सिंगरौली जिले के सिविल कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं और पक्षकारों के बीच कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। यह मामूली कहासुनी देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई। जानकारी के अनुसार, इस घटना की शुरुआत तब हुई जब अधिवक्ता आकेश ने एक व्यक्ति को कुर्सी से उठने के लिए कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों में जोरदार हाथापाई हुई और परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरी घटना पर सबसे गंभीर बात यह है कि यह उस स्थान पर घटी जिसे 'न्याय का मंदिर' कहा जाता है, जिससे कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। आम लोग पूछ रहे हैं कि यदि न्यायालय परिसर में ही नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं करते, तो न्याय की उम्मीद कैसे की जाए। इस मामले को लेकर अब कई प्रश्न उठ रहे हैं: क्या सिंगरौली पुलिस अधीक्षक इस घटना का संज्ञान लेंगे? क्या बार एसोसिएशन सख्त रुख अपनाएगा? और क्या मारपीट करने वाले आरोपियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ उनके लाइसेंस रद्द करने जैसी सिफारिशें की जाएंगी? घटना के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं न्याय व्यवस्था की गरिमा को लगातार क्षति पहुंचाती रहेंगी। सिंगरौली पूछ रहा है कि अगर कोर्ट परिसर के अंदर ही इस तरह की गुंडागर्दी होने लगे, तो एक आम आदमी न्याय के लिए संघर्ष कैसे करेगा।
सिंगरौली जिले के सिविल कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं और पक्षकारों के बीच कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। यह मामूली कहासुनी देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई। जानकारी के अनुसार, इस घटना की शुरुआत तब हुई जब अधिवक्ता आकेश ने एक व्यक्ति को कुर्सी से उठने के लिए कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों में जोरदार हाथापाई हुई और परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरी घटना पर सबसे गंभीर बात यह है कि यह उस स्थान पर घटी जिसे 'न्याय का मंदिर' कहा जाता है, जिससे कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। आम लोग पूछ रहे हैं कि यदि न्यायालय परिसर में ही नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं करते, तो न्याय की उम्मीद कैसे की जाए। इस मामले को लेकर अब कई प्रश्न उठ रहे हैं: क्या सिंगरौली पुलिस अधीक्षक इस घटना का संज्ञान लेंगे? क्या बार एसोसिएशन सख्त रुख अपनाएगा? और क्या मारपीट करने वाले आरोपियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ उनके लाइसेंस रद्द करने जैसी सिफारिशें की जाएंगी? घटना के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं न्याय व्यवस्था की गरिमा को लगातार क्षति पहुंचाती रहेंगी। सिंगरौली पूछ रहा है कि अगर कोर्ट परिसर के अंदर ही इस तरह की गुंडागर्दी होने लगे, तो एक आम आदमी न्याय के लिए संघर्ष कैसे करेगा।
- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने शासकीय सांदीपनि उच्चतर छतवई में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को भविष्य के करियर के लिए अभी से तैयार करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रों को कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) जैसे विषयों का परिचय कराया और उनके विभिन्न उपयोगों के बारे में विस्तार से समझाया।1
- शहडोल में एक युवा 'अलख जगाने' की पहल कर रहा है, जिसके लिए शहर के निवासियों से भारी समर्थन और सहयोग की अपील की गई है। संदेश में कहा गया है कि यह युवा शहडोल का ही है, और सभी से आग्रह किया गया है कि वे उसकी इस मुहिम को सफल बनाने के लिए इस पोस्ट को जमकर शेयर करें और उसे पूरा साथ दें।1
- शहडोल जिले के ब्यौहारी से मिली रिपोर्ट के अनुसार, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने शासकीय सांदीपनि उच्चतर छतवई में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को भविष्य के करियर के लिए अभी से तैयारी कराने के उद्देश्य से कंप्यूटर और ए.आई. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) विषयों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रों को इन विषयों के विभिन्न उपयोगों से अवगत कराया, जिससे उन्हें इन उभरते क्षेत्रों का महत्व समझने में मदद मिली।1
- अनूपपुर में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक विशाल रैली निकाली और धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान तिरंगा झंडा व बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में किसानों ने समर्थन मूल्य, खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था, बिजली की समस्या, सिंचाई सुविधाओं की कमी और किसानों के हित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। यह रैली तिपान नदी साईं मंदिर के पास से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसके माध्यम से किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी समस्याओं का समाधान लंबे समय से नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई के संकट ने खेती को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्रदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। किसानों ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे आगे और भी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- डिंडौरी जिले के करौंदी (तहसील शहपुरा) स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के 200वें रविवार को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया, आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू, योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेंद्र कुड़ापे सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह रिपोर्ट दिनांक 24/05/2026 को ईश्वर प्रसाद साहू द्वारा प्रस्तुत की गई।4
