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12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर, मध्यप्रदेश सहित देशभर में योग का उत्साह दिखा। इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लिया। सभी ने योगाभ्यास किया और योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा निरोग, स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल पटेल को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए। इस वर्ष योग दिवस की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' रखी गई है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि हम भारत की उस महान परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने योग को विश्व समुदाय के लिए भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार बताया, जो हमारे ऋषियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। श्रीमती मुर्मु ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की थी, जिससे पिछले 12 वर्षों में योग पद्धति की पहचान और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं और 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' थीम के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि यह बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में सहायक है। राष्ट्रपति ने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि योग समग्र चिकित्सा पद्धति का एक अहम, सरल, प्रभावी और सुलभ हिस्सा है। उन्होंने सभी देशवासियों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाकर स्वस्थ व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र और विश्व के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने योग को केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से भारतीय योग को पूरी दुनिया में सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और यह वैश्विक शांति तथा कल्याण को बढ़ावा देता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सफलतम 12 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता से कर रहे हैं और दुनियाभर के लगभग 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया जा रहा है, जिसमें 210 से अधिक दूतावास भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने योग को भारत द्वारा दुनिया को दिया गया मानव कल्याण का उपहार बताया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ही 2014 में संयुक्त राष्ट्र सभा में विश्व योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे 175 से ज्यादा देशों का ऐतिहासिक समर्थन मिला था। उन्होंने 'हर घर योग' अभियान के तहत मध्यप्रदेश के कोने-कोने को योग से जोड़ने की बात कही और संस्कारधानी जबलपुर में राष्ट्रपति की उपस्थिति को मध्यप्रदेश का सौभाग्य बताया। डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति के 'वसुधैव कुटुम्बकम' और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के संदेश को दोहराते हुए मध्यप्रदेश को योगियों की तपोस्थली बताया, जहाँ भगवान श्री कृष्ण ने भी योग का ज्ञान प्राप्त किया और उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में योग विज्ञान का गहन अध्ययन किया। उन्होंने यह भी बताया कि 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के साथ-साथ सूर्य देव के उत्तरायण से दक्षिणायण की ओर यात्रा प्रारंभ करने का दिन भी है।

5 hrs ago
user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago
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12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर, मध्यप्रदेश सहित देशभर में योग का उत्साह दिखा। इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लिया। सभी ने योगाभ्यास किया और योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा निरोग, स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल पटेल को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए। इस वर्ष योग दिवस की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' रखी गई है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि हम भारत की उस महान परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने योग को विश्व समुदाय के लिए भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार बताया, जो हमारे ऋषियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। श्रीमती मुर्मु ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की थी, जिससे पिछले 12 वर्षों में योग पद्धति की पहचान और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं और 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' थीम के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि यह बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में सहायक है। राष्ट्रपति ने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि योग समग्र चिकित्सा पद्धति का एक अहम, सरल, प्रभावी और सुलभ हिस्सा है। उन्होंने सभी देशवासियों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाकर स्वस्थ व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र और विश्व के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने योग को केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से भारतीय योग को पूरी दुनिया में सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और यह वैश्विक शांति तथा कल्याण को बढ़ावा देता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सफलतम 12 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता से कर रहे हैं और दुनियाभर के लगभग 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया जा रहा है, जिसमें 210 से अधिक दूतावास भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने योग को भारत द्वारा दुनिया को दिया गया मानव कल्याण का उपहार बताया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ही 2014 में संयुक्त राष्ट्र सभा में विश्व योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे 175 से ज्यादा देशों का ऐतिहासिक समर्थन मिला था। उन्होंने 'हर घर योग' अभियान के तहत मध्यप्रदेश के कोने-कोने को योग से जोड़ने की बात कही और संस्कारधानी जबलपुर में राष्ट्रपति की उपस्थिति को मध्यप्रदेश का सौभाग्य बताया। डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति के 'वसुधैव कुटुम्बकम' और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के संदेश को दोहराते हुए मध्यप्रदेश को योगियों की तपोस्थली बताया, जहाँ भगवान श्री कृष्ण ने भी योग का ज्ञान प्राप्त किया और उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में योग विज्ञान का गहन अध्ययन किया। उन्होंने यह भी बताया कि 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के साथ-साथ सूर्य देव के उत्तरायण से दक्षिणायण की ओर यात्रा प्रारंभ करने का दिन भी है।

