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कुशीनगर जनपद के पडरौना तहसील सभा गार में फरियादियों की समस्याओ को सुनती महिला आयोग उपाध्यक्ष उ प्र राज्य महिला आयोग श्री मती चारु चौधरी पडरौना तहसील में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित महिला उत्पीड़न की घटनाओ की समस्या पर महिला जन सुवाई में फरियादियों की समस्या सुनते हुवे और तत्काल रूप से मामले का निस्तारण करने का आदेश देती नजर आई श्री मती चारु चौधरी मा उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोगी फरियादियों की शिकायत मिलने पर कई मामलो को तत्काल निस्तारण का दिया आदेश

1 hr ago
user_Ajeet kumar gond
Ajeet kumar gond
पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

कुशीनगर जनपद के पडरौना तहसील सभा गार में फरियादियों की समस्याओ को सुनती महिला आयोग उपाध्यक्ष उ प्र राज्य महिला आयोग श्री मती चारु चौधरी पडरौना तहसील में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित महिला उत्पीड़न की घटनाओ की समस्या पर महिला जन सुवाई में फरियादियों की समस्या सुनते हुवे और तत्काल रूप से मामले का निस्तारण करने का आदेश देती नजर आई श्री मती चारु चौधरी मा उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोगी फरियादियों की शिकायत मिलने पर कई मामलो को तत्काल निस्तारण का दिया आदेश

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  • लोकायुक्त के जांच मे घिरे डीआईओएस ने आईजीआरएस को बना दिया मजाक 🔵कनोडिया इंटर कॉलेज का काला खेल: फर्जी हाजिरी, लाखो का एरियर भुगतान, फर्जी नौकरी और आईजीआरएस पर सच का गला घोंटते डीआईओएस 🔵 सच दबाने की साजिश या विभागीय संरक्षण? कनोडिया इंटर कॉलेज प्रकरण में डीआईओएस कठघरे में 🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। लोकायुक्त की जांच में पहले से घिरे जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। इस बार मामला सिर्फ वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतों के फर्जी निस्तारण और तथ्य छिपाकर शासन को गुमराह करने का है। आरोप इतने गंभीर हैं कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो जाए तो डीआईओएस और आरोपी शिक्षको की कारस्तानी की कई परतें खुल सकती हैं। जनपद के कप्तानगंज स्थित श्री गंगा बक्श कनोडिया इंटर कॉलेज इन दिनों शिक्षा का मंदिर कम और कथित भ्रष्टाचार का अड्डा के रूप ज्यादा चर्चा में है। सबब यह है कि विद्यालय के सहायक अध्यापक श्याम नारायण पाण्डेय, वीरेन्द्र पाण्डेय और बर्खास्तगी के बाद कथित रूप से तथ्य छिपाकर नौकरी कर रहे देवेन्द्र पाण्डेय पर फर्जीवाड़े, सरकारी धन की लूट और नियमों को धता बताकर लाभ लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।इन शिक्षकों का विनियमितीकरण वर्ष 2018 में हुआ है, लेकिन चयन वेतनमान का लाभ वर्ष 2008 से ही लिया जा रहा है। यानी कि जिस सुविधा का लाभ इन शिक्षको को वर्ष 2028 में मिलना था, उसका लाभ इन शिक्षको द्वारा फर्जी तरीके से बीस वर्ष पहले से ही उठाते हुए सरकारी खजाना लूटा जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ? और यदि हुआ तो किसकी शह पर हुआ ? बताया जा रहा है कि कूटरचित अभिलेखों और फर्जी तथ्यों के आधार पर चयन वेतनमान स्वीकृत कराया गया। इतना ही नहीं, जुलाई 2012 से जून 2014 तक करीब दो वर्षों तक विद्यालय न आने के बावजूद फर्जी उपस्थिति पंजिका के सहारे लाखों रुपये का एरियर भी निकाल लिया गया।अब बड़ा सवाल यह है कि जब मूल उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं मिले, तो भुगतान किस आधार पर किया गया ? किस अधिकारी ने आंख बंद कर सरकारी धन लुटा दिया? 🔴नो वर्क, नो पे” का सिद्धांत भी हुआ ध्वस्त शिक्षा निदेशालय के पत्र दिनांक 13 फरवरी 2023 में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि स्थलीय जांच में मूल उपस्थिति पंजिका पर संबंधित शिक्षकों के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिससे उनकी कार्यरतता प्रमाणित नहीं हो रही। ऐसे में “नो वर्क, नो पे” के सिद्धांत के तहत भुगतान नियमसंगत नहीं माना गया। इतना ही नही वित्त नियंत्रक (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश ने भी अपने पत्र में साफ निर्देश दिया था कि किसी भी प्रकार का अनियमित या दोहरा भुगतान होने पर संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक और वित्त एवं लेखाधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। बावजूद इसके भुगतान हुआ और अब पूरा मामला सवालों के घेरे में है। 