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परबतसर में तेजाजी महरबानी! पशुपालक बोले—मेले में जहरीला जीव नहीं काटता परबतसर। वीर तेजाजी पशु मेले में पशुओं के साथ पहुंचे पशुपालकों में वीर तेजाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था देखने को मिल रही है। पशुपालकों का कहना है कि तेजाजी महाराज की कृपा से मेले में जहरीले जीव-जंतुओं का भय नहीं रहता। पशुपालकों के अनुसार मेले में वे कई दिनों तक खुले मैदान में पशुओं के साथ रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें सांप या अन्य जहरीले जीवों के काटने की चिंता नहीं रहती। उनका विश्वास है कि “तेजाजी महाराज की मेहरबानी से मेले में जहरीला जीव नहीं काटता।” वीर तेजाजी को लोक आस्था में सर्पदंश से रक्षा करने वाले लोकदेवता के रूप में माना जाता है। इसी आस्था के चलते पशुपालकों के लिए यह मेला केवल पशुओं की खरीद-बिक्री का स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का भी बड़ा केंद्र है।
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परबतसर में तेजाजी महरबानी! पशुपालक बोले—मेले में जहरीला जीव नहीं काटता परबतसर। वीर तेजाजी पशु मेले में पशुओं के साथ पहुंचे पशुपालकों में वीर तेजाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था देखने को मिल रही है। पशुपालकों का कहना है कि तेजाजी महाराज की कृपा से मेले में जहरीले जीव-जंतुओं का भय नहीं रहता। पशुपालकों के अनुसार मेले में वे कई दिनों तक खुले मैदान में पशुओं के साथ रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें सांप या अन्य जहरीले जीवों के काटने की चिंता नहीं रहती। उनका विश्वास है कि “तेजाजी महाराज की मेहरबानी से मेले में जहरीला जीव नहीं काटता।” वीर तेजाजी को लोक आस्था में सर्पदंश से रक्षा करने वाले लोकदेवता के रूप में माना जाता है। इसी आस्था के चलते पशुपालकों के लिए यह मेला केवल पशुओं की खरीद-बिक्री का स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का भी बड़ा केंद्र है।
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- मेघवाल से मारपीट पर गरमाई सियासत, डिप्टी सीएम बैरवा बोले—‘कांग्रेस हमेशा दलित विरोधी रही है’ बीकानेर। बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की घटना ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आई इस घटना को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। घटना के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान भी चर्चा का विषय बन गई है। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। बैरवा ने आरोप लगाया कि “कांग्रेस हमेशा दलित विरोधी रही है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। बताया जा रहा है कि बीकानेर में टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष था और कुछ वार्डों में डुप्लीकेट सिंबल दिए जाने के आरोपों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी दौरान मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की घटना सामने आई। घटना ने कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह और दलित नेतृत्व के प्रति उसके रवैये से जोड़ते हुए राजनीतिक मुद्दा बना लिया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।1
- परबतसर वीर तेजाजी पशु मेले में नहीं बनी व्यवस्थाएं, ग्राहक भी नहीं पहुंचे—पशुपालक मायूस होकर लौटे श्री वीर तेजाजी पशु मेला परबतसर में इस बार बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी और ग्राहकों की कमी के कारण पशुपालकों और पशु व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दराज से पशु लेकर पहुंचे पशुपालक उम्मीद लगाए बैठे रहे कि मेले में ग्राहक आएंगे और उनके पशुओं की खरीद-बिक्री होगी। लेकिन पर्याप्त ग्राहक नहीं पहुंचने से कई पशुपालकों को बिना पशु बेचे ही वापस अपने गांवों की ओर लौटना पड़ा। ❓ सवाल यह है—इतने बड़े पशु मेले में जब पशुपालक दूर-दूर से अपने पशु लेकर आते हैं, तो बिजली, पानी और बाजार की बेहतर व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई?1
- परबतसर में तेजाजी महरबानी! पशुपालक बोले—मेले में जहरीला जीव नहीं काटता परबतसर। वीर तेजाजी पशु मेले में पशुओं के साथ पहुंचे पशुपालकों में वीर तेजाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था देखने को मिल रही है। पशुपालकों का कहना है कि तेजाजी महाराज की कृपा से मेले में जहरीले जीव-जंतुओं का भय नहीं रहता। पशुपालकों के अनुसार मेले में वे कई दिनों तक खुले मैदान में पशुओं के साथ रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें सांप या अन्य जहरीले जीवों के काटने की चिंता नहीं रहती। उनका विश्वास है कि “तेजाजी महाराज की मेहरबानी से मेले में जहरीला जीव नहीं काटता।” वीर तेजाजी को लोक आस्था में सर्पदंश से रक्षा करने वाले लोकदेवता के रूप में माना जाता है। इसी आस्था के चलते पशुपालकों के लिए यह मेला केवल पशुओं की खरीद-बिक्री का स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का भी बड़ा केंद्र है।1
