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बरेली: मीरगंज में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस बरेली जनपद के मीरगंज क्षेत्र स्थित ठाकुर दीनदयाल रोहिला सरस्वती शिशु मंदिर में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
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बरेली: मीरगंज में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस बरेली जनपद के मीरगंज क्षेत्र स्थित ठाकुर दीनदयाल रोहिला सरस्वती शिशु मंदिर में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
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- बरेली जनपद के मीरगंज क्षेत्र स्थित ठाकुर दीनदयाल रोहिला सरस्वती शिशु मंदिर में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं।1
- बकनौरी से शाहिदाबाद रोड कच्चा है सभी को एप्लीकेशन दे दे परेशान है कोइ भी नहीं सुन रहा है1
- yeh rasta kafi kharab hai yahan har time pani bhara rehta hai/pardhan bhi koi sunbai nahi kar raha hai/gaon main koi naala bhi nahi hai/barsat ke time to bahut halat kharab rehti hai/mera nivedan hai kirpiya sangiyan le............nivedak..shamsuddin khan1
- बरेली से बड़ी खबर सामने आई है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट और 2016 बैच के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की वजह प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ हुई कथित बदसलूकी बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर में अलंकार अग्निहोत्री “#UGC Roll Back – काला कानून वापस लो” लिखा पोस्टर हाथ में लिए नजर आ रहे हैं। उन्होंने नए UGC कानून को सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए शोषणकारी और भेदभावपूर्ण बताया है। अपने इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने लिखा कि माघ मेले के दौरान बटुक ब्राह्मणों और संतों के साथ मारपीट, शिखा पकड़कर घसीटना न केवल अमानवीय है बल्कि धार्मिक मर्यादा का घोर अपमान है। उन्होंने इसे ब्राह्मण समाज के खिलाफ मानसिकता करार दिया। कानपुर नगर के मूल निवासी अलंकार अग्निहोत्री ने 27 मई 2025 को बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का कार्यभार संभाला था। इस्तीफे की खबर सबसे पहले उनके बनाए व्हाट्सएप ग्रुप “पुनरुत्थान बरेली परिवार” में वायरल हुई, जहां लोग उनके फैसले पर बंटे नजर आए। एक तरफ समर्थन, दूसरी तरफ सवाल — लेकिन इतना तय है कि PCS अफसर का यह इस्तीफा प्रशासन और राजनीति दोनों में हलचल मचाने वाला है। उनके इस्तीफा की खबर सुनते ही तमाम ब्राह्मण समाज के लोग उनके आवास पर पहुंचे और योगी मोदी मुरादाबाद के नारे भी लगाए गए और भारतीय जनता पार्टी मुर्दाबाद के भी नारे लगाए गए कानून को वापस लेने के भी नारे लगाए गए इस पूरे मामले में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने जानकारी देते हुए बताया1
- Apne ghar ke liye New sofa set banvayein darect karkhane se pilibhit bypass road vishalpur Chauraha Bareilly achhe price me contact number 78952004181
- 26 January aap sabhi ko mubarak ho1
- Post by Issue issue1
- गणतंत्र दिवस के मौके पर जहाँ पूरे देश में भव्य परेड और झांकियां निकाली जा रही हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज में एक ऐसी तिरंगा यात्रा निकली जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी की अगुवाई में निकली इस यात्रा में शान से लहराते तिरंगे के साथ 'भैंसा गाड़ी' और 'बैलगाड़ियों' का काफिला नजर आया।" बरेली का मीरगंज इलाका आज भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। मौका था 77वें गणतंत्र दिवस का, जिसे यादगार बनाने के लिए जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी ने एक अनूठी पहल की। आमतौर पर तिरंगा यात्राओं में लग्जरी गाड़ियां और बाइक्स का शोर सुनाई देता है, लेकिन यहाँ नजारा कुछ अलग था। यहाँ दर्जनों भैंसा गाड़ियों और बैलगाड़ियों को तिरंगे और गुब्बारों से सजाकर तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा की अगुवाई खुद निरंजन यदुवंशी कर रहे थे। उन्होंने इस माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि हमारा गणतंत्र और हमारी आजादी की जड़ें आज भी हमारे गांवों और किसानों से जुड़ी हुई हैं। बाइट (निरंजन यदुवंशी - जिला पंचायत सदस्य): "आज हम अपना गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। हम चाहते थे कि हमारी ये यात्रा जमीन से जुड़ी हो। भैंसा गाड़ी और बैलगाड़ी हमारे किसान भाईयों की पहचान हैं। इस यात्रा के जरिए हम अपनी संस्कृति को नमन करते हुए देश के प्रति अपना प्रेम प्रकट कर रहे हैं।" क्षेत्र के जिस भी रास्ते से यह काफिला गुजरा, लोग घरों से बाहर निकल आए और इस अनोखी पहल की सराहना करने लगे। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में देशभक्ति का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते लोग और हाथों में तिरंगा थामे ग्रामीण, बदलते भारत की एक ऐसी तस्वीर पेश कर रहे थे जहाँ आधुनिकता के साथ अपनी परंपराओं का सम्मान भी जिंदा है। "बरेली के मीरगंज से यह रिपोर्ट दिखाती है कि तिरंगे के प्रति सम्मान दिखाने का तरीका कोई भी हो, लेकिन दिल में बस एक ही जज्बा होना चाहिए1