🔴आईजीआरएस पर ‘फर्जी निस्तारण’ का आरोप सबसे चौंकाने वाला तत्थ यह है कि शिकायतों की गंभीरता के बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त ने आईजीआरएस पर तथ्य छिपाकर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। आरोप है कि इन शिक्षको पर कार्रवाई करने के बजाय डीआईओएस ने आरोपी शिक्षकों का बचाव किया और पूरा मामला लीपापोती में बदल दिया। सूत्रों की मानें तो जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त द्वारा कनोडिया इंटरमीडिएट कालेज के प्रधानाचार्य से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट में मूल उपस्थिति पंजिका ( जिस पर आरोपी तीनो शिक्षको का जुलाई 2012 से जून 2014 तक हस्ताक्षर नही है), तत्कालीन डीआईओएस की जांच रिपोर्ट, शिक्षा निदेशक के पत्र और वित्त नियंत्रक के आदेश सहित करीब 26 पन्नों के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। इन दस्तावेजों में श्याम नरायण पाण्डेय, विरेन्द्र पाण्डेय व बर्खास्तगी के बाद तथ्य गोपन कर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक देवेन्द्र पाण्डेय की कथित फर्जीवाड़े के ठोस साक्ष्य मौजूद थे। लेकिन डीआईओएस ने उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को दबा दिया और मात्र एक पन्ने की आख्या अपलोड कर आईजीआरएस पर शिकायत का निस्तारण कर दिया। अब सवाल यह है कि आखिर किस दबाव या संरक्षण में यह खेल खेला गया? शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हुई तो सिर्फ तीन शिक्षकों ही नहीं बल्कि कई अधिकारियों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।जिले में अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि आखिर कौन सी ताकत है जो इन शिक्षको के खिलाफ कार्रवाई को रोक रही है? क्यों अब तक इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज नही हुआ , अब तक रिकवरी क्यो नही हुई? और क्यो अब डीआईओएस द्वारा इन शिक्षको के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई?
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    लोकायुक्त के जांच मे घिरे डीआईओएस ने आईजीआरएस को बना दिया मजाक 
🔵कनोडिया इंटर कॉलेज का काला खेल: फर्जी हाजिरी, लाखो का एरियर भुगतान, फर्जी नौकरी और आईजीआरएस पर सच का गला घोंटते डीआईओएस 
🔵 सच दबाने की साजिश या विभागीय संरक्षण? कनोडिया इंटर कॉलेज प्रकरण में डीआईओएस कठघरे में 
🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 
कुशीनगर। लोकायुक्त की जांच में पहले से घिरे जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। इस बार मामला सिर्फ वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतों के फर्जी निस्तारण और तथ्य छिपाकर शासन को गुमराह करने का है। आरोप इतने गंभीर हैं कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो जाए तो डीआईओएस और आरोपी शिक्षको की कारस्तानी की कई परतें खुल सकती हैं।
जनपद के कप्तानगंज स्थित श्री गंगा बक्श कनोडिया इंटर कॉलेज इन दिनों शिक्षा का मंदिर कम और कथित भ्रष्टाचार का अड्डा के रूप ज्यादा चर्चा में है। सबब यह है कि विद्यालय के सहायक अध्यापक श्याम नारायण पाण्डेय, वीरेन्द्र पाण्डेय और बर्खास्तगी के बाद कथित रूप से तथ्य छिपाकर नौकरी कर रहे देवेन्द्र पाण्डेय पर फर्जीवाड़े, सरकारी धन की लूट और नियमों को धता बताकर लाभ लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।इन शिक्षकों का विनियमितीकरण वर्ष 2018 में हुआ है, लेकिन चयन वेतनमान का लाभ वर्ष 2008 से ही लिया जा रहा है। यानी कि जिस सुविधा का लाभ इन शिक्षको को वर्ष 2028 में मिलना था, उसका लाभ इन शिक्षको द्वारा फर्जी तरीके से बीस वर्ष पहले से ही उठाते हुए सरकारी खजाना लूटा जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ? और यदि हुआ तो किसकी शह पर हुआ ? बताया जा रहा है कि कूटरचित अभिलेखों और फर्जी तथ्यों के आधार पर चयन वेतनमान स्वीकृत कराया गया। इतना ही नहीं, जुलाई 2012 से जून 2014 तक करीब दो वर्षों तक विद्यालय न आने के बावजूद फर्जी उपस्थिति पंजिका के सहारे लाखों रुपये का एरियर भी निकाल लिया गया।अब बड़ा सवाल यह है कि जब मूल उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं मिले, तो भुगतान किस आधार पर किया गया ? किस अधिकारी ने आंख बंद कर सरकारी धन लुटा दिया?