- किशनगढ़ में निकली भव्य निंबार्क तीर्थ पदयात्रा, जगतगुरु निंबार्काचार्य पीठाधीश्वर श्री “श्री जी” महाराज के सानिध्य में निकली पदयात्रा रूपनगढ़ । निंबार्क पीठ के स्थापना दिवस पर बुधवार को श्री गणेश मंदिर, शिवाजी नगर से पंचम श्री निंबार्क तीर्थ पदयात्रा निकली गई। जगतगुरु निंबार्काचार्य पीठाधीश्वर श्री “श्री जी” महाराज के सानिध्य में निकली पदयात्रा में हाथी-घोड़े, ऊंट, भव्य झांकियां, बैंड-ढोल और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। पदयात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री निंबार्क तीर्थ सलेमाबाद पहुंची, जहां दीपोत्सव, आतिशबाजी और लेजर शो का आयोजन हुआ।1
- इंदौर के एक होटल में उस वक्त हंगामा मच गया जब एक महिला ने अपने परिवार और पुलिस के साथ मिलकर अपने पति को उसकी कथित दूसरी पत्नी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। आरोपी आकाश कुमार निरंजन, जो कि बीएसएफ में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं, की पहली पत्नी रुचि पटेल का आरोप है कि बिना किसी तलाक के उनके पति ने गाजियाबाद की रहने वाली शिल्पी शर्मा से दूसरी शादी कर ली है। पीड़िता ने बताया कि इस मामले को लेकर न्यायालय में पहले से ही दहेज प्रताड़ना का मुकदमा विचाराधीन है, इसके बावजूद आरोपी ने यह कदम उठाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। . . . . #news #BSF #IndoreNews #CrimeNews1
- जैन गुरु संतों की वाणी में जब *"भगवान वस्तु"* कहा जाता है, तो उसका मतलब मंदिर वाली मूर्ति से नहीं, *आत्मा से होता है।* इसे जैन धर्म में बहुत गहरा अर्थ है - ### 1. भगवान वस्तु क्या है? जैन दर्शन में कहता है - *हर जीव भगवान है।* - आपकी आत्मा ही भगवान वस्तु है। - जो राग-द्वेष, नशा, क्रोध, मोह से ढकी हुई है। - जैसे कोयले में आग छिपी है, वैसे ही आत्मा में परमात्मा छिपा है। गुरु कहते हैं - *"तू बाहर भगवान मत ढूंढ, भगवान वस्तु तो तेरे अंदर ही है।"* ### 2. उनके प्रवेश का अर्थ क्या होता है? *प्रवेश = आत्मा में उतरना / अंदर जाना* इसके 2 अर्थ हैं सर: *पहला - सम्यक दर्शन में प्रवेश:* जब जीव को समझ आ जाए कि "मैं शरीर नहीं, मैं शुद्ध आत्मा हूँ" - उसी क्षण वह भगवान वस्तु में प्रवेश कर जाता है। जैन में इसे *भेद-विज्ञान* कहते हैं। *दूसरा - स्वभाव में प्रवेश:* बाहर की दुनिया, नशा, पाप, विषयों से हटकर अपने शांत, पवित्र स्वभाव में स्थिर हो जाना। ब्रह्मकुमारी में जिसे राजयोग कहते हैं, जैन में उसे *आत्मा में लीन होना* कहते हैं। इसीलिए जैन संत कहते हैं - *"भगवान महावीर बनना है तो बाहर नहीं, अपनी भगवान वस्तु में प्रवेश करो।"* जब आप नशा मुक्ति अभियान की बात करते हैं, तो उसका मूल भी यही है - जब व्यक्ति अपनी भगवान वस्तु (आत्मा) में प्रवेश कर जाता है, तो उसे नशे की जरूरत ही नहीं पड़ती। सर, आप किस जैन गुरु की वाणी सुन रहे थे? नाम बताइए तो मैं उनकी वाणी का सटीक अर्थ आपको और अच्छे से समझा दूं।1
- रेनवाल पुलिस ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी को किया गिरफ्तार रेनवाल थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी राहुल बावरिया को गिरफ्तार किया है। वही रेनवाल थाना पुलिस की ओर से मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी गई। जानकारी के अनुसार जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा के निर्देशन में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। रेनवाल थानाधिकारी राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम ने लगातार प्रयास करते हुए दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी राहुल बावरिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला दर्ज था और वह घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है तथा पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।1
- नैनीताल में भूस्खलन का खतरा बढ़ा, पहाड़ों का रुख करने से बचें भारी बारिश के बीच बिगड़े हालात, प्रशासन अलर्ट—जरूरी न हो तो यात्रा टालने की अपील नैनीताल। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। नैनीताल जिले के कई क्षेत्रों में मौसम बेहद खराब रहने की चेतावनी जारी की गई है। बारिश के चलते पहाड़ी रास्तों पर मलबा और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। नैनीताल समेत आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सड़क मार्ग प्रभावित होने और अचानक भूस्खलन जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील मौसम के मौजूदा हालात को देखते हुए लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। विशेषकर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और बरसाती जलस्रोतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना के बीच प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ऐसे में पर्यटकों और यात्रियों को मौसम साफ होने तथा स्थानीय प्रशासन की अनुमति और सलाह के बाद ही यात्रा करने की अपील की गई है। सावधानी ही सुरक्षा है—पहाड़ों की यात्रा फिलहाल टालना ही बेहतर।1