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अभी राजधानी राँची ओर आसपास के इलाके में गरज के साथ साथ हल्की और मध्यम दर्जे की बारिश हुईं जिसे आम जन जीवन को बढ़ती गर्मी से थोड़ी सी राहत मिली है और इसी के साथ राजधानी राँची का मौसम सुहावना हो गया है।
Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
अभी राजधानी राँची ओर आसपास के इलाके में गरज के साथ साथ हल्की और मध्यम दर्जे की बारिश हुईं जिसे आम जन जीवन को बढ़ती गर्मी से थोड़ी सी राहत मिली है और इसी के साथ राजधानी राँची का मौसम सुहावना हो गया है।
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- शुरू एप्प संवाददाता। खुंटी। हजारीबाग में पत्रकार के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना की गूँज अब पूरे राज्य में सुनाई दे रही है। खूंटी जिले के पत्रकारों ने एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया। मंत्री इरफान अंसारी से सवाल पूछने के बाद उनके समर्थकों द्वारा पत्रकार पर किए गए हमले को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार बताते हुए पत्रकारों ने काली पट्टी बांधकर अपना रोष प्रकट किया।1
- Post by AAM JANATA1
- गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत केड़ेंग गांव में जमीन का सीमांकन करने पहुंचे चैनपुर अंचल के कर्मचारियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सिंह को ग्रामीणों ने चप्पल से पीटा। माहौल गर्म होता देख राजस्व कर्मचारी वहां से भाग निकले, लेकिन बाद में भी कुछ लोगों ने दौड़ा-दौड़ा कर पिटाई की है। सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची और मामले को शांत कराया। कर्मचारियों ने पूरे मामले के लिए शिकायत चैनपुर थाना में की है। बताया जाता है कि केड़ेंग निवासी शिव प्रसाद के जमीन का सीमांकन के लिए राजस्व उप निरीक्षक सुजीत कुमार सिंह, प्रभारी अंचल निरीक्षक नरेंद्र सेठ और अंचल अमीन उमाशंकर उरांव मौके पर गए थे। पूरी प्रक्रिया से पूर्व सभी अधिकारी एक पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने राजस्व कर्मचारी सुजीत सिन्हा पर हमला कर दिया। अन्य कर्मचारियों को भी चप्पल से पीटने की सूचना है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- रांची जिलेके के चाहो आस पास हल्के बारिश के साथ पत्थर भी गिरा1
- उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में आज सूचना भवन सभागार में एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें भारत की जनगणना 2027 को लेकर जिले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।2
- गुमला:जिले में कृषि को सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा विभिन्न जलाशयों एवं उनसे जुड़े नहर तंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया। लगभग 7 घंटे तक कड़ी धूप में किए गए इस क्षेत्र भ्रमण का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग, उनकी मरम्मति एवं किसानों तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण की शुरुआत कतरी जलाशय से की गई, जहां उपायुक्त ने नहरों एवं डिस्ट्रीब्यूटरी सिस्टम का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि जल का प्रवाह खेतों तक सुचारु रूप से पहुंचे, ताकि रबी सहित सभी फसली चक्र में किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। उन्होंने सोलर लिफ्ट इरिगेशन, सोलर पंप एवं किसान समृद्धि योजना के तहत इच्छुक किसानों को सिंचाई संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, रबी सीजन से पूर्व इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने एवं किसानों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करने की बात कही, ताकि कोई भी खेत खाली न रहे। *नहरों की मरम्मति, सोलर सिंचाई और मत्स्य विकास को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश* उपायुक्त ने केनाल के किनारे स्थित किसानों को सोलर आधारित पाइप एवं पंप की सुविधा उपलब्ध कराने, नहरों की मरम्मति हेतु डीपीआर तैयार करने तथा जलाशय रखरखाव में लगे कर्मियों के पारिश्रमिक सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। मत्स्य विकास को बढ़ावा देते हुए उन्होंने मत्स्यपालक समूहों/सोसाइटी के गठन, केज निर्माण एवं स्थानीय नागरिकों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। जलाशय का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलाशय के किनारे कोई भी भूमि अनुपयोगी न रहे। उन्होंने किसानों को प्रेरित कर अधिकतम कृषि गतिविधियों से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही, इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, बोटिंग सुविधा प्रारंभ करने एवं आवश्यक डीपीआर तैयार करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया। *79 किमी नहर नेटवर्क के जीर्णोद्धार एवं मसरिया जलाशय के विकास पर भी विशेष फोकस* निरीक्षण के क्रम में घाघरा प्रखंड अंतर्गत डोडांग एवं शिवराजपुर पंचायत में क्षतिग्रस्त नहरों एवं डैम संरचनाओं का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने लीकेज की तत्काल मरम्मति, नहरों की साफ-सफाई (डिसिल्टिंग) एवं प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त स्थलों के पुनर्निर्माण हेतु एक सप्ताह के भीतर पृथक-पृथक डीपीआर तैयार करने का निर्देश जल संसाधन विभाग को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतरी जलाशय से शिवराजपुर डैम तक लगभग 79 किलोमीटर लंबे मुख्य नहर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी नेटवर्क के समग्र जीर्णोद्धार हेतु योजनाबद्ध कार्य किया जाए, ताकि जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके। इसके उपरांत मसरिया जलाशय का भी निरीक्षण किया गया, जहां आसपास के गांवों को जलाशय प्रणाली से जोड़ते हुए कृषि विस्तार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि _"जिले में उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण, मरम्मति एवं वैज्ञानिक प्रबंधन ही कृषि विकास की कुंजी है। किसानों को संसाधन उपलब्ध कराना एवं उन्हें प्रेरित करना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"_ उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी पात्र किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया जाए तथा क्लस्टर आधारित सूची तैयार कर नियमित संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। इस दौरान अपर समाहर्ता, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, माइनर इरिगेशन विभाग के सहायक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी घाघरा, सहायक जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।2
- Post by Sahdew oraon2
- उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, खूँटी सौरभ कुमार भुवानिया द्वारा आज समाहरणालय स्थित सभागार में भारत की जनगणना 2027 के सफल आयोजन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। उपायुक्त ने बताया कि भारत की जनगणना अपनी समृद्ध परंपरा के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ जनगणनाओं में से एक मानी जाती है तथा यह विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में शामिल है। उपायुक्त ने बताया कि स्व-गणना की सुविधा दिनांक 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 में जानकारी डिजिटल माध्यम (मोबाइल एप) के जरिए संकलित की जाएगी। इसके लिए कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं, जिनमें आवास की स्थिति, पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट सुविधा, रसोई ईंधन, परिवार की जानकारी एवं परिवार द्वारा धारित संपत्तियों से संबंधित विवरण शामिल हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपायुक्त द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि जनगणना कार्य हेतु प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 27 अप्रैल 2026 से 13 मई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न चरणों के कार्यों के सफल निष्पादन हेतु प्रशासनिक तैयारियां भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उपायुक्त ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना 2027 के संबंध में आमजनों को जागरूक करने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी जिला वासियों से अपील की कि वे सही एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना कार्य में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की भ्रांति अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, जिला सांख्यकी पदाधिकारी, जनगणना निदेशालय के प्रतिनिधि, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी, संबंधित पदाधिकारी एवं मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।1