🔴नो वर्क, नो पे” का सिद्धांत भी हुआ ध्वस्त
शिक्षा निदेशालय के पत्र दिनांक 13 फरवरी 2023 में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि स्थलीय जांच में मूल उपस्थिति पंजिका पर संबंधित शिक्षकों के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिससे उनकी कार्यरतता प्रमाणित नहीं हो रही। ऐसे में “नो वर्क, नो पे” के सिद्धांत के तहत भुगतान नियमसंगत नहीं माना गया। इतना ही नही वित्त नियंत्रक (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश ने भी अपने पत्र में साफ निर्देश दिया था कि किसी भी प्रकार का अनियमित या दोहरा भुगतान होने पर संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक और वित्त एवं लेखाधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। बावजूद इसके भुगतान हुआ और अब पूरा मामला सवालों के घेरे में है।
🔴आईजीआरएस पर ‘फर्जी निस्तारण’ का आरोप 
सबसे चौंकाने वाला तत्थ यह है कि शिकायतों की गंभीरता के बावजूद जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त ने आईजीआरएस पर तथ्य छिपाकर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। आरोप है कि इन शिक्षको पर कार्रवाई करने के बजाय डीआईओएस ने आरोपी शिक्षकों का बचाव किया और पूरा मामला लीपापोती में बदल दिया। सूत्रों की मानें तो जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त द्वारा कनोडिया इंटरमीडिएट कालेज के प्रधानाचार्य से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट में मूल उपस्थिति पंजिका ( जिस पर आरोपी तीनो शिक्षको का जुलाई 2012 से जून 2014 तक हस्ताक्षर नही है), तत्कालीन डीआईओएस की जांच रिपोर्ट, शिक्षा निदेशक के पत्र और वित्त नियंत्रक के आदेश सहित करीब 26 पन्नों के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। इन दस्तावेजों में  श्याम नरायण पाण्डेय, विरेन्द्र पाण्डेय व बर्खास्तगी के बाद तथ्य गोपन कर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक देवेन्द्र पाण्डेय की कथित फर्जीवाड़े के ठोस साक्ष्य मौजूद थे। लेकिन  डीआईओएस ने उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को दबा दिया और मात्र एक पन्ने की आख्या अपलोड कर आईजीआरएस पर शिकायत का निस्तारण कर दिया। अब सवाल यह है कि आखिर किस दबाव या संरक्षण में यह खेल खेला गया? शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हुई तो सिर्फ तीन शिक्षकों ही नहीं बल्कि कई अधिकारियों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।जिले में अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि आखिर कौन सी ताकत है जो इन शिक्षको के खिलाफ कार्रवाई को रोक रही है? क्यों अब तक इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज नही हुआ , अब तक रिकवरी क्यो नही हुई? और क्यो अब डीआईओएस द्वारा इन शिक्षको के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई?