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  • शनिवार को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ मेडिको-लीगल मामले में परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले ही शव को मार्चरी से हटा लिया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत गाँव पहुँचकर चिता से शव को वापस अस्पताल लाया गया, जिसके बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया। जानकारी के अनुसार, यह मामला कनौजा निवासी मुकेश बंसल की उपचार के दौरान हुई मौत से जुड़ा है। परिजनों ने उनकी मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी, जिसके कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए मार्चरी में रखा गया था और मामला मेडिको-लीगल दर्ज किया गया था। हालाँकि, शनिवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले ही परिजन शव लेकर गाँव पहुँच गए और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने लगे। मार्चरी से शव गायब होने की खबर से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद अमहिया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने गाँव पहुँचकर परिजनों को समझाया और शव को चिता से वापस अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि मेडिको-लीगल मामलों में कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम अनिवार्य होता है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए।
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    शनिवार को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ मेडिको-लीगल मामले में परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले ही शव को मार्चरी से हटा लिया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत गाँव पहुँचकर चिता से शव को वापस अस्पताल लाया गया, जिसके बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया।

जानकारी के अनुसार, यह मामला कनौजा निवासी मुकेश बंसल की उपचार के दौरान हुई मौत से जुड़ा है। परिजनों ने उनकी मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी, जिसके कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए मार्चरी में रखा गया था और मामला मेडिको-लीगल दर्ज किया गया था। हालाँकि, शनिवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले ही परिजन शव लेकर गाँव पहुँच गए और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने लगे। मार्चरी से शव गायब होने की खबर से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद अमहिया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने गाँव पहुँचकर परिजनों को समझाया और शव को चिता से वापस अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया।

इस घटना पर टिप्पणी करते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि मेडिको-लीगल मामलों में कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम अनिवार्य होता है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • रीवा जिले की जवा तहसील के डभौरा नगर परिषद में अपने पिता फूलचंद आरख का पता न लगा पाने से परेशान दो बालिकाएँ आज, 20 जून 2026 से डभौरा थाने के सामने क्रमिक अनशन पर बैठ गई हैं। इन बालिकाओं का कहना है कि 27 मई 2026 को उनके पिता फूलचंद आरख को गायब कर दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट डभौरा थाने में की गई, लेकिन डभौरा पुलिस आज तक उनका पता नहीं लगा पाई है। बालिकाओं ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक रीवा, डीआईजी, कलेक्टर रीवा, एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी डभौरा को भी ज्ञापन सौंपे थे, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा है कि जब तक उनके पिता फूलचंद आरख को जिंदा या मुर्दा नहीं लाया जाता, वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगी और अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही की भी मांग की है। उनके अनशन स्थल पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव जगदीश सिंह यादव ने पहुँचकर समर्थन व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर न्याय नहीं मिला, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करेगी। अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक रीवा इन अनशनकारी बालिकाओं को कितने समय में न्याय दिलाते हैं और लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करते हैं।
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    रीवा जिले की जवा तहसील के डभौरा नगर परिषद में अपने पिता फूलचंद आरख का पता न लगा पाने से परेशान दो बालिकाएँ आज, 20 जून 2026 से डभौरा थाने के सामने क्रमिक अनशन पर बैठ गई हैं। इन बालिकाओं का कहना है कि 27 मई 2026 को उनके पिता फूलचंद आरख को गायब कर दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट डभौरा थाने में की गई, लेकिन डभौरा पुलिस आज तक उनका पता नहीं लगा पाई है।

बालिकाओं ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक रीवा, डीआईजी, कलेक्टर रीवा, एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी डभौरा को भी ज्ञापन सौंपे थे, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा है कि जब तक उनके पिता फूलचंद आरख को जिंदा या मुर्दा नहीं लाया जाता, वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगी और अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही की भी मांग की है। उनके अनशन स्थल पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव जगदीश सिंह यादव ने पहुँचकर समर्थन व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर न्याय नहीं मिला, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करेगी।

अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक रीवा इन अनशनकारी बालिकाओं को कितने समय में न्याय दिलाते हैं और लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करते हैं।
    user_रिपोर्टर अजय यादव
    रिपोर्टर अजय यादव
    Local News Reporter सिरमौर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सतना जिले के रामपुर बाघेलान में एक विधवा की जमीन पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर जबरन कब्जा कर लिया है। इस घटना में पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पीड़िता ने रामपुर बाघेलान थाने में शिकायत दर्ज कराई है। थाने के प्रभारी ने इस संबंध में बताया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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    सतना जिले के रामपुर बाघेलान में एक विधवा की जमीन पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर जबरन कब्जा कर लिया है। इस घटना में पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पीड़िता ने रामपुर बाघेलान थाने में शिकायत दर्ज कराई है। थाने के प्रभारी ने इस संबंध में बताया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 min ago
  • राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन जवा मंडल में किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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    राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन जवा मंडल में किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
    user_पत्रकार विनोद पांडेय
    पत्रकार विनोद पांडेय
    TV News Anchor जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जनहित संकल्प पार्टी (JSP) द्वारा जन-अधिकारों की रक्षा और शोषितों को न्याय दिलाने के लिए शुरू की गई 'न्याय यात्रा' आज चित्रकूट पहुँची, जहाँ सड़कों पर ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। 'लाल पीली क्रांति' के गगनभेदी नारों के बीच हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जिससे मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र का कई किलोमीटर तक का मुख्य मार्ग पूरी तरह जनमग्न हो गया। जनता का यह सैलाब क्षेत्र के स्थापित राजनेताओं और शोषक ताकतों के लिए एक सीधी चुनौती बनकर सामने आया है, जिसके कारण कई किलोमीटर तक लंबा जाम भी लगा रहा। यात्रा के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर जनहित संकल्प पार्टी के नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल जनता को महज वोट बैंक और अपना गुलाम समझते हैं, उनके खिलाफ आज आम जनता और युवाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने जोर दिया कि आम जनता के अधिकारों को लूटने वालों के खिलाफ अब समाज उठ खड़ा हुआ है, और जनहित संकल्प पार्टी आज शोषितों, पीड़ितों और वंचितों के लिए न्याय की एकमात्र सच्ची उम्मीद बनकर उभरी है, जिसका सीधा प्रमाण चित्रकूट की सड़कों पर देखने को मिला। पार्टी प्रवक्ताओं ने आगामी राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में जनहित संकल्प पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता का मुख्य केंद्र बिंदु बनेगी, क्योंकि स्थापित दलों के चूले हिल चुके हैं और बिना JSP के सहयोग के किसी भी दल को राजनीतिक स्वाद प्राप्त नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके ईमानदार और कर्मठ कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से सींचा गया यह दल आने वाले समय में सबसे बड़ी ताकत बनेगा। यात्रा के इस चरण के भव्य समापन पर, पार्टी नेतृत्व ने मानिकपुर विधानसभा की देवतुल्य जनता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस न्याय यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बनाने में अपना अभूतपूर्व और स्नेहपूर्ण योगदान दिया।
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    जनहित संकल्प पार्टी (JSP) द्वारा जन-अधिकारों की रक्षा और शोषितों को न्याय दिलाने के लिए शुरू की गई 'न्याय यात्रा' आज चित्रकूट पहुँची, जहाँ सड़कों पर ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। 'लाल पीली क्रांति' के गगनभेदी नारों के बीच हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जिससे मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र का कई किलोमीटर तक का मुख्य मार्ग पूरी तरह जनमग्न हो गया। जनता का यह सैलाब क्षेत्र के स्थापित राजनेताओं और शोषक ताकतों के लिए एक सीधी चुनौती बनकर सामने आया है, जिसके कारण कई किलोमीटर तक लंबा जाम भी लगा रहा।

