Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुंबई के पवई स्थित आईआईटी बॉम्बे कैंपस में एक वयस्क तेंदुए ने स्टाफ हॉस्टल परिसर में घुसकर आतंक मचाया और वहाँ मौजूद एक स्थानीय कुत्ते का शिकार कर लिया। इस पूरी घटना का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ अचानक झाड़ियों से बाहर निकलता है और सीढ़ियों के पास बैठे कुत्ते पर झपट्टा मारकर उसे घसीटते हुए अपने साथ ले जाता है।
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
मुंबई के पवई स्थित आईआईटी बॉम्बे कैंपस में एक वयस्क तेंदुए ने स्टाफ हॉस्टल परिसर में घुसकर आतंक मचाया और वहाँ मौजूद एक स्थानीय कुत्ते का शिकार कर लिया। इस पूरी घटना का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ अचानक झाड़ियों से बाहर निकलता है और सीढ़ियों के पास बैठे कुत्ते पर झपट्टा मारकर उसे घसीटते हुए अपने साथ ले जाता है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मुंबई के पवई स्थित आईआईटी बॉम्बे कैंपस में एक वयस्क तेंदुए ने स्टाफ हॉस्टल परिसर में घुसकर आतंक मचाया और वहाँ मौजूद एक स्थानीय कुत्ते का शिकार कर लिया। इस पूरी घटना का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ अचानक झाड़ियों से बाहर निकलता है और सीढ़ियों के पास बैठे कुत्ते पर झपट्टा मारकर उसे घसीटते हुए अपने साथ ले जाता है।1
- रीवा जिले की जवा तहसील के डभौरा नगर परिषद में अपने पिता फूलचंद आरख का पता न लगा पाने से परेशान दो बालिकाएँ आज, 20 जून 2026 से डभौरा थाने के सामने क्रमिक अनशन पर बैठ गई हैं। इन बालिकाओं का कहना है कि 27 मई 2026 को उनके पिता फूलचंद आरख को गायब कर दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट डभौरा थाने में की गई, लेकिन डभौरा पुलिस आज तक उनका पता नहीं लगा पाई है। बालिकाओं ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक रीवा, डीआईजी, कलेक्टर रीवा, एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी डभौरा को भी ज्ञापन सौंपे थे, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा है कि जब तक उनके पिता फूलचंद आरख को जिंदा या मुर्दा नहीं लाया जाता, वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगी और अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही की भी मांग की है। उनके अनशन स्थल पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव जगदीश सिंह यादव ने पहुँचकर समर्थन व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर न्याय नहीं मिला, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करेगी। अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक रीवा इन अनशनकारी बालिकाओं को कितने समय में न्याय दिलाते हैं और लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करते हैं।4
- राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन जवा मंडल में किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- जनहित संकल्प पार्टी (JSP) द्वारा जन-अधिकारों की रक्षा और शोषितों को न्याय दिलाने के लिए शुरू की गई 'न्याय यात्रा' आज चित्रकूट पहुँची, जहाँ सड़कों पर ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। 'लाल पीली क्रांति' के गगनभेदी नारों के बीच हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जिससे मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र का कई किलोमीटर तक का मुख्य मार्ग पूरी तरह जनमग्न हो गया। जनता का यह सैलाब क्षेत्र के स्थापित राजनेताओं और शोषक ताकतों के लिए एक सीधी चुनौती बनकर सामने आया है, जिसके कारण कई किलोमीटर तक लंबा जाम भी लगा रहा। यात्रा के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर जनहित संकल्प पार्टी के नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल जनता को महज वोट बैंक और अपना गुलाम समझते हैं, उनके खिलाफ आज आम जनता और युवाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने जोर दिया कि आम जनता के अधिकारों को लूटने वालों के खिलाफ अब समाज उठ खड़ा हुआ है, और जनहित संकल्प पार्टी आज शोषितों, पीड़ितों और वंचितों के लिए न्याय की एकमात्र सच्ची उम्मीद बनकर उभरी है, जिसका सीधा प्रमाण चित्रकूट की सड़कों पर देखने को मिला। पार्टी प्रवक्ताओं ने आगामी राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में जनहित संकल्प पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता का मुख्य केंद्र बिंदु बनेगी, क्योंकि स्थापित दलों के चूले हिल चुके हैं और बिना JSP के सहयोग के किसी भी दल को राजनीतिक स्वाद प्राप्त नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके ईमानदार और कर्मठ कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से सींचा गया यह दल आने वाले समय में सबसे बड़ी ताकत बनेगा। यात्रा के इस चरण के भव्य समापन पर, पार्टी नेतृत्व ने मानिकपुर विधानसभा की देवतुल्य जनता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस न्याय यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बनाने में अपना अभूतपूर्व और स्नेहपूर्ण योगदान दिया।3
- सीधी जिले के मझौली थाना अंतर्गत डेवा गाँव में एक मूर्ति को खंडित कर कचरे में फेंकने की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है।1
- चित्रकूट जनपद के ग्राम रामनगर में एक पैर से दिव्यांग बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि पिछले 15-20 दिनों से उनके घर की पानी की टोटी में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। बुजुर्ग ने बताया कि अपनी दिव्यांगता के कारण पानी की व्यवस्था करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों ने भी पुष्टि की है कि पेयजल संकट की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से इस ओर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें और नियमित जलापूर्ति बहाल करें, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।1
- देश की महामहिम द्रौपदी मुर्मू का जबलपुर में आगमन हुआ। उनके जबलपुर पहुँचने पर, सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।1
- सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित 'नायरा पेट्रोल पंप (माँ संतोषी फ्यूल्स फिलिंग स्टेशन)' इन दिनों अवैध रूप से ईंधन की हेराफेरी और नियमों के घोर उल्लंघन का केंद्र बना हुआ है। आरोप है कि दोनों राज्यों के प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस गैरकानूनी खेल से मध्य प्रदेश सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। पेट्रोलियम नियमों और सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए, यह पेट्रोल पंप ड्रमों, बड़े गैलन और खुले बर्तनों में अत्यधिक ज्वलनशील ईंधन (पेट्रोल/डीजल) बेच रहा है, जबकि ऐसा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह न केवल सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है, बल्कि सीधे तौर पर ईंधन की तस्करी को बढ़ावा दे रहा है, जिससे स्थानीय नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच ईंधन की दरों में लगभग ₹10 का बड़ा अंतर है, जिसका फायदा उठाकर यह फिलिंग स्टेशन उत्तर प्रदेश के सस्ते ईंधन को अवैध तरीके से मध्य प्रदेश की सीमा में खपा रहा है। इस 'स्मगलिंग' के खेल से मध्य प्रदेश के खजाने को सीधे तौर पर चपत लगाई जा रही है और उसे भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हैरानी की बात यह है कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और आबकारी जांच के दावों के बावजूद, दोनों ही राज्यों का संबंधित प्रशासन इस अवैध गतिविधि पर मूकदर्शक बना बैठा है। नागरिकों ने इस पर तत्काल कार्रवाई और गहन जांच की मांग की है।1