    user_संजय चाणक्य
    संजय चाणक्य
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    39 min ago
  • आजाद चौक भैरोगंनज बजार जनपद कुशीनगर उत्तर प्रदेश जटहा रोड 07/05/2026 प्रमुख सेवाएँ: आधार/पैन कार्ड, बैंकिंग, मोबाइल/डीटीएच रिचार्ज, सरकारी योजनाओं के आवेदन, और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं।
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    आजाद चौक भैरोगंनज बजार जनपद कुशीनगर उत्तर प्रदेश जटहा रोड 07/05/2026
प्रमुख सेवाएँ: आधार/पैन कार्ड, बैंकिंग, मोबाइल/डीटीएच रिचार्ज, सरकारी योजनाओं के आवेदन, और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं।
    user_RAJA BHARTI
    RAJA BHARTI
    Local News Reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    50 min ago
  • कुशीनगर जनपद के पडरौना तहसील सभा गार में फरियादियों की समस्याओ को सुनती महिला आयोग उपाध्यक्ष उ प्र राज्य महिला आयोग श्री मती चारु चौधरी पडरौना तहसील में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित महिला उत्पीड़न की घटनाओ की समस्या पर महिला जन सुवाई में फरियादियों की समस्या सुनते हुवे और तत्काल रूप से मामले का निस्तारण करने का आदेश देती नजर आई श्री मती चारु चौधरी मा उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोगी फरियादियों की शिकायत मिलने पर कई मामलो को तत्काल निस्तारण का दिया आदेश
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    कुशीनगर जनपद के पडरौना तहसील सभा गार में फरियादियों की समस्याओ को सुनती  महिला आयोग उपाध्यक्ष  उ प्र राज्य महिला आयोग  श्री मती चारु चौधरी 
पडरौना तहसील में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित महिला उत्पीड़न की घटनाओ की समस्या पर महिला जन सुवाई  में  फरियादियों की समस्या सुनते हुवे 
और तत्काल रूप से मामले का निस्तारण करने का आदेश देती नजर आई श्री मती चारु चौधरी मा उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोगी 
फरियादियों की शिकायत मिलने पर कई मामलो को तत्काल निस्तारण का दिया आदेश
    user_Ajeet kumar gond
    Ajeet kumar gond
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • फाजिलनगर उपचुनाव भाजपा प्रत्याशी सुनीता शाही जीतीं:717 वोटों से सपा प्रत्याशी को हराया फाजिलनगर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव की मतगणना बृहस्पतिवार को कसया तहसील परिसर में संपन्न हुई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी सुनीता शाही ने इस चुनाव में जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (सपा) के अवधेश सिंह को 717 मतों के अंतर से पराजित किया। उपचुनाव में कुल 10,174 मत पड़े थे। इनमें सुनीता शाही को 5,258 मत प्राप्त हुए, जबकि सपा के अवधेश सिंह को 4,541 मत मिले। एआईएमआईएम के सिराजुद्दीन समसुद्दीन अंसारी को 268 मत और निर्दलीय प्रत्याशी केदार सिंह को 99 मत प्राप्त हुए। नोटा (NOTA) पर 8 मत पड़े। जीत की घोषणा के बाद मतगणना स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखा गया। ऑब्जर्वर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने विजयी प्रत्याशी सुनीता शाही को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया। पत्रकारों से बात करते हुए सुनीता शाही ने कहा कि यह जनता की जीत है। उन्होंने फाजिलनगर के विकास के सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया और नगर पंचायत की जनता, पार्टी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
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    फाजिलनगर उपचुनाव भाजपा प्रत्याशी सुनीता शाही जीतीं:717 वोटों से सपा प्रत्याशी को हराया
फाजिलनगर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव की मतगणना बृहस्पतिवार को कसया तहसील परिसर में संपन्न हुई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रत्याशी सुनीता शाही ने इस चुनाव में जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (सपा) के अवधेश सिंह को 717 मतों के अंतर से पराजित किया।
उपचुनाव में कुल 10,174 मत पड़े थे। इनमें सुनीता शाही को 5,258 मत प्राप्त हुए, जबकि सपा के अवधेश सिंह को 4,541 मत मिले। एआईएमआईएम के सिराजुद्दीन समसुद्दीन अंसारी को 268 मत और निर्दलीय प्रत्याशी केदार सिंह को 99 मत प्राप्त हुए। नोटा (NOTA) पर 8 मत पड़े।
जीत की घोषणा के बाद मतगणना स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखा गया। ऑब्जर्वर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने विजयी प्रत्याशी सुनीता शाही को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया।
पत्रकारों से बात करते हुए सुनीता शाही ने कहा कि यह जनता की जीत है। उन्होंने फाजिलनगर के विकास के सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया और नगर पंचायत की जनता, पार्टी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
    user_Ravi Prakash
    Ravi Prakash
