्त जलकुंभी हटाकर उसका उपयोग उत्पाद निर्माण में करने से जलाशयों के प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी सहयोग मिलेगा। कॉफ्फेड का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण कौशल विकास, प्राकृतिक संसाधनों के मूल्यवर्धन एवं मछुआरा समुदाय की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। माननीय हरि सहनी, सदस्य, बिहार विधान परिषद एवं पूर्व मंत्री, बिहार सरकार ने कहा कि जलकुंभी लंबे समय से जलाशयों एवं मछुआरों की आजीविका के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। कॉफ्फेड द्वारा जलकुंभी से हस्तशिल्प उत्पाद बनाकर रोजगार सृजन की पहल सराहनीय है। इससे जलाशयों के संरक्षण के साथ मछुआरा परिवारों, विशेषकर महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ष्जिस जलकुंभी को अब तक समस्या माना जाता था, वही अब मछुआरों की आर्थिक समृद्धि का आधार बनेगी।ष् उन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को बिहार के अन्य जिलों में भी विस्तारित करने की आवश्यकता बताई। ’’जलाशय संरक्षण से स्वरोजगार और अपशिष्ट से समृद्धि’’ की अवधारणा के साथ कॉफ्फेड मछुआरा परिवारों के लिए वैकल्पिक आजीविका विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन कॉफेड की निदेशक सिमरन ने किया एवं निर्यात मैनेजर रवि राज, गोपी कुमार, जिला परिषद सदस्य उदयनंदन प्रसाद, राम प्रवेश बिंद, सूरज केवट, धर्मवीर सिंह एवं भारी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।1