- डिंडौरी जिले के शहपुरा तहसील स्थित करौंदी की श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार, 24 मई 2026 को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के अथक प्रयासों से इस पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के साथ लगातार 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अवसर पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधे लगाए गए। इस 200वें रविवार के महाअभियान में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उनके साथ ही इस पुनीत कार्य में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया, आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू, योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेंद्र कुड़ापे सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हुए। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक अनूठी मिसाल है। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न केवल पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का एक सुंदर बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।4
- छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले में जनपद पंचायत भरतपुर क्षेत्र के बहरासी से मारपीट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रमदहा वाटरफॉल पर हुए विवाद के बाद कुछ स्थानीय युवकों ने मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिले से आए एक युवक को बीच सड़क पर घेरकर बेरहमी से पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दबंग युवक खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती देते साफ नजर आ रहे हैं। पर्यटन स्थल पर इस तरह की खुली गुंडागर्दी के कारण स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने मांग की है कि वायरल वीडियो में दिख रहे उपद्रवियों की तुरंत पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।1
- शहडोल के ब्यौहारी सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान सात माह की एक मासूम बच्ची की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के साथ मारपीट कर दी, जिससे अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। जानकारी के अनुसार, ग्राम पथरेही, थाना पपौंध निवासी मनोज सिंह अपनी सात माह की बेटी दिव्या सिंह को तेज बुखार की शिकायत होने पर ब्यौहारी सिविल अस्पताल लेकर आए थे। चिकित्सकों ने बच्ची की प्राथमिक जांच की और हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की। इस घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और अन्य मरीजों तथा उनके परिजनों में भी दहशत फैल गई। ब्यौहारी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों से जानकारी ली। पुलिस ने बच्ची की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं। वहीं, ड्यूटी डॉक्टर विकास गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने मनोज और मुन्ना नामक व्यक्तियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, गाली-गलौज करने और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी जिया उल हक ने बताया कि विवाद और डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की विवेचना जारी है।1
- अनूपपुर में भीषण गर्मी के दौर में, जब इंसान ही नहीं बल्कि वन्यजीव और पशु-पक्षी भी पानी व भोजन की कमी से जूझ रहे हैं, सर्प प्रहरी छोटे लाल यादव जीवों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। अनूपपुर क्षेत्र के जाने-माने सर्प प्रहरी, जिन्होंने हजारों बेहद जहरीले छोटे-बड़े साँपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ा है, अब उन्होंने बंदरों की भूख मिटाने के लिए केले खिलाने की मुहिम भी छेड़ी है। वे अपने दुपहिया वाहन से विभिन्न क्षेत्रों में पहुँचकर बंदरों को केले खिलाने का कार्य कर रहे हैं, ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें भोजन उपलब्ध हो सके। छोटे लाल यादव का कहना है कि गर्मियों में जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले बंदरों को भोजन की तलाश में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने यह पहल इसलिए शुरू की है ताकि बेजुबान जीवों को कुछ राहत मिल सके। वे प्रतिदिन अपने वाहन में केले लेकर निकलते हैं और उन स्थानों तक पहुँचते हैं जहाँ बंदरों का जमावड़ा रहता है। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना की है, उनका कहना है कि आज के व्यस्त समय में जब लोग पशु-पक्षियों पर कम ध्यान दे पाते हैं, तब छोटे लाल यादव का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि इंसान होने के नाते केवल मनुष्यों की ही नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं की सेवा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। यह कार्य मानवता और जीवों के प्रति करुणा का संदेश दे रहा है, और क्षेत्र के लोग कहते हैं कि यदि अन्य लोग भी इसी प्रकार आगे आएं और पशु-पक्षियों के लिए पानी व भोजन की व्यवस्था करें, तो गर्मी में बेजुबान जीवों को काफी राहत मिल सकती है। छोटे लाल यादव की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1