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शौचालय के नाम पर लाखों की ठगी! डीएम कार्यालय पहुंचा मुसहर समाज कुशीनगर के पडरौना क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन और आवास योजना के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मुसहर समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्हें शौचालय और आवास दिलाने का लालच देकर उनके आधार कार्ड, दस्तावेज और अंगूठे लिए गए, जिसके बाद उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर लाखों रुपये का लेनदेन किया गया। आरोप है कि पीड़ितों को इस पूरे मामले की जानकारी तक नहीं थी। जब खातों और पैसों की जानकारी सामने आई तो ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में मुसहर समाज के लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए शिकायत पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से आरोपी व्यक्तियों और यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाए तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सच सामने आता है और पीड़ितों को न्याय कब तक मिल पाता है।
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    शौचालय के नाम पर लाखों की ठगी! डीएम कार्यालय पहुंचा मुसहर समाज 
कुशीनगर के पडरौना क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन और आवास योजना के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मुसहर समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्हें शौचालय और आवास दिलाने का लालच देकर उनके आधार कार्ड, दस्तावेज और अंगूठे लिए गए, जिसके बाद उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर लाखों रुपये का लेनदेन किया गया।
आरोप है कि पीड़ितों को इस पूरे मामले की जानकारी तक नहीं थी। जब खातों और पैसों की जानकारी सामने आई तो ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में मुसहर समाज के लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए शिकायत पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से आरोपी व्यक्तियों और यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाए तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सच सामने आता है और पीड़ितों को न्याय कब तक मिल पाता है।
    user_विकास गुप्ता पत्रकार
    विकास गुप्ता पत्रकार
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की एक महिला कार्यकर्ता का चोट का नाटक कैमरे पर बेनकाब हो गया। उसने भाजपा पर हमला करने का आरोप लगाते हुए सिर पर पट्टी बांधकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, पर वीडियो में उसका झूठ पकड़ा गया। यह घटना अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
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    पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की एक महिला कार्यकर्ता का चोट का नाटक कैमरे पर बेनकाब हो गया। उसने भाजपा पर हमला करने का आरोप लगाते हुए सिर पर पट्टी बांधकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, पर वीडियो में उसका झूठ पकड़ा गया। यह घटना अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
    user_Times of Uttar Pradesh
    Times of Uttar Pradesh
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में आज सुबह 'शुभ प्रभात जयश्री राम' का संदेश गूंजा। यह शुभकामना स्थानीय लोगों के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है।
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    उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में आज सुबह 'शुभ प्रभात जयश्री राम' का संदेश गूंजा। यह शुभकामना स्थानीय लोगों के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है।
    user_Mantu Verma Jay Shri Ram
    Mantu Verma Jay Shri Ram
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • टिचर द्वारा बच्चों पर अत्याचार हो रहा है दखीए आप लोग हमारे समाचार पत्र में आप के whatsapp पे जितने भी नंबर एवं ग्रुप हैं एक भी छूटने नही चाहिए, ये वीडियो सबको भेजिए ये वलसाड के DPS SCHOOL Rajbag का टीचर शकील अहमद अंसारी है 👆👆इसको इतना शेयर करो की ये टीचर और स्कूल दोनों बंद हो जाए । वीडियो वायरल होने से काफी फ़र्क पड़ता है ओर कार्यवाही होती है जिसे दया न आये वो अपना मुंह (टाइपिंग) बंद रखे ।
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    टिचर द्वारा बच्चों पर अत्याचार हो रहा है दखीए आप लोग हमारे समाचार पत्र में 
आप के whatsapp पे जितने भी नंबर एवं ग्रुप हैं एक भी छूटने नही चाहिए, ये वीडियो सबको भेजिए ये वलसाड के DPS SCHOOL  Rajbag का टीचर शकील अहमद अंसारी है 👆👆इसको इतना शेयर करो की ये टीचर और स्कूल दोनों बंद हो जाए । वीडियो
वायरल होने से काफी फ़र्क पड़ता है ओर कार्यवाही होती है जिसे दया न आये वो अपना मुंह (टाइपिंग) बंद रखे ।
    user_RAJA BHARTI
    RAJA BHARTI
    Local News Reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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