यात्रा के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर जनहित संकल्प पार्टी के नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल जनता को महज वोट बैंक और अपना गुलाम समझते हैं, उनके खिलाफ आज आम जनता और युवाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने जोर दिया कि आम जनता के अधिकारों को लूटने वालों के खिलाफ अब समाज उठ खड़ा हुआ है, और जनहित संकल्प पार्टी आज शोषितों, पीड़ितों और वंचितों के लिए न्याय की एकमात्र सच्ची उम्मीद बनकर उभरी है, जिसका सीधा प्रमाण चित्रकूट की सड़कों पर देखने को मिला।

पार्टी प्रवक्ताओं ने आगामी राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में जनहित संकल्प पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता का मुख्य केंद्र बिंदु बनेगी, क्योंकि स्थापित दलों के चूले हिल चुके हैं और बिना JSP के सहयोग के किसी भी दल को राजनीतिक स्वाद प्राप्त नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके ईमानदार और कर्मठ कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से सींचा गया यह दल आने वाले समय में सबसे बड़ी ताकत बनेगा। यात्रा के इस चरण के भव्य समापन पर, पार्टी नेतृत्व ने मानिकपुर विधानसभा की देवतुल्य जनता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस न्याय यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बनाने में अपना अभूतपूर्व और स्नेहपूर्ण योगदान दिया।
    user_छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    Reporter मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मुंबई के पवई स्थित आईआईटी बॉम्बे कैंपस में एक वयस्क तेंदुए ने स्टाफ हॉस्टल परिसर में घुसकर आतंक मचाया और वहाँ मौजूद एक स्थानीय कुत्ते का शिकार कर लिया। इस पूरी घटना का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ अचानक झाड़ियों से बाहर निकलता है और सीढ़ियों के पास बैठे कुत्ते पर झपट्टा मारकर उसे घसीटते हुए अपने साथ ले जाता है।
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    मुंबई के पवई स्थित आईआईटी बॉम्बे कैंपस में एक वयस्क तेंदुए ने स्टाफ हॉस्टल परिसर में घुसकर आतंक मचाया और वहाँ मौजूद एक स्थानीय कुत्ते का शिकार कर लिया। इस पूरी घटना का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ अचानक झाड़ियों से बाहर निकलता है और सीढ़ियों के पास बैठे कुत्ते पर झपट्टा मारकर उसे घसीटते हुए अपने साथ ले जाता है।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • चित्रकूट जनपद के मारकुण्डी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टिकरिया में 21 जून 2026 को एक किसान की दर्दनाक मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह जान विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के कारण गई, जिससे क्षेत्र में शोक और भारी आक्रोश व्याप्त है। बताया गया है कि किसान की मृत्यु विद्युत लाइन या बिजली संबंधी किसी तकनीकी खामी के चलते हुई, जिसके लिए ग्रामीण सीधे तौर पर विद्युत विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या की जानकारी विभाग को पहले भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे मृतक के परिजनों और गांव के लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। मृतक किसान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्युत व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराने की अपील की गई है। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि किसान की मौत का आखिर कौन जिम्मेदार है और इस दुखद घटना के लिए किसकी जवाबदेही तय होगी। वास्तविक स्थिति प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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    चित्रकूट जनपद के मारकुण्डी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टिकरिया में 21 जून 2026 को एक किसान की दर्दनाक मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह जान विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के कारण गई, जिससे क्षेत्र में शोक और भारी आक्रोश व्याप्त है। बताया गया है कि किसान की मृत्यु विद्युत लाइन या बिजली संबंधी किसी तकनीकी खामी के चलते हुई, जिसके लिए ग्रामीण सीधे तौर पर विद्युत विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या की जानकारी विभाग को पहले भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे मृतक के परिजनों और गांव के लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। मृतक किसान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्युत व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराने की अपील की गई है। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि किसान की मौत का आखिर कौन जिम्मेदार है और इस दुखद घटना के लिए किसकी जवाबदेही तय होगी। वास्तविक स्थिति प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_शिव प्रकाश चित्रकूट
    शिव प्रकाश चित्रकूट
    Manikpur, Chitrakoot•
    22 min ago
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