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उत्तर प्रदेश के एक थाने का मामला सामने आया है, जहां मोहम्मद अकिल नाम का एक गुंडा रोज एक हिंदू महिला को तंग कर रहा है। मोहम्मद अकिल ने अपनी सोशल मीडिया आईडी पर उस महिला की बेटी की फोटो लगा रखी है और वह उससे पैसों की मांग भी कर रहा है।
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उत्तर प्रदेश के एक थाने का मामला सामने आया है, जहां मोहम्मद अकिल नाम का एक गुंडा रोज एक हिंदू महिला को तंग कर रहा है। मोहम्मद अकिल ने अपनी सोशल मीडिया आईडी पर उस महिला की बेटी की फोटो लगा रखी है और वह उससे पैसों की मांग भी कर रहा है।
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- उत्तर प्रदेश के एक थाने का मामला सामने आया है, जहां मोहम्मद अकिल नाम का एक गुंडा रोज एक हिंदू महिला को तंग कर रहा है। मोहम्मद अकिल ने अपनी सोशल मीडिया आईडी पर उस महिला की बेटी की फोटो लगा रखी है और वह उससे पैसों की मांग भी कर रहा है।1
- दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद आगरा में सपा कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गया है। ताजगंज थाना क्षेत्र के फतेहाबाद रोड पर स्थित सपा कार्यालय के पास सपाई सड़कों पर उतर आए और रोड जाम करके जमकर नारेबाजी की। हंगामे और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रहकर सपा कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कूच कर रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई है। किसान नेता बमरौली कटरा से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन रमाडा होटल के पास पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसके बाद किसानों ने मौके पर ही सड़क पर बैठकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी किसान मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन को देखते हुए घटनास्थल पर प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद है। इस प्रदर्शन के कारण पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस घटनाक्रम को लेकर आगरा किसान यूनियन के राजवीर लवानियाँ का बयान भी सामने आया है।1
- आगरा के फतेहाबाद नगर पंचायत स्थित सदर बाजार में जोगेंद्र निवास पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर वृक्षारोपण किया। इस दौरान 'एक वृक्ष मां के नाम' लगाया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सभासद जोगेंद्र सिंह ने बताया कि वृक्ष लगाने से लोगों को नया जीवनदान मिलता है और इससे वातावरण में सुंदरता आती है। इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह, करतार सिंह बघेल, दीपक पोद्दार, नितिन गुप्ता, सुभाष वर्मा और भाजपा सभासद जोगेंद्र सिंह गुर्जर मौजूद रहे।2
- मंगलवार रात करीब 8:00 बजे पोरसा के बरगद चौराहे पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन छात्रों की मांगों के समर्थन और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों के हक में अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया जाना आवश्यक है। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद यह आयोजन पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की कीचोल पंचायत स्थित ग्राम गुमान सिंह का पूरा में कच्ची सड़क के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह अवरोध गड़े हुए हैं, जिससे राहगीरों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने इस समस्या को दूर करने के लिए सड़क का निर्माण कराने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चौधरी चरण सिंह गुट) ने एसडीएम फतेहाबाद को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि कई किसानों को मुआवजा दिए बिना और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस दौरान भारी मशीनों से खेतों में खड़ी खरीफ फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। भाकियू ने मांग की है कि फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए, वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर भूमि का मूल्यांकन हो और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने तक निर्माण कार्य रोका जाए। संगठन ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि 7 दिन में समाधान नहीं हुआ तो किसान पंचायत के बाद बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।2
- अखिलेश यादव की सरकार के दौरान पुलिस की स्थिति और उनकी इज्जत पर निशाना साधा गया है। इसमें लोगों से खुद देखने को कहा गया है कि उस दौर में उत्तर प्रदेश में पुलिस का क्या मान-सम्मान रह गया था और पुलिस की क्या साख बची थी।1