अभिषेक ठाकुर के सार्वजनिक मंचों और 'पब्लिक डिबेट' वीडियो में दिए गए बयानों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले अभिषेक ठाकुर, दिल्ली-एनसीआर से सटे गाजियाबाद और मथुरा-वृंदावन जैसे क्षेत्रों में भी खासे सक्रिय रहते हैं, जहाँ वे अपने वीडियो शूट करते हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि यदि किसी को मुस्लिम लड़की से शादी करने में दिक्कत हो या कोई टोपी-दाढ़ी वाला व्यक्ति परेशान करे, तो वे कोर्ट से लेकर रहने तक की पूरी व्यवस्था करने का आश्वासन देते हैं। इन बयानों को लेकर प्रशासन के दोहरे रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि यदि ऐसी ही बातें किसी उर्दू नाम वाले व्यक्ति ने कही होतीं, तो अब तक उस पर UAPA या NSA जैसी गंभीर धाराएं लग चुकी होतीं, उसे जेल भेजा जाता और बुलडोजर से घर गिराने जैसी कार्रवाई की जाती। इस मामले में सवाल उठाया गया है कि क्या देश का कानून अब चेहरे, कपड़ों और नाम देखकर कार्रवाई तय कर रहा है। 'सनातनी' होने के नाम पर दूसरों की बेटियों को जागीर समझने और सरेआम धमकियां देने के इस चलन पर प्रशासन की चुप्पी को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है और शासन-प्रशासन के इस रवैये पर तत्काल जवाबदेही की मांग की गई है।
अभिषेक ठाकुर के सार्वजनिक मंचों और 'पब्लिक डिबेट' वीडियो में दिए गए बयानों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले अभिषेक ठाकुर, दिल्ली-एनसीआर से सटे गाजियाबाद और मथुरा-वृंदावन जैसे क्षेत्रों में भी खासे सक्रिय रहते हैं, जहाँ वे अपने वीडियो शूट करते हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि यदि किसी को मुस्लिम लड़की से शादी करने में दिक्कत हो या कोई टोपी-दाढ़ी वाला व्यक्ति परेशान करे, तो वे कोर्ट से लेकर रहने तक की पूरी व्यवस्था करने का आश्वासन देते हैं। इन बयानों को लेकर प्रशासन के दोहरे रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि यदि ऐसी ही बातें किसी उर्दू नाम वाले व्यक्ति ने कही होतीं, तो अब तक उस पर UAPA या NSA जैसी गंभीर धाराएं लग चुकी होतीं, उसे जेल भेजा जाता और बुलडोजर से घर गिराने जैसी कार्रवाई की जाती। इस मामले में सवाल उठाया गया है कि क्या देश का कानून अब चेहरे, कपड़ों और नाम देखकर कार्रवाई तय कर रहा है। 'सनातनी' होने के नाम पर दूसरों की बेटियों को जागीर समझने और सरेआम धमकियां देने के इस चलन पर प्रशासन की चुप्पी को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है और शासन-प्रशासन के इस रवैये पर तत्काल जवाबदेही की मांग की गई है।
- कानपुर में सी.एस.ए. (CSA) के छात्र राहुल ने शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करते हुए तीन पदक अपने नाम किए हैं। राहुल को कुलाधिपति स्वर्ण पदक समेत कुल तीन पदकों से सम्मानित किया गया है।1
- कानपुर नगर निगम कार्यालय में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। निगम की दूसरी मंजिल पर लगी इस आग ने परिसर में हड़कंप मचा दिया, जिसमें कई महत्वपूर्ण फाइलें जलकर राख हो गईं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय थाने का पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गया। दमकलकर्मियों और नगर निगम के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है।1
- उन्नाव में संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के साथ मिलकर फतेहपुर-84 और बांगरमऊ के बाढ़ संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने हरिद्वार, बिजनौर और टिहरी बांध से छोड़े जाने वाले पानी पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गंगा के जलस्तर की रिपोर्ट हर 24 घंटे में सौंपने को कहा गया है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए शरणालय, भोजन, पेयजल, और महिलाओं तथा पशुओं के लिए पृथक व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के मद्देनजर मेडिकल टीमें गठित कर दी गई हैं, जिन्हें एंटी वेनम, डायरिया, बुखार और अन्य आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ की किसी भी स्थिति में नागरिकों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।1
- उन्नाव में 13 जुलाई को कानपुर–लखनऊ अवध एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसे लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने कार्यक्रम स्थल का औचक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके तहत बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास मार्गों की योजना, वीआईपी मूवमेंट और भीड़ नियंत्रण के उपायों का जायजा लिया गया। कार्यक्रम के दौरान यातायात सुचारू रहे, इसके लिए विशेष डायवर्जन प्लान और पार्किंग व्यवस्था की भी पूरी तैयारी की जा रही है। सुरक्षा के अलावा, कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।4
- कानपुर नगर के बिलासपुर में दिनदहाड़े हुए एक चाकू हमले की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। बीच सड़क पर हुई इस वारदात के बाद से ही स्थानीय निवासियों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और घायल व्यक्ति को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल हमलावर फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा।1