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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को लेकर आ रही है, जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक भी शामिल है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि UCC विधेयक इसी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी विश्वास जताया कि बाबा महाकाल की कृपा से यह विधेयक इसी सत्र में पारित हो जाएगा।
BALKISHUN VISHWAKARMA
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को लेकर आ रही है, जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक भी शामिल है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि UCC विधेयक इसी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी विश्वास जताया कि बाबा महाकाल की कृपा से यह विधेयक इसी सत्र में पारित हो जाएगा।
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- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को लेकर आ रही है, जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक भी शामिल है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि UCC विधेयक इसी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी विश्वास जताया कि बाबा महाकाल की कृपा से यह विधेयक इसी सत्र में पारित हो जाएगा।1
- छतरपुर के सागर रोड स्थित वार्ड नंबर 36 की शिव वाटिका कॉलोनी में नाली न होने के कारण निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी वासियों ने इस संबंध में पार्षद, नगरपालिका और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पहले भी, नगरपालिका द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर, कॉलोनी के निवासियों ने चंदा इकट्ठा करके अपनी कॉलोनी में सड़क और मुख्य द्वार पर सुरक्षा के मद्देनजर एक गेट बनवाया था। तब नगरपालिका ने कथित तौर पर यह कहकर टाल दिया कि जिस तरह उन्होंने सड़क और गेट बनवाया है, उसी तरह नाली भी बनवा लें। कॉलोनी वासियों ने बताया कि घरों का गंदा पानी कॉलोनी से बाहर नहीं निकल पाता, जिससे पूरी कॉलोनी में गंदगी और बदबू फैली हुई है। इस स्थिति के कारण मच्छर और बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। उनका कहना है कि बरसात का मौसम नजदीक आ रहा है, और यदि नाली नहीं बनाई गई, तो घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। गंदगी और बदबू के कारण कीड़े-मकोड़े घरों में घुस आते हैं, जिससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।1
- नौगांव निवासी प्रमोद तिवारी ने अपनी चोरी के मामले का खुलासा न होने से परेशान होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा का कहना है कि पीड़ित परिवार के आवेदन पत्र पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को जांच सौंपी गई है और इस मामले में शीघ्र ही उच्च वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।1
- पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार के इकलौते कमाऊ बेटे की मौत हो गई। इस घटना से घर का इकलौता चिराग बुझ गया और बुढ़ापे का सहारा छिन गया। अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद न्याय की गुहार लेकर बेबस बुजुर्ग मां पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है और दोषियों के खिलाफ इंसाफ दिलाने की अपील की है।1
- छतरपुर स्थित एसपी कार्यालय में हुए कथित हंगामे के पीछे एक पीड़ित युवक की न्याय की पुरानी और अनसुनी पुकार को मुख्य वजह बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिख रहा यह युवक अपनी समस्याओं को लेकर लंबे समय से प्रशासन के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। पीड़ित ने अपनी समस्या के समाधान के लिए एसपी, डीआईजी से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंपे हैं, बावजूद इसके उसकी सुनवाई नहीं हुई। ऐसी स्थिति में, जब कोई व्यक्ति लगातार न्याय की गुहार लगाता रहे और उसकी आवाज अनसुनी कर दी जाए, तो उसकी पीड़ा और आक्रोश को स्वाभाविक माना जा रहा है। सवाल उठाया गया है कि यदि यह युवक हिंदू समाज से है, तो क्या समाज और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वे उसकी बात सुनें और उसे न्याय दिलाने में सहयोग करें? इस बात पर जोर दिया गया है कि समाज का दायित्व केवल सांप्रदायिक मुद्दों पर बयान देना नहीं, बल्कि हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी है। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों और प्रशासनिक तथ्यों का सामने आना आवश्यक बताया गया है, क्योंकि न्याय की मांग हर नागरिक का अधिकार है, चाहे वह किसी भी वर्ग या समुदाय से जुड़ा हो। यह भी पूछा गया है कि क्या भारत के किसी संविधान, नेता, सामाजिक कार्यकर्ता या संगठन में इतनी ताकत है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करा सकें। अंत में, अगर एक पीड़ित को न्याय नहीं मिल सकता तो राम, सत्य, संविधान और न्याय के नाम पर बैठे लोगों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए समाज और संगठनों से पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई है।1
- छतरपुर में चर्चित MCX कारोबारी राजेश अग्रवाल आत्महत्या प्रकरण में पुलिस ने फरार आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे 5 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कुल 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। प्रत्येक आरोपी की गिरफ्तारी या उनके संबंध में सटीक सूचना देने पर 20-20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सागर रेंज के DIG विजय कुमार खत्री ने पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के अनुमोदन के बाद इनाम घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। इनाम घोषित आरोपियों में शरद अग्रवाल, सुरेश नगरिया, कल्लू कलई, अनवर खान और मुनू उर्फ दीपक अग्रवाल शामिल हैं, जो घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इन आरोपियों की तलाश के लिए शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, बस स्टैंड सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर और बैनर लगवाए हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि आरोपियों के संबंध में जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना दें और यह भी बताया गया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। MCX कारोबारी राजेश अग्रवाल आत्महत्या मामले में पुलिस लगातार जांच और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इनाम घोषित होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास और तेज कर दिए गए हैं। इस मामले की जानकारी आज 16 जून की शाम करीब 6:00 बजे छतरपुर सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने दी है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एसपी कार्यालय में आज उस समय हड़कंप मच गया जब एक पीड़ित पिता-पुत्र ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, कार्यालय में मौजूद सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और उन्हें बचा लिया गया। नौगांव निवासी पीड़ित प्रदीप तिवारी गत डेढ़ वर्ष पहले हुई चोरी के खुलासे को लेकर कई बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। प्रदीप तिवारी ने तत्कालीन टीआई सतीश सिंह और जांच अधिकारी एसआई जीतेंद्र सोनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए 227 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी हड़पने का दावा किया है। पीड़ित का यह भी कहना है कि उनके द्वारा बताए गए आरोपियों को पुलिस बचाने का प्रयास कर रही है। पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा का कहना है कि पीड़ित परिवार के आवेदन पत्र पर एडिशनल एसपी को जांच सौंपी गई है, और शीघ्र ही उचित वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इस घटना से एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिलता है।4
- छतरपुर में MCX कारोबारी के सुसाइड मामले से जुड़े पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने ₹एक लाख का इनाम घोषित किया है। आरोपियों की तलाश तेज करने के उद्देश्य से उनके पोस्टर और बैनर पहले ही शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर लगवाए जा चुके हैं। अब इस इनाम की घोषणा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्यवाही और भी तेज होगी।1